Category: Health & Fitness

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  • निजात अभियान को फ़िल्मी सितारों ने किया समर्थन

    फ़िल्मी सितारों ने किया समर्थन

    रायपुर पुलिस के ड्रग विरोधी अभियान में सितारों की भागीदारी बढ़ी

    रायपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ड्रग, नारकोटिक्स और अवैध नशे के खिलाफ निजात अभियान को अब बॉलीवुड और टीवी जगत के कई प्रसिद्ध कलाकारों का समर्थन मिल रहा है। इन कलाकारों ने वीडियो संदेश के माध्यम से युवाओं और समाज के अन्य वर्गों से नशे से दूर रहने की अपील की है।

    फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा, आदित्य पंचोली, अदा शर्मा, प्रभु देवा, अरबाज खान, राजपाल यादव, पीयूष मिश्रा, और वीरेंद्र सक्सेना जैसे बड़े नाम इस अभियान के समर्थन में आगे आए हैं। इसके अलावा, टीवी कलाकार सुनील ग्रोवर, भगवान तिवारी, शाहवर अली, और गायक कैलाश खेर, हंसराज रघुवंशी, कविता कृष्णमूर्ति जैसे कई अन्य प्रमुख हस्तियों ने भी इस मुहिम में शामिल होकर नशे के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की है।

    छत्तीसगढ़ के विधायक और अभिनेता अनुज शर्मा, प्रमुख गायक-कलाकार प्रकाश अवस्थी, राकेश शर्मा, मोना सेन, लोक गायिका ममता चंद्राकर, तीजन बाई, दिलीप षडंगी, सुनील तिवारी, अंचल शर्मा, जाकिर हुसैन, गोपाल सिंह, और योगेश अग्रवाल भी इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हो गए हैं और उन्होंने पुलिस की सहायता करने की अपील की है।

    फरवरी महीने से शुरू किए गए इस अभियान के तहत अब तक स्कूल, कॉलेज, शहर और गांव में कुल 1402 जनजागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। ‘निजात’ नाम से जारी रैप सांग और रंग-बिरंगे नशा विरोधी गीत युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, और इस अभियान का असर लोगों पर खासकर युवाओं पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।

    अभियान के बढ़ते समर्थन को देखते हुए अन्य सेलिब्रिटी भी इससे जुड़ने की तैयारी कर रहे हैं। रायपुर पुलिस के इस प्रयास से समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और इसे जड़ से खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

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  • दोपहिया वाहन यात्रियों के लिए नया नियम हुआ लागू

    दोपहिया वाहन यात्रियों के लिए नया नियम हुआ लागू

    विशाखापट्टनम में दोपहिया वाहन के पीछे बैठने वाले के लिए 1 सितम्बर से हेलमेट अनिवार्य

    आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के एक महत्वपूर्ण आदेश के बाद, विशाखापट्टनम में दोपहिया वाहनों पर पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नए नियम का उल्लंघन करने पर 1035 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है।

    अब दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ उनके पीछे बैठने वाले यात्रियों को भी हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। इस आदेश का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली गंभीर चोटों को कम करना है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि केवल आईएसआई मार्क वाला हेलमेट ही मान्य होगा। सस्ता या निम्न गुणवत्ता का हेलमेट पहनने पर भी जुर्माना लगाया जा सकता है।

    विशाखापट्टनम में इस नियम के सख्ती से पालन की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से शहर में सड़क सुरक्षा में सुधार होगा और दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आएगी। मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े महानगरों में पहले से ही इस नियम का सख्ती से पालन हो रहा है, और अब विशाखापट्टनम में भी इसे लागू किया जा रहा है।

    इस निर्णय के बाद विशाखापट्टनम के नागरिकों को अपने सुरक्षा उपायों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि वे संभावित दंड से बच सकें और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।

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  • रायपुर के तेलीबांधा में शव मिलने से दहशत, पुलिस ने शुरू की जांच

    रायपुर के तेलीबांधा में शव मिलने से दहशत, पुलिस ने शुरू की जांच

    गोपी यादव की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस, आत्महत्या या हत्या की आशंका

