रेलवे ने लॉन्च किया बेबी बर्थ, ट्रेन में माँ संग सो सकेगा नवजात I मिली जानकारी के अनुसार, नवजात बच्चों के साथ सफर कर रहे यात्रियों के लिए रेलवे ने बेबी बर्थ लॉन्च किया है I
भारतीय रेलवे ने ट्रेन में पेश की ‘बेबी बर्थ’ विशेष व्यवस्था माताओं को अपने बच्चों के साथ आराम से सोने की अनुमति देगी क्योंकि वे ट्रेन से यात्रा करते हैं। मदर्स डे पर, उत्तर रेलवे के लखनऊ डिवीजन ने प्रायोगिक आधार पर कोच नंबर 194129/बी4, बर्थ नंबर 12 और 60 में बेबी बर्थ की शुरुआत की। फिटेड बेबी सीट फोल्डेबल है और स्टॉपर से सुरक्षित है। उसी की तस्वीरें उत्तर रेलवे के सत्यापित ट्विटर अकाउंट पर भी पोस्ट की गईं।
BABY BERTH
पायलट प्रोजेक्ट के तहत लखनऊ मेल में बेबी बर्थ को लोअर बर्थ के साथ जोड़ा गया है I इस्तेमाल न होने पर इसे फोल्ड किया जा सकता है I
रेलवे की तरफ से एक सराहनीय प्रयास किया गया है I पायलेट प्रोजेक्ट के तहत यह प्रयास किया गया है ,उम्मीद है आगे ऐसे और सराहनीय कार्य रेलवे की तरफ से यात्रियों को दी जाएगी I
बिलासपुर का सबसे बड़ा घोटाला रघुराज स्टेडियम , फिजिकल कल्चर सोसायटी में चल रहा है लूट का खुला खेल I सोसायटी के अध्यक्ष हैं सारांश मित्तर I बिलासपुर में खेल को कल्चर के रूप में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 1958 में फिजिकल कल्चर सोसाइटी बनी तब इसके चेयरमैन कलेक्टर बनाए गए। उस समय बिलासपुर कलेक्टर एनएस वर्मा बने। सचिव ए. एल. पांडे प्रिंसिपल एसबीआर कॉलेज थे।
ज्वाइंट सेक्रेट्री के रूप में सीएम ओत्तलवार, तथा जेपी श्रीवास्तव इस कमेटी में बतौर स्थाई मेंबर गणेश राम आनंद मंत्री मध्यप्रदेश शासन, मथुरा प्रसाद दुबे मंत्री मध्य प्रदेश शासन, राजा नरेश चंद्र सिंह मंत्री मध्यप्रदेश शासन थे। साथ ही ज्वाइंट सेक्रेट्री के रूप में नागेश्वर राव का नाम भी था I फिजिकल कल्चर सोसायटी का पंजीयन ग्वालियर में हुआ , क्योंकि उस समय इस विभाग का पंजीयन अधिकारी ग्वालियर में ही बैठता था ।
SARANSH MITTER
1958 से 2022 एक लंबा काल है और 1970 के बाद इस सोसाइटी में भ्रष्टाचार के कीड़े घुस गए।कब कब यहां लोग किसी अवसर या अपने पद के आड़ में ाय और कितना लूटा इसका हिसाब लगाना अब मुश्किल हो गया है I
सोसाइटी के आड़ में अवसरवादी नेता कब-कब घुसे और कैसे घुसे रघुराज स्टेडियम का व्यवसायीकरण निजी लाभ के लिए हुआ I किस तरह अवसरवादियों ने शासन के खजाने को खेलकूद गतिविधियों के नाम पर लूटा । एक ऐसी सोसायटी जिसका चेयरमैन कलेक्टर होता है, कभी उसे साथ रखकर, तो कभी उसके पीठ के पीछे कैसे रघुराज स्टेडियम के चारों ओर बनी दुकानों का मूल आवंटनकर्ताओं ने 50 से ₹60000 प्रति माह किराए पर दिया और अपना खजाना भरा I
यह घोटाला बिलासपुर के एक बड़े घोटाले में शामिल हो चुका है I हम आपको बतायंगे की , कैसे इस लूट में कांग्रेसी, भाजपाई , जनसंघी, वामपंथी साहित्यकार, समाजसेवी, सहकारी नेता एक साथ लूट तंत्र के अगुआ बन गए I अब परत दर परत खुलेंगे सोसाइटी के 550 कागज I
धुप के कारण बढ़ेगा बिमारियों का प्रकोप I अक्सर लोग धूप और गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं। इसके बावजूद जब हम धूप में निकलते हैं तो थोड़ी सी लापरवाही बरतते हैं। इसी तरह जब हम चिलचिलाती धूप से घर लौटते हैं। तो उस समय भी हम कई गलतियां करते हैं। यही गलतियां बन जाती हैं बीमार होने की वजह।
गर्मियों का संबंध तेज धूप, उमस, धूल भरी हवा और संक्रमण से है। इस मौसम में शरीर में पानी की कमी होने से टाइफाइड, फूड प्वाइजनिंग जैसे रोग हो जाते हैं। इसके साथ ही चुभने वाली गर्मी, फंगल इंफेक्शन जैसे त्वचा संबंधी रोगों की भी समस्या होती है।
