एक मंच ‘ग्रामीना हब्बा’ का आयोजन बेंगलुरु में छत्तीसगढ़ के कारीगर भाग लेंगे
एक मंच ‘ग्रामीना हब्बा’ का आयोजन बेंगलुरु में I ग्रामीण कारीगरों के लिए हस्तशिल्प, कृषि और हथकरघा उत्पादों को बेचने के लिए एक मंच ‘ग्रामीना हब्बा’ का आयोजन 14 मार्च तक बेंगलुरु में नाबार्ड के कर्नाटक क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में कर्नाटक और पूरे भारत के कई जिलों के बुनकरों, ग्रामीण कारीगरों, किसानों और जनजातियों के हथकरघा साड़ी, हस्तनिर्मित कला, घरेलू सज्जा, हाथ से बुने कपड़े सामग्री, प्राकृतिक सौंदर्य उत्पाद, आदिवासी उत्पाद, आभूषण, जैविक खाद्य उत्पाद और सहायक उपकरण शामिल हैं। इन वस्तुओं की बिक्री से होने वाली आय सीधे कारीगरों के पास जाएगी। प्रतिभागी – इस आयोजन में कर्नाटक के विभिन्न जिलों के 25 से अधिक कारीगरों के साथ-साथ तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, केरल, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कारीगर भाग ले रहे हैं।
उत्पाद जो प्रदर्शित किए जा रहे हैं– कसुती वर्क, उडुपी साड़ी, चन्नापटना खिलौने, आरी कढ़ाई वाले कपड़े, कोल्हापुरी चप्पल, मैसूर की अनूठी शीशम जड़ना, जैविक खाद्य उत्पाद, तैयार किए गए घरेलू सज्जा, और लाख चूड़ियों जैसे भारत के विभिन्न हिस्सों के उत्पादों सहित जीआई उत्पादों सहित अनन्य कर्नाटक उत्पाद। भोपाल की जयपुरी रजाई, तमिलनाडु की आरनी रेशम, मध्य प्रदेश की माहेश्वरी रेशम, छत्तीसगढ़ की कोसा रेशम की साड़ियाँ, तेलंगाना की इकत साड़ी, ओडिशा के आभूषण, केरल के मसाले और मंदिर शिल्प और उत्तर प्रदेश की चादरें उपलब्ध हैं।
इस तरह के आयोजन का कारण– नाबार्ड के अनुसार, वर्तमान COVID-19 संकट ने पूरी अर्थव्यवस्था पर, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में कहर बरपा रखा है। इसलिए, देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बहाली के लिए इस प्रकार की प्रदर्शनियां आवश्यक हैं।
शिक्षिकाओं का किया तहे दिल से स्वागत ,विश्व महिला दिवस में आज शहरी स्त्रोत केंद्र अंतर्गत कन्या हाई सेकेंडरी स्कूल सरकंडा में यूआरसी क्रांति साहू सर जी के द्वारा बीईओ सर की अध्यक्षता में समस्त महिला शिक्षकों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर महिलाओं के द्वारा अपने-अपने अनुभव को प्रेरणा के रूप में सार्वजनिक किया गया।
इसी कड़ी में एबीईओ श्रीमती सुनिता ध्रुव,श्रीमती दीप्ति गुप्ता मेड़म के द्वारा किस प्रकार महिलाओं के समानता के अधिकार में पुरूषों का महत्व रहता है ,एवं महिलाओ को अपने आप मे स्वयं में बदलाओं लाने पर प्रकाश डाला गया। वहीँ हेडमास्टर श्रीमती शिव कुमारी डहरिया जी ने अपने प्रेरणा गीत से कार्यक्रम में और उत्साह भर दिया ,और अपने अनुभव साझा किये |
अंत में श्री क्रांति साहू सर जी अपने उद्बोधन में नारी शक्ति को विद्या के देवी सरस्वती, धन की देवी लक्ष्मी व मॉ दुर्गा की प्रतिमुर्ती के रूप में मानते हुए उनके स्वरूपो का वर्णन किया गया।कार्यक्रम में समस्त महिला शिक्षकों को फूलमाला,गुलदस्ता एवं पेन देकर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सुष्मित शर्मा सीएसी के द्वारा किया गया ।कार्यक्रम को सफल बनाने ,मास्टर ट्रेनर तुलसीशर्मा,योगेन्द्र गौरहा सर जी ऊषाकोरी,किरण डेग्विकर,गौकरण उपाध्यय,शेख सहाबुद्दीन,सुनील पांड़ेय,मनोज सिंह ठाकुर उपस्थित थे।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है। महिला दिवस मनाने का उद्देश्य समाज में महिलाओं के विभिन्न योगदानों को पहचानना और लैंगिक समानता के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इस दिन, लोग अक्सर उन महिलाओं के लिए चिल्लाते हैं जो उनके लिए महत्वपूर्ण हैं।
