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  • आरडीए कॉलोनी की जर्जर पेयजल पाइप लाइन से फैल रही है बदबू और गंदगी

    आरडीए कॉलोनी की जर्जर पेयजल पाइप लाइन से फैल रही है बदबू और गंदगी

    आरडीए कॉलोनी की पेयजल पाइप लाइन की स्थिति जर्जर होने से लोग बदबू और गन्दगी से हुए परेशान  

    रायपुर के बोरियाखुर्द स्थित आरडीए कॉलोनी में हालात बद से बदतर हो गए हैं। जहां पहले से ही पीलिया का प्रकोप फैला हुआ है, वहीं बी-ब्लॉक के पानी में कीड़े निकलने की घटना ने कॉलोनीवासियों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं।

    पानी में कीड़े की घटना से हड़कंप

    हाल ही में बी-ब्लॉक के पानी में कीड़े निकलने की घटना सामने आई है, जिसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया है। कॉलोनी के एक घर में कीड़ा दिखाई देने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई है। वर्तमान में कॉलोनी में 10 से अधिक लोग पीलिया से पीड़ित हैं और 200 से अधिक लोगों के प्रभावित होने की आशंका है।

    पेयजल की पाइप लाइन की पुरानी स्थिति

    कॉलोनीवासियों का कहना है कि यह पहली बार नहीं हुआ है जब पानी में कीड़े दिखाई दिए हैं। 15 वर्ष पुरानी कॉलोनी में पेयजल के लिए बिछाई गई पाइप लाइन नालियों से होकर गुजरती हैं, जो कि अब जाम हो चुकी हैं। नालियों में पानी की निकासी नहीं होने के कारण घरों से निकलने वाला सीवरेज पानी कॉलोनी परिसर में भर जाता है, जिससे जंग लगे पाइप में कीड़े-मकोड़े देखना आम बात हो गई है।

    कॉलोनीवासियों की शिकायतें

    आरडीए कॉलोनी की कविता सोनी ने कहा, “पाइप लाइन सड़ चुकी है, जिससे कीड़े-मकोड़े निकल रहे हैं। तत्काल पाइप लाइन को बदलना चाहिए।” वहीं पुष्पा साहू ने बताया, “पीलिया का कहर जारी है और कॉलोनी में गंदगी और बदबू से लोग परेशान हैं। प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।”

    इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन को जल्द से जल्द समाधान निकालने की आवश्यकता है ताकि कॉलोनीवासियों को राहत मिल सके।

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  • मुख्यमंत्री निवास में पोरा तिहार का धूमधाम से मनाया गया उत्सव

    मुख्यमंत्री निवास में पोरा तिहार का धूमधाम से मनाया गया उत्सव

    मुख्यमंत्री निवास में आज पोरा तिहार (Teeja Pola 2024) धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस पर्व के अवसर पर छत्तीसगढ़ की महिलाएं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ तीजा-पोरा तिहार का आनंद ले रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की।

    सीएम साय ने अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ भगवान शिव और नंदीराज की विधि-विधान से पूजा की और छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी इस पूजा में शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री निवास को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी साज-सज्जा से सजाया गया है। यहां विशेष रूप से छत्तीसगढ़ी व्यंजन तैयार किए गए हैं और बहनों के लिए लाख की चूड़ियां उपहार में दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने पोरा तिहार की बधाई दी और इसे किसानों के लिए महत्वपूर्ण त्योहार बताया।

    इस मौके पर लगभग तीन हजार महिलाओं को आमंत्रित किया गया है, जिनमें महतारी वंदन योजना से लाभान्वित महिलाएं, महिला स्वसहायता समूहों की महिलाएं, और मितानिन शामिल हैं। राष्ट्रीय पोषण माह 2024 के पोस्टर का विमोचन भी किया गया और सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

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  • यूट्यूबर मोहनीश कर्ष की सड़क दुर्घटना में हुई मौत

    यूट्यूबर मोहनीश कर्ष की सड़क दुर्घटना में हुई मौत

    तेज रफ़्तार बाइक के पेड़ से टकराने से यूट्यूबर मोहनीश कर्ष की मौत

    तेज रफ्तार बाइक चलाते हुए वीडियो बना रहे 24 वर्षीय यूट्यूबर मोहनीश कर्ष की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। मोहनीश कर्ष, जो कि एक प्रसिद्ध बाइकर के रूप में जाने जाते थे, अपने दोस्त के साथ स्पोर्ट्स बाइक पर सवार होकर यूट्यूब वीडियो बनाने निकले थे। दुर्घटना दर्री थाना क्षेत्र के बरमपुर नहर बाइपास मार्ग के पास हुई, जब बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए।

