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  • पुराना बिलासपुर रेलवे स्टेशन बनेगा म्यूजियम, रेलवे ने तैयार किया नया डिजाईन

    पुराना बिलासपुर रेलवे स्टेशन बनेगा म्यूजियम, रेलवे ने तैयार किया नया डिजाईन

    Bilaspur Railway Station

    पुराना बिलासपुर रेलवे स्टेशन बनेगा म्यूजियम, रेलवे ने तैयार किया नया डिजाईन

    बिलासपुर रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण को लेकर बड़ी खबर आई है। 135 साल पुराने ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन भवन को तोड़ने की योजना का स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध किया था। इस विरोध के चलते सरकार को योजना में बदलाव करना पड़ा। अब इस ऐतिहासिक भवन को म्यूजियम के रूप में संरक्षित किया जाएगा।

    रेलवे विभाग ने जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस भवन को स्मारक बनाने का निर्णय लिया है। नवीनीकरण का कार्य “अमृत भारत स्टेशन योजना” के तहत किया जा रहा है। स्टेशन की नई ड्राइंग और डिजाइन तैयार करने का काम अंतिम चरण में है। जल्द ही इस डिजाइन को आम जनता के लिए प्रदर्शित किया जाएगा।

    स्थानीय लोगों ने पुरानी इमारत को तोड़ने का पुरजोर विरोध करते हुए इसे शहर की धरोहर बताया। मामला कोर्ट तक पहुंचा, जहां से आदेश आने के बाद सरकार को अपनी योजना में बदलाव करना पड़ा। अब पुरानी इमारत को म्यूजियम के रूप में संरक्षित रखा जाएगा।

    नए मॉडल में पुरानी इमारत को भी जोड़ा गया

    रेलवे की टीम ने नए मॉडल में पुरानी इमारत को भी शामिल किया है। ऐतिहासिक भवन को नए डिजाइन में ऐसे शामिल किया गया है कि स्टेशन का भव्य रूप तैयार होने के साथ-साथ इतिहास की झलक भी नजर आएगी।

    स्टेशन के नवीनीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। गेट नंबर 3 के सामने लगे शेड को हटाने का कार्य भी शुरू हो गया है। निर्माण कार्य के लिए तोड़फोड़ प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। रेलवे विभाग का दावा है कि तय समय सीमा के भीतर नवीनीकरण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। पुरानी इमारत को संरक्षित रखने के निर्णय से बिलासपुर के निवासियों ने राहत की सांस ली है। लोग इस भवन को अपनी संस्कृति और इतिहास से जुड़ा मानते हैं। म्यूजियम बनने के बाद यह भवन बिलासपुर की शान बनकर उभरेगा।

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  • जशपुर में ईसाई रीति से अंतिम संस्कार पर विवाद, भाजपा ने भेजी जांच टीम

    जशपुर में ईसाई रीति से अंतिम संस्कार पर विवाद, भाजपा ने भेजी जांच टीम

    जशपुर में ईसाई रीति से अंतिम संस्कार पर विवाद, भाजपा ने भेजी जांच टीम

    जशपुर जिले के मनोरा इलाके में एक व्यक्ति की मौत के बाद विवाद गहरा गया है। यह घटना प्राकृतिक आपदा के कारण हुई थी, जब गाज गिरने से राजेन्द्र चोराट की मौत हो गई। मृतक का अंतिम संस्कार ईसाई रीति रिवाज से किए जाने को लेकर स्थानीय समाज में विवाद उत्पन्न हो गया है। इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने एक चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।

    भा.ज.पा. के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने इस विवाद की जांच के लिए एक समिति बनाई है, जिसमें प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा, विधायक रेणुका सिंह, सांसद गोमती साय और विधायक राधेश्याम राठिया शामिल हैं। समिति के सदस्य संबंधित स्थान का दौरा कर सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट पार्टी को सौंपेंगे।

