बहू ने किया सास पर तवे से हमला पुलिस जुटी जांच में
राजधानी रायपुर के खम्हारडीह थाना क्षेत्र में सास-बहू के बीच घरेलू विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। अवंती विहार इलाके में रहने वाली बहू सपना मिश्रा ने अपनी सास मंजू मिश्रा पर गर्म तवे से हमला कर दिया, जिससे सास गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह घटना 5 सितंबर 2024 की सुबह करीब 11:30 बजे की है, जब खाना बनाने में देरी को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।
पुलिस के अनुसार, बहू सपना ने विवाद के दौरान किचन में रखा गरम तवा उठाकर सास पर वार कर दिया। सास मंजू मिश्रा को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद सास ने बहू के खिलाफ खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
पीड़ित सास ने आरोप लगाया है कि बहू अक्सर उनके साथ दुर्व्यवहार करती थी और ताने मारती थी। इस बार मामला इतना बढ़ गया कि बहू ने हिंसक रूप से हमला कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी बहू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल बहू से पूछताछ जारी है, और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के बस्तर में बाढ़ से जनजीवनअस्त-व्यस्त, स्कूलों में अवकाश घोषित
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सुकमा और बीजापुर जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है, जहां प्रमुख नदियां शबरी और चकाबुका उफान पर हैं। कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है, जिससे लोग फंसे हुए हैं। चितलनार गांव में चकाबुका नदी के कारण 20 से अधिक कच्चे मकान ढह गए हैं, और ग्रामीणों ने पंचायत भवन में शरण ली है।
सुकमा जिला मुख्यालय के कई हिस्सों में पानी भर गया है, जिससे प्रशासन की टीमें राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। राम मंदिर, मस्तान पारा, गीदम नाला और शबरी नगर में पानी घुसने से हालात और बिगड़ गए हैं। लगातार बारिश को देखते हुए सुकमा जिले में सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
नेशनल हाईवे 30 और 63 पर पानी भर जाने से यातायात ठप हो गया है। कई बसें और वाहन फंसे हुए हैं, और प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इन मार्गों पर किसी भी वाहन को प्रवेश न दिया जाए। शबरी और झापरा नदियों का जलस्तर बढ़ने से ओडिशा से संपर्क टूट गया है।
प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए कंट्रोल नंबर जारी किए हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रभावित क्षेत्रों में सहायता पहुंचाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। कलेक्टर हरीश एस. ने बताया कि जहाँ भी जरूरत हो, तुरंत मदद पहुंचाई जा रही है।
ककना-सिधमा मार्ग पर भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौत, तीसरा गंभीर रूप से घायल
बलरामपुर जिले के ककना-सिधमा मार्ग पर एक गंभीर सड़क हादसा हुआ है जिसमें दो युवकों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल है। शनिवार सुबह चंदन बाड़ी के पास एक क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल और सड़क किनारे तीन लोगों की सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर दो मृतकों और एक घायल को पाया। घायल को तत्काल अंबिकापुर अस्पताल भेजा गया जबकि मृतकों के शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया।
मृतकों की पहचान धर्मेंद्र पावले (21) और सूरज सिंह (17) के रूप में हुई है, जबकि घायल अमृत सिंह (17) भी कुंदीकला गांव का निवासी है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि घटना की रात तीनों दोस्त मोटरसाइकिल से गांव से निकले थे लेकिन वापस नहीं लौटे। हेलमेट न पहनने के कारण सिर में गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई।
हादसे की जांच के दौरान पता चला कि माइलस्टोन से टकराने या किसी वाहन की टक्कर से मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हुई हो सकती है। हालांकि, इस संदर्भ में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिलने के कारण घटना का समय और अन्य विवरण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पुलिस मामले की जांच जारी है और हादसे की वास्तविक वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
