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  • गणेश विसर्जन और ईद के मौके पर 250 जवानों को किया गया

    गणेश विसर्जन और ईद के मौके पर 250 जवानों को किया गया

    गणेश विसर्जन और ईद मिलाद-उन-नवी के मौके पर शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला पुलिस बल ने शनिवार को एक पैदल फ्लैग मार्च निकाला। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के नेतृत्व में यह मार्च शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और मुख्य मार्गों पर किया गया, जिसमें लगभग तीन सौ पुलिसकर्मी शामिल थे।

    पुलिस ने त्योहारों को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रमुख क्षेत्रों और चौक-चौराहों पर 250 जवान तैनात किए हैं। ये जवान पेट्रोलिंग के साथ-साथ शांति व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक गतिविधियों पर नजर रखेंगे।

    अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने गुंडा-बदमाशों की परेड भी की है, जिसमें 175 को थानों में पेश किया गया और 76 को जेल भेजा गया। एक दर्जन से अधिक बदमाशों के पास से धारदार हथियार बरामद किए गए हैं।

    एएसपी उमेश कश्यप ने बताया कि विशेष अभियान के तहत पुलिस का लक्ष्य है कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अशांति न हो और लोग सुरक्षित माहौल में त्योहार मना सकें।

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  • सिम्स की लापरवाही से हार्ट अटैक मरीज की मौत

    सिम्स की लापरवाही से हार्ट अटैक मरीज की मौत

    बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में लापरवाही के कारण 59 वर्षीय शमसाद हुसैन की हार्ट अटैक से मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह शमसाद को सीने में तेज दर्द और घबराहट होने लगी, जो हार्ट अटैक के लक्षण थे। वह तुरंत अपने बेटे के साथ सिम्स अस्पताल पहुंचे और सीधे आपातकालीन कक्ष में गए, जहां मौजूद डॉक्टर ने बिना जांच के उन्हें ओपीडी पर्ची कटवाने के लिए भेज दिया।

    शमसाद का दर्द लगातार बढ़ रहा था, लेकिन उन्हें इलाज के बजाय पर्ची कटवाने के लिए कहा गया। वह लाइन में लगकर पर्ची कटवाते रहे और फिर ओपीडी में डॉक्टर का इंतजार करने लगे। डॉक्टर ने जांच के बाद ईसीजी कराने का निर्देश दिया, लेकिन ईसीजी के लिए भी उन्हें पर्ची कटवाने के लिए कहा गया। इस दौरान उनका दर्द असहनीय हो गया, और आखिरकार वह फर्श पर गिर पड़े। तब अस्पताल के कर्मचारी उन्हें आपातकालीन कक्ष ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ईसीजी के दौरान ही उनका दिल काम करना बंद कर चुका था, और उनकी मौत हो गई।

    यह घटना सिम्स की लापरवाही को उजागर करती है। अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए बनी ट्राइएज यूनिट का भी सही उपयोग नहीं हो रहा है। सिम्स में आपातकालीन व्यवस्था होने के बावजूद मरीजों को इलाज के बजाय पर्ची कटवाने के लिए भटकाया जा रहा है। शमसाद की मौत इस लापरवाही का सीधा परिणाम है, और अगर उन्हें समय पर इलाज मिल जाता, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। इस घटना के बाद सिम्स अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, और लोग जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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  • हिंदी दिवस 2024: शिक्षा, विज्ञान और तकनीक में हिंदी की भूमिका

    हिंदी दिवस 2024: शिक्षा, विज्ञान और तकनीक में हिंदी की भूमिका

    हिंदी दिवस 2024: शिक्षा, विज्ञान और तकनीक में हिंदी की भूमिका

    आज, 14 सितंबर 2024 को, पूरे भारत में हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन विशेष रूप से 1949 में संविधान सभा द्वारा हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार करने की याद में मनाया जाता है। हिंदी दिवस का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा को बढ़ावा देना और इसके व्यापक उपयोग को प्रोत्साहित करना है, ताकि इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त भाषा के रूप में स्थापित किया जा सके।

