Category: Bilaspur ki khabar

Bilaspur ki khabar

  • बिलासपुर के डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई ओवरटाइम के दावों पर छिड़ा विवाद

    बिलासपुर के डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई ओवरटाइम के दावों पर छिड़ा विवाद

    बिलासपुर जिले के जिला अस्पताल और मातृ शिशु अस्पताल में डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता द्वारा 47 डॉक्टरों को नोटिस जारी किया गया है, जिनपर सुबह की पाली में देर से आने और शाम की पाली में अनुपस्थित रहने का आरोप है। इन सभी डॉक्टरों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

    सिविल सर्जन द्वारा जुलाई, अगस्त और सितंबर महीनों के बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस रिकॉर्ड की जांच के बाद यह कदम उठाया गया। जांच में पाया गया कि कई डॉक्टर नियमित रूप से समय पर उपस्थिति नहीं दे रहे थे। इसके परिणामस्वरूप, अस्पताल की सेवाओं में सुधार लाने के प्रयासों के तहत यह सख्ती की जा रही है। सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के लिए कड़ी निगरानी बरती जा रही है और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    हालांकि, डॉक्टरों का विरोध भी शुरू हो गया है। उनका कहना है कि वे ओवरटाइम काम करते हैं और कई बार सरकारी छुट्टी के दिन भी उन्हें अनुपस्थित दिखाया जा रहा है। डॉक्टरों ने इस मामले में कलेक्टर से भी शिकायत की है। अस्पताल में डॉक्टरों और सिविल सर्जन के बीच लंबे समय से मतभेद चले आ रहे हैं, जिसके चलते दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।

    इस घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब यह देखना बाकी है कि डॉक्टरों द्वारा दिए गए जवाबों के बाद प्रशासन क्या कदम उठाएगा।

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  • प्रेम-प्रसंग के कारण युवक ने की युवती की गला रेतकर हत्या

    प्रेम-प्रसंग के कारण युवक ने की युवती की गला रेतकर हत्या

    नाराज प्रेमी ने की प्रियंका देवांगन की हत्या

    चिंगराजपारा, सरकंडा क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने अपनी प्रेमिका की गला रेतकर हत्या कर दी। प्रियंका देवांगन, जो कि कालेज की छात्रा थी, और सागर साहू के बीच लंबे समय से दोस्ती थी। दोनों की मुलाकात स्कूल के दिनों से शुरू हुई थी। हालांकि, हाल के दिनों में प्रियंका की दोस्ती एक अन्य युवक के साथ बढ़ गई थी, जिससे सागर नाराज हो गया।

    पिछले एक महीने से प्रियंका और सागर के बीच बातचीत पूरी तरह से बंद थी, और इसी बीच प्रियंका अपने जीवन में एक नई दिशा की तलाश कर रही थी। घटना के दिन, प्रियंका के परिवार के सदस्य काम पर चले गए, जबकि उसकी बहन अपने दादा को लेकर अस्पताल गई थी। इस अवसर पर प्रियंका घर पर अकेली थी।

    इसी दौरान, सागर उससे मिलने आया। दोनों के बीच किसी बात पर विवाद हो गया। सागर ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए धारदार हथियार से प्रियंका पर कई बार वार किया। प्रियंका की चीख सुनकर आस-पास के लोग वहां पहुंचे और सागर को पकड़ने में सफल रहे। स्थानीय लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया और घटना की जानकारी प्रियंका के परिवार को दी।

    प्रियंका के परिवार के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया कि सागर से विस्तृत पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के कारणों और परिस्थितियों की पूरी जानकारी मिल सके। यह मामला प्रेम प्रसंग के कारण उत्पन्न हुए विवाद के चलते होने वाली हिंसा को उजागर करता है और इसे लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन गंभीर है।

    इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि वे इस मामले में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करेंगे।

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  • नगर निगम ने संपत्तिकर चोरी रोकने के लिए शुरू की री-मैपिंग प्रक्रिया

