Tag: AMBIKAPUR LATEST NEWS

  • स्कूल के लिए निकलीं छात्राएं चार दिन से लापता

    स्कूल के लिए निकलीं छात्राएं चार दिन से लापता

    परिजनों ने दर्ज कराया थाने में गुमशुदगी का रिपोर्ट

    अम्बिकापुर शहर के गांधीनगर थाना अंतर्गत 25 अक्टूबर को दो छात्राओं ने घर से स्कूल के लिए निकले थे लेकिन शाम हो जाने के बाद भी घर नहीं पहुँचे, तो परिजन परेशान हो गए I उन्होंने खोजने के लिए काफी मेहनत मशकत की लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया I

    तत्पश्चात परिजनों ने इसकी सूचना गाँधी नगर थाना में दी I  जब सड़कों में लगे सीसी टीवी कैमरे को खंगाला गया तो पता चला कि दोनों बनारस रोड़ की तरफ पैदल जा रही थीं  I जहाँ-जहाँ सीसी टीवी कैमरे लगे थे वहां तक उनका सुराग मिला उसके बाद उनका कोई पता नहीं चल पाया I

    जानकारी के मुताबिक़, एक छात्रा का नाम साक्षी लकड़ा और दूसरी का नाम आयुषी भगत है दोनों सेन्ट्रल स्कूल में कक्षा 8 वीं में पढ़ते हैं I दोनों 25 अक्टूबर को मनेन्द्रगढ़ रोड़ में जाने के निकली थीं लेकिन देर शाम तक दोनों घर नहीं आई तो स्कूल के शिक्षकों से पूछताछ किया गया तो पता चला कि दोनों छात्रा स्कूल ही नहीं पहुँची है I बहुत खोजबीन करने के बाद परिजनों ने थाने में जाकर गुमशुदगी का रिपोर्ट दर्ज करा दी है I

    परिजनों ने बताया कि चार दिन बीत चुके हैं लेकिन उनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है I उधर पुलिस ने अपनी खोजबीन शुरु कर दी है लेकिन परिजनों में चिंता और भय का मंजर बना हुआ है I

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    धनतेरस के दिन खरीददारी के लिए दुकानों में उमड़ी ग्राहकों की भीड़

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  • राजमार्ग 43 पर टियागो कार और ट्रक की टक्कर में बड़ा हादसा

    राजमार्ग 43 पर टियागो कार और ट्रक की टक्कर में बड़ा हादसा

    अम्बिकापुर-पत्थलगांव राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर गुरुवार सुबह एक गंभीर सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो युवकों और दो युवतियों की टियागो कार ट्रक से भिड़ गई। घटना बतौली कुनकुरी के पास हुई, जब कार (क्रमांक सीजी 15डीपी 3420) तेज़ रफ़्तार में थी और सामने से आ रहे ट्रक (क्रमांक ओडी 16 डीएम 3138) से टकरा गई।

    हादसे में 19 वर्षीय दुष्यंत तिग्गा, जो कार चला रहा था, और 17 वर्षीय पूर्णिमा एक्का, जो कार की अगली सीट पर बैठी थी, दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पीछे बैठी रेनूका तिर्की (18 वर्ष) और अनुज तिर्की (19 वर्ष) कार में फंस गए थे, जिनका पैर दब गया था। 112 की टीम और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से कार का गेट तोड़कर दोनों को बाहर निकाला गया और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली में भर्ती कराया गया। उनकी गंभीर स्थिति के कारण उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

    हादसे के बाद ट्रक चालक ट्रक को बीच सड़क में लॉक कर मौके से फरार हो गया। कार में पेंट रखा हुआ था, जिसके कारण सभी मृतक और घायल पेंट से रंगे हुए मिले। घटना के बाद कार को बाहर निकालना भी मुश्किल हो गया।

    यह कार खड़धोवा निवासी शिक्षक सुखसाय पैकरा की थी, जिसे दुष्यंत ने अपने दोस्त अनुज को सिलमा छोड़ने के लिए मांगी थी। सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान यह हादसा हो गया, जिससे क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और ट्रक चालक की तलाश जारी है।