    RENUKA SINGH

    सूत्रों के अनुसार, मृतक राजेन्द्र चोराट एक भुईहर समाज से था, जिसने बपतिस्मा लेकर ईसाई धर्म स्वीकार किया था। मृतक की पत्नी भी ईसाई धर्म से थी, और उनके परिवार ने ईसाई रीति रिवाज से अंतिम संस्कार की इच्छा जताई थी, जबकि उनके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य हिंदू रीति से अंतिम संस्कार चाहते थे। इस विवाद ने धर्म परिवर्तन और धार्मिक प्रथाओं को लेकर चर्चा को जन्म दिया है।

    इस बीच, स्थानीय समुदाय के कुछ सदस्यों ने मृतक के दफनाने को लेकर आपत्ति जताई, जिससे विवाद और भी बढ़ गया। भाजपा ने इस मामले को गंभीरता से लिया और शिवरतन शर्मा की अध्यक्षता में एक जांच समिति बनाई, जो इस मामले के तथ्यों की जांच करेगी।

    पार्टी ने इस विषय पर स्पष्टता और निष्पक्ष जांच की बात की है, ताकि इस विवाद का उचित समाधान निकल सके।

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    पति की नौकरी बचाने के लिए महिला ने लगाए झूठे आरोप

    बरेली में दिशा पाटनी के पिता के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज

  • पति की नौकरी बचाने के लिए महिला ने लगाए झूठे आरोप

    पति की नौकरी बचाने के लिए महिला ने लगाए झूठे आरोप

    पति की नौकरी बचाने के लिए महिला ने लगाए झूठे आरोप

    दुष्कर्म के झूठे आरोपों में बड़ा खुलासा, पति की नौकरी बचने के लिए रची साजिश

    छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में एक महिला ने उसके साथ हुए दुष्कर्म मामले में थाने में एफआईआर दर्ज कराया थी लेकिन अब मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सरसींवा थाना क्षेत्र की एक महिला, जिसने भाजपा जिला अध्यक्ष सुभाष जालान समेत चार अन्य व्यक्तियों पर दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन अब अपने दिए बयान से मुकर गई है। महिला ने मीडिया के सामने आकर इस बात को स्वीकार किया कि उसने अपने पति की नौकरी बचाने के लिए झूठे आरोप लगाए थे।

    महिला ने भाजपा सारंगढ़-बिलाईगढ़ के जिला अध्यक्ष सुभाष जालान, जनपद पंचायत बिलाईगढ़ के सीईओ प्रतीक प्रधान, समिति प्रबंधक मोतीलाल प्रधान और बलौदाबाजार निवासी माखन सिंह कंवर पर दुष्कर्म का आरोप लगाकर पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी। लेकिन अब उसने दावा किया है कि इन आरोपों का कोई आधार नहीं था।

    महिला ने खुलासा किया कि उनके पति, जो सहकारी समिति में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होने के बाद उन्होंने ये आरोप लगाए। महिला ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने भाजपा जिला अध्यक्ष सुभाष जालान और सीईओ प्रतीक प्रधान से कभी मुलाकात तक नहीं की। कुछ समय पहले जनपद पंचायत बिलाईगढ़ में भी एक महिला ने आरोप लगाए थे, जिन्हें बाद में न्यायालय ने झूठा करार दिया।

    भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह पार्टी को बदनाम करने और लोकप्रिय नेताओं की छवि खराब करने का प्रयास था। भाजयुमो जिला महामंत्री रज सिंह ने इसे “चरित्र हत्या” बताते हुए कहा कि साजिशकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यह मामला पुलिस और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। क्षेत्र के लोगों ने मांग की है कि झूठे आरोप लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। इस घटना ने क्षेत्र में चर्चा को तेज कर दिया है और झूठे आरोपों के बढ़ते मामलों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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    बरेली में दिशा पाटनी के पिता के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज

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  • आर्मी भर्ती रैली में युवक की मौत, हार्टअटैक बना मौत का कारण