    इस अवसर पर देशभर के सरकारी दफ्तरों, स्कूलों, और विश्वविद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। इनमें हिंदी भाषा की समृद्धि और साहित्य पर केंद्रित संगोष्ठियां, भाषण प्रतियोगिताएं, और लेखन कार्यशालाएं शामिल हैं। सरकारी अधिकारियों ने इस दिन हिंदी के महत्व पर बल दिया है और इसे अपने दैनिक कार्यों में और अधिक अपनाने का आह्वान किया है।

    प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने अपने संदेशों में हिंदी के बढ़ते प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी न केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संजोए हुए है, बल्कि यह विज्ञान, व्यापार, और तकनीकी क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने देशवासियों से हिंदी के प्रचार-प्रसार में योगदान देने और इसे अपनी दैनिक जीवन में अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।

    इसके साथ ही, **#HindiDiwas** सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग हिंदी भाषा से जुड़े अपने अनुभव और विचार साझा कर रहे हैं। भाषाविद और साहित्यकार हिंदी के विकास और इसके वैश्विक प्रभाव पर अपने दृष्टिकोण रख रहे हैं, जबकि युवा पीढ़ी इसे सोशल मीडिया के माध्यम से एक नई दिशा दे रही है।

    इस हिंदी दिवस पर, देश भर में भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ हिंदी को और सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि यह राष्ट्रीय एकता का एक प्रमुख प्रतीक बनी रहे।

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  • फैक्ट्री कर्मचारी का शव रेलवे ट्रैक पर मिला, हत्या या हादसा?

    फैक्ट्री कर्मचारी का शव रेलवे ट्रैक पर मिला, हत्या या हादसा? पुलिस जांच में जुटी

    सिरगिट्टी स्थित पुष्पा इंडस्ट्रीज में काम करने वाले संजय सिंह की लाश गुरुवार सुबह रेलवे ट्रैक के पास लहूलुहान अवस्था में मिली। संजय उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के सुल्तान नगर निवासी थे और फैक्ट्री में मशीन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे। बुधवार रात संजय अपने दोस्त के साथ रेलवे ट्रैक के पास टहल रहे थे और मोबाइल पर बात कर रहे थे। दोस्त के घर जाने के बाद संजय अपने कमरे में नहीं लौटे, और गुरुवार सुबह उनकी लाश गंभीर चोटों के साथ मिली।

    स्थानीय लोगों ने हत्या की आशंका जताई है, क्योंकि संजय के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर चीरघर भेजा है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जो मौत के कारणों को स्पष्ट करेगा। फिलहाल, पुलिस ने प्रारंभिक पूछताछ की है और संजय के दोस्त से भी पूछताछ की जा रही है।

    स्वजन के आने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। इस घटना ने सिरगिट्टी के फैक्ट्री क्षेत्र में दहशत फैला दी है और पुलिस ने मामले की गहन जांच का आश्वासन दिया है। फैक्ट्री के अन्य कर्मचारी भी इस मामले में सच्चाई सामने लाने की अपील कर रहे हैं।

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  • बिलासपुर में इंटरनेशनल चॉकलेट डे की धूम: महंगे चॉकलेट्स की बढ़ी मांग

    बिलासपुर में इंटरनेशनल चॉकलेट डे की धूम: महंगे चॉकलेट्स की बढ़ी मांग

    इंटरनेशनल चॉकलेट डे के मौके पर, बिलासपुर में चॉकलेट की मांग में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिल रही है। पिछले कुछ सालों में शहरवासियों के टेस्ट बड्स में बड़ा बदलाव आया है। अब लोग केवल साधारण चॉकलेट से संतुष्ट नहीं होते, बल्कि महंगे और अलग-अलग फ्लेवर की एक्सोटिक चॉकलेट्स को पसंद कर रहे हैं। शहर में मॉल से लेकर मिठाई की दुकानों और पान की शॉप्स तक, हर जगह चॉकलेट फ्लेवर की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है।