    मोहनीश कर्ष ने हेलमेट तो लगाया था, लेकिन वह हेलमेट का क्लिप लॉक नहीं किया हुआ था, जिससे दुर्घटना के समय हेलमेट उसके सिर से गिर गया। यह लापरवाही उनकी मौत का मुख्य कारण साबित हुई। दुर्घटना के बाद हेलमेट की कमी के कारण उन्हें सिर में गंभीर चोटें आईं, जो उनकी मौत का कारण बनीं। घायल साथी का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

    यूट्यूब चैनल के लिए बनाते थे नियमित वीडियो

    मोहनीश कर्ष हर रविवार अपने दोस्त के साथ यूट्यूब चैनल के लिए वीडियो बनाने के लिए निकलते थे। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि यह यात्रा उनके जीवन की आखिरी यात्रा साबित होगी।

    सड़क सुरक्षा और सावधानी की आवश्यकता

    यह घटना एक बार फिर सड़क पर सावधानी और सुरक्षा नियमों की महत्वता को उजागर करती है। तेज रफ्तार और सुरक्षा उपकरणों की अनदेखी से जानलेवा परिणाम हो सकते हैं। बाइक सवारों को चाहिए कि वे हमेशा सुरक्षा गियर का सही तरीके से उपयोग करें और सड़क पर सावधानी बरतें, ताकि ऐसे दुखद हादसों से बचा जा सके।

    सड़क पर सुरक्षित रहने के लिए जरूरी है कि सभी सड़क उपयोगकर्ता नियमों का पालन करें और अपने वाहन की सही स्थिति और सुरक्षा उपकरणों की जांच करें। यह दुर्घटना सभी के लिए एक चेतावनी है कि सड़क पर सजग रहना और सुरक्षा मानकों का पालन करना कितना महत्वपूर्ण है।

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  • बलरामपुर में मृत समझी गई पत्नी और बेटियाँ जीवित मिलने से क्षेत्र में सनसनी

    बलरामपुर में मृत समझी गई पत्नी और बेटियाँ जीवित मिलने से क्षेत्र में सनसनी

    बलरामपुर में मृत समझी गई पत्नी और बेटियाँ जीवित मिलने से क्षेत्र में फैली सनसनी

    छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। दर्जी अबुल हसन (45) ने पिछले साल अपनी पत्नी राबिया (38) और दो बेटियों को मृत मानकर अंतिम संस्कार कर दिया था। हसन को यह झटका तब लगा जब उन्हें पता चला कि उनकी पत्नी और बेटियाँ वास्तव में जीवित हैं और झारखंड में अपने माता-पिता के घर पर रह रही हैं।

    गुमशुदगी की रिपोर्ट और शवों की पहचान

    यह घटनाक्रम 8 अगस्त 2023 को शुरू हुआ जब राबिया घरेलू विवाद के चलते अपनी दो बेटियों, जिनकी उम्र छह और तीन वर्ष थी, के साथ अपने घर से निकल गई। हसन ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पस्ता पुलिस थाने में दर्ज कराई।

    शवों की बरामदगी और पहचान

    14 अगस्त 2023 को रायगढ़ पुलिस ने देहजरी नदी से एक महिला और दो बच्चियों के शव बरामद किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की मृत्यु आत्महत्या के कारण बताई गई। गुमशुदगी की रिपोर्ट के चलते रायगढ़ पुलिस ने हसन को बुलाया और शवों की पहचान करने को कहा। हसन ने शवों को अपनी पत्नी और बेटियों के रूप में पहचान लिया और पुलिस ने शवों को उन्हें सौंप दिया। डीएनए परीक्षण उस समय नहीं किया गया था।

    शवों का अंतिम संस्कार और नई जानकारी

    इसके बाद हसन ने शवों का अंतिम संस्कार कर दिया और मान लिया कि उनकी पत्नी और बेटियाँ अब इस दुनिया में नहीं हैं। हाल ही में जुलाई 2024 में हसन को पता चला कि राबिया और उनकी बेटियाँ झारखंड में अपने माता-पिता के घर पर रह रही हैं। हसन ने अपनी पत्नी से संपर्क किया और पाया कि वे जीवित हैं, जिसके बाद वे एक बार फिर से एक साथ रहने लगे।

