
छाल रेंज में हाथियों का सबसे बड़ा दल ने दिया दस्तक, प्रशासन हुई सचेत
रायगढ़ जिले में वन विभाग को हाथियों के दल की सूचना मिलने पर टीम गठित कर ड्रोन के माध्यम से निगरानी किया जा रहा है । खबर मिली थी कि छाल वन परिक्षेत्र में एक हाथी के बच्चे की तालाब में डूबने से मौत हो गई है, जिसके बाद क्षेत्र में हाथियों का बड़ा दल सक्रिय हो गया है। इस दल में 50 से अधिक हाथी शामिल हैं, जो छाल रेंज के अलग-अलग हिस्सों में विचरण कर रहे हैं। वन विभाग भी इस बात से पूरी तरह से सचेत हो गई है और ड्रोन कैमरों व अन्य तकनीकी माध्यमों से निगरानी कर रहा है। वन विभाग के डीएफओ के अनुसार, छाल रेंज की हाटी बीट में सबसे अधिक 50 हाथी विचरण कर रहे हैं। इसके अलावा, बेहरामार, छाल, कुडुकेकेला, बनहर, लोटान, औरानारा, और बोजिया बीट में भी एक-एक हाथी की उपस्थिति दर्ज की गई है।

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धरमजयगढ़ वन मंडल के ईस्ट कारीडोर रेल लाइन के पास यह दल सिथरा मेन रोड को पार कर चुका है। जंगलों के कटाव और रेल लाइनों की मौजूदगी के चलते हाथियों के विचरण क्षेत्र में कमी आई है, जिससे वे अक्सर खेतों में फसल नुकसान कर देते हैं। इंसानों के साथ आमना-सामना होने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। बीते एक महीने में हाथी के हमलों से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। रायगढ़ जिले में इस समय कुल 150 से अधिक हाथी विभिन्न बीटों में विचरण कर रहे हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल से दूरी बनाए रखने की अपील की है और संभावित नुकसान से बचाव के लिए लगातार अगाह कराया जा रही है।
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सरगुजा जिले के अंतर्गत लखनपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम पटकुरा में हाथियों द्वारा घर तोड़े जाने की घटना के बाद ग्रामीण मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। जुलाई 2023 में हाथियों ने सोन साय मझवार का घर तोड़ दिया था, लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी उन्हें मुआवजा नहीं मिला। वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क के प्रयासों के बावजूद कोई जवाब नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन परिक्षेत्राधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं रहतीं और उनके फोन भी रिसीव नहीं होते। इससे प्रभावित लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाथियों के हमलों से बचाव और प्रभावित ग्रामीणों को समय पर मुआवजा देना वन विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस स्थिति को लेकर विभाग की निष्क्रियता चिंता का विषय बनी हुई है।
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