रतलाम में 10 वर्षीय मूक-बधिर बच्ची से दुष्कर्म पुलिस ने की जांच में तेजी
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा में एक मूक-बधिर 10 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की वारदात सामने आई है। बच्ची की माता-पिता ने उसे रात में झोपड़ी से गायब पाया और बाद में उसे खोजकर कुछ दूर पाया। बच्ची ने इशारों के माध्यम से अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छह टीमें गठित की हैं और आरोपित की तलाश जारी है। सीसीटीवी फुटेज की जांच के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं और जल्द ही आरोपित की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
घटना के बाद रतलाम मेडिकल कॉलेज में बच्ची का इलाज चल रहा है। एसपी राहुल लोढ़ा और एएसपी राजेश खाखा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की और जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया है। एएसपी खाखा ने बताया कि पुलिस सभी संभावित सुरागों पर काम कर रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद है।
सुप्रीम कोर्ट ने नकली होलोग्राम मामले में एफआईआर पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर के कासना पुलिस थाने में दर्ज नकली होलोग्राम मामले की एफआईआर पर रोक लगा दी है, जिससे जांच प्रक्रिया भी रुक गई है और गिरफ्तार अभियुक्तों की जमानत की संभावनाएं बढ़ गई हैं। यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले की जांच से जुड़ा है।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस आगस्टिन जार्ज मसीह की बेंच ने विधु गुप्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया, जिससे हाईकोर्ट इलाहाबाद के फैसले को चुनौती मिली। इस आदेश के बाद, मेरठ कोर्ट ने रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा को सशर्त छत्तीसगढ़ वापस भेजने की अनुमति भी दी है। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश नकली होलोग्राम मामले में महत्वपूर्ण मोड़ ला सकता है।
नई दिल्ली कोचिंग सेंटर हादसे के बाद छत्तीसगढ़ सरकार की कड़ी कार्रवाई
हाल ही में एक कोचिंग सेंटर में हुए दुखद हादसे के बाद, राज्य सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राजधानी के सभी शैक्षणिक और व्यावसायिक संस्थानों का सुरक्षा ऑडिट करने का निर्देश जारी किया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कोचिंग सेंटर, स्कूल, हॉस्टल, अस्पताल, शॉपिंग मॉल और शैक्षणिक संस्थानों में अग्निशमन प्रणाली, फायर अलार्म, बिल्डिंग सेफ्टी, सीसीटीवी निगरानी, और सुरक्षा स्टाफ जैसे प्रमुख मानकों की जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी।
इस ऑडिट की अवधि एक महीने के भीतर तय की गई है, जिसके बाद संबंधित निकायों के कमिश्नरों को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। यह कदम उन संस्थानों की सुरक्षा में सुधार लाने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिनमें हजारों छात्र और लोग रोजाना आते-जाते हैं।
मुख्य ऑडिट बिंदु:
अग्निशमन प्रणाली की जांच: सभी संस्थानों में फायर अलार्म और फायर हाइड्रेंट सिस्टम की जांच की जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनका सही ढंग से उपयोग किया जा सके।
भवन की संरचनात्मक सुरक्षा: भवन के संरचनात्मक सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया जाएगा, जिसमें लिफ्ट और सीढ़ियों की सुरक्षा, बिजली उपकरणों की जांच और भवन अनुज्ञा की वैधता की पुष्टि शामिल होगी।
आपातकालीन निकासी योजना: संस्थानों में आपातकालीन निकासी योजना और नियमित फायर ड्रिल्स को सुनिश्चित किया जाएगा ताकि आपात स्थितियों में प्रभावी ढंग से निकासी हो सके।
सीसीटीवी निगरानी: सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और उनकी नियमित निगरानी की जाएगी ताकि सुरक्षा में कोई कमी न रहे।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट: सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
विशेष दिशा-निर्देश:
सभी बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग के लिए किया जाएगा। लाइब्रेरी, कक्षाएं, कार्यालय या अन्य गतिविधियों के लिए बेसमेंट का उपयोग वर्जित होगा। साथ ही जल निकासी की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। कोचिंग सेंटरों की जांच राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC) के आधार पर की जाएगी।