इसलिए हर साल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर, सोशल मीडिया उन मजबूत महिलाओं, महिलाओं को समर्पित पोस्ट से भर जाता है, जिन्होंने कुछ अलग किया है – और यह साल भी अलग नहीं है। अब हम लिंग, सामाजिक समानता और जलवायु परिवर्तन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी को समझते हैं, और यह मानते हैं कि आज लैंगिक समानता के बिना, एक स्थायी भविष्य, एक समान भविष्य, पहुंच से बाहर है।
नारी का सम्मान आज ही क्यों, हर दिन इन्ही से है..
महिलाओं के अधिकारों की हिमायत करना साल भर की जिम्मेदारी है। हालाँकि, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर, जो हर साल 8 मार्च को दुनिया भर में मनाया जाता है, महिलाओं की समानता के लिए खड़ा होना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। हम सभी का अस्तित्व महिलाओं के लिए है क्योंकि उन्होंने हमें जीवन दिया और हमें दुनिया में लाया। प्रिय महिला, आप खुशी, साहस, निडरता और ताकत की प्रतिमूर्ति हैं। हम महिलाओं की उपस्थिति के बिना इस दुनिया की कल्पना नहीं कर सकते। हमारे जीवन में आने और इसे सार्थक बनाने के लिए उनका बहुत-बहुत धन्यवाद।
आज हम प्रतिज्ञा करें कि हम अपने आसपास की महिलाओं की देखभाल करेंगे और उन्हें समृद्ध होने और जीवन में सफलता प्राप्त करने में मदद करेंगे। महिला दिवस पूरी दुनिया में महिलाओं के सार का जश्न मनाता है।
यह दिन इस बात के महत्व को दर्शाता है कि महिलाओं के साथ बिना किसी पूर्वाग्रह या पूर्वाग्रह के समान व्यवहार क्यों किया जाना चाहिए। मार्च 8 पर, महिला दिवस एक ऐसी दुनिया में सभी उम्र और जातियों की महिलाओं को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है जहां वे स्वतंत्र रूप से और अपनी शर्तों पर रह सकती हैं।
महिलाओं को हमेशा किसी न किसी तरह के बल द्वारा दबा दिया गया है जिसने उनकी पसंद और स्वतंत्रता को प्रतिबंधित कर दिया है। लेकिन जैसे-जैसे समय आगे बढ़ रहा है, महिलाएं अपनी पूरी क्षमता तक बढ़ रही हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही हैं कि उनके पास बोलने के लिए साधन, विकल्प और स्वतंत्रता है, और वे जो चाहें करती हैं।
दुनिया की सभी अविश्वसनीय महिलाओं के लिए, आज ही नहीं बल्कि हर एक दिन चमकें। नारी होना अपने आप में एक महाशक्ति है। महिलाओं के बिना हमारी दुनिया का कोई मतलब नहीं होता। अद्भुत कोमलता के साथ पूर्ण सामंजस्य में मौजूद उनका साहस हर दिन हमारी दुनिया को बचाता है।
INTERNATIONAL WOMEN’S DAY
यह अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, 8 मार्च, “एक स्थायी कल के लिए आज लैंगिक समानता” विषय के तहत संयुक्त राष्ट्र महिला और दुनिया में शामिल हों, और महिलाओं द्वारा महिलाओं के लिए जलवायु कार्रवाई का आह्वान करें।
महिलाओं और लड़कियों को जलवायु संकट के सबसे बड़े प्रभावों का अनुभव होता है क्योंकि यह मौजूदा लैंगिक असमानताओं को बढ़ाता है और महिलाओं के जीवन और आजीविका को खतरे में डालता है।
