कोरबा की गेवरा खदान में डीजल चोरी का खुलासा

कोरबा जिले के दीपका थाना पुलिस ने एसईसीएल (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) की गेवरा खदान से बड़े पैमाने पर हो रही डीजल चोरी का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो खदान से डीजल चोरी करने में लिप्त थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2659 लीटर डीजल जब्त किया है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत 2,48,456 रुपये बताई जा रही है। इस गिरोह का भंडाफोड़ खदान के सुरक्षा निरीक्षक नंदलाल राय की शिकायत पर किया गया, जिन्होंने मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस को सूचित किया था।

घटना का खुलासा

घटना तब सामने आई जब गेवरा खदान के सुरक्षा निरीक्षक नंदलाल राय को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग बोलेरो वाहनों में डीजल चोरी कर रहे हैं। मुखबिर की इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई की गई। खदान के सुरक्षा कर्मचारी, राकेश कुमार सिंह और सुधीर कुमार, घटनास्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि डोजर और डम्पर के पास डीजल बिखरा हुआ था। यह स्पष्ट संकेत था कि वहां से डीजल की चोरी हो रही थी। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी और मौके पर पुलिस ने पहुंचकर संदिग्धों को धर दबोचा।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया, जो इस डीजल चोरी के गिरोह में शामिल थे। इनके पास से 2659 लीटर डीजल बरामद किया गया, जिसे विभिन्न वाहनों से चुराया गया था। यह डीजल बाजार में लगभग 2.5 लाख रुपये का बताया जा रहा है। पुलिस ने डीजल चोरी में इस्तेमाल किए गए वाहनों को भी जब्त किया है।

सुरक्षा के बावजूद चोरी

गौरतलब है कि एसईसीएल की गेवरा खदान देश की सबसे बड़ी खदानों में से एक है और यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। खदान की सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, जिसमें न केवल एसईसीएल के सुरक्षा कर्मी तैनात हैं, बल्कि एक निजी कंपनी के कर्मचारी भी सुरक्षा में जुटे हुए हैं। खदान में चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाती है। इसके बावजूद, डीजल चोरी की घटनाएं लगातार हो रही हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।

पुलिस की जांच

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और जांच जारी है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके अन्य सदस्यों की संलिप्तता कितनी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी का डीजल कहां बेचा जा रहा था और इस काम में खदान के भीतर से कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

डीजल चोरी की यह घटना खदान की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा मुद्दा बन गई है। खदान प्रशासन और पुलिस अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की सुरक्षा बढ़ाने के उपायों पर विचार कर रहे हैं। इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इस बार की कार्रवाई से उम्मीद की जा रही है कि चोरी की ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा। पुलिस और सुरक्षा कर्मी अब और भी सतर्क होकर काम कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं फिर न हो सकें। यह मामला न केवल कोरबा जिले बल्कि देशभर की उन खदानों के लिए भी चेतावनी है, जहां से प्राकृतिक संसाधनों की चोरी होती रहती है।

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