इन सब से बचने के लिए खाते-पीते समय कई सावधानियां बरतनी चाहिए। उदाहरण के लिए इस मौसम में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए अधिक से अधिक तरल और ठंडे स्वाद वाले आहार लेने चाहिए। इस मौसम में गन्ने का रस बर्फ के साथ पीना खतरनाक हो सकता है। स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए।
चेहरा भी न धोएं : अगर आप धूप से घर लौटते हैं तो आने के तुरंत बाद चेहरा न धोएं। इससे चेहरे की रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं, उन्हें सामान्य तापमान के साथ तालमेल बिठाने का समय नहीं मिल पाता है। बाहर से आने के बाद त्वचा को कुछ देर के लिए कमरे के सामान्य तापमान पर आने दें। उसके बाद चेहरा धोने के बाद टोनर लगाना न भूलें।
धूपसे आने के तुरंत बाद एसी या कूलर में न बैठें: कई लोग धूप से घर आते ही कूलर और एसी चालू कर देते हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। याद रखें कि हमारे शरीर को अलग-अलग तापमानों के साथ तालमेल बिठाने में समय लगता है। अगर आप एसी या कूलर चालू करते हैं तो उसका तापमान कम रखें। वहीं कूलर और एसी को छोड़कर धूप में बाहर न निकलें।
एलन मस्क अपने बयान को लेकर एकबार फिर चर्चा मे , आपको बता दें की टेस्ला के मालिक एलन मस्क आए दिन अपने बयानों को लेकर चर्चा में बने रहते हैं। इस बार उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को लेकर ट्वीट किया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति पर तंज कसते हुए कहा कि बिडेन को राष्ट्रपति इसलिए चुना गया क्योंकि लोग कम ड्रामा चाहते थे।
मस्क ने कहा- बाइडेन का यह सोचना गलत है कि उन्हें अमेरिका की जगह लेने के लिए चुना गया था। उन्होंने ट्रंप से राष्ट्रपति चुनाव सिर्फ इसलिए जीता क्योंकि लोग कम ड्रामा चाहते थे।
इससे पहले मस्क ने साल 2024 में अमेरिका में होने वाले चुनाव के बारे में भी ट्वीट किया था। उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव में एक कम विभाजनकारी उम्मीदवार बेहतर होगा।
हसदेव अरण्य में माइनिंग के लिए पेड़ काटे जाने पर विवाद बढ़ा
हसदेव अरण्य में माइनिंग के लिए पेड़ काटे जाने पर विवाद बढ़ा I छत्तीसगढ़ के लोग अब खुलकर हसदेव के सपोर्ट में आगे आ रहे हैं I लोगो का कहना है कि कोयला खनन के लिए और भी जगह हैं, वहा ये काम हो सकता है। बस बसाया लोगों का जानजीवन छिन कर क्या ही मिल जाएगा सरकार को। वाहन के लोगो का दर्द दिखता है जो लोग इस डर के साये में जी रहे हैं, के कब उनके घर उनके देव स्थलों को उजाड़ दिया जाए। लेकिन एक अकेला क्या ही कर सकता है I अब धीरे धीरे लोग एक जुट होकर हसदेव को बचाने के लिए अपनी आवाज़ उठा रहे हैं I एक जुट होकर इस मुहीम में जुट गए हैं I आपको बता दें माइनिंग के लिए दो लाख से ज्यादा पेड़ काटे जाने हैं I
CHIPKO ANDOLAN 2022
हसदेव अरण्य में माइनिंग के लिए पेड़ काटे जाने पर विवाद बढ़ा, टीएस सिंह देव बोले- ‘जो गांव वाले चाहेंगे मैं उसी के साथ हूं’ I देश के सबसे घने जंगलो में से एक छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य में माइनिंग के लिए पेड़ काटे जाने पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. इस मामले को लेकर लगातार प्रभावित ग्रामीणों के साथ-साथ पर्यावरण प्रेमी भी सड़क पर उतर कर आंदोलन कर रहे हैं, और माइनिंग के लिए काटे जा रहे पेड़ों का विरोध कर रहे हैं I वहीं इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस सिंह देव ने भी बस्तर दौरे के दौरान इस पर बयान जारी किया है.