    आर्मी भर्ती रैली में युवक की मौत, हार्टअटैक बना मौत का कारण

    टेरीटोरियल आर्मी भर्ती में दर्दनाक घटना, दौड़ते समय हुई मौत

    टेरीटोरियल आर्मी भर्ती में दर्दनाक घटना, दौड़ते समय हुई मौत

    मध्यप्रदेश के सागर जिले में आयोजित आर्मी की सीधी भर्ती रैली के दौरान बालोद जिले के डेंगरापार निवासी राकेश कुमार की मौत हो गई। 24 वर्षीय राकेश कुमार टेरीटोरियल आर्मी की भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए सागर गया था। जानकारी के मुताबिक़, दौड़ते समय राकेश अचानक गिर पड़ा और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।

    14 नवंबर को आयोजित इस भर्ती रैली में राकेश ने पहले दो राउंड सफलतापूर्वक पूरे कर लिए थे, लेकिन तीसरे राउंड में दौड़ पूरी करते वक्त वह गिर गया। मेडिकल जांच में यह सामने आया है कि हार्टअटैक आने के कारण उसकी मौत हुई।

    राकेश 12 नवंबर को अपने गांव से सागर के लिए रवाना हुआ था। वह कई महीनों से आर्मी भर्ती की तैयारी कर रहा था और सेना में भर्ती होना उसका सपना था। लेकिन दुर्भाग्यवश यह सपना अधूरा रह गया राकेश का शव सागर से उसके पैतृक गांव डेंगरापार लाया गया, जहां पूरे सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना से गांव में शोक की लहर है, और परिवार गहरे सदमे में है। यह घटना उन युवाओं के लिए एक चेतावनी है जो सेना की भर्ती में भाग लेना चाहते हैं। बेहतर स्वास्थ्य जांच और सतर्कता के साथ ऐसी परीक्षाओं में भाग लेना जरूरी है।

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    बरेली में दिशा पाटनी के पिता के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज

    भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 135 रनों से हराया, सीरीज 3-1 से अपने नाम की

  • बरेली में दिशा पाटनी के पिता के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज

    बरेली में दिशा पाटनी के पिता के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज

    रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर जगदीश पाटनी

    सरकारी पद दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये की ठगी, दिशा पाटनी के पिता का आरोप

    बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के पिता और रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर जगदीश पाटनी हाल ही में एक बड़ी ठगी का शिकार हो गए हैं। ठगों ने उन्हें सरकारी आयोग में उच्च पद दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये की ठगी कर ली। घटना के बाद, दिशा पाटनी के पिता ने शुक्रवार शाम को बरेली कोतवाली थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई।

    फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की योजना बना रही है। बरेली कोतवाली थाना प्रभारी डी.के शर्मा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी और जबरन वसूली के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन आरोपियों में शिवेंद्र प्रताप सिंह, दिवाकर गर्ग, जूना अखाड़े के आचार्य जयप्रकाश, प्रीति गर्ग और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं।

    पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पूरी कोशिश की जा रही है और उन्हें जल्द से जल्द पकड़ने के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है। पुलिस इस मामले में हर पहलू की जांच कर रही है और ठगी के शिकार व्यक्ति को न्याय दिलाने के लिए प्रयासरत है।

    यह घटना दर्शाती है कि ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं, और किसी भी प्रतिष्ठित व्यक्ति को भी इसके लिए सावधान रहना चाहिए। अब पुलिस की नजर आरोपियों की गिरफ्तारी पर है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि न्याय की प्रक्रिया पूरी हो सके।

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    बिलासपुर में बाइक विवाद पर चाकू से किया वार, आरोपी हुआ फरार

    भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 135 रनों से हराया, सीरीज 3-1 से अपने नाम की

  • बिलासपुर में बाइक विवाद पर चाकू से किया वार, आरोपी हुआ फरार

    बिलासपुर में बाइक विवाद पर चाकू से किया वार, आरोपी हुआ फरार

    बिलासपुर में बाइक मांगने को लेकर चाकू से हमला, युवक की हालत गंभीर

    बिलासपुर शहर में बाइक मांगने को लेकर हुए एक चाकू से हमले का मामला सामने आया है, जिससे शहर में हड़कंप मच गया है। यह घटना गुरुवार की सुबह करीब 10 बजे डबरीपारा अटल आवास के पास की है, जहां एक गैरेज संचालक के छोटे भाई पर कुछ अज्ञात युवकों ने जानलेवा हमला किया। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और अपराधियों की तलाश में जुटी हुई है।

