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  • कांकेर में छात्रा की मौत पर नया खुलासा, प्रताड़ना और खुदकुशी का शक

    कांकेर में छात्रा की मौत पर नया खुलासा, प्रताड़ना और खुदकुशी का शक

    कांकेर में छात्रा की मौत पर नया खुलासा, प्रताड़ना और खुदकुशी का शक

    कांकेर में छात्रा की मौत पर नया खुलासा, प्रताड़ना और खुदकुशी का शक

    कांकेर जिले में 9 दिसंबर को प्रयास विद्यालय की छत से गिरकर एक छात्रा की मौत हो गई थी, जिसे पहले एक हादसा माना जा रहा था। लेकिन अब इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है, और इसे आत्महत्या और प्रताड़ना से जोड़कर देखा जा रहा है।

    हाल ही में हुए जांच में एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कांकेर के SDM की आवाज सुनाई दे रही है। इस वीडियो में SDM ने छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने और एक पत्र लिखने की बात की है। इस पत्र में छात्रा ने खुद पर हुए प्रताड़ना का जिक्र किया है और तीन अन्य छात्राओं का नाम भी लिया है।

    वीडियो वायरल होने के बाद कांकेर कलेक्टर ने एक जांच समिति गठित की है, जो रिपोर्ट तैयार कर रही है। इस मामले को लेकर छात्रा के परिजनों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और कांकेर पुलिस अधीक्षक से इस मामले की निष्पक्ष जांच की अपील की है।

    एसडीएम ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला पुलिस की जांच का प्रतीत हुआ था, जिसके बाद कलेक्टर को प्रतिवेदन भेज दिया गया है। अब इस मामले की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है, और जांच समिति द्वारा जल्द ही रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।

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    FSSAI की घोषणा: बोतलबंद पानी की शुद्धता पर नए नियम लागू

    जे. पी. नड्डा को ढोकरा शिल्प से निर्मित राममंदिर की स्मृतिचिन्ह की गई भेंट

  • FSSAI की घोषणा: बोतलबंद पानी की शुद्धता पर नए नियम लागू

    FSSAI की घोषणा: बोतलबंद पानी की शुद्धता पर नए नियम लागू

    बोतलबंद पानी अब हाई रिस्क फूड: FSSAI के नए नियमों से बढ़ी सुरक्षा चिंता

    पैक्ड पानी बोतल और मिनरल वाटर का सेवन हम सभी अपने दैनिक जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं, लेकिन भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने हाल ही में इसे लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। अब पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर और मिनरल वाटर को हाई रिस्क फूड की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। इसका मतलब है कि अब बोतलबंद पानी को सुरक्षित और सेफ मानकर पीने से पहले हमें ज्यादा सतर्क रहना होगा।

    FSSAI के नए नियमों के तहत, पैक्ड पानी बोतल और मिनरल वाटर उत्पादक कंपनियों को हर साल अनिवार्य जांच और तीसरे पक्ष के ऑडिट से गुजरना होगा। यह कदम पानी की शुद्धता और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। साथ ही, कंपनियों को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से सर्टिफिकेट प्राप्त करना भी अनिवार्य कर दिया गया है। यह कदम पानी के मानकों को सुधारने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    FSSAI की घोषणा: बोतलबंद पानी की शुद्धता पर नए नियम लागू

    शोधकर्ताओं का कहना है कि तेज धूप या गर्मी के संपर्क में आने पर बोतलबंद पानी जल्दी खराब हो जाता है, जिससे प्लास्टिक की बोतल में मौजूद पॉलीइथिलीन टेरेफ्थेलेट लीच हो सकता है। यह रासायनिक पदार्थ शरीर में जमा होकर कैंसर, हार्मोनल असंतुलन और तंत्रिका रोगों का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा, कई कंपनियां पानी की बोतलें पैक करने के लिए सोडा और ठंडे ड्रिंक्स बनाने वाली मशीनों काइस्तेमाल करती हैं, जिससे पैकेजिंग की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

    अभी हाल ही में किए गए एक अध्ययन में यह सामने आया कि 36 कंपनियों के पैकेज्ड पानी में से 33.3 प्रतिशत बोतलों का पानी पीने योग्य नहीं था और डब्ल्यूएचओ के मानकों के अनुरूप नहीं था। इस प्रकार, अब हमें किसी शॉप से बोतलबंद पानी खरीदते समय अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।

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  • शक्तिकांत दास का कार्यकाल हुआ समाप्त, जानें पूरी ख़बर