जहा टीएस बाबा ने भी अपनी बात रखी है और कहा है की गाँव वाले जो चाहेंगे मैं उन्हीं का साथ दूंगाI
इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस सिंह देव ने कहा कि मेरी शुरू से एक ही राय है, जो गांव वाले चाहेंगे मैं उसी के साथ हूं I लेकिन अगर इस मामले को लेकर आधा-आधा गांव बंट गया है तो मैं ऐसी जगह नहीं जाता, एक राय में जो गांव रहते हैं वहां मैं रहता हूं I मंत्री ने आगे कहा कि उनके विधानसभा के भी 2 गांव अरण्य क्षेत्र में आते हैं और उन दोनों गांव के ग्रामीणों की एक ही राय है कि वहां कोल माइनिंग ना हो I
उन्होंने आगे कहा, इसके अलावा एक और तीसरे गांव के सालही पारा के लोगों ने भी मुआवजा लेने से साफ इंकार कर दिया है I टी.एस देव ने कहा कि यह लोग नहीं चाहते हैं कि यहां पर माइनिंग हो ऐसे में मंत्री ने भी कहा कि वे भी उन ग्रामीणों के ही साथ हैं I गौरतलब है कि आदिवासियों के प्रतिरोध और धरने के कारण पिछले हफ्ते यहां पेड़ काटने का काम रोक दिया गया I
लेकिन ग्रामीणों को डर है कि यह कभी भी दोबारा शुरू हो सकता है I सरकारी आंकड़ों के मुताबिक हसदेव अरण्य के परसाकोल ब्लॉक में 95 हजार पेड़ कटेंगे I हालांकि सामाजिक कार्यकर्ताओं का अनुमान है कि कटने वाले पेड़ों की असल संख्या दो लाख से ज्यादा होगी. वहीं अब इस मामले में राजनीति भी शुरू हो गई है I
विधानसभा चुनाव से पहले छत्तीसगढ़ में पार्टी को मजबूत करने की कार्ययोजना पर अमल करेगी भाजपा
विधानसभा चुनाव से पहले छत्तीसगढ़ में पार्टी को मजबूत करने की कार्ययोजना पर अमल करेगी भाजपा I सूत्रों के हवाले से एएनआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बीजेपी 2023 में होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी को मजबूत करने के लिए राज्य में 5 मई से 20 मई तक एक विस्तृत कार्य योजना पर अमल करेगी।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के चार राज्यों में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में जीत के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अगले साल होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के लिए एक विस्तृत कार्य योजना पर अमल करने का फैसला किया है।
पार्टी सूत्रों के हवाले से एएनआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बीजेपी 2023 में होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी को मजबूत करने के लिए राज्य में 5 मई से 20 मई तक एक विस्तृत कार्य योजना पर अमल करेगी। छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रमुख नेताओं ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त सहित अन्य नेता शामिल हुए।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि पांच मई से 20 मई तक विस्तृत कार्ययोजना पर अमल को लेकर चर्चा हुई.