    नगर निगम ने संपत्तिकर चोरी रोकने के लिए शुरू की री-मैपिंग प्रक्रिया

    नगर निगम ने संपत्तिकर चोरी पर लगाम लगाने के लिए नई रणनीति बनाई है। दो साल पहले किए गए जीआइएस सर्वे के आधार पर अब नगर निगम आइडब्ल्यूएमएस प्रणाली के तहत मकानों और अन्य प्रॉपर्टीज का पुनः सर्वे करवा रहा है। इस सर्वे के माध्यम से हजारों मकानों की पहचान की गई है जो पुराने रिकॉर्ड के आधार पर संपत्तिकर जमा कर रहे थे, जबकि उनके मौजूदा निर्माण के अनुसार संपत्तिकर अधिक होना चाहिए था।

    बड़े रसूखदारों के नाम भी आए सामने

    जीआइएस सर्वे में कई रसूखदारों, राजनीतिक हस्तियों, बिल्डरों, और कारोबारियों के नाम सामने आए हैं, जिन्होंने नई इमारतें खड़ी की हैं लेकिन पुरानी दरों पर ही टैक्स जमा कर रहे हैं। नगर निगम अब 2016-17 की दरों को बदलकर, आइडब्ल्यूएमएस आधारित नए सर्वे के मुताबिक टैक्स वसूलने की तैयारी में है।

    संपत्तिकर वसूली का नया प्रारूप

    संपत्तिकर वसूली के लिए निगम ने नया फार्मेट तैयार किया है। पहले 2016-17 की दरों से टैक्स लिया जाता था, लेकिन अब नए क्षेत्र जुड़ने के बाद 2020-21 से सर्वे के अनुसार नई दरों पर टैक्स लागू किया गया है। जीआइएस सर्वे के बाद पता चला कि पुरानी दरों से नगर निगम को नुकसान हो रहा था। अब निगम ने 2022-23 से संपत्तिकर वसूली की सूची वेबसाइट पर अपलोड की है, जिसमें भवन मालिक का नाम, खाता नंबर, प्लॉट और मोबाइल नंबर की जानकारी दी गई है।

    घर-घर जाकर री-मैपिंग का काम

    आइडब्ल्यूएमएस प्रणाली के तहत नगर निगम की टीम ने भवनों, मकानों, और दुकानों की री-मैपिंग का काम शुरू कर दिया है। निगम और संबंधित कंपनी के कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वे और री-मैपिंग कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार एक जोन का काम पहले ही पूरा हो चुका है और अन्य जोन में यह प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी।

    नगर निगम की इस नई पहल का उद्देश्य न सिर्फ संपत्तिकर चोरी को रोकना है, बल्कि नए दरों के अनुसार टैक्स वसूली सुनिश्चित करना भी है।

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  • छत्तीसगढ़ में भव्य रावण दहन और रामलीला का आयोजन

    छत्तीसगढ़ में भव्य रावण दहन और रामलीला का आयोजन

    दशहरा महोत्सव 2024

    आज, 12 अक्टूबर 2024, शनिवार को पूरे भारत में विजयदशमी का पर्व, जिसे दशहरा के नाम से भी जाना जाता है, धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जिसे हर साल रावण दहन करके मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में इस पर्व को बड़े उत्साह के साथ मनाने की तैयारियां की गई हैं।

    प्रदेश के सबसे बड़े दशहरा उत्सव की शुरुआत डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में होगी, जहां इस साल 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण किया गया है। इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रीगण उपस्थित रहेंगे, जो बटन दबाकर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन करेंगे। यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, जहां समाज एकजुट होकर विजय का जश्न मनाता है।

    दूधाधारी मठ से भी बालाजी की पालकी निकाली जाएगी, जिसमें श्रीराम की सेना रावणभाठा मैदान तक पहुंचेगी। इसके बाद, रामलीला के आयोजन के साथ 65 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। भक्तों के लिए यह अवसर विशेष रूप से महत्व रखता है, क्योंकि यह धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों का संगम भी है।

    छत्तीसगढ़ नगर दशहरा उत्सव समिति द्वारा 60 फीट ऊंचे रावण, 35 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन भी किया जाएगा। इसके अलावा, सप्रे शाला, टिकरापारा, चौबे कॉलोनी, बीटीआई ग्राउंड शंकर नगर और पंडरी सहित कई क्षेत्रों में रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    दशहरा के अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे रामलीला, लोक संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियाँ भी इस उत्सव का मुख्य आकर्षण होंगी। लोग मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए जुट रहे हैं और परिवार व दोस्तों के साथ इस पर्व का आनंद ले रहे हैं।

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  • गोकने नाले के पास एक युवक की रहस्यमयी मौत, पुलिस कर रही जांच

