गांव जहां हर घर में सरकारी कर्मचारी, जानिए ‘पूरे सरकारी’ की कहानी

गांव जहां हर घर में सरकारी कर्मचारी, जानिए 'पूरे सरकारी' की कहानी
गांव जहां हर घर में सरकारी कर्मचारी, जानिए 'पूरे सरकारी' की कहानी

गांव जहां हर घर में सरकारी कर्मचारी, जानिए ‘पूरे सरकारी’ की कहानी

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले का एक गांव इन दिनों मीडिया की सुर्खियों में है। इस गांव का नाम है ‘पूरे सरकारी,’ जो अपनी अनोखी पहचान और परंपरा के कारण प्रसिद्ध है। यह गांव नवाबगंज-मनकापुर मार्ग पर बसा हुआ है और इसकी ग्राम पंचायत का नाम “बहादुरा” है। यहां के हर परिवार में एक न एक व्यक्ति सरकारी नौकरी में है, इसलिए इस गांव का नाम “पूरे सरकारी” पड़ गया है।

गांव के एक बुजुर्ग ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि यहां के लोगों की वर्षों से सरकारी सेवाओं में कार्यरत रहने की परंपरा रही है। गांव में लगभग हर घर से कोई न कोई सरकारी शिक्षक, डॉक्टर, इंजीनियर या रेलवे में नौकरी कर रहा है। पहले, अधिकांश लोग रेलवे में कार्यरत थे, लेकिन अब यहां के युवा तकनीकी क्षेत्र की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

गांव के लोग बताते हैं कि करीब 400 साल पहले बस्ती, सुल्तानपुर और अयोध्या से आए तीन परिवारों ने इस गांव की स्थापना की थी। धीरे-धीरे यहां सरकारी सेवाओं में काम करने का चलन बन गया, जो अब गांव की पहचान बन चुका है। यहां के कई युवक इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं,अन्य लोग सरकारी शिक्षण संस्थानों में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, टेक्नोलॉजी में बढ़ती रुचि के कारण आने वाले समय में और भी ज्यादा लोग सरकारी और तकनीकी सेवाओं में काम करेंगे।

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