जानिए कोरोना के नए लक्षण: मरीजों में उल्टी-दस्त, डायरिया, के लक्षण ही कोरोना है,या फूड पॉइजनिंग ? कोरोना वायरस एक बार फिर अपने पैर पसार रहा है। दिल्ली, मिजोरम, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और केरल के बाद राजस्थान में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। इस बार मरीजों में उल्टी-दस्त यानी डायरिया की समस्या भी देखी जा रही है। माना जा रहा है कि उल्टी-दस्त कोरोना के नए लक्षण हैं।
राजस्थान के कोविड हॉस्पिटल RUHS के पीडियाट्रिक डॉ. आलोक गोयल के अनुसार- कुछ दिनों से OPD में बड़ी संख्या में बच्चे आ रहे हैं। इन बच्चों में उल्टी-दस्त और तेज बुखार की समस्या देखी जा रही है। कुछ बच्चों में तेज पेट दर्द के भी लक्षण मिले हैं। जब इनका कोरोना टेस्ट कराया गया, तो लगभग 5 प्रतिशत बच्चे पॉजिटिव पाए गए।
क्या वाकई उल्टी-दस्त और पेट दर्द कोरोना के लक्षण हैं या फिर गर्मी के मौसम में ऐसा होना आम बात है? इसका जवाब जानने के लिए हमने बात की रांची AIIMS के डॉक्टर प्रदीप भट्टाचार्य और मेडिसिन HOD डॉक्टर वीपी पांडेय, MGM MC, इंदौर से।
कुछ सवालों के जवाब –
फूड पॉइजनिंग के लक्षण क्या-क्या हैं?
जी मिचलाना पेट में ऐंठन उल्टी दस्त बुखार कमजोरी सिरदर्द भूख में कमी
फूड पॉइजनिंग से क्या परेशानी हो सकती है? जवाब : फूड पॉइजनिंग से पेट खराब, उल्टी और दस्त हो सकते हैं। यह समस्या बच्चों में ज्यादा होती है। अलग-अलग तरह के नुकसान पहुंचाने वाली कई सूक्ष्मजीव होते हैं, जो शरीर में समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इनमें बैक्टीरिया, वायरस, और फंगस शामिल हैं। खाना जब खराब होता है तो ये कीटाणु इसमें पनपने लगते हैं। जब आप ऐसे खराब खाने को खाते हैं तो ये आपके शरीर में जाते हैं और घंटों बाद आपको उल्टी, दस्त और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
क्या यह चिंता की बात है? हां, उल्टी-दस्त को हल्के में लेना ठीक नहीं है। इससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत ज्यादा खराब हो रही है। कई बार इसकी वजह से मरीजों को हॉस्पिटल में भी एडमिट करना पड़ता है। चूंकि, इन दिनों कोरोना के एक लक्षण में उल्टी-दस्त भी शामिल है, ऐसे में लापरवाही महंगी पर सकती है।
नगर विधायक शैलेष पांडेय ने रेलवे महाप्रबंधक आलोक कुमार से की मुलाक़ात..
नगर विधायक शैलेष पांडेय ने रेलवे महाप्रबंधक आलोक कुमार से की मुलाक़ात, दी चेतावनी, कहा- ट्रेनों का परिचालन जल्द शुरू करें नहीं तो किया जाएगा जनता के साथ उग्र आंदोलन I
एसईसीआर ने अचानक 22 ट्रेनों को रद्द कर दिया। रेलवे के फैसले से आम लोगों पर मुश्किलों का पहाड़ टूट पड़ा है। लोगों को शादी, तीर्थ यात्रा, परीक्षा एवं अन्य जरूरी कार्यों को रेलवे के इस निर्णय के कारण रद्द करना पड़ रहा है।
आम जनता की परेशानियों को लेकर नगर विधायक एवं जेड.आर.यू.सी.सी मेंबर शैलेष पांडेय ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महाप्रबंधक आलोक कुमार से भेंट की एवं उनके समक्ष आम जनता को ट्रेनें रद्द होने के कारण आ रही परेशानियों को समक्ष रखा।
नगर विधायक एवं जेड.आर.यू.सी.सी सदस्य शैलेष पांडेय ने कहा कि पैसेंजर ट्रेन का परिचालन रद्द होने से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को शादी, तीर्थ यात्रा, परीक्षा एवं अन्य आवश्यक कार्यों से वंचित होना पड रहा है। केंद्र की मोदी सरकार ने डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस के साथ-साथ आम लोगों की रेलवे सुविधा छीनने का भी प्रयास कर रही है।