दुनिया भर में, महिलाएं प्राकृतिक संसाधनों पर अधिक निर्भर हैं, फिर भी उनकी पहुंच कम है, और अक्सर भोजन, पानी और ईंधन हासिल करने के लिए अनुपातहीन जिम्मेदारी वहन करते हैं।
चूंकि महिलाएं और लड़कियां जलवायु प्रभावों का बोझ उठाती हैं, इसलिए वे जलवायु अनुकूलन, शमन और समाधानों में बदलाव लाने और उसे आगे बढ़ाने के लिए भी आवश्यक हैं।
दुनिया की आधी आबादी को शामिल किए बिना, यह संभावना नहीं है कि कल एक स्थायी ग्रह और एक लिंग समान दुनिया के लिए समाधान प्राप्त होंगे।
पिछले साल, जनरेशन इक्वलिटी फोरम में, जलवायु न्याय के प्रति ठोस प्रतिबद्धता बनाने के लिए सरकारों, निजी क्षेत्र की कंपनियों, संयुक्त राष्ट्र प्रणाली और नागरिक समाज को एक साथ लाते हुए, जलवायु न्याय के लिए नारीवादी कार्रवाई के लिए कार्रवाई गठबंधन शुरू किया गया था।
यह अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, एक्शन गठबंधन वैश्विक कार्रवाई और निवेश को चलाने में मदद कर रहा है, जिसमें लिंग-न्यायसंगत जलवायु समाधानों के लिए वित्तपोषण, हरित अर्थव्यवस्था में महिलाओं के नेतृत्व को बढ़ाना, महिलाओं और लड़कियों को जलवायु प्रभावों और आपदाओं के प्रति लचीलापन बनाना और उपयोग में वृद्धि करना शामिल है।
लैंगिक समानता और जलवायु पर डेटा।
महिलाओं और लड़कियों द्वारा सभी स्तरों पर जलवायु कार्रवाई करने के सभी तरीकों का जश्न मनाने में हमारे साथ शामिल हों, और उनकी आवाज़ उठाने और उनके काम का समर्थन करने में मदद करें।
वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड लंदन में अपना नाम दर्ज़ कराया !!
मनीष यादव ने जीता केयर्न पिंक सिटी हाफ मैराथन , आपको बता दें की छोलेवुड के मनीष यादव जो के अपने डांस और फिटनेस के लिए जाने जाते हैं। इनहोने इस्के पहले भी कई मैराथन में हिसेदारी किया है और जीता है। मनीष एक एथलिट भी हैं। एक तरिके से देखा जाए तो मनीष एथलीट, फिटनेस, जिमहोलिक, डांसिंग और एक्टिंग जैसे विभीन कलाओ से भरे हुए व्यक्तत्व वाले इंसान हैं।और साथ ही साथ एक यंग बिजनेसमैन भी हैं |
इनहोने हाल ही में हुई केयर्न पिंक सिटी हाफ मैराथन में हिसा लिया था |जिसमे 23 किलोमीटर का वर्चुअल रन होना था | इनहोने इज कॉम्पिटिशन को जीत कर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन में अपना नाम दर्ज किया ।
Certificate of Participate
Another marathon’s picture
मनीष यादव, बिलासपुर छत्तीसगढ़ इंडिया, ने 19 दिसंबर से 26 दिसंबर के बीच आयोजित भारत के सबसे बड़े वर्चुअल रन केयर्न पिंक सिटी हाफ मैराथन 6वें संस्करण में भाग लिया , जिसमे 47797 लोगों ने भाग लिया था 22 अलग अलग देशों से | बड़ी खुशी की बात है की लंदन में हुई ऐसे मैराथन में छत्तीसगढ़ के कलाकार ने हिस्सा लकर यहां का और अपने माता पिता का गौरव बढ़ाया।
मनीष यादव उभरते हुय छोलीवूड के कलाकार हैं, जिन्होंने अपने खूबसूरत वीडियो एल्बम से सबके दिलों में अपनी जगह बनाई है |तथा अन्य प्रोजेक्ट की तैयारिओं में लगे हुए हैं |मनीष वर्कहोलिक हैं, हमेशा काम करने का जुनून लिए इस इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रहे हैं |इनकी आने वाली अपकमिंग मूवी सोंझरी आपको जल्द ही देखने को मिलेगी , जिसमे इनके दमदार रोल से सबके होश उड़ने वाले हैं |
यूक्रेन से आये 30 स्टूडेंट्स छत्तीसगढ़ सरकार कर रही उच्चतम व्यवस्था ..