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  • निवेश पर बेहतर रिटर्न का लालच देकर 5 करोड़ की ठगी

    निवेश पर बेहतर रिटर्न का लालच देकर 5 करोड़ की ठगी

    सरगुजा जिले के निवेशकों ने 5 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। निवेशकों का कहना है कि जेक्स फंड नाम की एक कंपनी, जिसने बाद में नाम बदलकर लुकोस इंटरनेशनल और फिर फ्रिक मार्केट कर लिया, ने उन्हें बेहतर लाभांश का लालच देकर ठगा। सरगुजा पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इस कंपनी ने देश भर में कई हजार करोड़ रुपये की ठगी की है और कई राज्यों में इसके खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जा चुके हैं।

    सोमवार को सरगुजा और जशपुर जिले के पीड़ित निवेशकों ने पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल से मुलाकात कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। निवेशकों का आरोप है कि उन्हें प्रति माह 10 प्रतिशत का लाभांश देने का वादा किया गया था, जिससे वे आकर्षित होकर अपनी पूंजी कंपनी में जमा करने लगे। प्रारंभ में जिस कंपनी के नाम पर निवेश कराया गया, बाद में उसका नाम बदल दिया गया। कंपनी के अधिकारियों ने निवेशकों को यह भी विश्वास दिलाया कि यह भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एक वित्तीय संस्थान है, जिसके कारण लोगों ने बिना किसी शंका के अपनी राशि निवेश कर दी।

    सरगुजा संभाग के निवेशकों से लगभग 5 करोड़ रुपये की ठगी की गई है, और देश के विभिन्न हिस्सों में निवेशकों द्वारा कंपनी के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कराए जा रहे हैं। सरगुजा के निवेशकों ने इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की है। सरगुजा पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने बताया कि इस मामले में शिकायत प्राप्त हुई है और जांच की जा रही है। निवेशकों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही असली आंकड़ा सामने आएगा। यह देखा जा रहा है कि निवेशकों ने कितनी राशि जमा की थी और उन्हें कितना पैसा वापस मिला है। दस्तावेजों की जांच के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।

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  • हाईटेंशन तार की चपेट में आने से छात्र की दर्दनाक मौत

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    हाईटेंशन तार की चपेट में आने से छात्र की दर्दनाक मौत

    सरगुजा जिले के फुन्दुरडिहारी क्षेत्र में 11 हजार वोल्टेज के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक छात्र की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक छात्र, अंश, छठवीं कक्षा में पढ़ता था और किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई कर रहा था। घटना तब हुई जब वह कमरे की छत पर सूख रहे कपड़े लेने गया और अचानक हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। यह हादसा गांधीनगर थाना क्षेत्र के फुन्दुरडिहारी में हुआ।

    घटना के बाद मोहल्ले में सनसनी फैल गई है, क्योंकि लगभग सभी घरों के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरते हैं, जो निवासियों के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ है। इस दुर्घटना ने इलाके के लोगों में डर और आक्रोश पैदा कर दिया है, क्योंकि तारों की ऊंचाई और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने अंश की जान ले ली। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इन तारों को हटाने या सुरक्षित ऊंचाई पर ले जाने की मांग की है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह देख रही है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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  • ककना-सिधमा मार्ग पर हुआ भीषण सड़क हादसा

    ककना-सिधमा मार्ग पर भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौत, तीसरा गंभीर रूप से घायल

    बलरामपुर जिले के ककना-सिधमा मार्ग पर एक गंभीर सड़क हादसा हुआ है जिसमें दो युवकों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल है। शनिवार सुबह चंदन बाड़ी के पास एक क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल और सड़क किनारे तीन लोगों की सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर दो मृतकों और एक घायल को पाया। घायल को तत्काल अंबिकापुर अस्पताल भेजा गया जबकि मृतकों के शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया।

