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  • जशपुर में ईसाई रीति से अंतिम संस्कार पर विवाद, भाजपा ने भेजी जांच टीम

    जशपुर में ईसाई रीति से अंतिम संस्कार पर विवाद, भाजपा ने भेजी जांच टीम

    जशपुर में ईसाई रीति से अंतिम संस्कार पर विवाद, भाजपा ने भेजी जांच टीम

    जशपुर जिले के मनोरा इलाके में एक व्यक्ति की मौत के बाद विवाद गहरा गया है। यह घटना प्राकृतिक आपदा के कारण हुई थी, जब गाज गिरने से राजेन्द्र चोराट की मौत हो गई। मृतक का अंतिम संस्कार ईसाई रीति रिवाज से किए जाने को लेकर स्थानीय समाज में विवाद उत्पन्न हो गया है। इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने एक चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।

    भा.ज.पा. के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने इस विवाद की जांच के लिए एक समिति बनाई है, जिसमें प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा, विधायक रेणुका सिंह, सांसद गोमती साय और विधायक राधेश्याम राठिया शामिल हैं। समिति के सदस्य संबंधित स्थान का दौरा कर सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट पार्टी को सौंपेंगे।

    RENUKA SINGH

    सूत्रों के अनुसार, मृतक राजेन्द्र चोराट एक भुईहर समाज से था, जिसने बपतिस्मा लेकर ईसाई धर्म स्वीकार किया था। मृतक की पत्नी भी ईसाई धर्म से थी, और उनके परिवार ने ईसाई रीति रिवाज से अंतिम संस्कार की इच्छा जताई थी, जबकि उनके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य हिंदू रीति से अंतिम संस्कार चाहते थे। इस विवाद ने धर्म परिवर्तन और धार्मिक प्रथाओं को लेकर चर्चा को जन्म दिया है।

    इस बीच, स्थानीय समुदाय के कुछ सदस्यों ने मृतक के दफनाने को लेकर आपत्ति जताई, जिससे विवाद और भी बढ़ गया। भाजपा ने इस मामले को गंभीरता से लिया और शिवरतन शर्मा की अध्यक्षता में एक जांच समिति बनाई, जो इस मामले के तथ्यों की जांच करेगी।

    पार्टी ने इस विषय पर स्पष्टता और निष्पक्ष जांच की बात की है, ताकि इस विवाद का उचित समाधान निकल सके।

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  • रायपुर दक्षिण चुनाव में बीजेपी-कांग्रेस का तगड़ा प्रचार

    रायपुर दक्षिण चुनाव में बीजेपी-कांग्रेस का तगड़ा प्रचार

    BRIJMOHAN AGRAWAL

    रायपुर दक्षिण चुनाव में बीजेपी-कांग्रेस का तगड़ा प्रचार, दोनों के बीच में काँटे की टक्कर

    रायपुर में दक्षिण विधानसभा चुनाव 13 नवंबर 2024 से होने जा रहा है और इसका चुनावी परिणाम 23 नवम्बर 2024 आएगा I इस चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है I दोनों पार्टियाँ इन दिनों जोरों-शोरों से प्रचार में जुटे हुए हैं और आम जनता से अपनी-अपनी पार्टी को सपोर्ट करनी की अपील कर रहे हैं I

    SUNIL SONI

    जानकारी के मुताबिक़, कांग्रेस ने दक्षिण रायपुर क्षेत्र में जीत हासिल करने के लिए आम जनता के घरों में दो से तीन बार जाकर वोट मांगने का लक्ष्य रखा है I जबकि बीजेपी की ओर से बृजमोहन अग्रवाल विधायकों से मिलने की बात कर रहे हैं I बीजेपी और कांग्रेस इन दोनों पार्टी ने कार्यकर्त्ता सम्मेलन का आयोजन कर बड़े-बड़े राजनेता, विधायक, मंत्री, पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक को इस सम्मेलन में आने का न्योता दिया है I

    छत्तीसगढ़ सीएम विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा की 2018 में कांग्रेस ने जनता से झूठे वादे कर अपना सत्ता हासिल किया था और अपनी सरकार बनाकर लोगों को लुटने का कार्य किया I जबकि राज्य का निर्माण बीजेपी ने कराया और विकास भी भाजपा ही कर रहा  है I

    उन्होंने प्रहार करते हुए आगे कहा कि कांग्रेस सिर्फ लोगों का पैसा हड़पने का काम कर रही है I इस बीच कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने बीजेपी के कार्यकाल में हुए बलोदाबाज़ार काण्ड, सूरजपुर दोहरे हत्याकांड का उदाहरण देते हुए लोगों से कांग्रेस ने अपनी पार्टी को वोट करने की अपील की I

    बीजेपी अपने प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है इस बीच भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी ने कहा कि इस बार फिर से कमल खिलेगा I उन्होंने प्रचार में उमड़ी भीड़ को वोट करने की अपील की और बीजेपी को वोट डालने को कहा I सोनी ने कहा कि उन्होंने सांसद, सभापति और महापौर बनकर हमेशा आम जनता के लिए काम किया I

    इस पर आकाश शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि सांसद रहते हुए सुनील सोनी ने ऐसा कोई भी काम नहीं किया है I जब से बीजेपी की सरकार बनी हुई है तब से अपराधिक मामले रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं I

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  • रायपुर दक्षिण उपचुनाव में कांग्रेस में खलबली भाजपा ने की तैयारी पूरी

    रायपुर दक्षिण उपचुनाव में कांग्रेस में खलबली भाजपा ने की तैयारी पूरी

    रायपुर में आंतरिक कलह से जूझ रही कांग्रेस, भाजपा ने बढ़ाई चुनावी तैयारियां

    रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की स्थिति चिंताजनक हो गई है, जहां वह शुरू से बैकफुट पर नजर आ रही है। भाजपा ने अपनी तैयारी तेज कर दी है, प्रत्याशी की घोषणा के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं।

