Tag: RAIPUR LATEST NEWS

  • बीजेपी ने लगाए कांग्रेस पर जाति और धर्म को बाँटने का आरोप

    बीजेपी ने लगाए कांग्रेस पर जाति और धर्म को बाँटने का आरोप

    बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला हुआ तेज

    रायपुर दक्षिण उपचुनाव 2024 में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भाजपा ने कांग्रेस पर जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटने का आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस ने भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी की सांसद काल में निष्क्रियता का हवाला देकर इसे चुनावी मुद्दा बना दिया है।

    भाजपा की ओर से निगम की नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में कांग्रेस ने रायपुर नगर निगम क्षेत्र में विकास के नाम पर एक ईंट भी नहीं रखी। वहीं, पूर्व नगर निगम पार्षद सुभाष तिवारी ने भाजपा उम्मीदवार सुनील सोनी को रायपुर के विकास में अहम भूमिका निभाने वाला बताया और कहा कि भाजपा ने उन्हें योग्य उम्मीदवार के रूप में उतारा है।

    डॉ. चरणदास महंत

    दूसरी ओर, कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भाजपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि पिछले 10 महीनों में कोई ठोस कार्य नहीं हुआ है। उन्होंने सूरजपुर में पुलिस की बेटी और पत्नी की हत्या और बलरामपुर की घटना का उल्लेख करते हुए भाजपा सरकार पर राज्य को शर्मसार करने का आरोप लगाया। महंत ने यह भी कहा कि हड़तालों और पदयात्राओं की घटनाएं सरकार में अराजकता को दर्शाती हैं।

    इस चुनाव में कुल 46 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए हैं। प्रमुख प्रत्याशियों में भाजपा से सुनील कुमार सोनी, निर्दलीय आशीष पांडे, निर्दलीय नीरज दुबे, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के गोपीचंद साहू, और बहुजन मुक्ति पार्टी के कृष्णा चिंचखेडे शामिल हैं। इसके अलावा, 57 नाम निर्देशन पत्र जमा किए गए हैं, जिनमें से नाम वापसी की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर निर्धारित की गई है।

    चुनावी मैदान में प्रमुख मुद्दे भाजपा-कांग्रेस की नीतियों, शहर के विकास, सुरक्षा, और समाजिक वातावरण की ओर केंद्रित हैं।

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  • मुख्यमंत्री की मौजूदगी में रायपुर में सैन्य कौशल का अद्भुत नजारा

    मुख्यमंत्री की मौजूदगी में रायपुर में सैन्य कौशल का अद्भुत नजारा

    साइंस कॉलेज मैदान में सेना की वीरता का भव्य प्रदर्शन

    रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित सशस्त्र सैन्य समारोह का शुभारंभ जोरदार आतिशबाजी से हुआ। इस समारोह में सेना के अद्भुत कौशल और वीरता का प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य प्रमुख नेता मौजूद रहे।

    समारोह की शुरुआत घुड़सवारी के हैरतअंगेज प्रदर्शन से हुई, जिसमें 18 वर्षीय प्रिंस ने विशेष ध्यान आकर्षित किया। सूबेदार जान के नेतृत्व में सैन्य बैंड ने देशभक्ति से भरी 11 धुनें प्रस्तुत कीं, जिनमें “ऐ मेरे वतन के लोगों” जैसी धुनें शामिल थीं, जिसने राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक मजबूत किया।

    डेयरडेविल मोटर साइकिल स्टंट का प्रदर्शन कैप्टन आशीष राणा के नेतृत्व में किया गया। 17 जवानों ने डबल वे क्रॉसिंग, थ्री मैन बैलेंसिंग, और रिवर्स सैल्यूट जैसे खतरनाक स्टंट्स से दर्शकों का दिल जीत लिया।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जवानों की प्रशंसा करते हुए कहा, “सेना के जवानों का साहस और अनुशासन देखकर गर्व महसूस हो रहा है। ये जवान हमारी सेना की वीरता और अनुशासन की पहचान हैं।” उन्होंने युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित किया और अग्निवीर बनने का सपना देखने की सलाह दी।

    समारोह में बस्तर के जवानों द्वारा हाल ही में 31 नक्सलियों को मार गिराने और पिछले 9 महीनों में 191 नक्सलियों के खिलाफ बड़ी जीत का भी जिक्र किया गया। इस उत्साही प्रदर्शन को देखते हुए समारोह को एक दिन और बढ़ाकर 7 अक्टूबर तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

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  • छत्तीसगढ़ में 4 से 6 नवंबर तक होगा राज्योत्सव का भव्य आयोजन