    मृतकों की पहचान धर्मेंद्र पावले (21) और सूरज सिंह (17) के रूप में हुई है, जबकि घायल अमृत सिंह (17) भी कुंदीकला गांव का निवासी है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि घटना की रात तीनों दोस्त मोटरसाइकिल से गांव से निकले थे लेकिन वापस नहीं लौटे। हेलमेट न पहनने के कारण सिर में गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई।

    हादसे की जांच के दौरान पता चला कि माइलस्टोन से टकराने या किसी वाहन की टक्कर से मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हुई हो सकती है। हालांकि, इस संदर्भ में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिलने के कारण घटना का समय और अन्य विवरण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पुलिस मामले की जांच जारी है और हादसे की वास्तविक वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

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  • सरुवत गांव में जादू-टोना के आरोप में महिला की बेरहमी से हत्या

    सरुवत गांव में जादू-टोना के आरोप में महिला की बेरहमी से हत्या

    झारखंड में जादू-टोना के शक में दंपती ने की बुजुर्ग महिला की हत्या

    झारखंड के सरुवत गांव में जादू-टोना के शक में एक दंपती ने गांव की 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस ने कवलदेव नगेसिया और उसकी पत्नी बजंती नगेसिया को हत्या और सबूत छिपाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।

    मामला तब सामने आया जब छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के इदरीकला पहाड़ी पर कुछ मानव हड्डियां मिलीं। पुलिस ने जांच के दौरान डीएनए परीक्षण कराया, जिससे पता चला कि ये हड्डियां झारखंड के सरुवत गांव की सुखनी बाई की हैं।

    सुखनी बाई पिछले दो महीनों से लापता थीं। उनके बेटे रामलाल किसान ने जनवरी 2024 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके गांव के पास छत्तीसगढ़ सीमा में कुछ मानव हड्डियां मिली हैं, और उसे शक है कि ये हड्डियां उसकी मां की हो सकती हैं। पुलिस ने कवलदेव और बजंती को गिरफ्तार किया, जिन्होंने पूछताछ में सुखनी बाई की हत्या करने की बात कबूल की।

    जांच के दौरान पता चला कि दंपती के तीन बच्चों की अचानक मौत हो गई थी, जिससे उन्हें शक हुआ कि सुखनी बाई जादू-टोना कर रही हैं। इस डर से कि अगर सुखनी जिंदा रही तो उनके और बच्चों की भी मौत हो सकती है, उन्होंने उसकी हत्या की योजना बनाई।

    हत्या की घटना नवंबर 2023 की है, जब सुखनी बाई पहाड़ी रास्ते से गुजर रही थीं। बजंती ने उनके सिर पर पत्थर से वार किया, जिससे वो घायल हो गईं। इसके बाद गला दबाकर उनकी हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में छिपा दिया।

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  • मैनपाट में हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत

    मैनपाट में हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत

    ग्रामीण की मौत के बाद मैनपाट में तनाव, वन विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल

    सरगुजा जिले के मैनपाट वन परिक्षेत्र के दांतीढाब के पास एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां जंगल में एक ग्रामीण का शव बरामद किया गया है। माना जा रहा है कि उसकी मौत हाथी के हमले से हुई है। मृतक की पहचान 55 वर्षीय नारद यादव के रूप में हुई है, जो नर्मदापुर पटेलपारा का निवासी था।

    भैंस चराने गया ग्रामीण वापस नहीं लौटा

    शनिवार को नारद यादव अपनी भैंसों को चराने के लिए दांतीढाब के बांसहिया जंगल गया था। शाम तक जब वह वापस नहीं लौटा, तो उसके परिवार और वन विभाग ने उसकी खोजबीन शुरू की। अंततः उसका शव जंगल में पाया गया, लेकिन आसपास एक हाथी के मौजूद होने के कारण शव को तुरंत बाहर नहीं निकाला जा सका।