    बिलासपुर में बढ़ी चॉकलेट की डिमांड

    अब शहर की मिठाई की दुकानों पर चॉकलेट फ्लेवर की मिठाइयां जैसे चॉकलेट बर्फी, चॉकलेट लड्डू उपलब्ध हैं, वहीं पान की दुकानों में भी चॉकलेट पान की मांग तेजी से बढ़ रही है। बर्थडे केक और शेक्स में भी चॉकलेट फ्लेवर की डिमांड सबसे अधिक है। त्योहारों और खास मौकों पर महंगे चॉकलेट गिफ्ट हैंपर और बास्केट की बिक्री में भारी वृद्धि देखी जा रही है, जो शहरवासियों की बदलती पसंद और जीवनशैली को दर्शाता है।

    स्वास्थ्य के लिए चॉकलेट के फायदे

    स्वाद के साथ-साथ, चॉकलेट को सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। खासकर डार्क चॉकलेट, जो एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है, दिल के लिए बहुत लाभकारी होती है। इसमें शुगर की मात्रा कम होती है, जिससे यह हेल्दी विकल्प के रूप में जानी जाती है। शहर के फिटनेस सेंटर्स और जिम में डार्क चॉकलेट को हेल्दी स्नैक के रूप में प्रमोट किया जा रहा है। इसका सेवन फिटनेस के प्रति जागरूक लोगों के बीच तेजी से बढ़ रहा है।

    बिलासपुर में चॉकलेट कल्चर का विकास

    बिलासपुर में चॉकलेट का बोलबाला अब केवल मिठाइयों तक सीमित नहीं है, बल्कि पान, केक, शेक्स और गिफ्ट आइटम्स तक इसका विस्तार हो गया है। चॉकलेट की बढ़ती लोकप्रियता और इसके सेहतमंद फायदे इसे शहर में हर वर्ग के लोगों के बीच एक पसंदीदा विकल्प बना रहे हैं।

    इंटरनेशनल चॉकलेट डे पर बिलासपुर में चॉकलेट के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। जहां एक तरफ स्वाद और फ्लेवर की विविधता ने इसे खास बनाया है, वहीं दूसरी तरफ इसके स्वास्थ्य संबंधी लाभ इसे और अधिक लोकप्रिय बना रहे हैं।

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  • मलेरिया उन्मूलन शाखा से करोड़ों का डाटा गायब, विभाग पर उठे सवाल

    मलेरिया उन्मूलन शाखा से करोड़ों का डाटा गायब, विभाग पर उठे सवाल

    मलेरिया उन्मूलन शाखा से करोड़ों का डाटा गायब विभाग पर उठे सवाल

    बिलासपुर में मंगलवार की रात स्वास्थ्य विभाग परिसर में स्थित मलेरिया उन्मूलन शाखा में एक बार फिर से चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने शाखा का ताला तोड़कर वहां रखे कंप्यूटर, सीपीयू और अन्य डाटा संबंधित उपकरण चोरी कर लिए। इस कंप्यूटर में मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े करोड़ों रुपये के खर्च का हिसाब-किताब दर्ज था। खास बात यह है कि इस घटना में केवल डाटा से संबंधित उपकरण ही चुराए गए, जबकि बाकी सामान सुरक्षित रहा।

    इससे पहले भी 30 अगस्त को टीबी उन्मूलन शाखा से कंप्यूटर और अन्य उपकरण चोरी हो चुके हैं, जिनमें टीबी उन्मूलन कार्यक्रम का महत्वपूर्ण डाटा दर्ज था। स्वास्थ्य विभाग से लगातार हो रही इन चोरियों ने अधिकारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि इन चोरियों के पीछे कोई बड़ी गड़बड़ी छिपाने का प्रयास किया जा रहा है।

    सीएमएचओ डॉ. प्रभात श्रीवास्तव ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी रजनेश सिंह से मुलाकात की और जांच की मांग की। पुलिस ने घटना की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है, लेकिन चोरी की इन घटनाओं को लेकर विभाग पर पहले से ही गड़बड़ी के आरोप लगते रहे हैं।

