ITI में प्रशिक्षण अधिकारियों के 400 पदों पर होगी सीधी भर्ती, जल्द जारी होगा विज्ञापन
ITI में प्रशिक्षण अधिकारियों के 400 पदों पर होगी सीधी भर्ती, जल्द जारी होगा विज्ञापन I शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आइटीआइ) में प्रशिक्षण अधिकारियों के रिक्त 400 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती होगी।
राज्य सरकार द्वारा युवाओं के हित में बड़ा निर्णय लिया है। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आइटीआइ) में प्रशिक्षण अधिकारियों के रिक्त 400 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती होगी। इसके लिए राज्य सरकार ने अनुमति दे दी है। मिली जानकारी के अनुसार अनुसार कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा मंगलवार को संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण को इन पदों पर सीधी भर्ती की सहमति दी गई। इसके साथ ही जल्द ही भर्ती प्रक्रिया भी शुरू होगी। इसके लिए सभी आइटीआइ संस्थानों से जानकारी भी मांगी गई है। बता दें आइटीआइ में प्रशिक्षण अधिकारियों के एक साथ 400 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पहली बार होगी। इससे बेरोजगार युवाओं को अवसर मिलेगा। इधर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा 210 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
210 पदों के लिए 1.82 लाख आवेदन
इसके लिए प्रदेशभर से 1.82 लाख आवेदन आए हैं। सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा 12 फरवरी को आयोजित होगी। 210 पदों के लिए 3150 उम्मीदवार चुने जाएंगे। जो मुख्य परीक्षा में भाग लेंगे। इसके आधार पर चयन होगा। इधर सीजीपीएससी द्वारा सिविल जज के 48 पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। अभी आवेदन मंगाए गए हैं। 26 फरवरी को परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा तीन चरणों में होगी। चयनित उम्मीदवारों के साक्षात्कार होंगे। इसके आधार पर मुख्य चयन सूची जारी की जाएगी।
आरक्षण विवाद से रूका पदों का रोस्टर
इधर आरक्षण विवाद के चलते राज्य में भर्ती होने वाले पदों का आरक्षण रोस्टर अभी तय नहीं हुआ है। इसके चलते कई विभाग अपने भर्ती की प्रक्रिया नहीं कर पा रहे हैं। व्यापमं के पास भी 20 से अधिक विभागों ने भर्ती के लिए प्रस्ताव भेजा है। ताकि परीक्षा कराकर चयन किया जा सके। लेकिन आरक्षण विवाद के चलते मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुई है। छात्रों को भी भर्ती प्रक्रिया का इंतजार है।
रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में स्टूडेंट से गंदी हरकत, बोला- किसी से बताया तो करियर बर्बाद कर दूंगा
रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में एक एसोसिएट प्रोफेसर ने छात्रा के साथ अश्लील हरकत की। इसकी शिकायत किए करीब 15 दिनों का समय बीत चुका है। मगर आरोपी प्रोफेसर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। दूसरी तरफ अपने साथ हुई घिनौनी हरकत से परेशान स्टूडेंट ने अब कॉलेज जाना बंद कर दिया है।
आमतौर पर महिला संबंधी अपराधों में फौरन कार्रवाई करने के निर्देश होते हैं। अब तक क्यों आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई ये पूछे जाने पर महिला थाने की ओर से कहा गया कि लड़की और इसके साथियों का बयान ले लिया गया है। आरोपी को नोटिस भेजा गया था। मगर उसकी तरफ से अब तक कोई जवाब नहीं आया है। क्यों आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया ये पूछे जाने पर पुलिस पे जवाब दिया है कि जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी होगी।
पुलिस गई तो कॉलेज से गायब हुए प्रोफेसर खबर है कि छात्रा कि शिकायत के बाद जब प्रोफेसर से पूछताछ करने पुलिस युनिवर्सिटी कैम्पस में पहुंची तो एसोसिएट प्रोफेसर शैलेंद्र खंडेलवाल गायब हो गए थे। अब हर रोज पूरी शान से कॉले आते हैं। न इन पर किसी तरह की कार्रवाई युनिवर्सिटी प्रबंधन ने की है न ही पुलिस ने। दो दिन पहले भी प्रोफेसर को कॉलेज में ही देखा गया है।