    रितेश साहू, जो सरकंडा इलाके के अशोक नगर में रहते हैं, ने अपनी जानकारी में बताया कि वह नेहरू नगर में एक गैरेज चलाते हैं। गुरुवार की रात, उनके छोटे भाई प्रिंस साहू जो गैरेज में ही काम कर रहे थे, उन्हें तीन युवकों ने बाइक मांगने के लिए approached किया। ये युवक दीपेश साहू, कालू त्रिपाठी और दीपक साहू थे। जब प्रिंस ने बाइक देने से मना किया, तो इन युवकों ने गुस्से में आकर प्रिंस पर बेसबॉल स्टिक और चाकू से हमला कर दिया।

    हमलावरों ने प्रिंस को बुरी तरह से मारा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद, हमलावर मौके से फरार हो गए। प्रिंस के दोस्तों ने उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। रितेश साहू को जैसे ही इस हमले के बारे में पता चला, उन्होंने तुरंत इसकी सूचना सरकंडा थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

    पुलिस द्वारा जारी की गई रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना के समय प्रिंस के पास सिर्फ उसका छोटा गैरेज था, और हमलावरों ने बाइक मांगने के लिए दबाव डाला था। जब प्रिंस ने उनका अनुरोध ठुकरा दिया, तो आरोपियों ने उसे निशाना बना लिया। फिलहाल, पुलिस की टीम इस हमले के पीछे की वजहों की जांच कर रही है, और आरोपियों की पहचान के लिए विभिन्न दिशाओं में जांच की जा रही है।

    साथ ही, इस घटना के बाद से इलाके में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। लोग अब इस तरह के हमलों के बारे में चिंतित हैं, और पुलिस से कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

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    स्कूलों के पास तंबाकू उत्पादों की बिक्री जारी, बच्चों के भविष्य पर मंडराया संकट के बादल

    भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 135 रनों से हराया, सीरीज 3-1 से अपने नाम की

  • स्कूलों के पास तंबाकू उत्पादों की बिक्री जारी, बच्चों के भविष्य पर मंडराया संकट के बादल

    स्कूलों के पास तंबाकू उत्पादों की बिक्री जारी, बच्चों के भविष्य पर मंडराया संकट के बादल

    स्कूलों के पास धड़ल्ले से बिक रहे तंबाकू उत्पाद, बच्चों में धूम्रपान की बढ़ती लत पर प्रशासन खामोश

    बिलासपुर के सरकंडा और प्रताप चौक इलाकों में तंबाकू नियंत्रण कानून (कोटपा) के बावजूद धूम्रपान सामग्री की खुलेआम बिक्री का मामला फिर से सुर्खियों में है। यहां स्कूली बच्चों द्वारा धूम्रपान करने की घटनाएं सामने आई हैं। स्कूलों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद दुकानें और ठेले बिना किसी डर के संचालित हो रहे हैं।

    बच्चों पर पड़ रहा है गलत प्रभाव

    इन इलाकों में कई स्कूलों के पास स्थित दुकानों पर धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों का खुलेआम सेवन हो रहा है। बच्चों को व्यसन करने वालों को देखकर उनकी गलत आदतों को अपनाते हुए देखा गया है। चिकित्सकों का कहना है कि नाबालिग बच्चों पर इन चीजों का गहरा असर होता है। धूम्रपान के चलते बच्चों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।

    प्रशासन की उदासीनता

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शुरुआत में दुकानों और ठेलों को नोटिस दिया गया, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति फिर से सामान्य हो गई।

    तंबाकू नियंत्रण कानून की अनदेखी

    कोटपा कानून के अनुसार, स्कूलों और शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है। बावजूद इसके, सरकंडा इलाके में कई दुकानदार खुलेआम पान, गुटखा, सुपारी और अन्य तंबाकू उत्पाद बेच रहे हैं। यह कानून के साथ-साथ बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

    स्थानीय लोगों की मांग

    लोगों का कहना है कि प्रशासन को इन दुकानों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उनका मानना है कि अगर तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है। बच्चों को इस लत से बचाने और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह कानून को सख्ती से लागू करे।

