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  • छत्तीसगढ़ में जंगली जानवरों के हमले से दहशत में लोग

    छत्तीसगढ़ में जंगली जानवरों के हमले से दहशत में लोग

    छत्तीसगढ़ में जंगली जानवरों का आतंक से वन विभाग ने बढ़ाई सतर्कता

    छत्तीसगढ़ में जंगली जानवरों का आतंक से वन विभाग ने बढ़ाई सतर्कता

    छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में इन दिनों जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। जानकारी के मुताबिक़, सिंगपुर मड़ेली गांव में तेंदुए ने एक घर में सो रही 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला सुखवती कमार को अपना शिकार बनाया। तेंदुआ महिला को घर से दबोचकर जंगल में ले गया, जहां उसकी बुजुर्ग महिला की लाश बरामद हुई।

    घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृतक के परिवार को 6 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इससे पहले मंगलवार की रात नगरी ब्लॉक में एक हाथी ने तीन साल की बच्ची को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया था। जंगली जानवरों के इन हमलों ने ग्रामीणों में डर का माहौल पैदा कर दिया है।

    सरगुजा में भालू का हमला, बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल

    सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम खम्हरिया में भालू ने 63 वर्षीय राम प्रताप गुप्ता पर हमला कर दिया। बुजुर्ग खेत में फसल देखने गए थे, तभी भालू ने उनके पैर और जांघ पर हमला कर दिया। घायल बुजुर्ग को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

    ग्रामीणों में दहशत का माहौल

    लगातार हो रहे इन जानवरों के हमलों से ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल है। वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने और बचाव के कदम उठाने की बात कही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में भोजन और पानी की कमी के कारण जंगली जानवर बस्तियों की ओर आ रहे हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। वन विभाग और प्रशासन से ग्रामीणों ने जानवरों के आतंक को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।

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  • कलेक्टर ने किसान बनकर धान खरीदी केंद्र की पोल खोली

    कलेक्टर ने किसान बनकर धान खरीदी केंद्र की पोल खोली

    कलेक्टर ने किसान बनकर धान खरीदी केंद्र की पोल खोली, अधिकारियों को लगाई फटकार

    सरगुजा जिले के कलेक्टर विलास भोस्कर संदीपन ने अनोखे अंदाज में किसानों की समस्याओं को समझने और व्यवस्था की सच्चाई जानने का प्रयास किया। धान खरीदी केंद्र में मिल रही अनियमितताओं की शिकायतों पर एक्शन लेने के बजाय, कलेक्टर खुद किसान के भेष में निरीक्षण करने पहुंचे।

    कलेक्टर ने किसानों के अंदाज में पगड़ी बांधकर पेटला धान उपार्जन केंद्र का रुख किया। केंद्र पहुंचकर उन्होंने चुपचाप वहां की गतिविधियों का निरीक्षण किया। उन्होंने धान की नाप-तौल से लेकर बैंकिंग व्यवस्था तक हर पहलू का जायजा लिया। हैरानी की बात यह रही कि काफी देर तक न तो अधिकारियों और न ही किसानों को उनकी मौजूदगी का अहसास हुआ।

    कलेक्टर ने सामान्य किसान की तरह कतार में खड़े होकर न केवल प्रक्रिया को समझा बल्कि धान के बोरे पर बैठकर पूरे केंद्र की कार्यप्रणाली देखी। जब उन्होंने अपनी पहचान उजागर की और निरीक्षण शुरू किया, तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

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    निरीक्षण के दौरान उन्होंने समिति प्रबंधकों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि किसानों को परेशान करने या लापरवाही करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सहकारी बैंक में भी जाकर किसानों के साथ लाइन में लगकर पैसे निकाले और बैंकिंग व्यवस्थाओं को करीब से देखा।

    इस अप्रत्याशित दौरे के बाद कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुलझाया जाए। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनकी मदद के लिए पूरी तरह से तत्पर है। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि कलेक्टर विलास भोस्कर संदीपन किसानों के प्रति संवेदनशील हैं और उनकी समस्याओं को हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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