    रायपुर के तेलीबांधा इलाके में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां आबकारी भवन के पीछे एक युवक का कंकाल मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान गोपी यादव के रूप में की गई है, जो पिछले एक महीने से लापता था।

    पुलिस को मौके पर एक फांसी का फंदा भी मिला है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि युवक ने आत्महत्या की हो सकती है। हालांकि, मामले की जांच जारी है और यह स्पष्ट नहीं है कि मौत आत्महत्या की वजह से हुई है या हत्या हुई है।

    कंकाल मिलने की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। पुलिस ने सबूत एकत्र कर लिए हैं और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। फिलहाल, पुलिस ने आत्महत्या की आशंका के आधार पर मामला दर्ज किया है, लेकिन हत्या की संभावनाओं की भी जांच की जा रही है।

    गोपी यादव के परिवार से संपर्क कर उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की सच्चाई सामने आएगी और इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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  • डॉक्टरों द्वारा गलत उपचार से महासमुंद में 6 साल की बच्ची की मौत

    नवजीवन अस्पताल की दवाओं के ओवरडोज़ से 6 साल की बच्ची की मौत, स्टाफ हुआ फरार

    छत्तीसगढ़ केमहासमुंद जिले के तुमगांव स्थित नवजीवन अस्पताल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां छह वर्षीय बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्ची को उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में दिए गए दवाओं के ओवरडोज के कारण उसकी मौत हुई।

    घटना के बाद अस्पताल में सन्नाटा पसर गया, और डॉक्टरों सहित पूरा स्टाफ अचानक गायब हो गया। बच्ची के पिता ने शिकायत दर्ज करवाई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बच्ची का पोस्टमार्टम भी किया जा रहा है, ताकि मौत के असली कारणों का पता चल सके।

    अस्पताल के प्रबंधन ने भी इस लापरवाही को स्वीकार किया है। इस घटना ने महासमुंद जिले में निजी अस्पतालों की गुणवत्ता और उनके प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोरोना काल के बाद जिले में कई निजी अस्पताल और मेडिकल दुकानें खुल गई हैं, जिनमें से कई नर्सिंग होम एक्ट के मानकों को पूरा नहीं करते।

    यह मामला इस बात की ओर इशारा करता है कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक है, और प्रशासन को इस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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  • मवेशियों के चलते सड़क दुर्घटनाओं में हो रही है वृद्धि

    मवेशियों के चलते सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि, पुलिस विभाग के आंकड़ों से खुलासा

    जुलाई 2023 में बिलासपुर हाई कोर्ट ने सड़क पर मवेशियों के विचरण को लेकर गहरी चिंता जताई थी और प्रशासन को सड़कों से मवेशियों को हटाने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए थे। इस मामले में कुछ कदम उठाए भी गए, लेकिन इसके बावजूद सड़क दुर्घटनाओं में मौतों की दर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    पुलिस विभाग के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 2023 में सड़क दुर्घटनाओं से मौतों की दर 5.6 प्रतिशत थी, जो इस साल की पहली छमाही में बढ़कर 8.72 प्रतिशत हो गई है। सड़क पर मवेशियों के चलते होने वाली दुर्घटनाओं के कारण हर वर्ष अनेक जानें जा रही हैं। पिछले पांच वर्षों में राज्य में 404 यात्रियों की मौत हो गई और 129 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पिछले जुलाई महीने में ही नौ लोग दुर्घटना के शिकार हुए हैं।

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार और नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के सहयोग से जुलाई-अगस्त 2023 के दौरान सड़क से 26,713 मवेशियों को हटाया गया था। इसके बावजूद, मवेशियों के चलते होने वाली दुर्घटनाओं की संख्या में कोई खास कमी नहीं आई है, जिससे आम जनता में रोष बढ़ रहा है।