यह निर्देश उस हादसे के बाद आया है जिसमें नई दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में जलभराव के कारण तीन छात्रों की मौत हो गई थी, और 12 अन्य को मुश्किल से बचाया जा सका था। इससे पहले भी एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना में कई छात्र घायल हो गए थे। इन घटनाओं के बाद सरकार ने सुरक्षा मानकों को कड़ा करने का निर्णय लिया है।
समिति गठन: सुरक्षा जांच के लिए नगर निगम से लेकर नगर पंचायतों तक समितियों का गठन किया जाएगा। इन समितियों में वरिष्ठ अभियंता, राजस्व विभाग के प्रतिनिधि और मुख्य नगर पालिका अधिकारी शामिल होंगे। ये समितियां नियमित रूप से संस्थानों की निगरानी करेंगी और सुरक्षा में किसी भी कमी को तुरंत सुधारने के लिए कदम उठाएंगी।
नई दिल्ली में हालिया हादसों ने सरकार को सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर मजबूर किया है। इस ऑडिट के माध्यम से, सरकार सुनिश्चित करना चाहती है कि सभी संस्थानों में सुरक्षा के मानकों का पालन किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सल प्रभावित कोंटा क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर, अंदरूनी गांवों के 11 नक्सलियों ने संगठन छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है। इनमें से पांच महिलाएं हैं और सभी जनजातीय समुदाय से संबंधित हैं। उन्होंने सरकार की पुनर्वास नीति और नीयद नेल्ला नार योजना के तहत गांव में हो रहे विकास कार्यों से प्रेरित होकर यह कदम उठाया है।
सुकमा जिले के अंदरूनी इलाकों में नक्सली अक्सर आदिवासियों पर बंदूक के बल पर दबाव डालकर उन्हें संगठन में भर्ती करते थे। लेकिन सुरक्षा बलों के बढ़ते प्रभाव और गांवों में चल रहे विकास कार्यों से जनजातीय समुदाय के लोगों में मुख्यधारा से जुड़ने का साहस बढ़ा है।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में एक लाख की इनामी नक्सली गोलापल्ली एलओएस सदस्य सोड़ी भीमे, रासातोंग पंचायत डीएकेएमएस सदस्य पोड़ियाम हुंगा, अरलमपल्ली पंचायत स्कूल कमेटी अध्यक्ष दूधी हांदा, और अन्य शामिल हैं। ये सभी नक्सली अब विकास के मार्ग को चुनकर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुके हैं। उन्हें ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन व पुनर्वास नीति’ के तहत सहायता राशि और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।
पुलिस के अनुसार, इस वर्ष जिले में अब तक 200 से अधिक नक्सलियों ने समर्पण किया है। अंदरूनी क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के नए कैंपों की स्थापना और लगातार चल रहे अभियानों के कारण नक्सली बैकफुट पर हैं। नीयद नेल्ला नार योजना और सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम से ग्रामीणों का भरोसा सुरक्षा बलों पर बढ़ा है, जिससे और अधिक नक्सली मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
मानसून में बीमारियों से बचाव: जानें स्वस्थ रहने के कारगर तरीके
बारिश के मौसम में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। इस मौसम में सर्दी, खांसी और वायरल बुखार का खतरा सामान्य से ज्यादा बढ़ जाता है। हाल ही में स्वाइन फ्लू के मामलों में भी वृद्धि देखने को मिली है। आंबेडकर अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रमुख, डॉ. आरके पंडा ने बताया कि मौसमी सर्दी और खांसी को हल्के में लेना सही नहीं है। डॉक्टर की सलाह लेकर ही दवा का सेवन करना चाहिए।
स्वस्थ रहने के उपाय:
गर्म पानी का सेवन:
सुबह खाली पेट: गर्म पानी पीने से फैट बर्न करने में मदद मिलती है और मेटाबोलिज्म बेहतर होता है।
रात को सोने से पहले: रात को गर्म पानी पीने से पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे ओवरईटिंग से बचा जा सकता है। यह मांसपेशियों में होने वाली जकड़न को भी राहत देता है और नींद को बेहतर बनाता है।
पेट साफ करने में: गर्म पानी पीने से कब्ज की समस्या भी दूर रहती है, जिससे पेट साफ रहता है।
सावधानियां:
बाहर निकलते समय मास्क लगाएं: बारिश के मौसम में हवा में फैले वायरस से बचाव के लिए मास्क का उपयोग करें।
गर्म पानी से भाप लें: सर्दी और खांसी की समस्या होने पर गर्म पानी से भाप लेने से राहत मिलती है और सांस लेने में सुविधा होती है।
