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  • रायपुर दक्षिण चुनाव में बीजेपी-कांग्रेस का तगड़ा प्रचार

    रायपुर दक्षिण चुनाव में बीजेपी-कांग्रेस का तगड़ा प्रचार

    BRIJMOHAN AGRAWAL

    रायपुर दक्षिण चुनाव में बीजेपी-कांग्रेस का तगड़ा प्रचार, दोनों के बीच में काँटे की टक्कर

    रायपुर में दक्षिण विधानसभा चुनाव 13 नवंबर 2024 से होने जा रहा है और इसका चुनावी परिणाम 23 नवम्बर 2024 आएगा I इस चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है I दोनों पार्टियाँ इन दिनों जोरों-शोरों से प्रचार में जुटे हुए हैं और आम जनता से अपनी-अपनी पार्टी को सपोर्ट करनी की अपील कर रहे हैं I

    SUNIL SONI

    जानकारी के मुताबिक़, कांग्रेस ने दक्षिण रायपुर क्षेत्र में जीत हासिल करने के लिए आम जनता के घरों में दो से तीन बार जाकर वोट मांगने का लक्ष्य रखा है I जबकि बीजेपी की ओर से बृजमोहन अग्रवाल विधायकों से मिलने की बात कर रहे हैं I बीजेपी और कांग्रेस इन दोनों पार्टी ने कार्यकर्त्ता सम्मेलन का आयोजन कर बड़े-बड़े राजनेता, विधायक, मंत्री, पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक को इस सम्मेलन में आने का न्योता दिया है I

    छत्तीसगढ़ सीएम विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा की 2018 में कांग्रेस ने जनता से झूठे वादे कर अपना सत्ता हासिल किया था और अपनी सरकार बनाकर लोगों को लुटने का कार्य किया I जबकि राज्य का निर्माण बीजेपी ने कराया और विकास भी भाजपा ही कर रहा  है I

    उन्होंने प्रहार करते हुए आगे कहा कि कांग्रेस सिर्फ लोगों का पैसा हड़पने का काम कर रही है I इस बीच कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने बीजेपी के कार्यकाल में हुए बलोदाबाज़ार काण्ड, सूरजपुर दोहरे हत्याकांड का उदाहरण देते हुए लोगों से कांग्रेस ने अपनी पार्टी को वोट करने की अपील की I

    बीजेपी अपने प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है इस बीच भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी ने कहा कि इस बार फिर से कमल खिलेगा I उन्होंने प्रचार में उमड़ी भीड़ को वोट करने की अपील की और बीजेपी को वोट डालने को कहा I सोनी ने कहा कि उन्होंने सांसद, सभापति और महापौर बनकर हमेशा आम जनता के लिए काम किया I

    इस पर आकाश शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि सांसद रहते हुए सुनील सोनी ने ऐसा कोई भी काम नहीं किया है I जब से बीजेपी की सरकार बनी हुई है तब से अपराधिक मामले रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं I

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  • प्रियंका गांधी ने वायनाड उपचुनाव में भरा नामांकन

    प्रियंका गांधी ने वायनाड उपचुनाव में भरा नामांकन

    प्रियंका गांधी वाड्रा ने वायनाड उपचुनाव के लिए किया नामांकन, राहुल और सोनिया रहे साथ

    प्रियंका गांधी वाड्रा ने 23 अक्टूबर को वायनाड लोकसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ राहुल गांधी और सोनिया गांधी भी मौजूद रहे। प्रियंका ने जिला कलेक्ट्रेट, कलपेट्टा में नामांकन दाखिल करने से पहले एक भव्य रोड शो किया, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। यह उपचुनाव राहुल गांधी द्वारा खाली की गई वायनाड सीट पर हो रहा है। 2024 के लोकसभा चुनावों में राहुल ने वायनाड और रायबरेली दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी, लेकिन बाद में उन्होंने रायबरेली सीट को रखने का निर्णय लिया, जिससे वायनाड में उपचुनाव की स्थिति बनी।

    यदि प्रियंका इस चुनाव में जीतती हैं, तो यह उनका पहला संसदीय चुनाव होगा। साथ ही, यह पहली बार होगा जब गांधी परिवार के तीन सदस्य—सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी—संसद में एक साथ होंगे। राहुल वर्तमान में लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं, और सोनिया राज्यसभा की सदस्य हैं।

    मुख्य उम्मीदवार

    इस उपचुनाव में प्रियंका गांधी वाड्रा कांग्रेस की ओर से प्रमुख उम्मीदवार हैं। भाजपा ने नव्या हरिदास को मैदान में उतारा है, जबकि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की ओर से कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) के वरिष्ठ नेता सत्यन मोकेरी चुनाव लड़ रहे हैं। वायनाड उपचुनाव 13 नवंबर को होगा और नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