ये है लड़की की शिकायत में छात्रा के साथ अश्लील कांड का आरोप युनिवर्सिटी के एपीआर डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर शैलेंद्र खंडेलवाल पर है। लड़की ने पुलिस से अपनी शिकायत में कहा है कि मामला नवंबर महीने का है। यूनिवर्सिटी कैम्पस में ही अपने कमरे में जबरन लड़की को एसोसिएट प्रोफेसर खंडेलवाल ने बुलया।
इसके बाद खंडेलवाल ने छात्रा पर झपटा, उसके साथ गंदी हरकतें की। छात्रा का कहना है कि वो इन सब बातों से काफी डर गई थी। कुछ दिनों तक किसी से कुछ नहीं कहा, इसके बाद उसने शिकायत करने की सोची। खंडेलवाल ने छात्रा को धमकाते हुए कहा कि अगर किसी से कुछ कहा तो करियर बर्बाद कर देगा, पढ़ाई बंद करवा देगा। सहमकर तब लड़की किसी से कुछ नहीं बोली, मगर अब उसने ये बातें घर वालों को बताई और पुलिस से जाकर शिकायत की है।
बैमा नगोई में 17वीं शताब्दी के आदिशक्ति महामाया धाम में लगता है भक्तों का तांता
बिलासपुर बैमा नगोई में 17वीं शताब्दी के आदिशक्ति महामाया धाम में लगता है भक्तों का तांता I प्राचीन आदिशक्ति महामाया धाम अंचलवासियों के लिए सालों से आस्था का केंद्र बना हुआ है।
बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। बिलासपुर नगर से लगा ऐतिहासिक ग्राम नगोई अपने गर्भ में अध्यात्म और इतिहास के रहस्यों को समेटे है। मंदिरों, तालाबों और प्राचीन अवशेषों को लेकर अनेक किंवदंतियां बुजुर्गों से सुनने को मिलती है। यहां आदिशक्ति महामाया धाम में मां महामाया विराजित हैं। 17वीं शताब्दी में निर्मित इस भव्य मंदिर की खास बात यह है कि यहां जो भी भक्त पहुंचता है, उन्हें अध्यात्मिक शांति व सुकून का अहसास होता है। मां के सानिध्य में हरे-भरे परिसर में लोग मां की भक्ति में डूब जाते हैं।
इसी वजह से यह प्राचीन आदिशक्ति महामाया धाम अंचलवासियों के लिए सालों से आस्था का केंद्र बना हुआ है।
आदिशक्ति महामाया धाम मंदिर परिसर विशाल वृक्षों से घिरा हुआ है। जहां शिव लिंग के साथ अन्य देवी देवताओं की प्रतिमा है। इस मंदिर के लिए मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई कामना को मां पूरा करती है। लोगों का यह विश्वास खरा भी उतरता है। इसी वजह से जो भी एक बार इस मंदिर में आता है, वह यहां दोबारा आने की चाह रखता है। ऐसे में जिले के लोग तो अक्सर मां के दर्शन के लिए आते हैं और पूरे जीवन मां की भक्ति में डूबे रहते हैं। इसी वजह से यह मंदिर जिले के लोगों के दिल में खास स्थान रहता है।
नवरात्र में लगता है मेला
मां महामाया देवी पर अंचलवासियों की अपार आस्था है। इसी वजह से हर साल चैत्र व शारदीय नवरात्र के नौ दिन यहां भक्तों को तांता लगा रहता है। ऐसे में नौ दिनों तक मेले का माहौल रहता है। इस दौरान गांवों के साथ दूसरे शहर के श्रद्धालु हजारों की संख्या में आकर मां के दर्शन करते हैं।
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय 10 रुपये में खिलाएगा स्वाभिमान थाली
योजना के सफल होने पर समाज के सभी लोगों को इसका लाभ देने विश्वविद्यालय के बाहर भी संचालित किया जाएगा।
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय नए साल में विद्यार्थियों के लिए खास योजना लेकर आया है। इसका लाभ प्रथम चरण में आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को मिलेगा। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सहयोग से जीजीवी स्वाभिमान थाली परोसने जा रहा है। विद्यार्थियों को मात्र 10 रुपये खर्च कर पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन मिलेगा। स्वच्छ भारत-स्वस्थ्य भारत की दिशा में यह कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई को इसकी जिम्मेदारी मिली है। योजना के अंतर्गत जीजीवी स्वाभिमान थाली(जीएसटी) परोसी जाएगी। इसकी तैयारी हो चुकी है। प्रथम चरण में विश्वविद्यालय में अध्ययनरत आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरमंद छात्र-छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा। 200 थाली तैयार करने की योजना है। धीरे-धीरे इसकी संख्या बढ़ेगी। योजना के सफल होने पर समाज के सभी लोगों को इसका लाभ देने विश्वविद्यालय के बाहर भी संचालित किया जाएगा। ताकि गरीबों को इसका फायदा मिल सके। थाली में चावल, दाल, सब्जी, पापड़, अचार और सलाद दिया जाएगा।