    शक्तिकांत दास का कार्यकाल हुआ समाप्त, जानें पूरी ख़बर

    शक्तिकांत दास का कार्यकाल हुआ समाप्त, जानें 2,190 दिनों का सफर

    शक्तिकांत दास का कार्यकाल हुआ समाप्त, जानें 2,190 दिनों का सफर

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल समाप्त होने के बाद देश में आर्थिक स्थिरता और नीतिगत प्रभावशीलता पर चर्चा तेज हो गई है। दास का कार्यकाल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चुनौतीपूर्ण समय में महत्वपूर्ण उपलब्धियों से भरा रहा।

    शक्तिकांत दास के कार्यकाल की मुख्य उपलब्धियां

    1. महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक स्थिरता:
      दास ने महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए सख्त कदम उठाए। फरवरी 2023 से दिसंबर 2024 तक रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिससे वित्तीय स्थिरता बनी रही।
    2. वैश्विक मान्यता:
      शक्तिकांत दास को 2023 और 2024 में लगातार दो बार ग्लोबल फाइनेंस द्वारा दुनिया के शीर्ष केंद्रीय बैंकर के रूप में सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार महंगाई नियंत्रण, आर्थिक वृद्धि और रुपये की स्थिरता में उनके योगदान को मान्यता देता है।
    3. बैंकों का पुनरुत्थान:
      उनके नेतृत्व में बैंकों का एनपीए सितंबर 2024 तक घटकर 2.59% रह गया, जो 2018 में 10.38% के उच्च स्तर पर था। साथ ही, बैंकों का मुनाफा वित्त वर्ष 2023 में 2.63 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो 2018 में 32,400 करोड़ रुपये के घाटे में था।
    4. कोरोना और वैश्विक संकट के दौरान प्रबंधन:
      कोरोना महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध के प्रभाव के बीच दास ने अर्थव्यवस्था को स्थिर रखा। उन्होंने लिक्विडिटी और एसेट क्वालिटी को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण नीतियां अपनाईं।
    5. बैंकों को दिवालिया होने से बचाना:
      यस बैंक, लक्ष्मी विलास बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों को संकट से बचाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने एनबीएफसी सेक्टर में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भी ठोस कदम उठाए।

    नीतिगत दृष्टिकोण और आलोचनाएं

    शक्तिकांत दास को उच्च ब्याज दरों के रक्षक के रूप में देखा जाता है। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित अन्य मंत्रियों के दबाव के बावजूद दिसंबर 2024 की एमपीसी बैठक में ब्याज दरों को जस का तस रखा। हालांकि, कोविड के दौरान उन्होंने जरूरत पड़ने पर नीतिगत ढील भी दी, जिससे यह संदेश गया कि वह परिस्थिति के अनुसार लचीला दृष्टिकोण रखते हैं। शक्तिकांत दास ने 2,190 दिनों तक आरबीआई गवर्नर का पद संभाला। वह भारत के दूसरे सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले गवर्नर बने। उनसे पहले बेनेगल रामा राव ने 2,754 दिनों तक इस पद पर कार्य किया था।

    दास के बाद की चुनौतियां

    दास के बाद नए गवर्नर के सामने महंगाई, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और रुपये की स्थिरता को बनाए रखने की चुनौती होगी। इसके अलावा, उच्च ब्याज दरों के प्रभाव का आकलन और भविष्य की नीतियों को तैयार करना भी महत्वपूर्ण रहेगा। शक्तिकांत दास का कार्यकाल भारतीय आर्थिक इतिहास में एक स्थिर और प्रभावशाली गवर्नर के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने कठिन समय में मजबूत नीतियों के माध्यम से अर्थव्यवस्था को सहारा दिया।

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    छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ ‘बस संगवारी ऐप’ की शुरुआत, जानें पूरी खबर

    बीजापुर कन्या आश्रम में विषाक्त भोजन खाने से एक बच्ची की मौत, 35 बीमार

  • छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ ‘बस संगवारी ऐप’ की शुरुआत, जानें पूरी खबर

    छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ ‘बस संगवारी ऐप’ की शुरुआत, जानें पूरी खबर

    छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ ‘बस संगवारी ऐप’ की शुरुआत, जानें पूरी खबर

    छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में ई-परिवहन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब यात्रियों के लिए बस यात्रा और भी आसान और सुविधाजनक हो गई है। राज्य सरकार ने ‘बस संगवारी ऐप’ लॉन्च किया है, जिससे दूरस्थ अंचलों के यात्री भी घर बैठे बस की लोकेशन जान सकेंगे।