छत से पानी टपकने पर माता कौशल्या मंदिर की गुणवता पर बीजेपी ने कांग्रेस पर उठाया सवाल
रायपुर से मात्र 25 किलोमीटर दूर स्थित विश्व के एकमात्र माता कौशल्या मंदिर की छत से पानी टपकने की खबर ने इस धार्मिक स्थल की प्रतिष्ठा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन साल पहले कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बने इस मंदिर की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मंदिर की छत से पानी टपकने के कारण परिसर के भीतर पानी जमा हो चुका है, और अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो मंदिर की प्रसिद्धि को धक्का लग सकता है।
इस घटना ने राजनीतिक बयानबाजी को भी जन्म दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया है और आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद, मंदिर की छत से पानी टपक रहा है, जो पूर्व सरकार की नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में एक भी वादा पूरा नहीं किया और इसके कारण 2023 में सत्ता से हाथ धोना पड़ा।
इसके जवाब में, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री जानबूझकर मंदिर-मस्जिद के मुद्दों को तूल दे रहे हैं ताकि कानून व्यवस्था की नाकामी से ध्यान हट सके। उन्होंने मुख्यमंत्री से कानून व्यवस्था और विकास कार्यों पर ध्यान देने की मांग की है और महिलाओं की सुरक्षा पर भी जोर दिया है।
केएल राहुल की फ्लॉप प्रदर्शन के बाद बांग्लादेश टेस्ट सीरीज में बढ़ी चुनौतियां
केएल राहुल श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। अब बांग्लादेश के खिलाफ 19 सितंबर से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज में जगह बनाने के लिए राहुल को दलीप ट्रॉफी में उत्कृष्ट प्रदर्शन दिखाना होगा।
दलीप ट्रॉफी में केएल राहुल की निराशाजनक पारियां
दलीप ट्रॉफी 2024 में केएल राहुल का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। वह अपनी शुरुआत को बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके और 23 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे। दूसरे दिन, 111 गेंदों पर 37 रन बनाने के बाद, वह वाशिंगटन सुंदर के हाथों आउट हो गए। उनका बल्ला लंबे समय से खामोश है, और बांग्लादेश सीरीज के लिए उनका चयन मुश्किल होता जा रहा है।
टीम इंडिया में जगह बनाने की चुनौती
राहुल ने अपना आखिरी टेस्ट मैच जनवरी 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था, जिसमें उन्होंने पहली पारी में 86 रन और दूसरी पारी में 22 रन बनाए थे। इसके बाद, एक चोट ने उन्हें बाकी सीरीज से बाहर कर दिया। हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में भी उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। दलीप ट्रॉफी में युवा खिलाड़ियों की मजबूत दावेदारी के बीच, राहुल के लिए टेस्ट टीम में जगह बनाना कठिन हो सकता है।
युवा खिलाड़ियों की उभरती चुनौती
दलीप ट्रॉफी में इंडिया बी के 19 वर्षीय बल्लेबाज मुशीर खान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंडिया ए के खिलाफ 181 रन बनाए हैं। इस प्रदर्शन ने युवा खिलाड़ियों की दावेदारी को और मजबूत किया है, जिससे राहुल की स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है।
मंदिर समिति ने दान की चांदी से सिक्के बनाने की योजना बनाई
बस्तर की प्रसिद्ध आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के भक्तों के लिए मंदिर प्रबंधन जल्द ही एक विशेष पहल करने जा रहा है। मंदिर समिति ने 10 ग्राम चांदी के सिक्के जारी करने का निर्णय लिया है। इन सिक्कों पर एक तरफ मां दंतेश्वरी का चित्र और दूसरी ओर दंतेश्वरी मंदिर का प्रतीक होगा। इस सिक्के की चांदी, भक्तों द्वारा मंदिर में दान की गई चांदी से बनाई जाएगी।
दान की चांदी का सदुपयोग
बस्तर की प्रसिद्ध आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के भक्तों के लिए मंदिर प्रबंधन जल्द ही एक विशेष पहल करने जा रहा है। मंदिर समिति ने 10 ग्राम चांदी के सिक्के जारी करने का निर्णय लिया है। इन सिक्कों पर एक तरफ मां दंतेश्वरी का चित्र और दूसरी ओर दंतेश्वरी मंदिर का प्रतीक होगा। इस सिक्के की चांदी, भक्तों द्वारा मंदिर में दान की गई चांदी से बनाई जाएगी।
भक्तों के लिए विशेष स्मृति चिह्न