    छत्तीसगढ़ में 4 से 6 नवंबर तक होगा राज्योत्सव का भव्य आयोजन

    दीवाली के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 4-6 नवंबर तक आयोजित

    छत्तीसगढ़ सरकार ने इस साल दीवाली पर्व के चलते राज्योत्सव का मुख्य आयोजन 4 से 6 नवंबर 2024 तक करने का निर्णय लिया है। इस तीन दिवसीय आयोजन का मुख्य आकर्षण नवा रायपुर स्थित मेला स्थल होगा, जहां राज्य स्तरीय उत्सव और राज्य अलंकरण समारोह एक साथ आयोजित किए जाएंगे। यह निर्णय मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।

    राज्योत्सव का शुभारंभ 4 नवंबर 2024 को होगा और इसका समापन 6 नवंबर को राज्य अलंकरण समारोह के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न विभागों की ओर से शिल्पग्राम, वनोपज, हर्बल उत्पादों और सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। राज्य अलंकरण समारोह में सम्मानित किए जाने वाले व्यक्तियों की सूची और पुरस्कारों की जानकारी संबंधित विभागों से मांगी जा चुकी है, जो समय-सीमा के भीतर संस्कृति विभाग को दी जाएगी।

    कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी एनआरडीए और सीएसआइडीसी को दी गई है। इसमें स्टाल आवंटन, मंच, पंडाल और सजावट के साथ-साथ फूड कोर्ट, पार्किंग और सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाएगा। पेय जल, साफ-सफाई, और चिकित्सा सहायता की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग, एनआरडीए और नगर निगम रायपुर को सौंपी गई है, जबकि 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था ऊर्जा विभाग द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।

    इसके अलावा, 5 नवंबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में भी एक दिवसीय जिला स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन किया जाएगा।

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  • नवरात्रि में महिला सुरक्षा पर बिलासपुर में ‘शक्ति’ टीम करेगी निगरानी

    नवरात्रि में महिला सुरक्षा पर बिलासपुर में ‘शक्ति’ टीम करेगी निगरानी

    नवरात्रि उत्सवों के दौरान महिला सुरक्षा के लिए बिलासपुर में ‘शक्ति’ टीम तैनात

    नवरात्रि के दौरान महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बिलासपुर पुलिस ने एक नई पहल की है। पुलिस ने ‘शक्ति’ नाम से एक विशेष महिला पुलिस टीम का गठन किया है, जो शहर के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नवरात्रि के दौरान पूजा पंडालों, डांडिया और गरबा कार्यक्रमों में महिला सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

    एएसपी उमेश कश्यप ने बताया कि शक्ति टीम के महिला पुलिसकर्मी इन कार्यक्रमों में मौजूद रहकर असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखेंगी और किसी भी अव्यवस्था या शांति भंग करने वाली गतिविधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करेंगी। टीम में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

    एएसपी कश्यप ने शहरवासियों से अपील की है कि वे नवरात्रि के आयोजनों में पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने आयोजनकर्ताओं से अपने स्वयंसेवक तैनात करने का अनुरोध किया है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके और भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिल सके। स्वयंसेवक और पुलिस मिलकर सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी असामाजिक तत्व कार्यक्रमों की शांति भंग न कर सके।

    इसके अलावा, आयोजनकर्ताओं को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि यदि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या असामाजिक गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत शक्ति टीम या पुलिस को सूचित किया जाए। इस नई पहल से नवरात्रि के दौरान महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी चिंता के धार्मिक उत्सव का आनंद ले सकें।

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  • सचिन तेंदुलकर का इंटरनेशनल मास्टर्स लीग में वापसी

    सचिन तेंदुलकर का इंटरनेशनल मास्टर्स लीग में वापसी

    सचिन तेंदुलकर के मैदान पर लौटने से बढ़ी उत्सुकता

    राजधानी रायपुर में एक बार फिर क्रिकेट के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर खेलते नजर आएंगे। इस साल आयोजित होने वाले इंटरनेशनल मास्टर्स लीग (आईएमएल) के पहले संस्करण का मैच मुंबई और लखनऊ के बीच रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा।

    क्रिकेट की दुनिया के दिग्गज एक मंच पर

    छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ की ओर से इस टूर्नामेंट की जल्द पुष्टि की जा सकती है। इस टी20 फ्रेंचाइजी टूर्नामेंट में दुनिया भर के क्रिकेट के दिग्गज एक मंच पर इकट्ठा होंगे। आईएमएल में कुल छह टीमें होंगी, जिसमें सचिन तेंदुलकर भी खेलेंगे।