दानदाताओं से चलेगी योजना
स्वाभिमान थाली शुस्र्आत में विश्वविद्यालय परिसर के भीतर मिलेगी। प्रति थाली 35 से 40 रुपये खर्च आ रहा है। किंतु छात्रों से सिर्फ 10 रुपये शुल्क लिया जाएगा। व्यवस्था व प्रारंभिक खर्च विश्वविद्यालय की ओर से किया जाएगा। जैसे-जैसे दानदाता बढ़ेंगे। थाली की संख्या बढ़ाई जाएगी। योजना शुरू होने से पहले दान आना शुरू हो चुका है। शुक्रवार को एक दानदाता ने 20 हजार रुपये दान कर प्रोत्साहित किया। एक रुपये भी दान में लिया जाएगा। इसके लिए अलग से काउंटर बनेगा।
विश्वविद्यालय का क्या है कहना
गरीब, निर्धन और जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए सेवा शुरू की जा रही है। स्वाभिमान थाली योजना का मूल उदेश्य युवाओं को स्वच्छ और पौष्टिक आहार परोसने के साथ समाज सेवा, मानवता और सेवा भाव जगाना है। राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक दिलीप झा की निगरानी में स्वयंसेवक इसका जिम्मा संभालेंगे। स्वस्थ्य समाज के लिए यह कदम उठाया है।
छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में शीत दिवस के हालात सामान्य से 12 डिग्री तक लुढ़का पारा, कई जिलों के स्कूलों में छुट्टी की घोषणा
छत्तीसगढ़ में अचानक हुई बरसात से अधिकांश जिलों में शीतलहर के हालात बन गए हैं। प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन का तापमान सामान्य से 12 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिरा है। वहीं कई जिलों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान के बीच केवल एक डिग्री सेल्सियस का अंतर बच गया है।
छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी युक्त भारी हवा और उत्तर से आ रही ठंडी और सूखी हवाओं की वजह से मौसम बदला है। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग में कई जिलों में हल्की बरसात दर्ज हुई है। बुधवार भोर से बूंदाबादी शुरू हुई, जिसका सिलसिला रात तक जारी रहा। मौसम विभाग के मुताबिक शाम 5 बजे तक रायपुर में 2.9 मिलीमीटर तक पानी बरस चुका था। माना में 1.2 और राजनांदगांव में 2 मिलीमीटर बरसात रिकॉर्ड हुआ है। भारी नमी और नीचे छाये हल्के बादलों की वजह से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा। इसकी वजह से हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। खराब दृश्यता की वजह से कई उड़ानों को टाल दिया गया।
मौसम विभाग ने बताया, बुधवार दिन का सबसे कम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहा। यह पेण्ड्रा रोड में दर्ज हुआ। यह सामान्य दिनों के तापमान से 9 डिग्री तक कम है। राजनांदगांव में दिन का अधिकतम तापमान 17.8 डिग्री रहा जो सामान्य से 12 डिग्री कम है। अंबिकापुर का अधिकतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो सामान्य तापमान 6 डिग्री तक कम रहा। वहीं राजधानी रायपुर का अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 8 डिग्री सेल्सियस कम था। बुधवार को रायपुर का न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। यानी रायपुर के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक डिग्री तक का ही अंतर रहा है।
बिलासपुर में नर्सरी से आठवीं कक्षा तक चार दिन की छुट्टी