मंदिर समिति के पदेन सचिव, एसडीएम जयंत नाहटा ने इस निर्णय को भक्तों के लिए एक यादगार उपहार बताया है। उन्होंने कहा कि सिक्कों की बिक्री से एकत्रित राशि मंदिर के बैंक खाते में जमा की जाएगी और इसे मंदिर के रखरखाव और विकास के लिए उपयोग किया जाएगा।
चांदी के सिक्कों की विशेष जानकारी
मंदिर प्रबंधन द्वारा प्रारंभिक योजना के अनुसार, 10 किलो चांदी से 10-10 ग्राम के सिक्के बनाए जाएंगे। श्रद्धालु इन सिक्कों को निर्धारित मूल्य पर खरीदकर इसे अपनी आस्था और स्मृति के रूप में सहेज सकते हैं।
इंद्रावती में गिद्ध संरक्षण के लिए ‘गिद्ध रेस्टोरेंट’ की योजना का प्रस्ताव जारी
बस्तर के इंद्रावती टाइगर रिजर्व (आईटीआर) में गिद्धों की संख्या बढ़ाने और उनके संरक्षण के लिए एक विशेष योजना बनाई जा रही है। आईटीआर ने ‘गिद्ध रेस्टोरेंट’ खोलने और गिद्धों की जियो टैगिंग का प्रस्ताव केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजा है। इस योजना का उद्देश्य गिद्धों के लिए सुरक्षित और आहार-समृद्ध क्षेत्र विकसित करना है।
गिद्ध रेस्टोरेंट का उद्देश्य
आईटीआर प्रबंधन ने ‘गिद्ध रेस्टोरेंट’ के तहत 20 से अधिक नए आहार स्थलों का प्रस्ताव रखा है, जहां गिद्धों को पर्याप्त भोजन और संरक्षित क्षेत्र मिलेगा। यह योजना गिद्धों की संख्या में वृद्धि करने में मददगार हो सकती है। इसमें मानवीय हस्तक्षेप को कम कर गिद्धों के लिए सुरक्षित आहार उपलब्ध कराया जाएगा। गिद्धों की गतिविधियों और व्यवहार को समझने के लिए उनकी जियो टैगिंग की भी योजना बनाई गई है। इससे गिद्धों के चरित्र और पर्यावास को बेहतर तरीके से समझकर उनके लिए अनुकूल वातावरण विकसित किया जा सकेगा।
गिद्धों की संख्या में तेजी से वृद्धि
बीजापुर स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों में गिद्धों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। 2021 में जहां गिद्धों की संख्या 55 थी, वह अब बढ़कर 200 से अधिक हो गई है। इस सफलता के पीछे ‘गिद्ध मित्र’ योजना है, जिसके तहत स्थानीय युवाओं को गिद्धों की निगरानी और ग्रामीणों को जागरूक करने का जिम्मा सौंपा गया है।
प्राकृतिक उपचार और आहार उपलब्धता
गिद्ध मित्र और पशु चिकित्सा विभाग के सहयोग से अब ग्रामीणों के मवेशियों का इलाज जड़ी-बूटियों से किया जा रहा है, जिससे मवेशियों की मृत्यु के बाद उनके शरीर में जहरीले तत्व नहीं पाए जाते। गिद्ध मित्र मृत मवेशियों को गांव से दूर जंगलों में चिन्हित स्थानों पर छोड़ते हैं, जिससे गिद्धों को पर्याप्त आहार मिल सके। गिद्ध संरक्षण योजना के सफल होने से अब इंद्रावती टाइगर रिजर्व में तीन प्रमुख गिद्ध प्रजातियां – इंडियन गिद्ध, व्हाइट ट्रम्पड गिद्ध, और ग्रिफ्फान गिद्ध – दिखाई देने लगी हैं।
सुदीप बलगा, निदेशक, आईटीआर की प्रतिक्रिया
आईटीआर के निदेशक सुदीप बलगा ने बताया कि गिद्धों के आहार उपलब्ध कराने और उनके संरक्षण के लिए ‘गिद्ध रेस्टोरेंट’ और जियो टैगिंग की योजना पर्यावरण मंत्रालय को भेजी गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना से गिद्धों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी और संरक्षण के प्रयास और भी प्रभावी होंगे।
रायपुर में गणेश चतुर्थी पर मूर्ति खरीदने के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
गणेश चतुर्थी के अवसर पर रायपुर के बाजारों में भगवान गणेश की प्रतिमाओं की खरीदारी के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शहर के प्रमुख बाजारों जैसे सत्ती बाजार, सदरबाजार, मालवीय रोड, शास्त्री बाजार और आमापारा में खासा उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने महंगी प्रतिमाओं के बावजूद अपनी पसंद की मूर्तियों की खरीदारी की, जहां पगड़ी पहने और रिद्धि-सिद्धि के बीच विराजमान गणेश की प्रतिमाएं सबसे अधिक पसंद की गईं। बड़े मूषक पर विराजित प्रतिमाओं की भी खास मांग रही।
इस बार कई बड़े पंडालों में 10 से 15 फीट की विशाल प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं, जिनमें महाराष्ट्रीयन शैली और राजस्थानी पगड़ी वाली मूर्तियों की सबसे अधिक मांग है। श्रद्धालु गाजे-बाजे और “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों के साथ पंडालों तक पहुंचे, जहां शनिवार शाम तक सभी प्रतिमाएं विधिवत रूप से प्रतिष्ठापित की जाएंगी।
इस साल श्रद्धालु इको-फ्रेंडली मूर्तियों को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। मिट्टी की प्रतिमाओं के अलावा, चाक, कैंडी, टॉफी, नारियल, जूट, मौली धागा, क्राफ्ट पेपर और मोमबत्ती से बनाई गई विशेष प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। ये प्रतिमाएं खासतौर पर ऑर्डर पर तैयार की गई हैं।
