बिलासपुर में इन दिनों सब्जियों की बढ़ती कीमतों का असर रसोई पर साफ दिखाई दे रहा है। प्याज, टमाटर, और आलू जैसी आम सब्जियां कई घरों से गायब हो रही हैं, क्योंकि इनके दाम आसमान छू रहे हैं। वर्तमान में शहर के बृहस्पति और शनिचरी सब्जी बाजारों में ग्वारफली 120 रुपये, बरबट्टी 50, बैगन 50, करेला 40, लौकी 30, मुनगा 120, मिर्ची 120, गोभी 80, और धनिया 120 रुपये प्रति किलो बिक रही हैं। नींबू 160 रुपये, टमाटर 60 रुपये, आलू 50 रुपये, प्याज 70 रुपये, और लहसुन 400 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं।

महंगाई के इस दौर में कई परिवारों ने भोजन में प्याज, टमाटर, और आलू का उपयोग कम कर दिया है। हालांकि, सब्जी दुकानदारों का कहना है कि यह महंगाई अस्थायी है। अगले सप्ताह-डेढ़ सप्ताह में प्रदेश में स्थानीय सब्जियों की आवक शुरू होने वाली है, जिससे दामों में गिरावट की उम्मीद है। दुकानदारों का कहना है कि दीवाली के बाद, नवंबर के प्रथम सप्ताह से सब्जियों के दाम में राहत मिलनी शुरू होगी।
स्थानीय मंडियों, जैसे कि तिफरा थोक सब्जी मंडी, में जिले और आसपास के इलाकों से सब्जियां आने लगेंगी। ठंड के मौसम में सब्जियों की पैदावार बढ़ने के कारण आवक तेज होने के साथ ही दाम में गिरावट आने लगेगी। इसके अलावा, ठंड के मौसम में पत्तेदार सब्जियों की अधिक पैदावार होती है, जिससे बाजार में ताजगी और पौष्टिकता का भी विकल्प मिलेगा।
बिलासपुर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती की जाती है, जो अब लगभग तैयार है। इस सीजन में ये ताजा और सस्ती सब्जियां सीधे बाजारों में पहुंचेंगी, जिससे शहरवासियों को राहत मिल सकेगी।
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