छत्तीसगढ़ के 30 स्टूडेंट्स की आज यूक्रेन से हुई वापसी | यूक्रेन में फंसे छात्र छात्राएं गुरुवार को नयी दिल्ली लौटे हैं |अब तक छत्तीसगढ़ के 69 स्टूडेंट्स की सकुशल वापसी हो चुकी है |छत्तीसगढ़ सरकार ने इन स्टूडेंट्स के लिए सारी व्यवस्था उपलब्द्ध कराई है |
नई दिल्ली में पहुंचने के बाद सभी के ठहरने से लेकर खाने की व्यवस्था वहां की गई | तथा वहां से अपने गृहनगर जाने की सुविधा दी जा रही है |आवासीय आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को 30 छात्र यूक्रेन से नई दिल्ली वापस लौटे हैं।
दल्लीराजहरा के हेमंत कुमार साहू, महासमुंद के कमलेश साहू, आकाश तिवारी, रायगढ़ के ओमप्रकाश पटेल, समीर कुमार भोई, अभिषेक सिंह, रायपुर के अफसार अंसारी, अमल पिल्लई, आद्यशा मोहंती, बोइदी आयुश्री, साक्षी अग्रवाल, जगदीश साहू, भुवन रायकवार, अपूर्वा वर्मा, अभिजीत वानी, राजनांदगांव की ऋषिका घोष, संजना श्रीवास्तव, दुर्ग के दिव्यान्श दुबे, चिरमिरी के संदीप कुमार डेविड, अभिषेक कुमार पटेल, प्रांजल तिवारी |
अम्बिकापुर के शिवम सिंह, बिलासपुर की रिया अदिति, जांजगीर के चन्द्र प्रकाश राठौर, तुषार गिरी गोस्वामी, शुभम कुमार, निहारिका गवेल, धर्मजयगढ़ की शिफा खुर्शीद, कोरबा के अयान चक्रवर्ती गुरुवार को नई दिल्ली लौटे हैं।
सभी छात्र छत्तीसगढ़ भवन में कुछ देर ठहरने के बाद फ्लाइट से रायपुर के लिए रवाना हो गए। जानकारी के अनुसार छात्रों को सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर नई दिल्ली के छत्तीसगढ़ भवन में सहायता केंद्र स्थापित किया गया है। इन छात्रों को वाहन, आवास और भोजन की सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, छात्रों को उनके गृहनगर वापस लाने के लिए हवाई टिकट सहित सभी आवश्यक व्यवस्था की गई है।
आज माननीय भुपेश जी ने गोरखपीठ में की पूजा | गुरु गोरखनाथ द्वारा जलाई गई धूनी गोरखनाथ मंदिर में आज भी जलती है। उसमें मंदिर के पुजारी लकड़ी और गाय का कंडा डालते हैं। उस धूनी की भभूत ही गोरखनाथ मंदिर का प्रमुख प्रसाद है। उसकी भभूत मंदिर में आए हर भक्तों को दी जाती है।
वही आज श्री भूपेश बघेल जी भी दर्शन के लिए पाहुचे, और गोरखनाथ मंदिर में जाकर उनके दर्शन किए, पूजा अर्चना की और सभी के लिए सुख शांति के लिए प्रार्थना की। समरसता और भाईचारे की भारतीय परंपरा और संस्कृति के ध्वजवाहक रहे गोरखपीठ में आज पूजा अर्चना करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। भगवान गोरखनाथ से देश भर में सुख समृद्धि की कामना की।
पैरा दान अपील का दिख रहा असर, छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री बघेल जी ने वेसे तो छत्तीसगढ़ के वासियों के लिए बहुत से योजना लाए हैं। जो सब के हित को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इससे सभी वर्ग के साथ ही किसान वर्ग के लोगो को बहुत लाभ पहुच रहा है।