    यह ऐप छत्तीसगढ़ के विभिन्न मार्गों पर चलने वाली बसों की रियल-टाइम लोकेशन की जानकारी प्रदान करेगा। इससे यात्रियों को बस की सही स्थिति का पता चल सकेगा, जिससे वे सही समय पर यात्रा की योजना बना सकेंगे और लंबी प्रतीक्षा से बचेंगे।

    राज्य परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस ऐप का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों के लिए बस यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाना है। खासतौर पर दूरदराज इलाकों के यात्रियों को अब बसों के बारे में अधिक जानकारी मिलेगी, जिससे उनके यात्रा अनुभव में सुधार होगा।

    ‘बस संगवारी ऐप’ का उपयोग करने के लिए बस यात्रियों को केवल इसे अपने स्मार्टफोन पर डाउनलोड करना होगा। ऐप के माध्यम से बस के आगमन का समय, रास्ते और अन्य जानकारी जैसे उपयोगी फीचर्स मिलेंगे। इस ऐप के माध्यम से यात्रियों को बस स्टॉप पर इंतजार करने की समय बर्बादी से छुटकारा मिलेगा और वे अपने गंतव्य तक आराम से पहुँच सकेंगे।

    इस पहल से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि राज्य परिवहन निगम को भी बेहतर संचालन और यात्री संतुष्टि में सुधार करने में मदद मिलेगी। नए कदम से छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक परिवहन को और आधुनिक और यात्रियों के अनुकूल बनाया जा रहा है।

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    गरियाबंद जिले के भाठापानी में शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का आंदोलन

    बीजापुर कन्या आश्रम में विषाक्त भोजन खाने से एक बच्ची की मौत, 35 बीमार

  • गरियाबंद जिले के भाठापानी में शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का आंदोलन

    गरियाबंद जिले के भाठापानी में शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का आंदोलन

    गरियाबंद जिले के भाठापानी में शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का आंदोलन

    गरियाबंद जिले के मैनपुर में अच्छी शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। हाल ही में, भाठापानी गांव में प्राइमरी और मिडिल स्कूल के 25 से अधिक छात्रों और उनके पालकों ने शिक्षक और स्कूल भवन की मांग को लेकर मोर्चा खोला। छात्र और उनके पालक अपने गांव से जिला मुख्यालय तक पैदल चलकर जाने वाले थे, लेकिन शिक्षा विभाग ने उनकी मांगों को तुरंत पूरा कर उनकी यात्रा रोक दी।

    जानकारी के अनुसार, मिडिल स्कूल के शिक्षक को उनके मूल स्कूल से हटाकर अन्य जगह पर तैनात कर दिया गया है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ा है। इसके अलावा, स्कूल का भवन भी जर्जर स्थिति में है, और हालांकि भवन के निर्माण के लिए मंजूरी मिल चुकी है, फिर भी अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

    पदयात्रा की खबर प्रशासन तक पहुंचते ही, एसडीएम और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से मुलाकात की। प्रशासन ने तत्काल एक शिक्षक की व्यवस्था की, जिसके बाद छात्रों ने अपनी पदयात्रा समाप्त की। स्कूल भवन के निर्माण के मामले पर प्रशासन का कहना है कि मंजूरी के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

    इस घटना ने जिले में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को उजागर किया है और यह साबित कर दिया है कि छात्रों के संघर्ष के बाद ही प्रशासन ने तात्कालिक कार्रवाई की।

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  • नगरीय निकायों के विकास के लिए सरकार ने किया पार्षद निधि का ऐलान

    नगरीय निकायों के विकास के लिए सरकार ने किया पार्षद निधि का ऐलान

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    उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने की बड़ी घोषणा, नगरीय विकास को मिलेगी रफ्तार

    उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रदेश के नगरीय निकायों के विकास के लिए पार्षद निधि जारी करने की घोषणा की है। इस निधि का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और वार्ड स्तर पर विकास कार्यों को तेजी से पूरा करना है।

    सरकार ने नगरीय निकायों में प्रत्येक वार्ड के लिए निधि का निर्धारण किया है, जिसमें नगर पालिका निगम के लिए 6 लाख रूपये प्रति वार्ड, नगर पालिका परिषद 4.50 लाख प्रति वार्ड और नगर पंचायत के लिए 3 लाख प्रति वार्ड राशि तय किया गया है।