    मलेरिया विभाग में मलेरिया, डेंगू, कुष्ठ और हाथी पांव जैसी बीमारियों के इलाज और उन्मूलन के लिए करोड़ों रुपये का फंड मिलता है। इसके बावजूद इन बीमारियों पर नियंत्रण के आंकड़ों में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। वहीं विभाग में पारदर्शिता की कमी और जानकारी छिपाने की प्रवृत्ति को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।

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  • केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के गुम हुए जीजा को आरपीएफ ने घंटों में सुरक्षित ढूंढा

    केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के गुम हुए जीजा को आरपीएफ ने घंटों में सुरक्षित ढूंढा

    केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के गुम हुए जीजा को आरपीएफ ने घंटों में सुरक्षित ढूंढा

    केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के जीजा, राजेश कुमार साहू, के गुम होने की खबर ने रेलवे प्रशासन को अलर्ट कर दिया। घटना तब हुई जब वे दिल्ली से बिलासपुर आ रही राजधानी एक्सप्रेस में अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे। गोंदिया स्टेशन पर किसी कारणवश वे ट्रेन से उतर गए और ट्रेन आगे बढ़ गई। जब परिवार ने देखा कि राजेश साहू ट्रेन में नहीं हैं, तो उन्होंने तुरंत केंद्रीय मंत्री को सूचित किया।

    मंत्री ने रेल मंत्रालय को जानकारी दी, जिसके बाद आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। बिलासपुर, रायपुर, और नागपुर डिविजनों की टीमों ने सभी ट्रेनों की तलाशी शुरू की। रायपुर डिवीजन की आरपीएफ स्कॉट टीम के उपनिरीक्षक एसडी घोष ने आखिरकार उन्हें इंटरसिटी एक्सप्रेस के जनरल कोच में पाया। इसके बाद रविवार को उन्हें सुरक्षित बिलासपुर लाया गया।

    उनकी सुरक्षित वापसी की खबर मिलते ही जोनल स्टेशन पर बड़ी संख्या में लोग उनका स्वागत करने के लिए उमड़ पड़े। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के जीएम ने इस सफलता पर आरपीएफ टीम की सराहना की और मंत्री के रिश्तेदार की सुरक्षित वापसी को साझा किया।

    इस घटना ने रेलवे की तत्परता और सुरक्षा व्यवस्था को दिखाया, और केंद्रीय मंत्री के परिवार ने आरपीएफ की त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की।

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  • रायपुर और बिलासपुर में स्वाइन फ्लू का बढ़ा प्रकोप

    रायपुर और बिलासपुर में स्वाइन फ्लू का बढ़ा प्रकोप

    रायपुर और बिलासपुर में स्वाइन फ्लू का बढ़ा प्रकोप

    छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू की स्थिति गंभीर हो गई है। प्रतिदिन औसतन 10 से 12 नए मामले सामने आ रहे हैं। पिछले माह में 18 लोगों की मौत हो चुकी है और 300 से अधिक मरीज मिल चुके हैं। बिलासपुर में सबसे अधिक 108 मरीज और आठ मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि रायपुर में 85 मरीज सामने आए हैं।

    स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में जांच और इलाज की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की है और लोगों से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचें, मास्क लगाएं, और बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाएं। वर्तमान में 112 मरीज अस्पतालों में इलाज प्राप्त कर रहे हैं और 13 मरीज होम आइसोलेशन में हैं।

    स्वाइन फ्लू एक संक्रामक बीमारी है जो इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होती है और हवा से फैलती है। इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं, जिसमें बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, सिरदर्द और थकान शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आइसोलेशन वार्ड तैयार कर दिए हैं और लोगों से सावधानियों का पालन करने की अपील की है, जैसे कि खांसते या छींकते समय नाक और मुंह ढकना, हाथों को साबुन से धोना और बीमार लोगों से बचना।

    जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 104 पर चौबीसों घंटे संपर्क किया जा सकता है।