बिलासपुर जिले में बढ़ते हुए ठंड एवं शीतलहर के कारण छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर सौरभ कुमार ने सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी, प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में नर्सरी से आठवीं तक गुरुवार से सात जनवरी तक अवकाश घोषित किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्कूलों में छुट्टी सिर्फ स्टूडेंट्स के लिए है। जबकि, टीचर और बाकी के स्टाफ को तय समय पर स्कूल जाना होगा। हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी की कक्षाएं पूर्ववत संचालित रहेगी। जिला शिक्षा अधिकारी डीके कौशिक ने बताया कि आठ जनवरी को रविवार अवकाश होने के कारण अब नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक स्टूडेंट्स 9 जनवरी को स्कूल जाएंगे।
यह शीत दिवस कब होता है
सामान्य तौर पर न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस होने अथवा सामान्य से 6.5 डिग्री कम होने पर मौसम विभाग शीतलहर की घोषणा करता है। लेकिन जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस से कम या उसके बराबर होता है और अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियस कम होता है तो उसे शीत दिवस कहा जाता है। एक गंभीर शीत दिवस तब होता है जब अधिकतम तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री सेल्सियस या उससे कम होता है।
आज भी बरसात की संभावना, कोहरे की चेतावनी
मौसम विभाग का कहना है, प्रदेश में दक्षिण-पूर्व से पर्याप्त मात्रा में निम्न स्तर पर नमी आ रही है। इसकी वजह से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में विरल से मध्यम घना कोहरा छाया हुआ है। साथ ही निम्न स्तर के बादल छाए हुए हैं। 5 जनवरी के दोपहर तक सुधार के साथ स्थिति ऐसे ही बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने सुबह प्रदेश के कुछ पॉकेट्स में हल्के से मध्यम स्तर का घना कोहरा छाने की चेतावनी जारी की है।
कल से न्यूनतम तापमान में गिरावट शुरू होगी
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक गुरुवार रात से न्यूनतम तापमान में गिरावट शुरू होगी। 7 और 8 जनवरी को न्यूनतम तापमान में बड़ी गिरावट हो सकती है। संभावना है कि उन दो-तीन दिनों में इस सीजन की सबसे अधिक ठंड पड़े। मौसम साफ होने के बाद दिन का तापमान बढ़ेगा।
जनवरी में शून्य तक जाता है पारा
छत्तीसगढ़ के सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कुछ जिलों में जनवरी महीना सबसे ठंडा होता है। यहां न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। इसकी वजह से बाहर रखा पानी जम जाता है। फसलों और पेड़-पौधों, घर की छताें-वाहनों पर ओस की बूंदे जम जाती हैं। अंबिकापुर, कोरिया, बलरामपुर, जशपुर, पेण्ड्रा रोड, कवर्धा की चिल्फी घाटी जैसे इलाकों में बर्फबारी सा एहसास होता है।
रायपुर में पांच डिग्री तापमान का रिकॉर्ड
मौसम विभाग के पास मौजूद रिकॉर्ड के मुताबिक रायपुर में जनवरी का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस है। इसे 18 जनवरी 1908 को रिकॉर्ड किया गया था। उसके पहले या उसके बाद कभी इतनी ठंड रिकॉर्ड नहीं हुई है। जनवरी महीने में रायपुर का सामान्य न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस रहा है। पिछले 10 सालों में 2019 की जनवरी सबसे ठंडी रही है। उस बार एक जनवरी को न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री दर्ज हुआ था। 2022 में जनवरी का सबसे कम तापमान 14.7 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं 2021 में इसे 16.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।
छत्तीसगढ़ बिलासपुर में चल रही शूटिंग संघर्ष एक जंग की
छत्तीसगढ़ में अब फिल्मोद्योग धीरे से प्रगति पर है। छत्तीसगढ़ फिल्म इंडस्ट्री की बात करें तो अब यहां अच्छे काम अच्छे प्रोडक्शन हाउस के बढ़ते विकास को देखकर अच्छा लगने लगा है। अब यहां आए दिन अच्छे प्रोजेक्ट देखने को मिलते हैं। छत्तीसगढ़ में अब अन्य राज्यों से टीम आकर शूट करती है। यहां के कलाकारों को अब नाम और पहचान मिलने लगी है। आप नए कलाकारों की प्रतिभा देखकर अभिभूत हो जाएंगे। राज्य सरकार को अब कलाकारों के हित के लिए योजना बनाने की आवश्यकता है। जो आनेवाले समय में होगा भी। हाल ही में बिलासपुर जिले में एक फिल्म की शूटिंग हो रही है। फिल्म का नाम “संघर्ष एक जंग” है। इस फिल्म के निर्देशक रतन कुमार जी हैं, जो कि उड़िया इंडस्ट्री में अपने काम को लेकर जाने जाते हैं। जो अब छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्देश कर रहे हैं। फिल्म के निर्माता बाबा देवांगन जी हैं। मुख्य भूमिका में हर्ष चंद्रा और नेहा पाणिग्रही हैं।