    शहर की प्रमुख सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी अभी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। मुख्य मार्गों के साथ-साथ गली-मुहल्लों में भी मवेशियों का कब्जा देखा जा सकता है, जिससे वाहनों की आवाजाही के साथ-साथ पैदल यात्रियों को भी खतरा है। कई बार मवेशियों के आपस में भिड़ने से आसपास के लोगों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

    पुलिस के आंकड़ों से खुलासा

    पुलिस विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2022 में सड़क दुर्घटनाओं में 5,834 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2023 में यह संख्या बढ़कर 6,166 हो गई थी। इस साल जुलाई तक सड़क दुर्घटनाओं में 3,629 लोगों की जान जा चुकी है, जो एक गंभीर समस्या की ओर इशारा करती है। प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों के बावजूद स्थिति में सुधार ना होने से, इस मुद्दे पर दोबारा विचार करने की आवश्यकता है।

    मवेशियों की सड़कों से प्रभावी रूप से हटाने के लिए और भी कड़े कदम उठाने की ज़रूरत है ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके।

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  • मैनपाट में हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत

    मैनपाट में हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत

    ग्रामीण की मौत के बाद मैनपाट में तनाव, वन विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल

    सरगुजा जिले के मैनपाट वन परिक्षेत्र के दांतीढाब के पास एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां जंगल में एक ग्रामीण का शव बरामद किया गया है। माना जा रहा है कि उसकी मौत हाथी के हमले से हुई है। मृतक की पहचान 55 वर्षीय नारद यादव के रूप में हुई है, जो नर्मदापुर पटेलपारा का निवासी था।

    भैंस चराने गया ग्रामीण वापस नहीं लौटा

    शनिवार को नारद यादव अपनी भैंसों को चराने के लिए दांतीढाब के बांसहिया जंगल गया था। शाम तक जब वह वापस नहीं लौटा, तो उसके परिवार और वन विभाग ने उसकी खोजबीन शुरू की। अंततः उसका शव जंगल में पाया गया, लेकिन आसपास एक हाथी के मौजूद होने के कारण शव को तुरंत बाहर नहीं निकाला जा सका।

    दूसरे दिन निकाला गया शव

    रविवार सुबह, जब हाथी जंगल से दूर चला गया, तब जाकर शव को बाहर निकाला गया। शव की हालत देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि नारद यादव की मौत हाथी के हमले से हुई है। क्षेत्र में एक अकेला हाथी पिछले कई दिनों से घूम रहा था, और ऐसा माना जा रहा है कि यह वही हाथी इस घटना का कारण बना।

    वन विभाग पर लापरवाही का आरोप

    इस घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वन विभाग द्वारा हाथियों की निगरानी सही तरीके से नहीं की जा रही है और ग्रामीणों को हाथी की उपस्थिति की जानकारी समय पर नहीं दी जा रही है। यदि हाथी के विचरण की सटीक जानकारी मिलती, तो इस प्रकार की दुखद घटना से बचा जा सकता था।

    मैनपाट क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं से ग्रामीणों में डर का माहौल है और वे वन विभाग से इस मामले में सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

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  • धमतरी में तेंदुए के हमले से खौफ सुरक्षा के किये गये कड़े इंतजाम

    धमतरी में तेंदुए के हमले से खौफ सुरक्षा के किये गये कड़े इंतजाम

    धमतरी में तेंदुए का आतंक आंगन में खेल रही बच्ची की ले ली जान

    छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक खौफनाक घटना सामने आई है, जहां एक तेंदुए ने तीन साल की मासूम बच्ची पर हमला कर उसकी जान ले ली। घटना 30 अगस्त की शाम की है, जब बच्ची अपने घर के आंगन में खेल रही थी। तेंदुए ने अचानक हमला कर बच्ची को उठा लिया और उसे नोंचकर मार डाला। घटना से गांव में दहशत फैल गई है।