    • नगर पालिका निगम: ₹6 लाख प्रति वार्ड।
    • नगर पालिका परिषद: ₹4.50 लाख प्रति वार्ड।
    • नगर पंचायत: ₹3 लाख प्रति वार्ड।

    विकास कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता

    इस निधि का उपयोग स्थानीय वार्डों में सड़क, पानी, बिजली, सफाई, सीवरेज, पार्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्यों में किया जाएगा। पार्षद अपने क्षेत्र की प्राथमिकताओं के आधार पर इन कार्यों को अंजाम देंगे। पार्षद निधि के माध्यम से जनता की स्थानीय समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा। वार्डों में अधूरे पड़े विकास कार्य पूरे किए जाएंगे, जिससे नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    सरकार की प्रतिबद्धता

    उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस पहल को प्रदेश के विकास के लिए एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि “यह योजना जनता की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाई गई है। इससे नगरीय क्षेत्रों का संतुलित विकास होगा और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।” इस घोषणा से जनता और जनप्रतिनिधियों में उत्साह है। यह पहल नगरीय विकास के नए द्वार खोलने और प्रदेश को समृद्ध और स्वच्छ बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी।

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  • केजरीवाल ने विश्वास नगर में किया पदयात्रा, जनता का मिला अपार समर्थन

    केजरीवाल ने विश्वास नगर में किया पदयात्रा, जनता का मिला अपार समर्थन

    विश्वास नगर में अरविन्द केजरीवाल की पदयात्रा, जनता ने किया समर्थन

    विश्वास नगर में अरविन्द केजरीवाल की पदयात्रा, जनता ने किया समर्थन

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने आज विश्वास नगर में एक ऐतिहासिक पदयात्रा की, जिसमें उन्होंने जनता से सीधे संवाद किया और उनके समर्थन को महसूस किया। इस दौरान केजरीवाल ने कहा कि “जनता ने जो अपनापन और प्यार दिखाया, वह शब्दों से परे है। हर दुआ और हर मुस्कान ने मेरे हौसले को दोगुना कर दिया। हर आशीर्वाद और हर शब्द ने यही कहा— दिल्ली को तरक्की के रास्ते पर यूँ ही आगे बढ़ते रहना है।”

    पदयात्रा के दौरान केजरीवाल ने विभिन्न इलाकों का दौरा किया और लोगों से मुलाकात की। उनका कहना था कि दिल्ली की तरक्की और विकास के लिए जनता का समर्थन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता के आशीर्वाद से ही दिल्ली सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी जैसे क्षेत्रों में सुधार किए हैं, और अब उनका लक्ष्य दिल्ली को और बेहतर बनाना है।

    अरविन्द केजरीवाल ने लोगों से की भेंटवार्ता

    यात्रा के दौरान लोग न केवल केजरीवाल से मिले, बल्कि उन्होंने उनके साथ सेल्फी भी ली और अपने मुद्दे साझा किए। मुख्यमंत्री ने हर एक व्यक्ति की बात को सुना और उन्हें यह आश्वासन दिया कि दिल्ली सरकार उनके साथ खड़ी है।

    इस पदयात्रा के दौरान केजरीवाल ने विश्वास नगर की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके समर्थन से दिल्ली और देश का भविष्य उज्जवल होगा। उन्होंने अपनी सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का वादा भी किया। यह यात्रा दिल्ली की राजनीतिक तस्वीर में एक नई ऊर्जा का संचार करने के रूप में देखी जा रही है।

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  • छत्तीसगढ़ में जंगली जानवरों के हमले से दहशत में लोग

    छत्तीसगढ़ में जंगली जानवरों के हमले से दहशत में लोग

    छत्तीसगढ़ में जंगली जानवरों का आतंक से वन विभाग ने बढ़ाई सतर्कता

    छत्तीसगढ़ में जंगली जानवरों का आतंक से वन विभाग ने बढ़ाई सतर्कता

    छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में इन दिनों जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। जानकारी के मुताबिक़, सिंगपुर मड़ेली गांव में तेंदुए ने एक घर में सो रही 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला सुखवती कमार को अपना शिकार बनाया। तेंदुआ महिला को घर से दबोचकर जंगल में ले गया, जहां उसकी बुजुर्ग महिला की लाश बरामद हुई।

    घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृतक के परिवार को 6 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इससे पहले मंगलवार की रात नगरी ब्लॉक में एक हाथी ने तीन साल की बच्ची को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया था। जंगली जानवरों के इन हमलों ने ग्रामीणों में डर का माहौल पैदा कर दिया है।