    पुलिस की लापरवाही और शवों की नई पहचान

    जब राबिया के घर लौटने की खबर फैली, तो पुलिस को मुखबिरों से इस बारे में जानकारी मिली। पस्ता पुलिस स्टेशन के प्रभारी विमलेश सिंह ने बताया कि राबिया ने झगड़े के बाद घर छोड़ा था और कुछ महीनों तक राजस्थान में रहने के बाद आर्थिक समस्याओं के कारण अपने माता-पिता के घर लौट आई थी।

    पुलिस की जांच और कानूनी कदम

    अब रायगढ़ पुलिस उन शवों की सही पहचान करने के लिए विज्ञापन दे रही है, जिन्हें हसन ने अपनी पत्नी और बेटियों के रूप में पहचाना था। रायगढ़ पुलिस के अतिरिक्त एसपी, आकाश मर्कम ने कहा, “उस समय, हसन ने शवों की पहचान की और हमने उन्हें सौंप दिया। अब हम उन तीन व्यक्तियों की पहचान के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं और उनके परिवार के सदस्यों को ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं।”

    समाज और पुलिस के लिए चेतावनी

    इस घटना ने पुलिस की लापरवाही और शवों की पहचान में हुए खामियों को उजागर किया है। डीएनए परीक्षण की कमी और शवों की पहचान की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अब पुलिस गहन जांच कर रही है ताकि मृतक शवों की वास्तविक पहचान की जा सके और आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा सकें। यह मामला पुलिस और समाज के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी के रूप में उभरा है।

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  • निजात अभियान को फ़िल्मी सितारों ने किया समर्थन

    फ़िल्मी सितारों ने किया समर्थन

    रायपुर पुलिस के ड्रग विरोधी अभियान में सितारों की भागीदारी बढ़ी

    रायपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ड्रग, नारकोटिक्स और अवैध नशे के खिलाफ निजात अभियान को अब बॉलीवुड और टीवी जगत के कई प्रसिद्ध कलाकारों का समर्थन मिल रहा है। इन कलाकारों ने वीडियो संदेश के माध्यम से युवाओं और समाज के अन्य वर्गों से नशे से दूर रहने की अपील की है।

    फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा, आदित्य पंचोली, अदा शर्मा, प्रभु देवा, अरबाज खान, राजपाल यादव, पीयूष मिश्रा, और वीरेंद्र सक्सेना जैसे बड़े नाम इस अभियान के समर्थन में आगे आए हैं। इसके अलावा, टीवी कलाकार सुनील ग्रोवर, भगवान तिवारी, शाहवर अली, और गायक कैलाश खेर, हंसराज रघुवंशी, कविता कृष्णमूर्ति जैसे कई अन्य प्रमुख हस्तियों ने भी इस मुहिम में शामिल होकर नशे के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की है।

    छत्तीसगढ़ के विधायक और अभिनेता अनुज शर्मा, प्रमुख गायक-कलाकार प्रकाश अवस्थी, राकेश शर्मा, मोना सेन, लोक गायिका ममता चंद्राकर, तीजन बाई, दिलीप षडंगी, सुनील तिवारी, अंचल शर्मा, जाकिर हुसैन, गोपाल सिंह, और योगेश अग्रवाल भी इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हो गए हैं और उन्होंने पुलिस की सहायता करने की अपील की है।

    फरवरी महीने से शुरू किए गए इस अभियान के तहत अब तक स्कूल, कॉलेज, शहर और गांव में कुल 1402 जनजागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। ‘निजात’ नाम से जारी रैप सांग और रंग-बिरंगे नशा विरोधी गीत युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, और इस अभियान का असर लोगों पर खासकर युवाओं पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।

    अभियान के बढ़ते समर्थन को देखते हुए अन्य सेलिब्रिटी भी इससे जुड़ने की तैयारी कर रहे हैं। रायपुर पुलिस के इस प्रयास से समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और इसे जड़ से खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

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  • रायपुर के तेलीबांधा में शव मिलने से दहशत, पुलिस ने शुरू की जांच

    रायपुर के तेलीबांधा में शव मिलने से दहशत, पुलिस ने शुरू की जांच

    गोपी यादव की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस, आत्महत्या या हत्या की आशंका