वही एक और आपिल की थी, श्री भूपेश जी ने वो ये है की पैरा दान की एपिल।छत्तीसगढ़ में मवेशियों की भूख मिटाने के लिए सरकार के साथ किसान भी आगे आए हैं। सरकार ने जहां मवेशियों के लिए डे-केयर सेंटर के तौर पर गौठान बनाए हैं, यहां आने वाले मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराने के लिए किसानों से पैरा दान करने की अपील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की तो किसान अब तक 31 करोड़ से ज्यादा का पैरा दान कर चुके हैं। छत्तीसगढ़ का दानदाता किसान जिसने 31 करोड़ रुपए का चारा कर दिया दान |
गौठानों में पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था हेतु मुख्यमंत्री ने किसानों से की थी अपील
राज्य में राजीव गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों का निर्माण कार्य जारी है
जी हाँ पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था हेतु उन्होंने किसानों से पैरा देने की अपील की थी |
आइये जानते हैं अब तक कितने चरे दान दिए जा चुके हैं |
मुख्यमंत्री श्री @bhupeshbaghel द्वारा गौठानों में पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था हेतु किसानों से पैरा दान की अपील का दिख रहा असर |
अब तक 31.35 करोड़ रुपए की कीमत के 15.67 लाख क्विंटल से अधिक का पैरा दान
बिलासपुर सम्भाग के किसानों द्वारा 6.10 लाख क्विंटल पैरा दान
पैरा दान करने का मकसद पराली को जलाने से रोकना भी है
बीते दिनों प्राप्त अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर संभाग के किसानो द्वारा सर्वाधिक पैरा दान किया गया है. इस अपील से दो अच्छी चीज़ें होंगी.
एक तरफ किसानो के द्वारा दिए गए पैरा दान से गोथानो में पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था, और दसरी तरफ परोली जलाने से होने वाली पर्यावरण प्रदुषण कम होगी।
अनिल अंबानी के बेटे अनमोल अंबानी ने मुंबई में कृशा शाह से की शादी, तस्वीरें ..
कौन हैं अनमोल अंबानी की पत्नी कृशा शाह, बिजनेसमैन अनिल अंबानी और टीना अंबानी के बेटे अनमोल अंबानी ने कृशा शाह से शादी कर ली है। रिपोर्ट के अनुसार, शाह का जन्म और पालन-पोषण मुंबई में हुआ और वह एक सामाजिक कार्यकर्ता और उद्यमी हैं। उन्होंने एक सोशल नेटवर्क कंपनी डिस्को की स्थापना की। वह पहले यूके में एक्सेंचर की कर्मचारी थीं और बाद में एक उद्यमी बनने के लिए भारत लौट आईं।
जीवीके के वाइस चेयरमैन जीवी संजय रेड्डी की पत्नी पिंकी रेड्डी ने इवेंट की तस्वीरें साझा करने के लिए इंस्टाग्राम का सहारा लिया। शादी में अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अभिषेक बच्चन और राकांपा सांसद सुप्रिया सुले समेत कई शख्सियतें शामिल हुईं।
Indian Bollywood music composer and singer Bappi Lahiri poses during the Christmas and New Year’s Bollywood Disco Carnival in Mumbai on December 18, 2015.
