बिलासपुर जिले में बीते रात सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सिंधी कॉलोनी में एक युवक ने आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन डायल 112 की त्वरित कार्रवाई से उसकी जान बचा ली गई।
घटना की जानकारी
मिली जानकारी के अनुसार, युवक ने अज्ञात कारणों से अपने हाथ और गले को धारदार हथियार से काट लिया था। इस वजह से अत्यधिक रक्तस्राव हो गया, जिससे उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई थी। युवक का जीवन खतरे में था और समय पर इलाज न मिलने की स्थिति में उसकी जान जा सकती थी। इसी बीच किसी स्थानीय नागरिक ने डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की।
5 मिनट में पहुंची 112 की टीम
जैसे ही डायल 112 को घटना की सूचना मिली, सिविल लाइन थाना क्षेत्र की 112 टीम, जिसमें आरक्षक सूर्यकांत राठौर (पदस्थ आरक्षक 1221) और चालक योगेश कौशिक शामिल थे, मात्र पाँच मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने बिना देर किए घायल युवक को प्राथमिक चिकित्सा के लिए अपने वाहन में बैठाकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने युवक की हालत गंभीर होने के बावजूद बताया कि अगर थोड़ी देर और हो जाती, तो स्थिति और भी बिगड़ सकती थी। त्वरित सहायता और अस्पताल तक समय पर पहुँचने के कारण युवक की जान बचाई जा सकी।
परिजनों ने जताया आभार
युवक के परिजनों ने डायल 112 की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के लिए बिलासपुर पुलिस, विशेष रूप से सिविल लाइन 112 टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डायल 112 की वजह से आज उनका बेटा जीवित है और पुलिस की सतर्कता ने उनके परिवार को एक बड़ी त्रासदी से बचा लिया।
डायल 112 जैसी आपातकालीन सेवाएँ जीवन और मृत्यु के बीच के अंतर को तय कर सकती हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि त्वरित प्रतिक्रिया से कई बार अनहोनी को टाला जा सकता है। बिलासपुर जिले में ऐसी कई घटनाएँ पहले भी सामने आई हैं, जहाँ डायल 112 की फुर्ती और सतर्कता ने लोगों की जान बचाई है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोग भी डायल 112 की प्रशंसा कर रहे हैं, और इस सेवा की महत्ता को समझते हुए उसे और सशक्त बनाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में भी ऐसी जान बचाने वाली मदद जारी रह सके।
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