आदिवासी आरक्षण पर विशेष सत्र दिसंबर में सीएम बघेल ने स्पीकर महंत को भेजा प्रस्ताव
आदिवासी आरक्षण के मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी तेज हो गई है l मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा स्पीकर डॉक्टर चरणदास महंत को प्रस्ताव भेजकर एक-दो दिसंबर को विधानसभा का विशेष सत्र आहुत करने का आग्रह किया है l मुख्यमंत्री बघेल ने इस संबंध में ट्विट कर जानकारी दी है l
हाईकोर्ट के पूर्ववर्ती सरकार के आदिवासियों को 37 प्रतिशत आरक्षण के फैसले को असंवैधानिक बताए जाने के साथ ही सियासत तेज हो गई है l सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच सरकार ने मामले को सुप्रीम कोर्ट में अभिषेक मनु सिंघवी, कपिल सिब्बल और महेश जेठमलानी जैसे वरिष्ठ अधिवक्ताओं के जरिए पैरवी करने की बात कही है, वहीं दूसरी ओर विधानसभा का विशेष सत्र आहुत कर मुद्दे पर स्पष्टता के साथ लोगों के बीच बात सामने लाने का काम करने जा रही है l
बिलासपुर में दिखेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, भूगोल विभाग के छात्र देखेंगे खगोलीय घटना,सुबह लग जाएगा सूतक l
ज्योतिष आचार्य ने कहा कि सूतक काल के दौरान मूर्तियों को ना करें स्पर्श,विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। सीएमडी पीजी महाविद्यालय भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ पीएल चंद्राकर की माने तो यह एक खगोलीय घटना है। जिसमें विद्यार्थियों को बढ़-चढ़कर रुचि लेनी चाहिए।
साल का आखिरी चंद्र ग्रहण आठ नवंबर को है। बिलासपुर सहित देशभर में इस ग्रहण को देखने लोगों में भारी उत्सुकता है। सीएमडी पीजी महाविद्यालय भूगोल विभाग के छात्र भी इस खगोलीय घटना को देखने उत्सुक हैं। वही ज्योतिष आचार्यों का कहना है कि सूतक काल के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। सनातन धर्म से जुड़े लोगों को मूर्ति स्पर्श करने से बचना चाहिए।
सीएमडी पीजी महाविद्यालय भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ पीएल चंद्राकर की माने तो यह एक खगोलीय घटना है। जिसमें विद्यार्थियों को बढ़-चढ़कर रुचि लेनी चाहिए। महाविद्यालय में टेलीस्कोप के जरिए इस खगोलीय घटना को बच्चे देखेंगे। इस ग्रहण को देखने से आंखों में कोई नुकसान नहीं होगा नग्न आंखों से देखा जा सकेगा। बता दें केसूर्य ग्रहण के बाद अब साल का आखिरी चंद्र ग्रहण मंगलवार को लगेगा। ये ग्रहण भारत में दृश्यमान होगा।
चूंकि ये चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा। ज्योतिषाचार्य पंडित वासुदेव शर्मा की माने तो इस ग्रहण से लोगों को संभलकर रहना चाहिए। जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है, तब चंद्र ग्रहण लगता है। साल का आखिरी चंद्र ग्रहण मेष राशि में लगने वाला है। भारतीय समयानुसार, साल का आखिरी चंद्र ग्रहण आठ नवंबर को शाम पांच बजकर 20 मिनट से प्रारंभ होगा और शाम छह बजकर 20 मिनट तक रहेगा।
चंद्र ग्रहण से नौ घंटे पहले इसका सूतक काल लग जाता है। इसलिए चंद्र ग्रहण के नौ घंटे पहले ही तैयारी कर लेनी चाहिए। सूतक काल में भगवान की मूर्तियों को स्पर्श नहीं करना चाहिए। पूजा-पाठ करने से बचना चाहिए। भोजन न करें और सोएं भी नहीं। गर्भवती महिलाएं, बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। खाने पीने की चीजों में तुलसी की पत्ती डाल देनी चाहिए।
खग्रास चन्द्रग्रहण यह ग्रहण छत्तीसगढ़ में दृश्य व मान्य रहेगा।ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज तिवारी के मुताबिक वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार छत्तीसगढ़ में सूतक सुबह 8:21 से लग जााएगा सूतक के बाद से ही पूजा—पाठ देव स्पर्श न करें। खानपान न करें। उपवास करना चाहिए बालक,वृद्ध,रोगी,गर्भवती महिलाए तुलसी के साथ दवा स्वलपहार ले सकते है वही भी ड्राय फुड होना चाहिए। द्रव पदार्थ बासी खाना से बचें। इनको घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। ग्रहण न देखें। मन से भगवान नाम जप,गायत्री मंत्र जप गरू मंत्र जप सर्वश्रेष्ठ व पापनाश करने वाला होता है। स्पर्श शाम 5:21,मोक्ष शाम 6:19 पर पर्वकाल 58 मिनट का होगा। तीन बार स्नान करना चाहिए। स्पर्श, मध्य काल व मोक्ष के समय इसके बाद दान की महिमा है। दान करें।
छत्तीसगढ़ मे अगर आप ट्रेन से कहीं जाने की सोच रहे हैं तो रुक जाये !