    समाज और सरकार की भूमिका

    सरकार को तंबाकू उत्पादों के दुष्प्रभावों को लेकर बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। स्कूलों के पास तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाना और नियमित निगरानी सुनिश्चित करना आवश्यक है। अगर इस समस्या का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो यह न केवल बच्चों बल्कि पूरे समाज के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।

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    भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 135 रनों से हराया, सीरीज 3-1 से अपने नाम की

    ICC के फैसले के बाद पकिस्तान को लगा बड़ा झटका

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    ICC के फैसले के बाद पकिस्तान को लगा बड़ा झटका

    BCCI की आपत्ति के बाद PoK में नहीं जाएगी चैम्पियंस ट्रॉफी

    चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी पाकिस्तान को सौंपी गई है, लेकिन इस आयोजन से पहले ही विवाद शुरू हो गया है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने पाकिस्तान को यह आदेश दिया है कि चैम्पियंस ट्रॉफी की ट्रॉफी को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नहीं ले जाया जाएगा। यह फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की आपत्ति के बाद लिया गया।

    चैम्पियंस ट्रॉफी की आधिकारिक ट्रॉफी गुरुवार, 14 नवंबर को पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंची। इस ट्रॉफी को 16 से 24 नवंबर तक पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में घुमाने की योजना है। इसे दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी K2 और अन्य प्रमुख स्थलों पर ले जाया जाएगा।

    पाकिस्तान सरकार ने इस ट्रॉफी को PoK के स्कार्दु, मुर्ती और मुजफ्फराबाद में ले जाने का प्लान बनाया था। हालांकि, BCCI ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद ICC ने PoK में ट्रॉफी के दौरे पर रोक लगा दी। चैम्पियंस ट्रॉफी 19 फरवरी से 9 मार्च 2025 के बीच खेली जानी है, लेकिन टूर्नामेंट का शेड्यूल अब तक जारी नहीं हुआ है। यह ICC के इतिहास में पहली बार हुआ है कि शेड्यूल जारी होने से पहले ही ट्रॉफी मेजबान देश में पहुंची और आधिकारिक टूर पर निकाली गई।

    भारत पहले ही अपनी टीम को पाकिस्तान भेजने से इनकार कर चुका है। ऐसे में टूर्नामेंट के हाइब्रिड मॉडल पर होने या इसे किसी अन्य देश में स्थानांतरित करने की चर्चा तेज हो गई है। पाकिस्तान ने हालांकि लाहौर, कराची और रावलपिंडी में सभी मैचों की योजना तैयार कर ली है।

    ICC ने स्पष्ट किया है कि ट्रॉफी का यह दौरा एक आधिकारिक प्रक्रिया है, लेकिन यह सुनिश्चित नहीं करता कि टूर्नामेंट पाकिस्तान में ही आयोजित होगा। पाकिस्तान सरकार ट्रॉफी के दौरे को पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल करना चाहती है। K2 समेत अन्य स्थानों पर ट्रॉफी ले जाने की योजना इसी उद्देश्य का हिस्सा है। हालांकि, PoK पर रोक के बाद पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है।

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    छत्तीसगढ़ में शराब विवाद पर बीजेपी-कांग्रेस के बीच झड़प, कह दी ऐसी बात…

    प्रधानमंत्री मोदी ने जमुई में भगवान बिरसा मुंडा को किया नमन

  • छत्तीसगढ़ में शराब विवाद पर बीजेपी-कांग्रेस के बीच झड़प, कह दी ऐसी बात…

    छत्तीसगढ़ में शराब विवाद पर बीजेपी-कांग्रेस के बीच झड़प, कह दी ऐसी बात…

    छत्तीसगढ़ में शराब विवाद पर बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

    छत्तीसगढ़ में शराब को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच एक बार फिर सियासी तकरार तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा विधायक अजय चंद्राकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है। इस वीडियो में चंद्राकर शराब के मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए नजर आ रहे हैं।