पंडाल सजावट की बात करें तो शहर के कई स्थानों पर विभिन्न थीम पर आधारित सजावट की जा रही है। कालीबाड़ी चौक में राम दरबार, शीशमहल और विक्रांता की थीम पर पंडाल सजाया गया है, जबकि नयापारा में केदारनाथ की झांकी तैयार की जा रही है। टिकरापारा में गोवर्धन पर्वत उठाते कृष्ण की झांकी बनाई जा रही है।
गुढ़ियारी में वृंदावन धाम की झांकी बनाई जा रही है, जिसमें नंदगांव, यमुना नदी, कालिया नाग का मर्दन, पूतना वध, माखन चोरी, रासलीला, और गोवर्धन पर्वत के दृश्य को प्रस्तुत किया जाएगा।
बदमाशों ने गणेश पंडाल पर किया हमला, हिंदू संगठनों ने किया थाने का घेराव
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कुछ बदमाशों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। शुक्रवार रात आजाद चौक थाना क्षेत्र के लाखेनगर इलाके में गणेश उत्सव के पंडाल में स्थापित भगवान गणेश की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय हिंदू संगठनों ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए थाने का घेराव किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पंडाल में रखी मूर्ति का निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त करने के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग थाने की ओर बढ़ने लगे। स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आजाद चौक थाने में पहुंचकर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने लोगों से शांति की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सोने और चांदी की कीमतों में उछाल 24 कैरेट सोना 71,931 रुपये प्रति 10 ग्राम हुआ
अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आज सोने की कीमत में 56 रुपये का इजाफा हुआ है। 24 कैरेट सोने की कीमत अब 71,931 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जबकि चांदी की कीमत में भी 422 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है।
गणेश चतुर्थी से पहले सोने की कीमतों में तेजी
7 सितंबर से शुरू हो रहे गणेश चतुर्थी के त्यौहार से पहले सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला थम गया है और 6 सितंबर को सोने की दरों में तेजी आई है। अगर आपने सोने में निवेश किया है, तो यह आपके लिए खुशी का समय है, क्योंकि 22 कैरेट सोने की 100 ग्राम की कीमत में 6 सितंबर को 5,500 रुपये की बढ़त देखी गई है।
ताजा रेट्स में बदलाव
6 सितंबर 2024 को 24 कैरेट सोने की कीमत 71,931 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई, जो 5 सितंबर की तुलना में 56 रुपये अधिक है। चांदी की कीमत भी बढ़कर 83,393 रुपये प्रति किलो हो गई है, जो 5 सितंबर से 422 रुपये ज्यादा है।
IBJA के अनुसार सोने और चांदी के ताजा भाव
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 5 सितंबर की शाम को 999 शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने की कीमत 71,931 रुपये थी, जबकि 6 सितंबर को यह घटकर 71,875 रुपये हो गई। वहीं, 5 सितंबर की शाम को 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत 82,971 रुपये थी, जो 6 सितंबर को बढ़कर 83,393 रुपये हो गई। 6 सितंबर को 995 शुद्धता वाले सोने की कीमत 71,643 रुपये, 916 शुद्धता वाले सोने की कीमत 65,889 रुपये, 750 शुद्धता वाले सोने की कीमत 53,948 रुपये, और 585 शुद्धता वाले सोने की कीमत 42,080 रुपये हो गई है।
प्रमुख महानगरों में सोने के भाव
भारत के प्रमुख महानगरों में 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत लखनऊ, दिल्ली, जयपुर और मेरठ में 67,350 रुपये है, जबकि मुंबई में यह 67,200 रुपये है। सोने की शुद्धता के अनुसार, 24 कैरेट सोना 100% शुद्ध होता है, जबकि 22 कैरेट सोने में 91.7% शुद्धता होती है। इसी तरह, 18 कैरेट सोना 75% और 14 कैरेट सोना 58.3% शुद्ध होता है।
IBJA शनिवार, रविवार और सरकारी छुट्टियों पर रेट जारी नहीं करता। अगर आपको 22 कैरेट या 18 कैरेट सोने की ज्वेलरी के रेट जानने हैं, तो आप 8955664433 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं। आपको एसएमएस के जरिए रेट्स मिल जाएंगे। आप गोल्ड और सिल्वर के ताज़ा भाव www.ibja.co या ibjarates.com पर भी देख सकते हैं।