    घटना के बाद, उसी रात तेंदुआ गांव में फिर से नजर आया और उसने एक बुजुर्ग व्यक्ति पर भी हमला कर दिया। बुजुर्ग बुधराम कमार घर के अंदर खाट पर सो रहे थे, जब तेंदुए ने उन पर हमला किया। हालांकि, उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर घरवालों ने तेंदुए को भागने पर मजबूर कर दिया। इस हमले में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए नगरी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    वन विभाग और पुलिस ने गांव में सुरक्षा के इंतजाम किए हैं, लेकिन तेंदुए के लगातार हमलों से ग्रामीणों में भय का माहौल है। तेंदुआ एक अन्य गांव, खुदुरपानी में भी एक पालतू कुत्ते को शिकार बना चुका है। वन विभाग के अधिकारी गांवों में जाकर लोगों को सजग कर रहे हैं और तेंदुए पर निगरानी बनाए हुए हैं।

    इस घटना से पूरा इलाका दहशत में है, और वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए सक्रिय हो गई है।

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  • दांतों को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने के बेहतरीन तरीके

    दांतों को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने के बेहतरीन तरीके

    सही खानपान और देखभाल से रखें अपने दांतों को फिट और फ्रेश

    दांतों की सेहत पर खानपान और नियमित देखभाल का गहरा असर पड़ता है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में दांतों की देखभाल अक्सर नजरअंदाज की जाती है, लेकिन सही खानपान और देखभाल के उपाय अपनाकर आप अपने दांतों को न केवल स्वस्थ रख सकते हैं बल्कि उनकी चमक भी बरकरार रख सकते हैं। दंत चिकित्सक डॉ. सुरेन्द्र अग्रवाल के अनुसार, दांतों की देखभाल में निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है:

    1. पौष्टिक आहार पर ध्यान दें

    दांतों की मजबूती और स्वास्थ्य के लिए कैल्शियम और फास्फोरस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए अपने आहार में डेयरी उत्पाद जैसे दूध, दही, पनीर, और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें। साथ ही, नट्स और बीन्स भी आपके दांतों के लिए लाभकारी हैं। चीनी युक्त और अम्लीय खाद्य पदार्थ, जैसे कोल्ड ड्रिंक्स और कैन्ड फूड्स, दांतों की सड़न और अन्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं, इसलिए इनसे परहेज करें।

    2. ब्रश करने की सही आदतें अपनाएं

    स्वस्थ दांत और मसूड़े बनाए रखने के लिए रोजाना दो बार ब्रश करना जरूरी है। इसके लिए नर्म ब्रिसल वाले टूथब्रश का उपयोग करें और दांतों के बीच में फंसे भोजन के कणों को हटाने के लिए फ्लॉस का उपयोग करें। दांतों को ब्रश करने के लिए फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें, जो दांतों को मजबूत और कैविटी से बचाने में मदद करता है।

    3. नियमित दंत जांच करवाएं

    दांतों की नियमित जांच करवाना दांतों की सेहत के लिए बहुत आवश्यक है। यह आपको किसी भी संभावित समस्या का समय पर पता लगाने में मदद करता है और उचित इलाज कराता है। अपने दांतों की सफाई और चेक-अप के लिए साल में दो बार दंत चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। यदि दांतों में कोई परेशानी हो, तो विशेषज्ञ से सलाह में लापरवाही न बरतें।

    4. जीवनशैली में सुधार करें

    दांतों की देखभाल के साथ-साथ जीवनशैली में भी सुधार करना आवश्यक है। धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन दांतों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए इन आदतों को कम करने या छोड़ने का प्रयास करें। इसके अलावा, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन भी दांतों की सेहत के लिए लाभकारी है।

    इन सरल लेकिन प्रभावशाली उपायों को अपनाकर आप अपने दांतों को न केवल स्वस्थ रख सकते हैं बल्कि उनकी चमक भी बनाए रख सकते हैं। अपनी दांतों की देखभाल में कोई भी कोताही न बरतें और नियमित रूप से जांच करवाएं ताकि आपके दांत हमेशा स्वस्थ और खूबसूरत बने रहें।

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  • स्वास्थ्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ के अस्पतालों में बड़े अपग्रेड की घोषणा जारी की

    स्वास्थ्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ के अस्पतालों में बड़े अपग्रेड की घोषणा जारी की

