कलेक्टर ने किसान बनकर धान खरीदी केंद्र की पोल खोली

कलेक्टर ने किसान बनकर धान खरीदी केंद्र की पोल खोली

कलेक्टर ने किसान बनकर धान खरीदी केंद्र की पोल खोली, अधिकारियों को लगाई फटकार

सरगुजा जिले के कलेक्टर विलास भोस्कर संदीपन ने अनोखे अंदाज में किसानों की समस्याओं को समझने और व्यवस्था की सच्चाई जानने का प्रयास किया। धान खरीदी केंद्र में मिल रही अनियमितताओं की शिकायतों पर एक्शन लेने के बजाय, कलेक्टर खुद किसान के भेष में निरीक्षण करने पहुंचे।

कलेक्टर ने किसानों के अंदाज में पगड़ी बांधकर पेटला धान उपार्जन केंद्र का रुख किया। केंद्र पहुंचकर उन्होंने चुपचाप वहां की गतिविधियों का निरीक्षण किया। उन्होंने धान की नाप-तौल से लेकर बैंकिंग व्यवस्था तक हर पहलू का जायजा लिया। हैरानी की बात यह रही कि काफी देर तक न तो अधिकारियों और न ही किसानों को उनकी मौजूदगी का अहसास हुआ।

कलेक्टर ने सामान्य किसान की तरह कतार में खड़े होकर न केवल प्रक्रिया को समझा बल्कि धान के बोरे पर बैठकर पूरे केंद्र की कार्यप्रणाली देखी। जब उन्होंने अपनी पहचान उजागर की और निरीक्षण शुरू किया, तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

Paddy

निरीक्षण के दौरान उन्होंने समिति प्रबंधकों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि किसानों को परेशान करने या लापरवाही करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सहकारी बैंक में भी जाकर किसानों के साथ लाइन में लगकर पैसे निकाले और बैंकिंग व्यवस्थाओं को करीब से देखा।

इस अप्रत्याशित दौरे के बाद कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुलझाया जाए। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनकी मदद के लिए पूरी तरह से तत्पर है। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि कलेक्टर विलास भोस्कर संदीपन किसानों के प्रति संवेदनशील हैं और उनकी समस्याओं को हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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