    गोकने नाले के पास एक युवक की रहस्यमयी मौत, पुलिस कर रही जांच

    बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के यदुनंदन नगर में गोकने नाले के पास एक युवक की लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 35 वर्षीय अज्जू साहू के रूप में हुई है, जो पेशे से सब्जी विक्रेता था। सुबह के समय स्थानीय लोग जब नाले के पास से गुजर रहे थे, तो झोपड़ी के बाहर पड़े युवक का शव देखा, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई।

    घटना की जानकारी मिलते ही सिरगिट्टी थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई। प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि शव पर किसी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं थे, जिससे मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस ने मौके से सबूत जुटाए और शव का पंचनामा करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।

    मृतक अज्जू साहू का यदुनंदन नगर में सब्जी बेचने का काम था और वह इलाके में काफी जाना-पहचाना चेहरा था। स्थानीय निवासियों के अनुसार, वह एक सरल और मेहनती व्यक्ति था। अज्जू की अचानक हुई इस रहस्यमयी मौत ने पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल बना दिया है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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  • सिविल लाइन में युवक का आत्महत्या प्रयास विफल, डायल 112 ने बचाई जान

    सिविल लाइन में युवक का आत्महत्या प्रयास विफल, डायल 112 ने बचाई जान

    बिलासपुर जिले में बीते रात सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सिंधी कॉलोनी में एक युवक ने आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन डायल 112 की त्वरित कार्रवाई से उसकी जान बचा ली गई।

    घटना की जानकारी

    मिली जानकारी के अनुसार, युवक ने अज्ञात कारणों से अपने हाथ और गले को धारदार हथियार से काट लिया था। इस वजह से अत्यधिक रक्तस्राव हो गया, जिससे उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई थी। युवक का जीवन खतरे में था और समय पर इलाज न मिलने की स्थिति में उसकी जान जा सकती थी। इसी बीच किसी स्थानीय नागरिक ने डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की।

    5 मिनट में पहुंची 112 की टीम

    जैसे ही डायल 112 को घटना की सूचना मिली, सिविल लाइन थाना क्षेत्र की 112 टीम, जिसमें आरक्षक सूर्यकांत राठौर (पदस्थ आरक्षक 1221) और चालक योगेश कौशिक शामिल थे, मात्र पाँच मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने बिना देर किए घायल युवक को प्राथमिक चिकित्सा के लिए अपने वाहन में बैठाकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने युवक की हालत गंभीर होने के बावजूद बताया कि अगर थोड़ी देर और हो जाती, तो स्थिति और भी बिगड़ सकती थी। त्वरित सहायता और अस्पताल तक समय पर पहुँचने के कारण युवक की जान बचाई जा सकी।

    परिजनों ने जताया आभार

    युवक के परिजनों ने डायल 112 की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के लिए बिलासपुर पुलिस, विशेष रूप से सिविल लाइन 112 टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डायल 112 की वजह से आज उनका बेटा जीवित है और पुलिस की सतर्कता ने उनके परिवार को एक बड़ी त्रासदी से बचा लिया।

    डायल 112 जैसी आपातकालीन सेवाएँ जीवन और मृत्यु के बीच के अंतर को तय कर सकती हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि त्वरित प्रतिक्रिया से कई बार अनहोनी को टाला जा सकता है। बिलासपुर जिले में ऐसी कई घटनाएँ पहले भी सामने आई हैं, जहाँ डायल 112 की फुर्ती और सतर्कता ने लोगों की जान बचाई है।

    इस घटना के बाद स्थानीय लोग भी डायल 112 की प्रशंसा कर रहे हैं, और इस सेवा की महत्ता को समझते हुए उसे और सशक्त बनाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में भी ऐसी जान बचाने वाली मदद जारी रह सके।

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  • छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सरेआम चाकू से हमला, 9 आरोपी गिरफ्तार

    छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सरेआम चाकू से हमला, 9 आरोपी गिरफ्तार

    छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में शनिवार की शाम एक खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। कुछ बदमाशों ने एक युवक पर सरेआम चाकू से जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें पीड़ित युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले की गंभीरता इस हद तक थी कि युवक की आंत पेट से बाहर आ गई थी। इस हमले के बाद से ही इलाके में भय का माहौल बन गया, लेकिन पुलिस की तत्परता ने लोगों को कुछ राहत दी। घटना के महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने इस मामले में 9 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं।