    सुनील गावस्कर बने लीग कमिश्नर

    सूत्रों के अनुसार, क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर को लीग कमिश्नर नियुक्त किया गया है, जो इस टूर्नामेंट की देखरेख करेंगे। आईएमएल में भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड और श्रीलंका के क्रिकेट सितारों की भागीदारी होगी।

    रायपुर में क्रिकेट का उत्साह

    रायपुर में क्रिकेट के प्रति उत्साह पहले भी देखा गया है। 2021 और 2022 में रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज के मुकाबले हुए थे, जिसमें सचिन की कप्तानी वाली इंडिया लीजेंड्स ने दोनों बार खिताब जीता। अब आईएमएल में उनकी उपस्थिति से क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है। आईएमएल क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक अनोखा अनुभव होगा, जहां वे अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को एक साथ खेलते हुए देख सकेंगे। यह टूर्नामेंट रायपुर में क्रिकेट के प्रति बढ़ती रुचि को और बढ़ावा देने में सहायक होगा।

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  • छत्तीसगढ़ के मंदिरों में नकली घी पर सख्ती

    नकली घी विवाद: छत्तीसगढ़ के मंदिरों ने शुद्धता के लिए उठाए कदम

    नवरात्रि के शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रमुख मंदिरों ने नकली घी के विवाद के बाद इस साल पूजा में घी के दिए जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। नकली घी की मिलावट के कारण धार्मिक स्थलों की पवित्रता को सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। रायपुर के महामाया मंदिर, दंतेश्वरी मंदिर, और डोंगरगढ़ के बम्लेश्वरी माता मंदिर सहित कई प्रमुख मंदिरों ने यह सुनिश्चित किया है कि इस नवरात्रि में घी का कोई भी उपयोग न हो।

    नकली घी से उत्पन्न चिंताएं

    नकली घी की मिलावट की खबरें हाल के दिनों में देशभर में फैल चुकी हैं, जिससे लोगों में शुद्धता को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं। घी, जो हिंदू धर्म में विशेष रूप से पूजा में इस्तेमाल होता है, अब मिलावट का शिकार हो रहा है। इससे न केवल धार्मिक आस्था को चोट पहुंच रही है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। इस मिलावट के चलते श्रद्धालुओं और मंदिर प्रशासन ने मिलकर कदम उठाए हैं ताकि इस नवरात्रि के दौरान पूजा में किसी प्रकार की शंका या असुविधा न हो।

    प्रसाद में भी हुए बदलाव

    मंदिर प्रशासन ने प्रसाद वितरण में भी विशेष ध्यान दिया है। नकली घी की समस्या को देखते हुए, इस नवरात्रि में घी का उपयोग किए बिना प्रसाद तैयार किया जाएगा। पंचमेवा, मिश्री, नारियल, और फल जैसे शुद्ध सामग्री का ही प्रसाद वितरित किया जाएगा। इससे न केवल प्रसाद की शुद्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था भी बनी रहेगी।

    मंदिरों की अपील

    मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस नवरात्रि के दौरान मंदिरों के नियमों का पालन करें और शुद्धता को प्राथमिकता दें। नकली घी के कारण उठाए गए इन कदमों का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को मिलावट के प्रति जागरूक करना और धार्मिक स्थलों की पवित्रता को बनाए रखना है।

    शुद्धता के प्रति समाज में बढ़ती जागरूकता

    यह नवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि शुद्धता और जागरूकता का संदेश भी लेकर आई है। नकली घी के विवाद ने लोगों को यह सीख दी है कि हमें न केवल मंदिरों में, बल्कि दैनिक जीवन में भी शुद्धता और ईमानदारी को प्राथमिकता देनी चाहिए।

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  • घायल भालू की इलाज के दौरान मौत

    घायल भालू की इलाज के दौरान मौत

    बिलासपुर में घायल भालू की इलाज के दौरान मौत, टांगी के निशान मिले

    बिलासपुर जिले में एक भालू की मौत हो गई, जिसे गंभीर जख्मों के कारण कानन पेंडारी जू में इलाज के लिए लाया गया था। जब अधिकारियों को भालू के आक्रामक होने की सूचना मिली, तो उन्होंने रेस्क्यू टीम को बुलाया।

    रेस्क्यू टीम ने कुछ घंटों की मेहनत के बाद भालू को बेहोश करने के लिए ट्रैंक्यूलाइजर गन का इस्तेमाल किया। जब भालू का शरीर जांचा गया, तो चार जगहों पर टांगी के हमले के निशान मिले। ये चोटें इतनी गंभीर थीं कि भालू को तुरंत इलाज की जरूरत थी।