    कांग्रेस के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने एआईसीसी (ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी) को केवल एक नाम का पैनल भेजा है, जिसमें आकाश शर्मा का नाम शामिल है। इस स्थिति के कारण पीसीसी को नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे टिकट की घोषणा में और विलंब हो सकता है। हाल ही में कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान, निगम सभापति प्रमोद दुबे के समर्थकों ने नारेबाजी की, जो पार्टी के आंतरिक कलह को उजागर करता है।

    वहीं, भाजपा ने अपनी रणनीति को ठोस रूप में तैयार किया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल, जिन्हें बूथ मैनेजमेंट का गुरु माना जाता है, स्वयं इस उपचुनाव की रणनीति बनाने में लगे हैं। उन्होंने रायपुर शहर के सभी विधायकों के साथ मिलकर चुनाव प्रचार और आगे की रणनीति तय की है। भाजपा पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के अनुभवों के आधार पर अपने प्रचार को और मजबूत कर रही है, खासकर उन वार्डों और बूथों पर जहां उसे अपेक्षित लीड नहीं मिली थी।

    दक्षिण विधानसभा की सीट खाली होने के बाद कांग्रेस में दावेदारों की भीड़ लग गई है, जिसमें आधा दर्जन से अधिक नेता अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। कई नेताओं ने पार्टी कार्यालय से किनारा कर लिया है, जिससे चुनावी परिदृश्य और भी जटिल होता जा रहा है।

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  • मतदान को सुगम बनाने के लिए रायपुर में सेक्टरों की संख्या बढ़ी

    मतदान को सुगम बनाने के लिए रायपुर में सेक्टरों की संख्या बढ़ी

    मतदान

    रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव: 38 सेक्टरों में मतदान की तैयारी

    रायपुर दक्षिण विधानसभा में आगामी उपचुनाव के लिए तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। 13 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए सेक्टरों की संख्या को 19 से बढ़ाकर 38 कर दिया गया है। यह निर्णय मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाना और आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। इस बार के उपचुनाव में मतदाताओं को बेहतर सेवाएं देने और चुनाव प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सेक्टरों की संख्या दोगुनी की गई है। इससे मतदाताओं को सुविधाएं प्रदान करने और मतदान की गति बनाए रखने की उम्मीद है। पिछली बार लोकसभा चुनाव के दौरान 19 सेक्टरों में मतदान संपन्न हुआ था, लेकिन इस बार स्थिति को बेहतर करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

    सेक्टरों की संख्या बढ़ाने से मतदान केंद्रों और सेक्टर कार्यालयों के बीच की दूरी कम हो जाएगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता पहुंचाना संभव होगा। चाहे कानून व्यवस्था को बनाए रखना हो या मेडिकल इमरजेंसी, सहायता की पहुंच अधिक तेज और सुगम होगी। इससे चुनाव प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

    एक सेक्टर में सेक्टर अधिकारी के अलावा एक ड्राइवर, एक मेडिकल टीम, सुरक्षा गार्ड, अन्य कर्मचारी और एक पीठासीन अधिकारी शामिल होंगे। इस प्रकार, सेक्टरों की संख्या बढ़ने से कर्मचारियों की संख्या भी दोगुनी होगी, जिससे आयोग के खर्च में वृद्धि होगी, खासकर गाड़ियों और अन्य मदों में।

    कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने पूर्व में हुई बैठक के दौरान इस निर्णय को अंतिम रूप दिया, ताकि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानियों को रोका जा सके। यह कदम रायपुर दक्षिण विधानसभा के उपचुनाव को सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

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  • सात बार सांसद रह चुके रमेश बैस ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की

    रायपुर के पूर्व सांसद रमेश बैस की एक बार फिर से वापसी

    रमेश बैस, जो रायपुर लोकसभा सीट से सात बार सांसद रह चुके हैं और तीन राज्यों में राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सक्रिय सदस्य बन गए हैं। यह निर्णय उन्होंने रायपुर-दक्षिण विधानसभा के उपचुनाव की तैयारियों के बीच लिया है, जिससे राजनीतिक प्रेक्षक उनके पुनः सक्रिय राजनीति में प्रवेश के महत्व को लेकर चर्चाएँ कर रहे हैं।

    बैस ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में भाजपा को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सक्रियता का सवाल तब उठता है जब कार्यकर्ता ईमानदारी से पार्टी के लिए काम करते हैं। “मैं पार्टी को मजबूत बनाने के लिए अपना पूरा समय दूंगा,” उन्होंने कहा।

    बैस ने बताया कि वह जनसंघ के समय से पार्टी के लिए कार्यरत हैं, लेकिन संवैधानिक पद पर रहने के कारण कुछ वर्षों के लिए भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा देना पड़ा था। हाल ही में भाजपा संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने उन्हें पुनः सक्रिय सदस्य बनने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा सदस्यों की संख्या बढ़ाने के लक्ष्य पर कार्य किया जा रहा है, और प्रदेश के सभी कार्यकर्ता इस दिशा में प्रयासरत हैं।

    राज्य में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बोलते हुए बैस ने कहा कि कोई भी सरकार नहीं चाहती कि प्रदेश में अशांति हो। उन्होंने स्वीकार किया कि अचानक कुछ घटनाएँ हो सकती हैं, लेकिन सरकार इन पर नियंत्रण पाने के लिए सक्रिय है। रमेश बैस का यह कदम भाजपा के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, खासकर जब राज्य में उपचुनाव की सरगर्मी तेज हो रही है। उनके अनुभव और सक्रियता से पार्टी को आगामी चुनावों में लाभ मिल सकता है।

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