    रायपुर के तेलीबांधा इलाके में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां आबकारी भवन के पीछे एक युवक का कंकाल मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान गोपी यादव के रूप में की गई है, जो पिछले एक महीने से लापता था।

    पुलिस को मौके पर एक फांसी का फंदा भी मिला है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि युवक ने आत्महत्या की हो सकती है। हालांकि, मामले की जांच जारी है और यह स्पष्ट नहीं है कि मौत आत्महत्या की वजह से हुई है या हत्या हुई है।

    कंकाल मिलने की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। पुलिस ने सबूत एकत्र कर लिए हैं और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। फिलहाल, पुलिस ने आत्महत्या की आशंका के आधार पर मामला दर्ज किया है, लेकिन हत्या की संभावनाओं की भी जांच की जा रही है।

    गोपी यादव के परिवार से संपर्क कर उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की सच्चाई सामने आएगी और इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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  • डॉक्टरों द्वारा गलत उपचार से महासमुंद में 6 साल की बच्ची की मौत

    नवजीवन अस्पताल की दवाओं के ओवरडोज़ से 6 साल की बच्ची की मौत, स्टाफ हुआ फरार

    छत्तीसगढ़ केमहासमुंद जिले के तुमगांव स्थित नवजीवन अस्पताल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां छह वर्षीय बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्ची को उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में दिए गए दवाओं के ओवरडोज के कारण उसकी मौत हुई।

    घटना के बाद अस्पताल में सन्नाटा पसर गया, और डॉक्टरों सहित पूरा स्टाफ अचानक गायब हो गया। बच्ची के पिता ने शिकायत दर्ज करवाई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बच्ची का पोस्टमार्टम भी किया जा रहा है, ताकि मौत के असली कारणों का पता चल सके।

    अस्पताल के प्रबंधन ने भी इस लापरवाही को स्वीकार किया है। इस घटना ने महासमुंद जिले में निजी अस्पतालों की गुणवत्ता और उनके प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोरोना काल के बाद जिले में कई निजी अस्पताल और मेडिकल दुकानें खुल गई हैं, जिनमें से कई नर्सिंग होम एक्ट के मानकों को पूरा नहीं करते।

    यह मामला इस बात की ओर इशारा करता है कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक है, और प्रशासन को इस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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  • मोहनलाल ने मलयालम फिल्म उद्योग में संकट पर जताई चिंता

    मोहनलाल ने मलयालम फिल्म उद्योग में संकट पर जताई चिंता, AMMA को अकेले दोष देना बताया गलत

    अभिनेता मोहनलाल ने मलयालम फिल्म उद्योग में चल रहे संकट पर अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि सिर्फ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (AMMA) को दोष देना सही नहीं है, बल्कि हेम समिति की रिपोर्ट के लिए पूरे उद्योग को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। मोहनलाल ने इस रिपोर्ट का स्वागत किया और उद्योग के सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे इसका भविष्य बेहतर हो सके।

    उद्योग का बड़ा संकट: मोहनलाल ने AMMA की आलोचना को बताया गलत

    केरल क्रिकेट लीग के उद्घाटन के दौरान, मोहनलाल ने कहा कि मलयालम फिल्म उद्योग इस समय बड़े संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी “पावर ग्रुप” का हिस्सा नहीं हैं और उन्हें ऐसे समूहों की कोई जानकारी नहीं है। मोहनलाल ने तर्क किया कि फिल्म उद्योग के सभी मुद्दों के लिए एकजुट होकर जिम्मेदारी लेनी चाहिए, क्योंकि यह केवल फिल्मों का नहीं, बल्कि समाज के सभी क्षेत्रों का मुद्दा है।

    AMMA का परिवार जैसा स्वरूप: मोहनलाल ने अध्यक्ष पद से इस्तीफे की वजह बताई

    मोहनलाल ने कहा कि AMMA एक ट्रेड यूनियन की तरह काम नहीं करता, बल्कि यह एक ऐसा परिवार है, जिसे कलाकारों की मदद के लिए बनाया गया था। उन्होंने AMMA के अध्यक्ष पद से इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि उन्हें और AMMA की कार्यकारिणी समिति को हर बात के लिए दोषी ठहराया जा रहा था, जबकि वास्तव में पूरी इंडस्ट्री जवाबदेह है।

