प्रेमानंद महाराज की चेतावनी: विवाहेतर संबंधों के लिए रौरव नर्क की सजा

प्रेमानंद महाराज की चेतावनी: विवाहेतर संबंधों के लिए रौरव नर्क की सजा

प्रसिद्ध कथावाचक प्रेमानंद महाराज ने एक कथा के दौरान विवाहेतर संबंधों को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में शादी के बाद चरित्र का विशेष महत्व है और इसके उल्लंघन पर कठोर सजा का प्रावधान है।

प्रेमानंद महाराज ने कहा, “जो पुरुष अपनी पत्नी को छोड़कर किसी अन्य महिला की ओर देखता है, या कोई महिला अपने पति को छोड़कर किसी अन्य पुरुष से प्रेम करती है, उन्हें रौरव नर्क में शुद्ध किया जाता है।”

रौरव नर्क का भयानक स्वरूप बताते हुए उन्होंने कहा, “रौरव नर्क की लम्बाई-चौड़ाई 2000 योजन है, यानी यह 24 हजार किलोमीटर लंबा है। इस नर्क में अंगार रास बिछी हुई है। जो पुरुष और महिला अपने पति-पत्नी को धोखा देते हैं, उन्हें इसी अंगार रास पर दौड़ाया जाता है। यहां वे आग में जलते हैं और सहस्रों वर्षों तक दौड़ते रहते हैं।”

प्रेमानंद महाराज के अनुसार, मानव जीवन में अपनाए गए चरित्र के अनुसार मृत्यु के बाद फल भोगने पड़ते हैं। उन्होंने रिश्‍तों की मर्यादाओं का ध्यान रखने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि ऐसा न करने पर मृत्यु के बाद सजा मिलती है। धार्मिक मान्यताओं और कथाओं के संदर्भ में प्रेमानंद महाराज का यह बयान समाज में चरित्र और नैतिकता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है।

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