खुले में बिकने वाले खाने से बचें: खुले में बिकने वाले खाने से संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए ऐसे खाने से परहेज करें।
बाहर का पानी न पीएं: बाहर का पानी पीने से पानीजनित बीमारियों का खतरा हो सकता है। घर से निकलते समय अपने साथ पानी ले जाना एक अच्छा विकल्प है।
डॉक्टर की सलाह:
सर्दी, खांसी और बुखार जैसे लक्षणों को सामान्य मौसमी समस्याएं मानकर मेडिकल स्टोर से दवा लेना उचित नहीं है। इससे कुछ समय के लिए राहत तो मिल सकती है, लेकिन बीमारी पूरी तरह से ठीक नहीं होती। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा का सेवन करने से बचना चाहिए और सही उपचार की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।
इन सावधानियों और स्वस्थ आदतों को अपनाकर आप बारिश के मौसम में अपनी सेहत को बेहतर रख सकते हैं और मौसमी बीमारियों से बच सकते हैं।
जेल कैदियों का मानदेय बढ़ाने पर हाईकोर्ट ने याचिका किया निराकृत
गुरुवार को हाईकोर्ट में प्रदेश की जेलों में कैदियों का मानदेय बढ़ाने के मामले पर सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य शासन ने हाईकोर्ट में शपथपत्र प्रस्तुत किया, जिसमें बताया गया कि जेल में बंद कैदियों की कुशल और अकुशल श्रेणियों का मानदेय बढ़ाया जा रहा है। शपथपत्र के अनुसार, अब अकुशल कैदियों को 60 रुपये के बजाय 80 रुपये प्रतिदिन और कुशल श्रेणी के कैदियों को 75 रुपये के बजाय 100 रुपये प्रतिदिन का मानदेय दिया जाएगा।
इस याचिका को भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने जनहित याचिका के रूप में दायर किया था। याचिका में यह कहा गया था कि वर्तमान में कैदियों को प्रतिदिन 60 से 75 रुपये तक का पारिश्रमिक दिया जाता है, जो वर्षों से नहीं बदला गया है और आज के समय में अपर्याप्त है। याचिका में मांग की गई थी कि कैदियों को कलेक्टर दर के अनुसार पारिश्रमिक दिया जाए, ताकि यह मेहनताना उनके भविष्य में भी काम आ सके।
कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। राज्य शासन द्वारा प्रस्तुत शपथपत्र में मानदेय बढ़ाए जाने की जानकारी मिलने पर, चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने याचिका को निराकृत कर दिया।
रायपुर जेल का कैदी होटल में खुलेआम घूमने से प्रहरी की बढ़ी मुसीबत
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कस्टम मिलिंग के आरोप में बंद रोशन चंद्राकर को जेल से बाहर एक होटल में देखा गया। इस वीडियो में चंद्राकर अपनी पत्नी के साथ होटल में दिखाई दे रहा है, जबकि जेल प्रहरी उसके बच्चों को मॉल में घुमा रहा था।
यह घटना तब सामने आई जब चंद्राकर के होटल से निकलते वक्त का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। बताया जा रहा है कि कैदी को जेल से बाहर निकालने के लिए एक बहाना बनाया गया और फिर उसे स्थानीय होटल में ले जाया गया। इस दौरान, उसने वहां 5 घंटे बिताए।
घटना के खुलासे के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत कार्रवाई करते हुए दोषी जेल प्रहरी पर सख्त कदम उठाए गए। इस घटना ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोशन चंद्राकर, जो कि राइस मिलर एसोसिएशन के पूर्व कोषाध्यक्ष भी रह चुके हैं, कस्टम मिलिंग के मामले में जेल में बंद हैं। उन पर ईडी द्वारा 20 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन लेने का आरोप है। उनकी जमानत याचिका को विशेष अदालत ने खारिज कर दिया है। इस मामले में आगे की जांच जारी है, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ में इस मानसून के दौरान बारिश ने सामान्य आंकड़ों को पार कर लिया है। राज्य में अब तक 748.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य 660.8 मिमी से 13% अधिक है। इस बार बारिश का यह सिलसिला राज्य के अधिकांश हिस्सों में जारी है, जिसमें बीजापुर और बलरामपुर जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई है। बीजापुर में अब तक 1,660.8 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 105% अधिक है, जबकि बलरामपुर में 885.1 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 64% अधिक है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में अगले दो दिनों तक तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, साथ ही गरज चमक के साथ वज्रपात की भी आशंका है।