बप्पी लाहिरी ने आज अंतिम साँसे ली, एक और सितारे ने दुनिया छोरा
ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया क्या है, एक ऐसी स्थिति जिससे बप्पी लाहिरी पीड़ित थे ? दिवंगत गायक संगीतकार बप्पी लाहिड़ी के डॉक्टर ने कहा कि वह ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) से पीड़ित थे, जो नींद के दौरान ऊपरी वायुमार्ग के बार-बार गिरने के कारण होने वाली नींद से संबंधित श्वास विकार है। ओएसए तब होता है जब गले की मांसपेशियां रुक-रुक कर आराम करती हैं और वायुमार्ग को अवरुद्ध कर देती हैं। ओएसए के कुछ लक्षण और लक्षण दिन के समय अत्यधिक नींद आना, जोर से खर्राटे लेना और अचानक जागना हांफना है।
अब LIC देगा बेटी की शादी के लिए 31 लाख रूपए I जहा एक तरफ महंगाई इतनी बढ़ रगी है, वही पिता को अब बेटी की शादी की चिंता शुरू हो गई है। अब ऐसे में बेटी की शादी धूमधाम से कर तो कैसे ? ये प्रश्न अब मां बाप को सताने लगी है। एक तरफ सभी चीज़ों के दाम बढ़ रहे हैं , दसरी तरफ बेटियों की शादी की जिम्मेदारी पिता की कमर तोड़ के रख दे रही है। ऐसे में एलआईसी सामने आया है पिता की जिम्मेदारी आसान बनाने को।
जी हाँ आपको बता दें , देश की सबसे बड़ी इंश्योरेेंस कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम की कन्यादान पॉलिसी लेकर आई है, जिससे बेटियों की शादी धूमधाम से कर सकते हैं I इस पॉलिसी में आप अपनी बेटी के जन्म के साथ ही शादी के लिए पैसा जोड़ना शुरू कर सकते है और जब बेटी की उम्र शादी योग्य होगी तो आपको मैच्योरिटी में 31 लाख रुपए तक मिल सकते हैं।
आप रोज अगर सिर्फ 151 रुपए भी बचाते हैं तो बेटी की शादी के लिए आपके पास 31 लाख रुपए जमा हो जाएंगे। वहीं इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80सी के तहत आपको टैक्स में छूट भी मिलती है।
एलआईसी कन्यादान पॉलिसी में निवेश करने के लिए आपकी उम्र कम से कम 30 साल होनी चाहिए और बेटी की आयु 1 साल से कम नहीं होनी चाहिए। यह प्लान 25 के लिए मिलेगा, लेकिन प्रीमियम 22 साल ही देना होगा। आपकी और बेटी की अलग-अलग उम्र के हिसाब से भी यह पॉलिसी मिलती है।
कन्यादान पॉलिसी में अगर आप रोजाना सिर्फ 151 रुपए भी बचाते हैं तो महीने में 4530 रुपए का निवेश करना पड़ेगा और 25 साल बाद पॉलिसी मैच्योर होने पर आपको पूरे 31 लाख रुपए मिलेंगे।
जानिये क्या है LIC Kanyadan Policy? 25 साल के लिए पॉलिसी को लिया जा सकता है 22 साल तक प्रीमियम देना होगा बीच में अगर बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है परिवार को कोई प्रीमियम नहीं देना होगा। बेटी को पॉलिसी के बचे साल के दौरान हर साल पैसा मिलेगा यह पॉलिसी कम या ज्यादा प्रीमियम की भी ली जा सकती है कन्यादान पॉलिसी लेने के दौरान आपको आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, बेटी का जन्म प्रमाण पत्र जैसे डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ती है