
सोशल मीडिया पर दबंगई दिखाने वालों को पुलिस ने सिखाया सबक
रायपुर शहर में इंटरनेट मीडिया पर रील बनाने का चलन इस कदर बढ़ गया है कि इसमें बदमाश भी शामिल हो गए हैं। पिस्टल और चाकू लेकर रील बनाने वाले बदमाशों ने अपनी दबंगई दिखाने के लिए इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स को हथियार बना लिया। इससे आम जनता में भय का माहौल पैदा हो रहा था। लेकिन पुलिस ने ऐसे असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाने के लिए नई रणनीति अपनाई है। बदमाशों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। इसके बाद उनकी रील का जवाब पुलिस उनके ही स्टाइल में दे रही है।
एसएसपी के अनुसार, साइबर सेल की विशेष शाखा ऐसे बदमाशों पर नजर रख रही है, जो खुद को “डॉन” या “बादशाह” साबित करने के लिए हथियारों के साथ रील पोस्ट कर रहे हैं। साइबर सेल आईपी एड्रेस के जरिए बदमाशों की पहचान कर रही है। अब तक 35 से अधिक इंटरनेट अकाउंट ब्लॉक कराए जा चुके हैं। पुलिस न केवल बदमाशों की गिरफ्तारी कर रही है, बल्कि उनके बनाए गए वीडियो में एडिट कर उन्हें सबक सिखा रही है।

बदमाशों पर पुलिस की कार्रवाई
इसके साथ ही बदमाशों को माफी मांगने वाले वीडियो बनाने पर मजबूर किया जा रहा है, जिसे पुलिस अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पोस्ट कर रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से बदमाशों के बीच खौफ पैदा हो गया है। कई बदमाशों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिए हैं। अब तक पुलिस को ऐसी जानकारी मिली है कि 24 से अधिक बदमाशों ने अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स डिलीट कर दिए हैं। कुछ बदमाशों को पकड़कर पुलिस ने उनके नाई से बाल कटवाए और उनकी तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर साझा कीं।
पुलिस ने सिखाया सबक
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई अन्य असामाजिक तत्वों के लिए एक सबक है। पुलिस की इस अनोखी कार्रवाई से शहर में राहत का माहौल है। लोग पुलिस की इस पहल की सराहना कर रहे हैं और बदमाशों के इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय रहने के डर से छुटकारा पा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि इस तरह की सख्ती से अपराधियों में डर पैदा होगा और वे भविष्य में इंटरनेट मीडिया का गलत उपयोग करने से बचेंगे।

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