अगर आप ट्रेन से कही जाने का सोच रहे है तो ये खबर जरूर पढ़े, रेलवे ने रद्द की एक साथ 24 से ज्यादा ट्रेन l
छत्तीसगढ़ में एक बार फिर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। दरअसल एक बार फिर एक साथ 24 से ज्यादा ट्रेनों को रेलवे ने रद्द कर दिया है। सभी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की है।बताया कि दोहरीकरण के कार्य के लिए ट्रेनों को रद्द किया गया है। यह कार्य भोपाल रेल मंडल के मालखेड़ी-गुना और मालखेड़ी-महादेवखेड़ी जंक्शन सेक्शन में दोहरीकरण का काम होगा। जिसके चलते 09 से 19 नवम्बर तक अलग – अलग दिनों में ट्रेनें प्रभावित रहेंगी।
सुरुचि रेस्टोरेंट के पास रहने वाले कृष्ण कुमार वर्मा के बड़े बेटे को पुलिस ने शराब के साथ किया गिरफ्तार
जूनी लाइन स्थित सुरुचि रेस्टोरेंट के पास रहने वाले कृष्ण कुमार वर्मा के बड़े बेटे श्रीकांत वर्मा को पुलिस ने शराब के साथ किया गिरफ्तार l
हिर्री थाना क्षेत्र के इन ढाबों में अवैध रूप से बिक रही थी शराब, थाना प्रभारी आए संदेह के दायरे में बिलासपुर:
शासन या फिर पुलिस के उच्चाधिकारियों द्वारा थाने का प्रभार उसी को दिया जाता है, जिसके पास उस थाना क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाने के साथ क्राइम को कम करने की ठोस प्लानिंग हो और 24 घँटे ड्यूटी कर सके l वैसे भी पोस्टिंग करने वाले, थाना प्रभारी की एक्टिविटी को देखकर ही उसके हिसाब से ही उसे थाने की जिम्मेदारी दी जाती है l आज हम बात करने वाले हैं हिर्री के थाना प्रभारी की l इस प्रभारी के क्षेत्र में स्थित बाबा ढाबा, अपना पंजाबी ढाबा और भवानी ढाबा में अवैध रूप से शराब की बिक्री हो रही थी और वे इससे अनभिज्ञ थे, ये बात गले से उतरती नहीं है; क्योंकि जब एसीसीयू टीम को इसकी जानकारी हो सकती है तो थाना प्रभारी को क्यों नहीं l
जानिए क्या है मामला
ACCU टीम से मिली जानकारी के अनुसार, शहर के आऊटर क्षेत्र में संचालित ढानों में अवैध रूप से शराब बिक्री की सूचना पर एसीसीयू टीम द्वारा बाबा ढाबा, अपना पंजाबी ढाबा और भवानी ढाबा में रेड कार्यवाही की गई l ढाबा संचालकों द्वारा अवैध रूप से देशी, विदेशी शराब विक्रय करते पाये जाने पर सृष्टी समृद्धि कालोनी सकरी निवासी राजेन्द्र पिता करम चंद ग्वालानी (49 ) बिल्हा निवासी विजय पिता बूटी लाल घृतलहरे( 38 ) जूनी लाइन निवासी श्रीकांत वर्मा पिता कृष्ण कुमार वर्मा (40 ) के कब्जे से कुल 27.230 लीटर देशी-विदेशी शराब, बीयर कीमती 20,000 रुपये को जब्त कर अग्रिम कार्यवाही हेतु थाना हिर्री के सुपुर्द किया किया गया l
एसपी पारुल माथुर को ऐसे थाना प्रभारियों पर निगरानी रखनी चाहिए और बेहतर परिणाम नहीं देने TI को लूप लाइन में भेज देना चाहिए और थाने की जिम्मेदारी उसे दी जानी चाहिए जो अपनी ड्यूटी को लेकर गंभीर हो, तभी अच्छा परिणाम आने की उम्मीद रहेगी और कानून व्यवस्था भी चुस्त दुरुस्त रहेगी l
छत्तीसगढ़: उद्योगों, सरकारी कार्यालयों को सिंगल यूज प्लास्टिक का विकल्प तलाशने का निर्देश
सिंगल यूज प्लास्टिक पर कटौती करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस दिशा में देश के अन्य राज्यों में अपनाए गए सर्वोत्तम व्यावहारिक तरीकों को लागू करें।
एक अधिकारी ने रविवार को कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के उद्योगों और अपने स्वयं के विभागों को एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक के विकल्प खोजने और इसके उपयोग को रोकने का निर्देश दिया है।
जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि निर्देश के तहत विभिन्न कार्यालयों के प्रमुखों को सभी सरकारी कार्यालयों को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया हैl
उन्होंने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक को कम करने के लिए अधिकारियों को इस दिशा में देश के अन्य राज्यों में अपनाए गए सर्वोत्तम व्यावहारिक तरीकों को लागू करने का निर्देश दिया गया है, उन्होंने कहा कि इस मुद्दे के बारे में जन जागरूकता भी पैदा की जा रही है।
मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने हाल ही में इस मुद्दे से निपटने के लिए गठित एक टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता की थी।
अधिकारी ने बताया कि मुख्य सचिव ने सिंगल यूज प्लास्टिक के उन्मूलन के संबंध में केंद्र से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं l उन्होंने कहा कि इसी प्रकार उद्योग एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभागों को सिंगल यूज प्लास्टिक से संबंधित नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों की सूची बनाकर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है l
इसके अलावा, सरकार ने अनुसंधान संस्थानों की मदद लेने और ‘डोना पत्तल’ (पत्तियों से बनी डिस्पोजेबल सामग्री) और अन्य लघु वन उत्पादों को एकल-उपयोग प्लास्टिक के विकल्प के रूप में बढ़ावा देने का भी निर्णय लिया है, अधिकारी ने कहा।
छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य में है यहां की लोककला और संस्कृति l
छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य में है यहां की लोककला और संस्कृति l यहाँ प्रकृति के अनुरूप ही ऋतु परिवर्तन के साथ लोक नृत्य अलग-अलग शैलियों में विकसित हुआ। यहाँ के लोक नृत्यों मे मांदर, झांझ, मंजीरा और डंडा प्रमुख रूप से प्रयुक्त होता है। छत्तीसगढ़ के निवासी नृत्य करते समय मयूर के पंख, सुअर के सिर्से, शेर के नाखून, गूज, कौड़ी और गुरियों की माला आदि आभूषण धारण करते हैं। छत्तीसगढ में लोक जीवन कौशल जो की समाज द्वारा मान्य है लोक संस्कृति कहलाती है इसके अंतर्गत लोकगीत , लोकनृत्य नाटक , छत्तीसगढ़ी पर्व और पर्व छत्तीसगढ़ी गहने और व्यंजन है l
सुआ नृत्य
आमतौर पर तोता नृत्य के नाम से भी जाना जाता है, यह छत्तीसगढ़ का एक और लोकप्रिय लोक नृत्य है जो आमतौर पर गौरा के विवाह के अवसर पर किया जाता है। यह मूलतः महिलाओ और किशोरियों का नृत्य है। इस नृत्य में महिलाएं एक टोकरी में सुआ (मिट्टी का बना तोता) को रखकर उसके चारों ओर नृत्य करती हैं और सुआ गीत गाती हैं। गोल गोल घूम कर इस नृत्य को किया जाता है। तथा हाँथ से या लकड़ी के टुकड़े से तालि बजाई जाती है। इस नृत्य के समापन पर शिव गौरी विवाह का आयोजन किया जाता हैं। इसे गौरी नृत्य भी कहा जाता है। सुआ लोक नृत्य को दिए गए इस अनोखे नाम के पीछे का कारण – महिलाएं तोते को बीच में रखते हुए इस लोक नृत्य को करती हैं। इसलिए इसका नाम सुआ नृत्य रखा गया है। हालांकि यह डांस थोड़ा आसान है, लेकिन डांस परफॉर्मेंस मूव के साथ मस्ती, ऊर्जा और उत्साह आपको इसे पसंद करने के लिए बाध्य करती है।
पंथी नृत्य