    घटना का विवरण

    बीते शनिवार की शाम शहर के एक इलाके में यह वारदात हुई, जब कुछ बदमाशों ने एक युवक को अपना निशाना बनाया। चाकू से कई बार हमला करने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। युवक की हालत बेहद गंभीर हो गई थी, और उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, घायल युवक की आंत बाहर निकल गई थी, जो कि स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। समय पर चिकित्सा सहायता मिलने के कारण उसकी जान बचाई जा सकी, लेकिन उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।

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    पुलिस की मुस्तैदी

    इस हमले के बाद पुलिस ने फौरन कार्रवाई शुरू की। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों और स्थानीय सूत्रों की मदद से पुलिस ने हमलावरों की पहचान की और त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में 2 नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने का भी प्रयास किया। पुलिस द्वारा किए गए इस सराहनीय काम की स्थानीय लोगों ने प्रशंसा की है।

    आरोपियों का जुलूस

    हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक अनोखा कदम उठाया। जिस जगह पर यह घटना घटी थी, उसी स्थान पर पुलिस ने इन आरोपियों का जुलूस निकाला। पुलिस के इस कदम का उद्देश्य समाज में यह संदेश देना था कि अपराध करने वालों को सजा मिलेगी, और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह से सजग है। इस जुलूस में पुलिस के उच्च अधिकारी और जवान बड़ी संख्या में मौजूद थे। इस दौरान आरोपियों को सरेआम लोगों के सामने पेश किया गया, ताकि अपराधियों में कानून का डर पैदा हो सके।

    इलाके में फैली दहशत

    इस हमले के बाद से ही इलाके में भय का माहौल व्याप्त है। सरेआम हुई इस घटना ने लोगों को सकते में डाल दिया है। लोग अब अपने आसपास के माहौल को लेकर ज्यादा सतर्क हो गए हैं और पुलिस से इलाके में सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि घटना की पूरी तरह से जांच की जा रही है और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी।

    कानून व्यवस्था और पुलिस की भूमिका

    बिलासपुर पुलिस ने इस मामले में जिस तरह से तेजी दिखाई है, वह सराहनीय है। घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी ने पुलिस की मुस्तैदी और उनकी कार्यप्रणाली पर विश्वास बढ़ाया है। हालांकि, ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समाज और पुलिस दोनों की सतर्कता जरूरी है। पुलिस का यह संदेश साफ है कि अपराधी चाहे कोई भी हो, उन्हें सजा जरूर मिलेगी।

    निष्कर्ष

    यह घटना न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में एक चेतावनी है कि अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है। ऐसे में पुलिस की ओर से समय पर की गई कार्रवाई ने कुछ हद तक लोगों के विश्वास को बहाल किया है। फिर भी, कानून और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि इस तरह की वारदातें भविष्य में न हो सकें।

  • डॉ. आर.के. दास और डॉ. राकेश निगम का तबादला, सिम्स में बदलाव जारी

    डॉ. आर.के. दास और डॉ. राकेश निगम का तबादला, सिम्स में बदलाव जारी

    सिम्स में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, चार डॉक्टरों की वापसी

    बिलासपुर के छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में एक बड़े प्रशासनिक बदलाव के तहत मेडिसीन विशेषज्ञ डॉ. लखन सिंह की वापसी हो गई है। इसके साथ ही सिम्स के प्रभारी डीन डॉ. रमणेश मूर्ति को अब केवल सिम्स के ही डीन के रूप में कार्यभार सौंपा गया है। पहले उन्हें अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के डीन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था, जिसे शासन स्तर पर वापस ले लिया गया है।

    इसके अतिरिक्त, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. मधुमिता मूर्ति और पीसीएम विभाग की डॉ. हेमलता सिंह की भी सिम्स में पुन: नियुक्ति कर दी गई है। शुक्रवार को शासन द्वारा जारी किए गए आदेश में इन सभी चिकित्सकों के तबादले की पुष्टि की गई है।

    हालांकि, सिम्स के दो प्रमुख चिकित्सकों पर इस तबादले का असर पड़ा है। आर्थोपेडिक विभाग के डॉ. आर.के. दास का तबादला रायपुर मेडिकल कॉलेज कर दिया गया है, जबकि निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. राकेश निगम को सरगुजा मेडिकल कॉलेज में भेजा गया है।

