भारत रत्न और परम श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी की जन्मशती के पुण्य अवसर पर देशभर में उनके सुशासन काल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों को याद किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “नाम अटल, काम अटल। अटल सुशासन से देश प्रबल।” अटल बिहारी बाजपेयी जी के नेतृत्व में शुरू हुई यह परियोजना भारत की आर्थिक और सामाजिक उन्नति का आधार बनी। इस परियोजना ने देश को सड़कों के माध्यम से जोड़ते हुए व्यापार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया।

बाजपेयी जी ने देश में आर्थिक सुधारों की नींव रखी और सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल को बढ़ावा दिया, जिससे भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति मिली। पोखरण-2 परीक्षण ने भारत को विश्व स्तर पर एक मजबूत परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित किया। अटल जी के इस साहसिक कदम ने भारत को सामरिक मजबूती प्रदान की। ग्रामीण विकास और कृषि को सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई यह योजना गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने में मील का पत्थर साबित हुई।
अटल जी के कार्यकाल में सर्वशिक्षा अभियान और राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना जैसी पहलों ने समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया। कारगिल युद्ध के दौरान उनकी दृढ़ नेतृत्व क्षमता और शांतिपूर्ण समाधान की पहल ने देश की कूटनीतिक प्रतिष्ठा को ऊंचा उठाया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अटल जी की दूरदर्शिता और नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनका सुशासन काल भारतीय राजनीति में एक आदर्श प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा, “अटल जी के आदर्श और उनके द्वारा स्थापित मानक हमें प्रेरणा देते हैं।
उनकी नीतियां और उनके विचार आज भी हमारी विकास यात्रा का मार्गदर्शन कर रहे हैं।” इस अवसर पर राज्यभर में अटल जी के जीवन पर आधारित सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। उनकी कविताओं का वाचन और उनके भाषणों को सुनाने के कार्यक्रम ने लोगों को भावुक कर दिया। “नाम अटल, काम अटल,” यह पंक्ति अटल बिहारी बाजपेयी जी के अद्वितीय व्यक्तित्व और अतुलनीय योगदान को पूर्णतः व्यक्त करती है। उनका जीवन और उनकी विरासत भारतीय राजनीति में सदैव अमर रहेंगे।
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