
रायपुर में आंतरिक कलह से जूझ रही कांग्रेस, भाजपा ने बढ़ाई चुनावी तैयारियां
रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की स्थिति चिंताजनक हो गई है, जहां वह शुरू से बैकफुट पर नजर आ रही है। भाजपा ने अपनी तैयारी तेज कर दी है, प्रत्याशी की घोषणा के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं।
कांग्रेस के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने एआईसीसी (ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी) को केवल एक नाम का पैनल भेजा है, जिसमें आकाश शर्मा का नाम शामिल है। इस स्थिति के कारण पीसीसी को नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे टिकट की घोषणा में और विलंब हो सकता है। हाल ही में कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान, निगम सभापति प्रमोद दुबे के समर्थकों ने नारेबाजी की, जो पार्टी के आंतरिक कलह को उजागर करता है।
वहीं, भाजपा ने अपनी रणनीति को ठोस रूप में तैयार किया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल, जिन्हें बूथ मैनेजमेंट का गुरु माना जाता है, स्वयं इस उपचुनाव की रणनीति बनाने में लगे हैं। उन्होंने रायपुर शहर के सभी विधायकों के साथ मिलकर चुनाव प्रचार और आगे की रणनीति तय की है। भाजपा पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के अनुभवों के आधार पर अपने प्रचार को और मजबूत कर रही है, खासकर उन वार्डों और बूथों पर जहां उसे अपेक्षित लीड नहीं मिली थी।
दक्षिण विधानसभा की सीट खाली होने के बाद कांग्रेस में दावेदारों की भीड़ लग गई है, जिसमें आधा दर्जन से अधिक नेता अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। कई नेताओं ने पार्टी कार्यालय से किनारा कर लिया है, जिससे चुनावी परिदृश्य और भी जटिल होता जा रहा है।
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