लोक नृत्य मनोरंजन के सबसे महत्वपूर्ण रूपों में से एक है और क्षेत्र के स्थानीय लोगों के लिए संस्कृति का प्रदर्शन है। छत्तीसगढ़ के शीर्ष लोक नृत्यों की बात करें तो पंथी नृत्य से इंकार नहीं किया जा सकता है। यह नृत्य न केवल इस क्षेत्र के लोक नृत्य के सबसे महत्वपूर्ण रूपों में से एक है, बल्कि इसे छत्तीसगढ़ के सतनामी समुदाय का एक प्रमुख रिवाज या समारोह भी माना जाता है। यह नृत्य अक्सर समुदाय द्वारा माघी पूर्णिमा में होने वाले गुरु घासीदास की जयंती के उत्सव के दौरान किया जाता है। यदि आप पंथी नृत्य के प्रदर्शन को देखते हैं, तो आप स्वयं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ दुर्ग क्षेत्र के आदिवासी समूहों की पारंपरिक विरासत को प्रदर्शन में परिलक्षित देख पाएंगे। लोग इस नृत्य के माध्यम से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं और अपना प्रतिनिधित्व करते हैं। किसी भी नृत्य शैली की तरह, यह भी कई चरणों और पैटर्न का एक संयोजन है। हालाँकि, जो चीज इसे अद्वितीय बनाती है, वह यह है कि यह अपने पवित्र गुरु की शिक्षाओं और बातों को दर्शाता है।
राउत नाचा
चूंकि राउत नाचा के मुख्य कलाकार राज्य के चरवाहे होते हैं, इसलिए छत्तीसगढ़ के इस लोक नृत्य को चरवाहे लोक नृत्य के नाम से भी जाना जाता है। यदि आप विशाल हिंदू पौराणिक कथाओं के बारे में जानते हैं, तो आप जानते होंगे कि यादव या यदुवंशी, जो छत्तीसगढ़ की एक लोकप्रिय जाति हैं, को प्रमुख हिंदू देवताओं में से एक, भगवान कृष्ण के वंशज माना जाता है। राउत नाचा नृत्य रूप दुष्ट राजा कंस और क्षेत्र के चरवाहे के बीच प्रसिद्ध भयंकर युद्ध के दृश्यों को दर्शाता है। इस प्रदर्शन में, यादव भगवान कृष्ण का प्रतिनिधित्व करते हैं। छत्तीसगढ़ का यह लोक-नृत्य जो मुख्य संदेश देता है, वह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्राचीन सत्य है। यह नृत्य रूप आमतौर पर ‘देव उधनी एकादशी’ के अवसर पर किया जाता है क्योंकि स्थानीय लोगों के बीच एक दृढ़ विश्वास है कि यह एक शुभ तिथि है जब सर्वशक्तिमान स्वयं जागते और उपस्थित होते हैं।
गौरा नृत्य
यह छत्तीसगढ़ की मड़िया जनजाति का प्रसिद्ध लोकनृत्य है। नई फसल पकने के समय मड़िया जनजाति के लोग गौर नामक पशु के सिंग को कौड़ियों में सजाकर सिर पर धारण कर अत्यंत आकर्षक व प्रसन्नचित मुद्रा में नृत्य करते हैं। यह छत्तीसगढ़ की ही नही बल्कि विश्व प्रसिद्ध लोकनृत्यों में एक है। एल्विन ने इसे देश का सर्वोत्कृष्ठ नृत्य माना हैं।
करम नृत्य
एक छत्तीसगढ़ का परम्परिक नृत्य है। इसे करमा देव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। यह बस्तर जिले में धूम धाम से मनाया जाता है। इस नृत्य में पारंपरिक पोषक पहनकर लोग नृत्य करते है और छत्तीसगढ़ी गीत गाते है।छत्तीसगढ़ का यह लोक नृत्य आमतौर पर राज्य के आदिवासी समूहों जैसे गोंड, उरांव, बैगा आदि द्वारा किया जाता है। यदि आप सोच रहे हैं कि क्या यह लोक नृत्य भी किसी विशेष अवसर पर किया जाता है, तो आपका अनुमान सही है। यह नृत्य वर्षा ऋतु के अंत और वसंत ऋतु की शुरुआत को चिह्नित करने के लिए किया जाता है। इसलिए, यह नृत्य स्थानीय लोगों के बीच खुशी और उत्साह लाने के लिए बाध्य है। इस नृत्य प्रदर्शन में गांवों के पुरुष और महिलाएं दोनों भाग लेते हैं। कर्मा नृत्य के लिए कलाकारों की टीम में एक प्रमुख गायक भी होता है। यदि आप छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति का सबसे अच्छा अनुभव करना चाहते हैं, तो कर्मा नृत्य प्रदर्शन देखना ऐसा करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है। यह आदिवासी नृत्य इस क्षेत्र की एक सच्ची सुंदरता है।
बीएनआई कोलाबरेटर्स की साप्ताहिक सफलता बैठक 13 अक्टूबर को मैरियट में जश्न मनाएं l जिसमे शहर के 50+ उद्यमी और पेशेवर के साथ मुख्य अतिथि के रूप में डॉ ओम मखीजा जी और विशेष अतिथि आकाश डहरिया जी ने शिरकत की l