इनके अलावा छत्तीसगढ़ फिल्म इंडस्ट्री के जाने माने अभिनेता अजय पटेल जो बहुत फेमस विलेन के रूप में जाने हैं , वे खलनायक की भूमिका में नज़र आएंगे । फिल्म में बहुत से पात्र चरित्र है, जिन्हें आप फिल्म रिलीज होने के बाद देख पाएंगे। आपको बता दें इस फिल्म में हीना कौशिक ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हीना ने अपने फिल्म में किरदार को लेकर ज्यादा कुछ अभी नहीं बोला है। लेकिन उन्होने ये जरूर बोला कि रतन जी के डायरेक्शन में काम करके उन्हें बहुत अच्छा लगा।
वही इकबाल खान भी फिल्म में नज़र आएंगे। जिन्की एक फिल्म पहले ही MX PLAYER में आ चुकी है। SKD एकेडमी में एक्टिंग सिख रहे बच्चों ने भी इस फिल्म में जबरदस्त काम किया है। देविक बैस जो छत्तीसगढ़ के नन्हें कलाकार हैं, फिल्म में हीरो के बचपन का किरदार निभाया है, और इशिका प्रजापति नन्हे शिव की बड़ी बहन के रूप में नज़र आएगी। आपको बता दे की फिल्म संघर्ष एक जंग में हीना कौशिक, देविक बैस और इशिका प्रजापति ने काम किया है और तीनो ही कलाकारों ने अपनी एक्टिंग की शिक्षा SKD एकेडमी से ग्रहण किया है और अब फिल्मो में काम कर रहे हैं। मुख्य भूमिका में हर्ष चंद्रा आपको एक्शन करते नजर आएंगे। रतन कुमार जी ने बताया की फिल्म की शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी है अब गाना रह गया है, जिसे छत्तीसगढ़ से बlहर शूट करेंगे। ये फिल्म 2023 में आपको देखने मिलेगी, तो इंतजार करेंगे सभी कलाकारों को परदे पर एक साथ देखने के लिए।
सीजी महिला ने पंजाब पर 1 रन से जीत दर्ज की l महिला अंडर 19 वनडे ट्रॉफी में महिलाओं ने पंजाब पर एक रन की रोमांचक जीत दर्ज की। टॉस जीतकर छत्तीसगढ़ ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और कप्तान कुमुद साहू की धैर्यपूर्ण पारी की बदौलत 48.1 ओवर में नौ विकेट के नुकसान पर 135 रन बना लिए। साहू 152 गेंदों में नौ चौकों की मदद से 65 रन बनाकर नाबाद रहे। इसी तरह कृति गुप्ता ने 35 गेंदों में 28 रनों का अहम योगदान दिया। हालांकि कोई और खिलाड़ी दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच सकी।
पंजाब के लिए अमरजोत कौर ने तीन, मुस्कान सोनी ने दो और अलीशा ने एक विकेट लिया।136 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए, पंजाब को 43.1 ओवर में 134 रनों पर समेट दिया गया, जो लक्ष्य से एक रन कम था, क्योंकि कृति गुप्ता ने छत्तीसगढ़ के लिए तीन विकेट लिए। चित्रा पटेल, अंशी अग्रवाल, ख्वाब नागवानी और साक्षी शुक्ला ने एक-एक विकेट लिया।पुंजाब की बल्लेबाजों ने अच्छी शुरुआत की लेकिन अपनी टीम को जीत की ओर ले जाने के लिए उन्हें बड़े स्कोर में नहीं बदल सके।
सलामी बल्लेबाज ऐशमीन कौर (25 गेंदों पर 16) और हरसिमरनजीत (42 गेंदों पर 30 रन) ने अच्छी शुरुआत दी। उनके जाने के बाद, वंशिका महाजन (48 रन पर 19), मान्या शर्मा (35 रन पर 22 रन) और आकांशा (41 रन पर 19) ने कुछ प्रतिरोध प्रदान किया, लेकिन वे मिली शुरुआत को बदलने में नाकाम रहीं।
कांग्रेस ने कुमारी शैलजा को छत्तीसगढ़ का प्रभारी नियुक्त किया, सुखजिंदर रंधावा ने राजस्थान में अजय माकन की जगह ली
कांग्रेस ने कुमारी शैलजा को छत्तीसगढ़ का प्रभारी नियुक्त किया, सुखजिंदर रंधावा ने राजस्थान में अजय माकन की जगह ली l कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा को छत्तीसगढ़ का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया है, जबकि पंजाब के पूर्व मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और राज्यसभा सांसद शक्तिसिंह गोहिल को क्रमशः राजस्थान और हरियाणा का प्रभार दिया गया है।
कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा को छत्तीसगढ़ का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया है, जबकि पंजाब के पूर्व मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और राज्यसभा सांसद शक्तिसिंह गोहिल को क्रमशः राजस्थान और हरियाणा का प्रभार दिया गया है।
शैलजा ने पीएल पुनिया की जगह ली, जबकि रंधावा ने राजस्थान में अजय माकन की जगह ली और गोहिल हरियाणा के प्रभारी के रूप में विवेक बंसल की जगह आए।
छत्तीसगढ़ और राजस्थान में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ये बदलाव आए हैं। दोनों राज्यों में वर्तमान में कांग्रेस का शासन है और नेतृत्व युद्धों के लिए गुटबाजी से ग्रस्त हैं।
पार्टी की ओर से सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘कांग्रेस अध्यक्ष ने तत्काल प्रभाव से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में ये नियुक्तियां की हैं।’पार्टी अजय माकन, पीएल पुनिया और विवेक बंसल के योगदान की सराहना करती है और उन्हें उनके संबंधित राज्यों के महासचिव और प्रभारियों के रूप में उनकी वर्तमान जिम्मेदारियों से मुक्त करती है।आदेश में यह भी कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने गुरदीप सिंह सप्पल को प्रभारी प्रशासन, पवन कुमार बंसल के साथ संबद्ध नियुक्त किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री बंसल वर्तमान में पार्टी के कोषाध्यक्ष हैं और प्रशासन का प्रभार भी संभाले हुए हैं।
छत्तीसगढ़ जेल से भागने के लिए दो विचाराधीन कैदी 23 फीट की दीवार फांद गए
छत्तीसगढ़ जेल से भागने के लिए दो विचाराधीन कैदी 23 फीट की दीवार फांद गए I जशपुर जेल अधीक्षक मनीष सांभाकर ने कहा कि सोमवार की सुबह जब कैदियों के लिए खाना बनाने की तैयारी चल रही थी तो दोनों जेल की चारदीवारी से कूदकर फरार हो गए।
पुलिस ने मंगलवार को कहा कि दो विचाराधीन कैदी, एक हत्या का आरोपी और दूसरा बलात्कार के आरोप में, 23 फीट की दीवार फांदकर छत्तीसगढ़ की जशपुर जिला जेल से फरार हो गया।
उन्होंने बताया कि दोनों सोमवार सुबह जेल की चारदीवारी से कूद गए और फरार हो गए।
जशपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप ने कहा कि कपिल भगत, जो पिछले साल एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार के आरोप में जेल में था, हत्या के आरोपी ललित राम के साथ फरार हो गया।
जशपुर जेल अधीक्षक मनीष सांभाकर ने कहा कि सोमवार की सुबह जब कैदियों के लिए खाना बनाने की तैयारी चल रही थी तो दोनों जेल की चारदीवारी से कूदकर फरार हो गए।
उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ जशपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है और जेल की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
कश्यप ने कहा कि जशपुर के सोगदा गांव निवासी भगत के खिलाफ बलात्कार का मामला यहां एक फास्ट ट्रैक अदालत में लंबित है।
छत्तीसगढ़ को बाल अधिकारों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार
छत्तीसगढ़ को बाल अधिकारों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार I छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को उसकी योजना ‘मोर मायारू गुरुजी’ के लिए नई दिल्ली में स्कॉच अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया ने आयोग के पदाधिकारियों को बधाई दी.पुरस्कार (रजत) के लिए बुधवार को ‘मोर मायारू गुरुजी’ का चयन किया गया। एक आधिकारिक संचार ने कहा, यह वस्तुतः घोषित किया गया था।
यह कार्यक्रम शिक्षकों को खेल और अन्य गतिविधियों के माध्यम से बाल अधिकारों के बारे में जागरूक करने के लिए प्रशिक्षित करता है। प्रशिक्षण की अवधि 2-3 घंटे है। आयोग ने 2,000 से अधिक राज्य शिक्षकों को प्रशिक्षित किया है।