    वीडियो के वायरल होने के बाद विधायक अजय चंद्राकर ने भूपेश बघेल पर पलटवार करते हुए तीखे बयान दिए। उन्होंने कहा, “अगर भूपेश बघेल में राजनीतिक नैतिकता है, तो मेरा पूरा वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट और कांग्रेस के पेज पर साझा करें।” चंद्राकर ने चुनौती देते हुए कहा, “मर्दों जैसी राजनीति करें, नहीं तो हेल्थ टेस्ट कराएं।”

    चंद्राकर ने यह भी साफ किया कि शराबबंदी भाजपा का मुद्दा कभी नहीं रहा है। उन्होंने कहा, “यह कांग्रेस का वादा था। भाजपा गंगाजल की झूठी कसम वाली राजनीति नहीं करती। राज्य आबकारी विभाग ने शराब की बिक्री और गुणवत्ता पर निगरानी के लिए एक नया मोबाइल एप लॉन्च किया है। चंद्राकर ने इस एप को उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि यह नकली शराब से बचने और असली शराब खरीदने में मदद करेगा।

    इस पर भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “तो चलिए शुरू करते हैं ‘डबल इंजन’ की स्कूल बंद स्काच योजना का पहला निर्णय। मोदी की गारंटी और विष्णु के सुशासन ने मिलकर ‘मनपसंद एप’ लॉन्च किया है। शराब के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। दोनों पार्टियों के नेताओं के बयानों से विवाद और गहराने की संभावना है। आगामी चुनावों से पहले यह मुद्दा सियासी गर्मी को और बढ़ा सकता है।

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    प्रधानमंत्री मोदी ने जमुई में भगवान बिरसा मुंडा को किया नमन

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    प्रधानमंत्री मोदी ने जमुई में भगवान बिरसा मुंडा को किया नमन

     बिरसा मुंडा

    बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी का आदिवासी समाज को संदेश

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के जमुई में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। धरती आबा के नाम से प्रसिद्ध बिरसा मुंडा जनजातीय समाज के महानायक और भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेताओं में से एक थे।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “भगवान बिरसा मुंडा ने समाज को नई दिशा दी। उन्होंने न केवल अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया, बल्कि समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए भी आंदोलन किया। उनका जीवन हम सभी को प्रेरणा देता है।” उन्होंने यह भी कहा कि जनजातीय समाज का योगदान देश की संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में अमूल्य रहा है।

    बिरसा मुंडा का जीवन और योगदान

    15 नवंबर 1875 को झारखंड के उलीहातु गांव में जन्मे बिरसा मुंडा ने अपने अल्प जीवनकाल में अंग्रेजी शासन के खिलाफ कई आंदोलन खड़े किए। वे आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित थे। उन्होंने ‘उलगुलान’ (क्रांति) का नेतृत्व किया, जो एक संगठित आंदोलन था। यह आंदोलन जनजातीय समाज की भूमि और अधिकारों को बचाने के लिए लड़ा गया।

     बिरसा मुंडा

    बिरसा मुंडा ने शिक्षा प्राप्त की और अपने समुदाय को जागरूक करने का कार्य किया। वे आदिवासी समाज के भीतर व्याप्त अंधविश्वासों और कुरीतियों के खिलाफ खड़े हुए। उनके विचार और नेतृत्व ने जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर और संगठित बनने की प्रेरणा दी।

    नरेंद्र मोदी का भाषण

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन संदेश यह है कि समाज में हर व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “आज का दिन भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। बिरसा मुंडा जैसे वीर स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक हमारे गौरव हैं। उनकी 150वीं जयंती का यह वर्ष उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का अवसर है।”

    जनजातीय गौरव दिवस की महत्ता

    भारत सरकार ने 2021 में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। इसका उद्देश्य जनजातीय समाज के योगदान को सम्मान देना और उनकी संस्कृति को प्रोत्साहित करना है।

    प्रधानमंत्री ने बिरसा मुंडा की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और जनजातीय समुदाय के लोगों के साथ संवाद भी किया। इस कार्यक्रम ने बिरसा मुंडा के विचारों और आदिवासी समाज के अधिकारों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता दिलाने का कार्य किया है।

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