छत्तीसगढ़ को PM-E-Bus योजना के तहत मिली 240 ई-बसों की मंजूरी

Electric Bus

छत्तीसगढ़ को PM-E-Bus योजना के तहत मिली 240 ई-बसों की मंजूरी

देश में सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत पीपीपी (सार्वजनिक-निजी साझेदारी) मॉडल पर देश के 169 शहरों में 10,000 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। छत्तीसगढ़ में भी इस योजना का क्रियान्वयन जल्द ही शुरू होने जा रहा है, जहां रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी। इन चार प्रमुख शहरों के लिए पहले चरण में 240 ई-बसों को मंजूरी मिली है।

छत्तीसगढ़ में ई-बसों की तैनाती

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत छत्तीसगढ़ के चार प्रमुख शहरों – रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा – को पहले चरण में 240 ई-बसें आवंटित की गई हैं। इन बसों की मदद से राज्य में सार्वजनिक परिवहन को न केवल प्रदूषण रहित बनाया जाएगा, बल्कि इसकी क्षमता और गुणवत्ता में भी सुधार होगा। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने जानकारी दी कि इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को 30.19 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं

इस राशि का उपयोग ई-बसों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के निर्माण में किया जाएगा। इसमें बिजली और डिपो अवसंरचना को विकसित किया जाएगा, जिसमें चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सबस्टेशन की स्थापना शामिल है। इसके साथ ही मल्टीमॉडल इंटरचेंज और एनसीएमसी (नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड) आधारित स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली भी लागू की जाएगी, जिससे यात्रियों को किराया भुगतान में सहूलियत होगी।

छत्तीसगढ़ के लिए योजना की अहमियत

राज्य मंत्री तोखन साहू ने बताया कि यह योजना छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इससे राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक कुशल और पर्यावरण के अनुकूल हो जाएगी। ई-बसें न केवल शहरी यातायात को सुगम बनाएंगी, बल्कि वायु प्रदूषण को कम करने में भी मददगार साबित होंगी। यह कदम राज्य को स्वच्छ और हरित ऊर्जा की ओर ले जाने का हिस्सा है, जो कि आने वाले समय में परिवहन प्रणाली के भविष्य को दर्शाता है।

देशव्यापी योजना का उद्देश्य

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत, 169 शहरों में 10,000 इलेक्ट्रिक बसों को संचालित करने की योजना है, जिसे पीपीपी मॉडल के तहत लागू किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण को कम करना और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। इलेक्ट्रिक बसों से जहां ईंधन खर्च में बचत होगी, वहीं इससे कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कमी आएगी।

छत्तीसगढ़ के लिए यह योजना एक बड़ा कदम साबित होगी, क्योंकि यह राज्य के शहरी परिवहन में आधुनिक और पर्यावरण-संवेदनशील बदलाव लाएगी। आने वाले समय में इन ई-बसों से न केवल लोगों को यात्रा करने में सुविधा होगी, बल्कि यह राज्य के पर्यावरणीय लक्ष्यों को हासिल करने में भी मददगार साबित होंगी। PM-E-Bus योजना के तहत, छत्तीसगढ़ के चार शहर जल्द ही इलेक्ट्रिक बसों से जुड़ जाएंगे, जो शहरी यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत और उन्नत तकनीक का परिचायक होंगी।

READ MORE :

https://golden36garh.com/?p=6929

https://golden36garh.com/?p=6937

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More posts