
रामायण मेला के उद्घाटन में सीएम योगी ने दिया सांस्कृतिक और राजनीतिक संदेश
अयोध्या में 43वें रामायण मेला के उद्घाटन के अवसर पर अयोध्या पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल हिंसा और बांग्लादेश की घटनाओं पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो काम 500 साल पहले बाबर के सिपेहसालार ने किया था, वही आज संभल और बांग्लादेश में हो रहा है।
संभल हिंसा पर योगी का तीखा हमला
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं में शामिल उपद्रवियों का डीएनए बाबर के सिपेहसालार से मिलता-जुलता है। उन्होंने कहा, “प्रभु श्री राम ने भारत को एकजुट रखा था। जिनके मन में भगवान राम और माता सीता के प्रति श्रद्धा नहीं है, उन्हें दुश्मन की तरह त्याग देना चाहिए।”
समाजवाद पर टिप्पणी
सीएम योगी ने समाजवाद पर भी टिप्पणी करते हुए डॉ. राममनोहर लोहिया के विचारों को याद किया। उन्होंने कहा, “डॉ. लोहिया ने हमेशा समाजवाद के सच्चे सिद्धांतों की बात की थी। आज के समाजवादी परिवारवादी हो गए हैं, और उनकी राजनीति केवल अपराधियों व गुंडों को संरक्षण देने तक सीमित रह गई है। यह राजनीति उनके लिए बिन पानी मछली जैसी है।”

रामायण मेला का महत्व
अयोध्या की धरती पर रामायण मेला का आयोजन प्रभु श्री राम के आदर्शों को समझने और संस्कृति को सहेजने का प्रयास है। इस आयोजन में देशभर से श्रद्धालु व रामकथा प्रेमी शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री के बयान से साफ है कि वे रामायण मेला के मंच को केवल सांस्कृतिक आयोजन के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक संदेश देने के लिए भी उपयोग कर रहे हैं।
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