नगर विधायक शैलेष पांडेय ने कहा कि रद्द किए गए ट्रेनों का परिचालन जल्द से जल्द शुरू किया जाए अन्यथा जनता के साथ उग्र आंदोलन किया जाएगा। ट्रेने रद्द होने से बिलासपुर जोन के यात्री परेशान है। हजारों यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं।
देश में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले जोन एसईसीआर करोड़ों रुपए की कमाई करता है। यह एक कमाऊ जोन है जो रेलवे को सर्वाधिक आय पहुंचाता है। लेकिन रेलवे प्रशासन द्वारा 22 यात्री ट्रेनों को रद्द करना जनता के अहित में निर्णय है।
24 अप्रैल से 26 मई तक यात्री ट्रेनों का परिचालन रेलवे ने बाधित रखा है। इसके अलावा नगर विधायक ने रेलवे महाप्रबंधक को रेलवे हेल्प डेस्क स्थापित करने की मांग रखी है ताकि रद्द किए गए ट्रेनों की जानकारी आम जनता तक पहुंचे ताकि उनका समय व्यर्थ ना हो।
रेलवे महाप्रबंधक आलोक कुमार ने ट्रेनों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि कुल 343 ट्रेनों का परिचालन किया जाता था। परंतु रेलवे बोर्ड के आदेशानुसार यात्री ट्रेनों को बंद रखा गया है। इसमें से 20 ट्रेनें पहले से ही बंद है एवं वर्तमान में 22 ट्रेनों को बंद रखा गया है। इसमें से 4 सप्ताहिक ट्रेन भी शामिल है।
रेलवे प्रशासन प्रयासरत है की ट्रेनों का परिचालन जल्द सुलभ कर दिया जाए। इस दौरान पार्षद रामा बघेल, एल्डरमैन शैलेंद्र जयसवाल, अखिलेश गुप्ता बंटी उपस्थित थे।
रेलवे बोर्ड ने इन 22 ट्रेनों के परिचालन को किया है बंद
छत्तीसगढ़ की 22 ट्रेनें रद, फैसला गलत केन्द्र करें पुनर्विचार
छत्तीसगढ़ की 22 ट्रेनें रदः सीएम बघेल बोले- शादी के सीजन में रेलवे का फैसला गलत, केन्द्र करें पुनर्विचार I रेलवे ने छत्तीसगढ़ की 22 ट्रेनों के रद करने के फैसले पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर से कड़ी आपत्ति जताई है।
रेलवे ने छत्तीसगढ़ की 22 ट्रेनों के रद करने के फैसले पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर से कड़ी आपत्ति जताई है। सीएम बघेल ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा, रेलवे का छत्तीसगढ़ की 22 ट्रेनों को रद करने का फैसला गलत है। शादी के सीजन में रेलवे ने छत्तीसगढ़ की ट्रेनों को रद करने का गलत फैसला लिया है। ऐसे में लोगों को काफी दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है। केन्द्र सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करें।
इससे एक दिन पहले भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेलवे के इस फैसले पर कड़ी आपत्ति की है। उनके निर्देश पर उनके अपर मुख्य सचिव (एसीएस) सुब्रत साहू ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष व बिलासपुर जोन के अफसरों को पत्र लिखा है।
साहू ने यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों का परिचालन यथावत रखने का आग्रह किया है। बतादें कि रेलवे ने छत्तीसगढ़ की 22 ट्रेनों का परिचालन एक माह के लिए रद कर दिया है। इनमें लंबी दूरी के साथ ही लोकल और पैसेंजर ट्रेनें भी शामिल हैं।
CM BHUPESH BAGHEL
रेलवे ने यह फैसला बिलासपुर रेलवे जोन के विभिन्न् हिस्सों में बनकर तैयार चौथी रेललाइन को जोड़ने के लिए लिया है। लेकिन इसकी वजह से प्रदेश के रेलयात्रियों को दिक्कत होगी। बता दें कि इससे पहले मार्च में भी रेलवे ने यहां की आठ लोकल और पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन अचानक बंद कर दिया था।
एसीएस साहू ने पत्र में लिखा है कि प्रदेश में मध्यम व निम्न वर्ग के बहुत से यात्री हैं, जो प्रतिदिन रेलों से यात्रा करते हुए अपने गंतव्य स्थल तक पहुंचते हैं। ट्रेनों के बंद होने से प्रतिदिन यात्रा करने वाले छोटे-छोटे व्यवसायियों, रोजगार, शासकीय और अर्द्धशासकीय सेवाओं से जुड़े व्यक्तियों, स्कूली व महाविद्यालयीन छात्रों आदि के जाने-आने में असुविधा होगी।
ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिए जाने से निश्चित रूप से गर्मी की छुट्टी में की जाने वाली यात्राओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। एसीएस ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और बिलासपुर जोन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से समग्र स्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए रद की गईं ट्रेनों का परिसंचालन तत्काल बहाल करने का आग्रह किया है।
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग को मिला CSIC-SIG का ई-गवर्नेस अवार्ड
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग कां CSIC-SIG (कम्प्यूटर सोसायटी ऑफ इंडिया स्पेशल इंट्रेस्ट ग्रुप) के ई-गवर्नेस अवार्ड 2021 से सम्मानित किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य को यह अवार्ड स्कूली बच्चों के आंकलन एवं अभ्यास कार्य को आसान बनाने के लिए लागू टेली-प्रेक्टीज के लिए रिकग्निशन केटेगरी में प्रदाय किया गया है।
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग कां सीएसआई-एसआईजी (कम्प्यूटर सोसायटी ऑफ इंडिया स्पेशल इंट्रेस्ट ग्रुप) के ई-गवर्नेस अवार्ड 2021 से सम्मानित किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य को यह अवार्ड स्कूली बच्चों के आंकलन एवं अभ्यास कार्य को आसान बनाने के लिए लागू टेली-प्रेक्टीज के लिए रिकग्निशन केटेगरी में प्रदाय किया गया है।
प्रयागराज स्थित मोती लाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में कल आयोजित 19वां सीएसआई-एसआईजी ई-गवर्नेस अवार्ड को छत्तीसगढ़ की ओर से शिक्षा विभाग के डॉ. एम. सुधीश एवं एनआईसी की ओर से वरिष्ठ तकनीकी संचालक श्री सोम शेखर एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक श्रीमती ललिता वर्मा ने प्राप्त किया।
गौरतलब है कि शिक्षा विभाग में आंकलन एवं अभ्यास को आसान बनाने के लिए टेली-प्रेक्टीज कार्यक्रम प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला एवं सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों के आकलन एवं अभ्यास कार्य को आसान बनाने एवं आकलन की प्रक्रियाओं में आमतौर पर होने वाली विसंगतियों को दूर करने राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) के सहयोग से टेली-प्रेक्टीज नामक कार्यक्रम लागू किया जा रहा है। इसमें शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को टेलीग्राम में एक समूह बनाकर कार्य करना होता है।
बच्चों के समक्ष प्रश्न आते-जाते हैं जिनका बिना समय गंवाए बच्चों को जवाब देना होता है। प्रत्येक बच्चे ई-जवाब का अपने आप अलग-अलग वीडियो बन जाता है। इन वीडियो को बाद में शिक्षक देखकर बच्चों का आकलन कर सकते हैं। इसी प्रकार बच्चे अपने उत्तर वाले वीडियो देखकर अगली बार अपनी त्रुटियों को सुधार कर सही उत्तर चुनकर अपने प्रदर्शन में सुधार कर सकते हैं।
टेली-प्रेक्टीज कार्यक्रम पूर्णतः छत्तीसगढ़ में एनआईसी छत्तीसगढ़ के सहयोग से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा उपयोग में लाया जा रहा है। इसमें उपयोग में लाए जाने वाले प्रश्न भी यहाँ के शिक्षक ही तैयार करते हैं। विभिन्न संस्थाओं ने राज्य में प्रचलित टेली-प्रेक्टीज को देखा है और उन्हें बच्चों के अभ्यास एवं शिक्षकों के आंकलन संबंधी कार्यों को आसान करने हेतु उपयोगी पाया है। इसे एनआईसी से उनके वरिष्ट तकनीकी संचालन श्री सोम शेखर के नेतृत्व में तैयार किया गया है। राज्य में इसकी पायलटिंग समग्र शिक्षा से डॉ. एम. सुधीश के निर्देशन में की गयी है।