    यह बदलाव सिम्स के चिकित्सा विभाग के पुनर्गठन का हिस्सा माना जा रहा है। कुछ डॉक्टरों की वापसी से संस्थान में स्थिरता आएगी, जबकि अन्य चिकित्सकों का तबादला उन्हें नए क्षेत्रों में सेवा देने का अवसर प्रदान करेगा। इन प्रशासनिक बदलावों से सिम्स के कामकाज पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद की जा रही है।

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  • दुर्गा पूजा में शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन का सख्त कदम

    दुर्गा पूजा में शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन का सख्त कदम

    DJ BANNED

    दुर्गा पूजा पर डीजे बजाने पर प्रतिबंध, आयोजकों को सुरक्षा तैनाती के निर्देश

    राजधानी रायपुर में दुर्गा पूजा के दौरान प्रशासन ने म्यूजिक (डीजे) बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय प्रशासन द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है।

    बाउंसर और सुरक्षा गार्ड की आवश्यकता

    आयोजकों को अपने कार्यक्रमों के लिए खुद ही बाउंसर, वॉलंटियर और सुरक्षा गार्ड तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। गुरुवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) लखन पटले ने रास गरबा आयोजक समिति के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की, जिसमें इन निर्देशों पर चर्चा की गई।

    नियम और गाइडलाइंस

    बैठक सिविल लाइन स्थित सी-4 भवन के सभाकक्ष में आयोजित की गई। एएसपी पटले ने बताया कि रास-गरबा के दौरान डीजे बजाना प्रतिबंधित रहेगा। साउंड सिस्टम को हाईकोर्ट की गाइडलाइंस के अनुसार निर्धारित डेसिबल और समय सीमा तक ही बजाने की अनुमति होगी। अगर कोई आयोजक इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और डीजे या साउंड सिस्टम को जब्त कर लिया जाएगा।

    प्रवेश और पार्किंग

    आयोजकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी क्षमता के अनुसार ही प्रवेश पास बांटें, ताकि कार्यक्रम के दौरान भीड़भाड़ की समस्या न हो। इसके अलावा, आयोजन स्थल पर पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि सड़क पर वाहनों की पार्किंग से जाम की समस्या उत्पन्न न हो।

    शांतिपूर्ण आयोजन की अपील

    एएसपी पटले ने यह भी स्पष्ट किया कि रास-गरबा के दौरान किसी प्रकार की फूहड़ता का प्रदर्शन और नशे का सेवन नहीं होना चाहिए। कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और गरिमामय तरीके से आयोजित करने की अपील की गई है।

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  • नवरात्रि में महिला सुरक्षा पर बिलासपुर में ‘शक्ति’ टीम करेगी निगरानी

    नवरात्रि में महिला सुरक्षा पर बिलासपुर में ‘शक्ति’ टीम करेगी निगरानी

    नवरात्रि उत्सवों के दौरान महिला सुरक्षा के लिए बिलासपुर में ‘शक्ति’ टीम तैनात

    नवरात्रि के दौरान महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बिलासपुर पुलिस ने एक नई पहल की है। पुलिस ने ‘शक्ति’ नाम से एक विशेष महिला पुलिस टीम का गठन किया है, जो शहर के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नवरात्रि के दौरान पूजा पंडालों, डांडिया और गरबा कार्यक्रमों में महिला सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

    एएसपी उमेश कश्यप ने बताया कि शक्ति टीम के महिला पुलिसकर्मी इन कार्यक्रमों में मौजूद रहकर असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखेंगी और किसी भी अव्यवस्था या शांति भंग करने वाली गतिविधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करेंगी। टीम में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

    एएसपी कश्यप ने शहरवासियों से अपील की है कि वे नवरात्रि के आयोजनों में पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने आयोजनकर्ताओं से अपने स्वयंसेवक तैनात करने का अनुरोध किया है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके और भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिल सके। स्वयंसेवक और पुलिस मिलकर सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी असामाजिक तत्व कार्यक्रमों की शांति भंग न कर सके।

    इसके अलावा, आयोजनकर्ताओं को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि यदि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या असामाजिक गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत शक्ति टीम या पुलिस को सूचित किया जाए। इस नई पहल से नवरात्रि के दौरान महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी चिंता के धार्मिक उत्सव का आनंद ले सकें।

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