
मुकेश तिवारी ने इंफ्लुएंसर वीडियो पर जताई असहमति, कहा असली कला नहीं है
भोपाल में हाल ही में एक कार्यक्रम में शामिल होने आए मशहूर अभिनेता मुकेश तिवारी ने मीडिया से बातचीत में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपनी राय साझा की। तिवारी ने कहा कि दिमाग के पास ग्रहण करने की क्षमता होती है, लेकिन डिलीट करने की नहीं। उन्होंने बताया कि बहुत सारी चीजों पर फोकस करने से दिमाग तनावग्रस्त हो जाता है, और इसके कारण मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
डिजिटल युग में सावधानी बरतने की सलाह
मुकेश तिवारी ने दर्शकों को सलाह दी कि डेटा फ्री मिलने पर अनावश्यक सामग्री से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, “आज के डिजिटल युग में, मुफ्त डेटा के चलते लोग बहुत कुछ देख रहे हैं, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।”
इंफ्लुएंसर संस्कृति पर टिप्पणी
तिवारी ने इंफ्लुएंसर संस्कृति और एक मिनट के वीडियो कंटेंट पर भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हालांकि इंफ्लुएंसर को ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर अवसर मिल रहे हैं, लेकिन दर्शक उन्हें फिल्मों में स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा, “एक मिनट की वीडियो रीलें रचनात्मकता का हिस्सा हो सकती हैं, लेकिन वास्तविक कला नहीं हैं।”
साउथ फिल्म इंडस्ट्री पर विचार
मुकेश तिवारी ने साउथ की फिल्म इंडस्ट्री की विशेषताओं पर भी बात की। उन्होंने बताया कि वहां की फिल्मों में काम करने में भाषा और सांस्कृतिक भिन्नताएं होती हैं। उन्होंने साउथ के सिंगल थिएटर्स की प्रशंसा की, जो उन्हें भारतीय सिनेमा की जड़ों से जोड़ते हैं।
आगामी प्रोजेक्ट्स
मुकेश ने अपनी आगामी फिल्मों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म “विक्की विद्या” जल्द रिलीज होगी, जिसे ऋषिकेश में शूट किया गया है। इसके अलावा, वे पांच तेलुगु फिल्मों और “वेलकम टू द जंगल” के साथ-साथ इमरान हाशमी के साथ “ग्राउंड जीरो” में भी काम कर रहे हैं।
तिवारी ने जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए दर्शकों को मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और अव्यवस्थित मीडिया सामग्री से बचने की सलाह दी है।
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