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  • बिलासपुर में गणेशोत्सव का 94 साल पुराना इतिहास

    बाल गंगाधर तिलक की प्रेरणा से शुरू हुआ सार्वजनिक गणेशोत्सव

    भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को हर साल भगवान गणेश का जन्मोत्सव गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। इसी परंपरा के तहत, शनिवार से घरों और पंडालों में भगवान गणपति की प्रतिमा स्थापित की जाएगी और शहर भक्ति में डूब जाएगा। खास बात यह है कि बिलासपुर में गणेशोत्सव का इतिहास 94 साल पुराना है। इसका आरंभ 1920 में तिलक नगर स्थित श्रीराम मंदिर से हुआ था, जहां महाराष्ट्र से प्रेरित स्थानीय परिवारों ने पहली बार सार्वजनिक रूप से गणेश प्रतिमा स्थापित की।

    बाल गंगाधर तिलक की प्रेरणा से शुरू हुए इस उत्सव में धार्मिक और बौद्धिक कार्यक्रमों का आयोजन होता था। 10 दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में शास्त्रीय संगीत, लोकसंगीत, प्रवचन, और परिसंवाद आयोजित किए जाते थे, जो दूर-दूर तक प्रसिद्ध थे। धीरे-धीरे, गणपति की भक्ति पूरे शहर में फैल गई और अब यह उत्सव सभी वर्गों द्वारा मनाया जाता है।

    तिलक नगर स्थित श्रीराम मंदिर समिति के सचिव संजीव बाटवे बताते हैं कि प्रारंभ में गणेश चतुर्थी का उत्सव सिर्फ घरों तक सीमित था। महाराष्ट्रीयन परिवारों द्वारा इसे समाज तक पहुंचाया गया, जहां 1930 से सार्वजनिक गणेशोत्सव का आयोजन किया गया। इस उत्सव में नागरिक परिसंवाद भी होते थे, जिनकी प्रतीक्षा नगर के लोग किया करते थे।

    गणेशोत्सव अब धार्मिक आस्था का पर्व बन चुका है, और शहर के हर गली-मोहल्ले में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाएगी।

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  • छत्तीसगढ़ में रेंज स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक गृह मंत्री ने दिए सख्त निर्देश

    छत्तीसगढ़ में रेंज स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक, गृह मंत्री विजय शर्मा ने दिए सख्त निर्देश

    छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने गुरुवार को बिलासपुर रेंज में अपराधों की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में पुलिस महानिदेशक, गृह विभाग के सचिव, बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक और विभिन्न जिलों के पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे। करीब 4 घंटे तक चली इस बैठक में लंबित गंभीर अपराधों, जैसे ब्लाइंड मर्डर, चाकूबाजी, तलवारबाजी, और फायरिंग के मामलों की गहन समीक्षा की गई।

    लंबित अपराधों पर गहन चर्चा

    गृह मंत्री ने बैठक में लंबित मर्ग प्रकरणों, राष्ट्रीय और राज्य मानव अधिकार आयोग के अधूरे मामलों, महिला एवं बाल अपराधों पर विशेष ध्यान देते हुए इन मामलों में तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने पीड़ितों को क्षतिपूर्ति दिलाने, मानव तस्करी के लंबित मामलों, और गुमशुदा महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के प्रकरणों पर भी अधिकारियों से जानकारी ली।

    अनुसूचित जाति, जनजाति और चिटफंड मामलों की समीक्षा

    अनुसूचित जाति और जनजाति पर हुए अपराधों, राहत राशि वितरण की स्थिति और चिटफंड मामलों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा, एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मादक पदार्थों के मामलों और गौवंश से संबंधित अपराधों की प्रगति की समीक्षा की गई।

    कानून व्यवस्था को सख्त करने के निर्देश

    कानून व्यवस्था को मजबूत करने और जिले में लागू की जा रही बेस्ट प्रैक्टिस पर भी विचार-विमर्श हुआ। गृह मंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि प्रदेश में शांति और सुरक्षा बनी रहे।

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