    प्रियंका गांधी की राजनीति में भूमिका

    2019 में सक्रिय राजनीति में प्रवेश करने के बाद, प्रियंका गांधी को कांग्रेस के भविष्य के नेतृत्व के रूप में देखा जाता है। इससे पहले, उन्होंने 2020 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की कमान संभाली थी, हालांकि चुनावी नतीजे अनुकूल नहीं रहे थे। इसके बावजूद, प्रियंका पार्टी के प्रमुख चुनावी अभियानों में एक रणनीतिकार और प्रमुख प्रचारक के रूप में उभरीं।

    वायनाड उपचुनाव उनके लिए पहला संसदीय चुनाव है, और उनकी जीत कांग्रेस के लिए एक बड़ी राजनीतिक जीत साबित हो सकती है।

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  • रायपुर दक्षिण उपचुनाव में कांग्रेस में खलबली भाजपा ने की तैयारी पूरी

    रायपुर दक्षिण उपचुनाव में कांग्रेस में खलबली भाजपा ने की तैयारी पूरी

    रायपुर में आंतरिक कलह से जूझ रही कांग्रेस, भाजपा ने बढ़ाई चुनावी तैयारियां

    रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की स्थिति चिंताजनक हो गई है, जहां वह शुरू से बैकफुट पर नजर आ रही है। भाजपा ने अपनी तैयारी तेज कर दी है, प्रत्याशी की घोषणा के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं।

    कांग्रेस के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने एआईसीसी (ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी) को केवल एक नाम का पैनल भेजा है, जिसमें आकाश शर्मा का नाम शामिल है। इस स्थिति के कारण पीसीसी को नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे टिकट की घोषणा में और विलंब हो सकता है। हाल ही में कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान, निगम सभापति प्रमोद दुबे के समर्थकों ने नारेबाजी की, जो पार्टी के आंतरिक कलह को उजागर करता है।

    वहीं, भाजपा ने अपनी रणनीति को ठोस रूप में तैयार किया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल, जिन्हें बूथ मैनेजमेंट का गुरु माना जाता है, स्वयं इस उपचुनाव की रणनीति बनाने में लगे हैं। उन्होंने रायपुर शहर के सभी विधायकों के साथ मिलकर चुनाव प्रचार और आगे की रणनीति तय की है। भाजपा पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के अनुभवों के आधार पर अपने प्रचार को और मजबूत कर रही है, खासकर उन वार्डों और बूथों पर जहां उसे अपेक्षित लीड नहीं मिली थी।

    दक्षिण विधानसभा की सीट खाली होने के बाद कांग्रेस में दावेदारों की भीड़ लग गई है, जिसमें आधा दर्जन से अधिक नेता अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। कई नेताओं ने पार्टी कार्यालय से किनारा कर लिया है, जिससे चुनावी परिदृश्य और भी जटिल होता जा रहा है।

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  • मतदान को सुगम बनाने के लिए रायपुर में सेक्टरों की संख्या बढ़ी

    मतदान को सुगम बनाने के लिए रायपुर में सेक्टरों की संख्या बढ़ी

    मतदान

    रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव: 38 सेक्टरों में मतदान की तैयारी

    रायपुर दक्षिण विधानसभा में आगामी उपचुनाव के लिए तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। 13 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए सेक्टरों की संख्या को 19 से बढ़ाकर 38 कर दिया गया है। यह निर्णय मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाना और आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। इस बार के उपचुनाव में मतदाताओं को बेहतर सेवाएं देने और चुनाव प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सेक्टरों की संख्या दोगुनी की गई है। इससे मतदाताओं को सुविधाएं प्रदान करने और मतदान की गति बनाए रखने की उम्मीद है। पिछली बार लोकसभा चुनाव के दौरान 19 सेक्टरों में मतदान संपन्न हुआ था, लेकिन इस बार स्थिति को बेहतर करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

    सेक्टरों की संख्या बढ़ाने से मतदान केंद्रों और सेक्टर कार्यालयों के बीच की दूरी कम हो जाएगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता पहुंचाना संभव होगा। चाहे कानून व्यवस्था को बनाए रखना हो या मेडिकल इमरजेंसी, सहायता की पहुंच अधिक तेज और सुगम होगी। इससे चुनाव प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

    एक सेक्टर में सेक्टर अधिकारी के अलावा एक ड्राइवर, एक मेडिकल टीम, सुरक्षा गार्ड, अन्य कर्मचारी और एक पीठासीन अधिकारी शामिल होंगे। इस प्रकार, सेक्टरों की संख्या बढ़ने से कर्मचारियों की संख्या भी दोगुनी होगी, जिससे आयोग के खर्च में वृद्धि होगी, खासकर गाड़ियों और अन्य मदों में।

    कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने पूर्व में हुई बैठक के दौरान इस निर्णय को अंतिम रूप दिया, ताकि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानियों को रोका जा सके। यह कदम रायपुर दक्षिण विधानसभा के उपचुनाव को सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

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