    भालू को रविवार की रात कानन पेंडारी जू में लाया गया, जहां वन्य प्राणी चिकित्सक पीके चंदन ने उसका इलाज किया। लेकिन, सोमवार की रात 10:30 बजे भालू की हालत अचानक बिगड़ गई। जू प्रबंधन ने उसकी जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश की, लेकिन आधे घंटे बाद, रात 11 बजे भालू ने दम तोड़ दिया। चिकित्सकों ने बताया कि गहरे जख्मों के कारण ही उसकी जान गई।

    इस घटना की जानकारी मिलते ही अचानकमार बायोस्फियर रिजर्व के संचालक यूआर गणेश, एसडीओ भोपाल सिंह राजपूत और अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। जू के चिकित्सालय में भालू का पोस्टमार्टम करने की तैयारी की जा रही है, और उसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    मृत भालू नर था और उसकी उम्र लगभग नौ से 10 साल थी। जांच में यह भी पता चला कि भालू पर कुल्हाड़ी से प्रहार किया गया था। इन गंभीर जख्मों के कारण भालू का आक्रामक व्यवहार भी हो सकता है, क्योंकि वह दर्द सहन नहीं कर पा रहा था।

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  • बृजमोहन अग्रवाल के इस्तीफे के बाद रायपुर में उपचुनाव की तैयारी

    बृजमोहन अग्रवाल के इस्तीफे के बाद रायपुर में उपचुनाव की तैयारी

    उपचुनाव की तारीख घोषित होते ही लागू होगी आदर्श आचार संहिता

    रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर जल्द ही उपचुनाव होने की संभावना है। यह सीट तब से खाली है जब बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर सांसद निर्वाचित होने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। अब राज्य निर्वाचन आयोग उपचुनाव की तैयारी कर रहा है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने हाल ही में इस संबंध में संकेत दिए हैं कि जल्द ही चुनाव की तारीख घोषित होगी। तारीख घोषित होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिससे सभी राजनीतिक गतिविधियों पर नियमों के अनुसार नजर रखी जाएगी।

    चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर

    रीना कंगाले ने उपचुनाव के लिए अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया। इस प्रशिक्षण में रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर और अन्य अधिकारियों को चुनाव की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने अधिकारियों को चुनावी प्रक्रियाओं में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बरतने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने मतदान केंद्रों का निरीक्षण करने और सभी आवश्यक सुविधाओं जैसे कि पेयजल, शौचालय और रैंप जैसी चीजों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

    प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को दी गई खास जानकारी

    प्रशिक्षण में नौ सत्रों के दौरान अधिकारियों को आदर्श आचार संहिता, नामांकन प्रक्रिया, मीडिया प्रमाणन और अनुश्रवण समिति (MCMC), निर्वाचक नामावली, पोस्टल बैलेट, निर्वाचन व्यय मॉनिटरिंग, ईवीएम, और मतगणना की प्रक्रिया के बारे में बताया गया। इसके अलावा, आईटी एप्लिकेशंस का उपयोग कैसे किया जाएगा, इस पर भी चर्चा की गई। नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर पुलक भट्टाचार्य ने बताया कि चुनाव प्रचार समाप्त होते ही उन लोगों को जो उस क्षेत्र के निवासी नहीं हैं, क्षेत्र छोड़ना होगा।

    पेड न्यूज और नामांकन प्रक्रिया पर विशेष ध्यान

    यूएस अग्रवाल ने पेड न्यूज के प्रभाव को नियंत्रित करने और नामांकन प्रक्रिया के नियमों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने उम्मीदवारों की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, और चुनाव चिन्ह आवंटन पर जानकारी दी। साथ ही, यह भी बताया कि चुनाव आयोग द्वारा तय की गई तिथियों के दौरान जनमत सर्वेक्षण और एक्जिट पोल पर प्रतिबंध रहेगा।

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  • बकरी चोरी की ताजा घटना ने ग्रामीणों को किया चिंतित

    बकरी चोरी की ताजा घटना ने ग्रामीणों को किया चिंतित

    जगदीश मरकाम के परिवार की बकरियां चोरी

    पाली विकासखंड के ग्राम राहा में बकरी चोरी की एक और घटना ने ग्रामीणों में चिंता की लहर पैदा कर दी है। चोरों ने जगदीश सिंह मरकाम के परिवार की कोठी में रात के समय घुसकर ताला तोड़ दिया और वहां बंधी 15 बकरियों को चोरी कर लिया। यह घटना उस समय घटी जब चोरों का गिरोह आधी रात को मरकाम के घर में दाखिल हुआ और बकरियों को गाड़ी में भरने लगा।