    सरगुजा में भालू का हमला, बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल

    सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम खम्हरिया में भालू ने 63 वर्षीय राम प्रताप गुप्ता पर हमला कर दिया। बुजुर्ग खेत में फसल देखने गए थे, तभी भालू ने उनके पैर और जांघ पर हमला कर दिया। घायल बुजुर्ग को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

    ग्रामीणों में दहशत का माहौल

    लगातार हो रहे इन जानवरों के हमलों से ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल है। वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने और बचाव के कदम उठाने की बात कही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में भोजन और पानी की कमी के कारण जंगली जानवर बस्तियों की ओर आ रहे हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। वन विभाग और प्रशासन से ग्रामीणों ने जानवरों के आतंक को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।

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  • देवेंद्र फडणवीस ने शिंदे और पवार को किया धन्यवाद

    देवेंद्र फडणवीस ने शिंदे और पवार को किया धन्यवाद

    फडणवीस ने की सीएम बनने की पहली प्रतिक्रिया, कहा- हम सभी को साथ लेकर चलेंगे

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को बीजेपी विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने महाराष्ट्र की जनता का आभार व्यक्त किया और कहा कि हमें एकजुट होकर राज्य की सेवा करनी है। फडणवीस ने कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार का धन्यवाद करते हुए कहा कि “हम एक हैं तो सेफ हैं,” यानी हम एकजुट हैं और सबको साथ लेकर चलेंगे।

    फडणवीस ने कहा कि उन्हें इस बड़े जनादेश के लिए महाराष्ट्र की जनता का दिल से धन्यवाद करना चाहिए और हम राज्य को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने ये भी कहा कि हम सभी को राज्य और देश के व्यापक हित में काम करना होगा। शपथ लेने के बाद फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार व्यक्त किया।

    गौरतलब है कि 23 नवंबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम आए थे, जिसमें महायुति ने शानदार जीत हासिल की थी। बीजेपी, शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी ने मिलकर यह जीत पाई। मुख्यमंत्री पद को लेकर एक महीने से चल रहे सस्पेंस के बाद अब फडणवीस को मुख्यमंत्री चुना गया है। वे गुरुवार को पद की शपथ लेंगे।

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    दिव्यांगजनों के अधिकारों की दिशा में प्रधानमंत्री मोदी का योगदान

    छत्तीसगढ़ में 5वीं-8वीं की केंद्रीकृत परीक्षाएं अनिवार्य मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला

  • दिव्यांगजनों के अधिकारों की दिशा में प्रधानमंत्री मोदी का योगदान

    दिव्यांगजनों के अधिकारों की दिशा में प्रधानमंत्री मोदी का योगदान

    दिव्यांगजनों के लिए नए अवसर और सशक्तिकरण

    भारत में दिव्यांगजनों के अधिकार और समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए “सुगम्य भारत अभियान” शुरू किया गया। 2015 में शुरू हुआ यह अभियान अब 9 साल का हो चुका है और देश में दिव्यांगजनों के प्रति सोच को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    शुरुआत में यह पहल दिव्यांगजनों को मदद प्रदान करने तक सीमित थी, लेकिन अब यह उनके मौलिक अधिकारों को सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। “हम मदद करेंगे” से “आपका हक है” की इस यात्रा ने दिव्यांगजनों को समान अधिकार और सम्मान दिलाने में सफलता हासिल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, इस अभियान ने दिव्यांगजनों के लिए संरचनात्मक और सामाजिक बदलाव किए हैं।

    Persons with Disabilities

    सार्वजनिक स्थानों, परिवहन, और सरकारी भवनों में रैंप, लिफ्ट, और सहायक उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाई गई है। शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी दिव्यांगजनों को नए अवसर मिले हैं। यह अभियान सिर्फ भौतिक पहुंच तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में दिव्यांगजनों की क्षमताओं को पहचानने और उन्हें सशक्त बनाने का प्रयास करता है।

    भविष्य में, सरकार की योजना इस अभियान को और विस्तृत करने की है, ताकि हर दिव्यांगजन को बराबरी का हिस्सा और उनके अधिकार मिल सकें। यह पहल देश को समावेशिता और सशक्तिकरण की नई दिशा में ले जा रही है। “सुगम्य भारत अभियान” आज एक प्रेरणा है कि समानता और समावेशिता हर नागरिक का अधिकार है।

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