
धान खरीदी पर हुई महत्वपूर्ण बैठक, किसानों के हित में बड़े फैसले
छत्तीसगढ़ सरकार ने इस साल 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली है। इस बार सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में 16 लाख मीट्रिक टन ज्यादा धान खरीदने का अनुमान लगाया है, जिससे कुल खरीदी लगभग 160 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचने की उम्मीद है। सोमवार को खाद्य मंत्री दयालदास बघेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में खरीफ सीजन 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और कस्टम मिलिंग की नीति की समीक्षा की गई। इस बैठक में दीपावली के बाद से धान खरीदी शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
नीति की समीक्षा और फैसले
बैठक के बाद खाद्य मंत्री ने जानकारी दी कि इस बार धान 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदा जाएगा। सभी धान खरीदी केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीनों का उपयोग किया जाएगा, जिसके लिए 30 हजार गठान बारदाने की खरीदी की जाएगी। अंतिम निर्णय मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया जाएगा।
धान की अच्छी पैदावार को लेकर सरकार आशान्वित है। इस साल अच्छी बारिश होने से किसानों को विशेष लाभ होने की संभावना है, जिससे धान की पैदावार भी बेहतर होने की उम्मीद है। राज्य में लगभग 37.46 लाख किसान परिवार हैं, जिनमें से 80 प्रतिशत लघु और सीमांत श्रेणी के किसान हैं। मुख्य खरीफ फसलों में धान, सोयाबीन, उड़द, और अरहर शामिल हैं।
पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर रिकार्ड 144.92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था, और इस बार खरीदी के साथ-साथ धान के उठाव और कस्टम मिलिंग की प्रक्रिया को भी सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि धान का उठाव 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाएगा। खरीदी केंद्रों में कंप्यूटर, इंटरनेट, और किसानों के बैठने व पेयजल की सुविधाओं का प्रबंध करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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