    परिवार की चिंता

    जगदीश सिंह मरकाम का परिवार बकरियों की बिक्री कर अपना जीवकोपार्जन करता है, और उनके लिए ये बकरियां न केवल आर्थिक संसाधन हैं, बल्कि परिवार का अहम हिस्सा भी हैं। जब बकरियों की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य जाग गए, तब उन्होंने तुरंत बाहर निकलकर देखा कि चोर बकरियों को गाड़ी में भर रहे हैं।

    ग्रामीणों की कोशिश

    मरकाम परिवार ने चोरों को पकड़ने के लिए जोर-जोर से चिल्लाना शुरू किया, जिससे आसपास के ग्रामीण भी जाग गए। जब ग्रामीणों ने चोरों का पीछा करने की कोशिश की, तब तक चोर भागने में सफल हो गए। चोरों ने जंगल के रास्ते से भागने का प्रयास किया, जबकि ग्रामीणों ने बकरियों के चोरी होते देख अपनी मोटरसाइकिल पर चोरों का पीछा किया।

    पुलिस की कार्रवाई

    घटना की सूचना चैतमा चौकी को दी गई, जहां पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और मामला दर्ज कर लिया। हालांकि, अभी तक चोरों का कोई सुराग नहीं मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना क्षेत्र में बढ़ती अपराध दर का संकेत है और उन्हें इस समस्या का समाधान चाहिये।

    यह पहली बार नहीं है जब ग्राम पोड़ी-उपरोड़ा और पाली विकासखंड में बकरी चोरी की घटनाएं सामने आई हैं। पिछले कुछ समय में कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें चोर पकड़ में नहीं आ सके। केवल एक या दो मामलों में ही चोरों को गिरफ्तार किया गया है।

    ग्रामीणों की सुरक्षा और उनके जीवन-यापन को ध्यान में रखते हुए, स्थानीय प्रशासन को इस समस्या का गंभीरता से समाधान करना होगा। बकरी चोरी की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर, ग्राम पंचायत को भी इस मामले में कदम उठाने की जरूरत है, ताकि ऐसे अपराधों को रोका जा सके।

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  • रायपुर पुलिस ने अपनाया अनोखा तरीका

    रायपुर पुलिस ने अपनाया अनोखा तरीका

    Raipur police

    तेलीबांधा थाना क्षेत्र में शुद्धिकरण अपराध कम करने की नई कोशिश

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बढ़ते अपराधों से निपटने के लिए पुलिस ने एक अनोखा रास्ता अपनाया है। जहां आमतौर पर अपराधों के बढ़ने पर पुलिस गश्त बढ़ाती है, अपराधियों पर नजर रखती है और निगरानी करती है, वहीं रायपुर पुलिस ने तेलीबांधा थाना क्षेत्र में अपराधों पर रोक लगाने के लिए धार्मिक अनुष्ठान करवाया।

    शुद्धिकरण के जरिए अपराध नियंत्रण

    रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में हाल ही में एक हफ्ते के भीतर दो हत्याओं की घटनाओं के बाद पुलिस ने थाने का शुद्धिकरण किया। पुलिस जवान ने थाने के गेट के सामने नारियल फोड़कर और अगरबत्ती जलाकर पूजा-पाठ किया। पुलिस का मानना है कि इस धार्मिक अनुष्ठान से क्षेत्र में अपराधों की रोकथाम की जा सकेगी।

    तेलीबांधा में बढ़ते अपराध

    तेलीबांधा थाना क्षेत्र में हाल के दिनों में अपराध की घटनाओं में तेजी आई है। कुछ दिन पहले मोबाइल लुटेरों ने एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। इसके पहले एक प्रेमी ने लड़की की गला रेतकर हत्या कर दी थी। गैंगस्टर अमन साहू गैंग के गुर्गों द्वारा इलाके में फायरिंग की घटना भी सामने आई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद पुलिस ने धार्मिक अनुष्ठान का सहारा लिया।

    धार्मिक अनुष्ठान से उम्मीद

    पुलिस का यह कदम आमतौर पर अपराध नियंत्रण के पारंपरिक तरीकों से अलग है। जहां एक ओर गश्त बढ़ाना, आदतन अपराधियों पर नजर रखना, और अपराध क्षेत्रों की निगरानी जैसे उपाय किए जाते हैं, वहीं रायपुर पुलिस ने पूजा-पाठ के जरिए अपराधों को कम करने का प्रयास किया है। तेलीबांधा थाना का यह शुद्धिकरण चर्चा का विषय बना हुआ है।

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