
रायपुर दक्षिण विधानसभा: इस बार निर्दलीयों की संख्या कम, भाजपा और कांग्रेस में कांटे की टक्कर
रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बार का उपचुनाव बेहद अहम माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच होगा, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या इस बार कम हो सकती है। इससे पहले के चुनावों में रायपुर दक्षिण में कई निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतरते रहे हैं, लेकिन इस बार ऐसा न होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
इसके पीछे कई कारण माने जा रहे हैं, जिनमें प्रमुख कारण प्रमुख राजनीतिक दलों की रणनीतियों में बदलाव है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अभी तक अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं कर पाए हैं, जिससे प्रत्याशियों के नामों पर अटकलें तेज हैं। भाजपा ने दो दिन पहले तीन नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा है, लेकिन अब तक किसी नाम पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। पार्टी के सामने यह चुनौती है कि वह अनुभवी नेता को मौका दे या फिर किसी नए चेहरे को मैदान में उतारे।
वहीं, कांग्रेस पार्टी भी भाजपा के प्रत्याशी के नाम का इंतजार कर रही है ताकि वह अपनी रणनीति तय कर सके। दोनों ही पार्टियों के संभावित उम्मीदवारों ने अब इंटरनेट मीडिया के साथ-साथ व्यक्तिगत संपर्कों के जरिये प्रचार अभियान शुरू कर दिया है और लोगों से वोट मांगने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
जातिगत समीकरण भी इस बार दोनों दलों के लिए चुनौती बने हुए हैं, जिससे प्रत्याशी चयन में देरी हो रही है।
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