जिसमें शहर के व्यावसायिक संस्कृति को लेकर काफ़ी अच्छा चर्चा किया गया l बीएनआई कोलाबरेटर्स की साप्ताहिक बैठक में एक सकारात्मक भावना का एहसास होता है, और जो उद्यमी हैं उन्हे आप में जोडे रखने का प्रयास किया जाता है l बीएनआई कोलाबरेटर्स के अध्यक्ष महोदय विनोद पांडे जी हैं, उपाध्यक्ष श्री. सत्येंद्र खुंटे जी है, सचिव कोषाध्यक्ष श्रीमती मंजरी ठाकुर जी हैं, तथा एजुकेशन स्लॉट मि. अभिजीत रॉय जी देखते हैं l
बीजेपी ने लगाया नक्सली-कांग्रेस के सांठगांठ का आरोप
भाजपा नेता और पूर्व मंत्री महेश गगड़ा ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस को यह बताना होगा कि क्या छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के साथ उसकी मिलीभगत है। गगड़ा ने यहां मीडिया को बताया कि बीजापुर जिले के भोपालपटनम प्रखंड कांग्रेस के महासचिव को तेलंगाना में दो महिला और दो पुरुष नक्सलियों के साथ पकड़ा गया.उन्होंने कहा कि सांठगांठ का पर्दाफाश करने के लिए उच्च स्तरीय जांच की जरूरत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भाजपा अध्यक्ष और सांसद अरुण साव ने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है।भाजपा नेता ने नक्सली गतिविधियों की तुलना में राज्य में खुफिया तंत्र की विफलता का भी आरोप लगाया।
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में शुक्रवार को एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का अजवान घायल हो गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां बताया कि यह घटना कोयालीबेड़ा थाना क्षेत्र के कोयालीबेड़ा-पनिदोबीर रोड पर सुबह नौ से दस बजे के बीच हुई जब बीएसएफ जवानों का एक दल एक बीमार सहयोगी को इलाज के लिए बाहर निकाल रहा था।
“जवान, जो मोटरसाइकिल पर थे, पाणिडोबीर शिविर से बीमार जवान को लेने के बाद वापस कोयालीबेड़ा शिविर की ओर जा रहे थे। जब यह मरकनार गांव के पास पहुंचा तो विस्फोट हुआ जिसमें एक जवान घायल हो गया।” उन्होंने कहा कि घायल जवान को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके से दो जिंदा आईईडी बरामद किए और तलाशी अभियान अभी भी जारी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य के बस्तर संभाग के एक दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को कांकेर जिले के चरमा क्षेत्र में लघु फसल प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन इकाई का उद्घाटन करने वाले हैं I
बिलासपुर में दुर्गोत्सव के दौरान मंदिर, भवन, स्कूल, मैदान में रास डांडिया का आयोज़न किया गया। जहा लोग बहुत उत्साहित हो कर सज धज कर जाना पसंद करते हैं। पर हर बार एक्टर्स के लिए ऐसे डांडिया खेलने जाना संभव नहीं हो पाता, क्योंकि उन्हे चीफ गेस्ट बन कर भी जाना होता है।
जी हां हम बात कर रहे हैं आकाश डहरिया और हीना कौशिक की I डांडिया के माहोल में जब आमन्त्रित किया गया आकाश और हीना को। बप्पा डांडिया ग्रुप द्वारा आयोजित रिदम रास डांडिया में इस बार दोनो कलाकरों को मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया जहा दोनो कलाकरों ने जमकर डांस किया। सभी से मिले, उन्होनें खूब प्यार सम्मान दिया। दोनो कफी सहज लगे। इस बार डांडिया का आयोग बप्पा डांडिया ग्रुप की टीम द्वारा किया गया जिसकी आयोजक प्रतीक्षा बोरगोना थी। प्रतीक्षा जी नागपुर से आई हुई थी विशेष रूप से इस डांडिया के लिए। पूरी टीम की मेहनत दिखी।
जो इस बार के रास गरबा में जीते उन्हे आकाश और हीना के द्वारा समनित किया गया । कार्यक्रम के दौरान दोनो कलाकार थिरकते नजर आए, और वहा विदा लेने से पहले दोनो ने सबके साथ रास गरबा का आनंद उठाया I