राज्य के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार, पश्चिम झारखंड और उसके आसपास स्थित एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवात और मानसून द्रोणिका के कारण छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में बारिश हो रही है। रायपुर जिले में अब तक 651.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 14% अधिक है।
बीजापुर और बलरामपुर के अलावा, प्रदेश के 17 जिलों में बारिश सामान्य रही है, जबकि नौ जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। हालांकि, आने वाले कुछ दिनों में बारिश की रफ्तार थोड़ी थम सकती है, लेकिन अगले कुछ दिन राज्य में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा।
राज्य प्रशासन ने संभावित जलभराव और अन्य आपात स्थितियों के मद्देनजर सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों को सावधान रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
35 यात्रियों से भरी बस और ट्रेलर की जबरदस्त टक्कर, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
तारा घाटी के मोरगा चौकी क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें 35 यात्रियों से भरी एक बस और एक ट्रेलर के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई। इस टक्कर के बाद दोनों वाहन 20 फीट गहरी खाई में जा गिरे, जिससे घटनास्थल पर हड़कंप मच गया। हादसे के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई, और चारों ओर अफरा-तफरी मच गई।
हादसे में लगभग एक दर्जन लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसमें मोरगा चौकी प्रभारी नवीन पटेल और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
घटना में एक युवती बस के अंदर फंसी हुई है, जिसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए गैस कटर और अन्य उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। नवीन पटेल ने बताया कि युवती को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है, और रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है।
हादसे के बाद ट्रेलर वाहन बस के ऊपर आ गिरा, जिससे कई यात्री बस के अंदर ही फंस गए। राहत एवं बचाव कार्य में लगे अधिकारी और जवान मौके पर जुटे हुए हैं, ताकि सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके।
यह हादसा एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर करता है। स्थानीय प्रशासन इस घटना की जांच कर रहा है, और जल्द ही हादसे के कारणों का खुलासा किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ प्रवासी श्रमिकों के लिए बड़ी राहत: दूसरे राज्यों में खुलेंगे सहायता केंद्र
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की भाजपा सरकार ने दूसरे राज्यों में काम कर रहे छत्तीसगढ़ी श्रमिकों को राज्य की सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का निर्णय लिया है। श्रम विभाग के अंतर्गत दिल्ली, पंजाब, गुजरात, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर आदि राज्यों में श्रमिक सहायता केंद्र खोले जाएंगे।
इन केंद्रों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा, जिनमें शामिल हैं:
मृत्यु पर सहायता: श्रमिकों की मृत्यु होने पर 1 लाख रुपये और दिव्यांग होने पर 50 हजार रुपये की मदद।
मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना: 60 वर्ष तक के निर्माण श्रमिकों को 20 हजार रुपये एकमुश्त मदद।
मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना: प्रथम दो बच्चों को 1 हजार से 10 हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति।
महतारी जतन योजना: महिला श्रमिकों को पहले दो बच्चों के जन्म पर 20 हजार रुपये।
श्रमिक बच्चों की शिक्षा: पहली कक्षा से स्नाकोत्तर तक 500 रुपये से लेकर 15 हजार रुपये तक की मदद।
गंभीर बीमारी पर सहायता: श्रमिकों को गंभीर बीमारी पर 50 हजार रुपये तक की मदद।
श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि इस योजना की कार्ययोजना बनाई जा रही है और नवंबर से कुछ राज्यों में श्रमिक सहायता केंद्रों की शुरुआत हो जाएगी।
यह निर्णय छत्तीसगढ़ के बाहर काम करने वाले श्रमिकों के लिए बड़ी राहत साबित होगा, जिससे वे अन्य राज्यों में भी राज्य की सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।