    बस्तर में बनेगा सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, जवानों को रायपुर एयरलिफ्ट नहीं करना पड़ेगा

    छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान, आंबेडकर अस्पताल और डीकेएस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, को अपग्रेड करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घोषणा की है कि सुरक्षा को बढ़ाने के लिए आंबेडकर अस्पताल में 12 बंदूकधारी सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा, अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरे और अलार्म सिस्टम लगाए जाएंगे, जिनकी नियमित मॉनीटरिंग की जाएगी।

    स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आंबेडकर अस्पताल के कैंसर विभाग में पिछले सात वर्षों से बंद पड़ी पैट स्कैन मशीन को तीन महीनों के भीतर चालू कर दिया जाएगा। साथ ही, डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए अगले छह महीनों में 232 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके लिए पीएससी को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।

    बस्तर में सुपरस्पेशालिटी अस्पताल बनाने की भी घोषणा की गई है, जिससे घायल जवानों को एयरलिफ्ट कर रायपुर नहीं लाना पड़ेगा। बस्तर में हर विभाग के डॉक्टर मौजूद रहेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी।

    स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि जल्द ही हाई टेक्नोलॉजी पोस्टमार्टम मशीन की खरीदी की जाएगी, जिससे तीन से सात दिनों के भीतर पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल सकेगी। डीकेएस अस्पताल में नई एमआरआई मशीन की खरीदी का भी प्रस्ताव पारित किया गया है, जबकि आंबेडकर अस्पताल में रिसर्च सेंटर और मेडिकल कॉलेज को अलग-अलग संचालित करने की योजना बनाई जा रही है।

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  • टिकरापारा में दरिंदगी बस में बुजुर्ग महिला से गैंगरेप, पुलिस ने शुरू की जांच

    टिकरापारा में दरिंदगी बस में बुजुर्ग महिला से गैंगरेप, पुलिस ने शुरू की जांच

    रायपुर में बुजुर्ग महिला के साथ गैंगरेप बस ड्राइवर गिरफ्तार, दूसरे आरोपी की तलाश जारी

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के टिकरापारा इलाके में एक बुजुर्ग महिला के साथ हुई गैंगरेप की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। यह अमानवीय घटना आईएसबीटी (इंटर स्टेट बस टर्मिनल) बस स्टैंड में स्थित महिंद्रा बस डिपो के अंदर घटित हुई, जहां पीड़िता के साथ दो व्यक्तियों ने मिलकर इस घिनौनी हरकत को अंजाम दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक आरोपी, जो बस का ड्राइवर है, को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश तेजी से जारी है।

    परिवारिक विवाद के बाद घर छोड़ने पर निशाना बनी महिला

    पीड़िता, जो महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र की रहने वाली है, ने अपने परिवार के साथ हुए विवाद के बाद घर छोड़ दिया था और तीन दिनों से बस स्टैंड के पास ही रह रही थी। इस दौरान बस ड्राइवर और कंडक्टर ने उसकी स्थिति का फायदा उठाते हुए उस पर बुरी नजर डाली। घटना की रात, उन्होंने उसे कोल्ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया। दोनों ने महिला की असहाय स्थिति का फायदा उठाकर उसे बस के अंदर ले जाकर इस अमानवीय घटना को अंजाम दिया।

    घटना के बाद से टिकरापारा इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने इस जघन्य अपराध की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए तेजी से कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। पुलिस ने घटना की पूरी तहकीकात के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच शुरू कर दी है, ताकि घटना की सटीक जानकारी प्राप्त की जा सके और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।

    इस घटना ने समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन पर लोगों का दबाव है कि वे इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने की दिशा में काम करें। इस घटना ने पूरे रायपुर शहर को हिला कर रख दिया है, और स्थानीय प्रशासन पर इस मामले को सुलझाने का भारी दबाव है। पुलिस ने कहा है कि वे किसी भी दोषी को बख्शने के मूड में नहीं हैं और जल्द ही इस मामले में पूरा न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

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