    उद्योग के ढहने की आशंका: मोहनलाल ने सुधार की प्रक्रिया शुरू करने की अपील की

    मोहनलाल ने इस बात पर भी चिंता जताई कि यह उद्योग, जो हजारों लोगों को रोजगार देता है, कहीं ढह न जाए। उन्होंने कहा कि गलती करने वाले को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि उद्योग में सुधार की प्रक्रिया शुरू की जाए। मोहनलाल ने इस बात का भी समर्थन किया कि जूनियर कलाकारों के लिए एक एसोसिएशन बने, क्योंकि रिपोर्ट के जारी होने के बाद इन कलाकारों ने उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इस समय मलयालम फिल्म उद्योग को पुनर्निर्माण की आवश्यकता है, और मोहनलाल ने इस दिशा में आगे बढ़ने की बात कही है।

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  • गूगल रिव्यू के नाम पर करोड़ों की ठगी आरोपी सूरत से पकड़ा गया

    आरोपी नरेंद्र कुंडलिया

    गूगल रिव्यू के नाम पर करोड़ों की ठगी आरोपी नरेंद्र कुंडलिया सूरत से पकड़ा गया

    रायपुर में 29.49 लाख रुपये की ठगी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। नरेंद्र हिम्मत भाई कुंडलिया नामक व्यक्ति ने गूगल रिव्यू के नाम पर ठगी का जाल बिछाया था। आरोपी को गुजरात के सूरत से पकड़ा गया है। उसने रायपुर निवासी श्वेता मेहरा से 29.49 लाख रुपये ठग लिए थे।

    पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी के खिलाफ देशभर के 48 से अधिक पुलिस थानों में शिकायतें दर्ज हैं। इसके अलावा, उसकी 500 से अधिक यूपीआई आईडी और बैंक अकाउंट होल्ड किए जा चुके हैं। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन, सिम कार्ड, और बैंक खाते भी जब्त कर लिए हैं।

    ठगी का तरीका यह था कि पीड़िता को व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल कर, गूगल रिव्यू देने के बदले पैसे कमाने का लालच दिया गया। पहले टास्क पूरा करने पर कुछ पैसे दिए गए, लेकिन बाद में ज्यादा पैसे मांगकर पीड़िता से बड़ी रकम ठग ली गई। पुलिस ने आरोपी के नए खरीदे गए 74 लाख रुपये के घर को भी जब्त कर लिया है और अन्य शामिल लोगों की तलाश जारी है।

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  • मैनपाट में हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत

    मैनपाट में हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत

    ग्रामीण की मौत के बाद मैनपाट में तनाव, वन विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल

    सरगुजा जिले के मैनपाट वन परिक्षेत्र के दांतीढाब के पास एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां जंगल में एक ग्रामीण का शव बरामद किया गया है। माना जा रहा है कि उसकी मौत हाथी के हमले से हुई है। मृतक की पहचान 55 वर्षीय नारद यादव के रूप में हुई है, जो नर्मदापुर पटेलपारा का निवासी था।

    भैंस चराने गया ग्रामीण वापस नहीं लौटा

    शनिवार को नारद यादव अपनी भैंसों को चराने के लिए दांतीढाब के बांसहिया जंगल गया था। शाम तक जब वह वापस नहीं लौटा, तो उसके परिवार और वन विभाग ने उसकी खोजबीन शुरू की। अंततः उसका शव जंगल में पाया गया, लेकिन आसपास एक हाथी के मौजूद होने के कारण शव को तुरंत बाहर नहीं निकाला जा सका।

    दूसरे दिन निकाला गया शव

    रविवार सुबह, जब हाथी जंगल से दूर चला गया, तब जाकर शव को बाहर निकाला गया। शव की हालत देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि नारद यादव की मौत हाथी के हमले से हुई है। क्षेत्र में एक अकेला हाथी पिछले कई दिनों से घूम रहा था, और ऐसा माना जा रहा है कि यह वही हाथी इस घटना का कारण बना।

    वन विभाग पर लापरवाही का आरोप

    इस घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वन विभाग द्वारा हाथियों की निगरानी सही तरीके से नहीं की जा रही है और ग्रामीणों को हाथी की उपस्थिति की जानकारी समय पर नहीं दी जा रही है। यदि हाथी के विचरण की सटीक जानकारी मिलती, तो इस प्रकार की दुखद घटना से बचा जा सकता था।

    मैनपाट क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं से ग्रामीणों में डर का माहौल है और वे वन विभाग से इस मामले में सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

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