    दूसरे दिन निकाला गया शव

    रविवार सुबह, जब हाथी जंगल से दूर चला गया, तब जाकर शव को बाहर निकाला गया। शव की हालत देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि नारद यादव की मौत हाथी के हमले से हुई है। क्षेत्र में एक अकेला हाथी पिछले कई दिनों से घूम रहा था, और ऐसा माना जा रहा है कि यह वही हाथी इस घटना का कारण बना।

    वन विभाग पर लापरवाही का आरोप

    इस घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वन विभाग द्वारा हाथियों की निगरानी सही तरीके से नहीं की जा रही है और ग्रामीणों को हाथी की उपस्थिति की जानकारी समय पर नहीं दी जा रही है। यदि हाथी के विचरण की सटीक जानकारी मिलती, तो इस प्रकार की दुखद घटना से बचा जा सकता था।

    मैनपाट क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं से ग्रामीणों में डर का माहौल है और वे वन विभाग से इस मामले में सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

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  • टीएस सिंहदेव और आदित्येश्वर सिंहदेव ने अंगदान में महत्वपूर्ण कदम उठाया

    टीएस सिंहदेव और आदित्येश्वर सिंहदेव ने अंगदान में महत्वपूर्ण कदम उठाया

    टीएस सिंहदेव और आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने अंगदान के क्षेत्र में उठाया महत्वपूर्ण कदम

    पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और उनके भतीजे आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने सामाजिक दायित्व निभाते हुए अंगदान का संकल्प लिया है। गुरुवार को भारत सरकार की ओर से उन्हें विधिवत अंगदान प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ। यह कदम न केवल उनके सामाजिक दायित्व को दर्शाता है बल्कि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता और प्रेरणा का भी संकेत देता है।

    अंगदान के महत्व पर जोर देते हुए सिंहदेव का बयान

    टीएस सिंहदेव ने अंगदान के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह समाज के प्रति एक आवश्यक जिम्मेदारी है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारतीय समाज में अंगदान को लेकर कुछ हिचकिचाहट और परंपरागत अड़चनों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, यदि मृत्यु के बाद किसी जरूरतमंद के लिए शरीर के अंगों को उपलब्ध कराया जा सके, तो यह एक बड़ा और महत्वपूर्ण कार्य है।

    छत्तीसगढ़ में अंगदान की दिशा में किए गए प्रयास

    सिंहदेव ने अपने स्वास्थ्य मंत्री के कार्यकाल के दौरान महसूस किया कि छत्तीसगढ़ में अंगदान और टिश्यू बैंक से संबंधित संस्थाओं की कमी थी। इस कमी को दूर करने के लिए उन्होंने रोटो (रीजनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन) और सोटो (स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन) की स्थापना की, साथ ही एक टिश्यू बैंक भी स्थापित किया। इससे राज्य में अंगों की उपलब्धता में काफी सुधार हुआ, विशेषकर लीवर और किडनी जैसी महत्वपूर्ण अंगों की।

    अंगदान की प्रक्रिया और इसके लाभ

    अंगदान की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए, सिंहदेव ने कहा कि ब्रेनडेड व्यक्ति के अंगों को मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रमाणित किए जाने के बाद सर्जरी दल द्वारा प्राप्त किया जाता है। सामान्य मृत्यु की स्थिति में भी, मृत्यु के छह घंटे के भीतर आंखों के कॉर्निया और अन्य उत्तकों को प्राप्त किया जा सकता है। अंगदान के महत्व को इस तथ्य से भी समझा जा सकता है कि एक आंख की कॉर्निया से दो लोगों को नेत्र ज्योति प्राप्त हो सकती है।

    आर्यन सिन्हा, जो रेडक्रास सोसायटी के आजीवन सदस्य हैं और पिछले तीन वर्षों से रक्तदान और अंगदान महादान कार्यक्रम चला रहे हैं, ने अब तक 5,000 लोगों से अंगदान की प्रतिज्ञा प्राप्त की है। उनके कार्यों ने न केवल अंगदान के महत्व को उजागर किया है, बल्कि उन्होंने हाल ही में जयपुर में आयोजित एक कांक्लेव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व भी किया।

    समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता

    टीएस सिंहदेव और आदित्येश्वर शरण सिंहदेव के इस प्रेरणादायक निर्णय ने अंगदान के प्रति समाज की जागरूकता को बढ़ावा दिया है और दूसरों को भी इस महत्वपूर्ण कार्य की ओर प्रेरित किया है। उनके द्वारा उठाए गए इस कदम ने समाज में अंगदान के महत्व को एक नया आयाम दिया है, और इस क्षेत्र में और भी लोगों को प्रेरित करने का कार्य किया है।

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  • अर्चिशा सिन्हा आत्महत्या मामला: हाई कोर्ट ने शिक्षिका की याचिका खारिज की

    अर्चिशा सिन्हा आत्महत्या मामला: हाई कोर्ट ने शिक्षिका की याचिका खारिज की

    12 वर्षीय अर्चिशा सिन्हा, जो अंबिकापुर के कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल की 6वीं कक्षा की छात्रा थी, ने 7 फरवरी 2024 को आत्महत्या कर ली। अर्चिशा के सुसाइड नोट में उसने अपनी शिक्षिका सिस्टर मर्सी उर्फ एलिजाबेथ जोस पर प्रताड़ित करने और कक्षा में अपमानित करने का आरोप लगाया।

    घटना के बाद, पुलिस ने आईपीसी की धारा 305 के तहत एफआईआर दर्ज की और मामले की विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश की। आरोपी शिक्षिका ने चार्जशीट को निरस्त करने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने याचिका खारिज कर दी।

    कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि बच्चों को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना देना अनुचित है और उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा जरूरी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि बच्चों के अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता और उन्हें शारीरिक दंड देना उनकी गरिमा के खिलाफ है।

    अर्चिशा के पिता, आलोक कुमार सिन्हा, पेशे से इंजीनियर हैं। अर्चिशा कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल में केजी-2 से पढ़ रही थी। इस घटना ने स्कूलों में बच्चों के साथ होने वाली प्रताड़ना और मानसिक शोषण के मुद्दे को उजागर किया है, और उच्च न्यायालय ने बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया है।

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  • छत्तीसगढ़ के अधिकारियों को साइबर ठगों ने बनाया निशाना

    छत्तीसगढ़ के अधिकारियों को साइबर ठगों ने बनाया निशाना

    छत्तीसगढ़ के अधिकारियों को साइबर ठगों ने बनाया निशाना

    छत्तीसगढ़ की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आईएएस रीना बाबा साहेब कंगाले के नाम से फेक वाट्सएप बनाकर साइबर ठगों ने प्रदेश के कई कलेक्टरों को मैसेज भेजे हैं। इसी प्रकार का मैसेज सरगुजा कलेक्टर विलास भोसकर के नाम से भी भेजा गया है। इस घटना की शिकायत साइबर सेल में दर्ज कराई गई है।

    प्रदेश के कई आईएएस और आईपीएस अफसरों की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों से ठगी के प्रयासों के बाद अब साइबर ठगों ने एक कदम आगे बढ़कर वाट्सएप क्लोन तैयार किया है। ठगों ने रीना बाबा साहेब कंगाले का फोटो डीपी में लगाकर फेक वाट्सएप नंबर से कई आईएएस अधिकारियों को मैसेज भेजे।

    गौरतलब है कि जिस नंबर से मैसेज भेजे गए, उसमें केवल रीना बाबा साहेब कंगाले का फोटो था और वह उनका अधिकृत नंबर नहीं था। इसके अलावा, जिस सीरीज से नंबर की शुरुआत हुई थी, वह छत्तीसगढ़ में प्रचलित नहीं है, जिससे अधिकारी सतर्क हो गए। सात से आठ जिलों के कलेक्टरों ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को फोन कर इसकी सूचना दी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी कलेक्टरों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इस घटना ने साइबर सुरक्षा को लेकर नई चुनौतियों को उजागर किया है, जिससे अधिकारियों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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