
छत्तीसगढ़ प्रवासी श्रमिकों के लिए बड़ी राहत: दूसरे राज्यों में खुलेंगे सहायता केंद्र
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की भाजपा सरकार ने दूसरे राज्यों में काम कर रहे छत्तीसगढ़ी श्रमिकों को राज्य की सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का निर्णय लिया है। श्रम विभाग के अंतर्गत दिल्ली, पंजाब, गुजरात, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर आदि राज्यों में श्रमिक सहायता केंद्र खोले जाएंगे।
इन केंद्रों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा, जिनमें शामिल हैं:
- मृत्यु पर सहायता: श्रमिकों की मृत्यु होने पर 1 लाख रुपये और दिव्यांग होने पर 50 हजार रुपये की मदद।
- मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना: 60 वर्ष तक के निर्माण श्रमिकों को 20 हजार रुपये एकमुश्त मदद।
- मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना: प्रथम दो बच्चों को 1 हजार से 10 हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति।
- महतारी जतन योजना: महिला श्रमिकों को पहले दो बच्चों के जन्म पर 20 हजार रुपये।
- श्रमिक बच्चों की शिक्षा: पहली कक्षा से स्नाकोत्तर तक 500 रुपये से लेकर 15 हजार रुपये तक की मदद।
- गंभीर बीमारी पर सहायता: श्रमिकों को गंभीर बीमारी पर 50 हजार रुपये तक की मदद।
श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि इस योजना की कार्ययोजना बनाई जा रही है और नवंबर से कुछ राज्यों में श्रमिक सहायता केंद्रों की शुरुआत हो जाएगी।
यह निर्णय छत्तीसगढ़ के बाहर काम करने वाले श्रमिकों के लिए बड़ी राहत साबित होगा, जिससे वे अन्य राज्यों में भी राज्य की सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
READ MORE :












