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  • छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई, बारिश का दौर हुआ खत्म

    छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई, बारिश का दौर हुआ खत्म

    मानसून की विदाई :

    छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून की वापसी तय समय से पहले ही शुरू हो गई है। आमतौर पर मानसून की विदाई अक्टूबर के मध्य तक होती है, लेकिन इस बार नौ दिनों की देरी से आए मानसून ने निर्धारित समय से एक दिन पहले ही प्रदेश से विदा होना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने उत्तर छत्तीसगढ़ के इलाकों से वापसी की शुरुआत की, और अगले दो दिनों में पूरे प्रदेश से इसकी पूर्ण विदाई की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 13 अक्टूबर तक वातावरण में नमी की मात्रा में गिरावट आ सकती है, जिससे मानसून की अंतिम विदाई संभव है।

    मानसून की वापसी का सफर

    दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा फिलहाल प्रदेश के पेंड्रा रोड क्षेत्र से होकर गुजर रही है। राज्य के बाकी हिस्सों से भी अगले दो दिनों में मानसून की वापसी के लिए मौसम अनुकूल बताया जा रहा है। शुक्रवार को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बीजापुर के गंगालूर क्षेत्र में सबसे अधिक 80 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि बीजापुर, कटेकल्याण, दोरनापाल, जगरगुंडा और अन्य इलाकों में भी हल्की बारिश दर्ज की गई।

    प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी मानसूनी बारिश का असर दिखा, जैसे कि उसूर में 40 मिमी, कटेकल्याण में 30 मिमी, और दोरनापाल व भोपालपटनम में क्रमश: 20 और 10 मिमी बारिश दर्ज की गई। हालांकि, प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की मात्रा बहुत कम रही, लेकिन कुल मिलाकर इस मानसूनी सीजन में प्रदेश में 1172.0 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई है।

    तापमान में संभावित बढ़ोतरी

    मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अगले कुछ दिनों में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। बीते कुछ दिनों से गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के बाद अब अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। मध्य छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है।

    रायपुर में शनिवार को हल्के बादल छाए रहने की उम्मीद है, लेकिन बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। यहां अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। इसी तरह, प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी दिन के समय तापमान बढ़ने के आसार हैं, विशेषकर उत्तर छत्तीसगढ़ के इलाकों में हल्के बादल बने रहने के बावजूद तापमान में बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

    दक्षिण छत्तीसगढ़ में हल्की बारिश की संभावना

    दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यह बारिश मानसून के विदा होने के बावजूद, कुछ क्षेत्रों में मौसमी गतिविधियों के कारण हो सकती है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में हालांकि मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

    अधिकतम और न्यूनतम तापमान की स्थिति

    शुक्रवार को प्रदेश में दर्ज किया गया सर्वाधिक अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री डोंगरगढ़ में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में दर्ज किया गया। आगामी दिनों में भी तापमान में बढ़ोतरी की उम्मीद है, खासकर मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के क्षेत्रों में।

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  • भिलाई इस्पात संयंत्र में दो क्रेन के टकराने से हुआ बड़ा हादसा

    भिलाई इस्पात संयंत्र में दो क्रेन के टकराने से हुआ बड़ा हादसा

    छत्तीसगढ़ के भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के एसएमएस-3 (स्टील मेल्टिंग शॉप) में गुरुवार सुबह एक गंभीर हादसा हुआ। इस दुर्घटना में एक ठेका श्रमिक, बसंत कुमार कुर्रे की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा सुबह करीब 10 बजे तब हुआ जब संयंत्र में दो भारी क्रेन आपस में टकरा गईं। यह हादसा तब हुआ जब एसएमएस-3 में क्रेन क्रमांक 31 ने क्रेन क्रमांक 29 को टक्कर मार दी, जिससे क्रेन क्रमांक 29 का स्टॉपर टूट गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह स्टॉपर करीब 150 किलो का था और नीचे खड़े बसंत कुमार पर गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    दुर्घटना के बाद संयंत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत उच्च अधिकारियों और पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने तुरंत घटना स्थल को सील कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना से भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन में हड़कंप मच गया है, क्योंकि इस्पात संयंत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। दुर्घटना की जांच के लिए संयंत्र की सुरक्षा इकाई और पुलिस दोनों मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि हादसे के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके।

    स्थानीय पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच चल रही है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही, संयंत्र के कर्मचारियों और अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई थी। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों क्रेन के ऑपरेटरों के बीच तालमेल की कमी के चलते यह हादसा हुआ हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।

    यह हादसा संयंत्र के सुरक्षा मानकों पर भी सवाल खड़ा करता है, क्योंकि इस तरह की दुर्घटनाएं श्रमिकों की जान के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही हैं।

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  • शिवरीनारायण थाना क्षेत्र में गंभीर सड़क दुर्घटना, घायलों को रेफर किया गया

    शिवरीनारायण थाना क्षेत्र में गंभीर सड़क दुर्घटना, घायलों को रेफर किया गया

    छत्तीसगढ़ के शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के खरौद में एक गंभीर सड़क हादसा हुआ है, जहां एक कार और बाइक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। यह हादसा पत्थर खदान के पास हुआ, जिसने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी।

    हादसे के परिणामस्वरूप बाइक सवार सावन मरावी और अरुण सिदार दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इस टक्कर में दोनों के एक-एक पैर टूट गए, जिससे उनकी स्थिति गंभीर हो गई। वहीं, एक अन्य व्यक्ति समीर यादव को मामूली चोटें आईं। यह स्पष्ट है कि टक्कर की वजह से स्थिति कितनी गंभीर हो गई, और यह भी कि ऐसे हादसे कितने खतरनाक हो सकते हैं।

    घटना के बाद, कार का चालक मौके से फरार हो गया। इसने स्थानीय लोगों में चिंता और आक्रोश पैदा किया, क्योंकि दुर्घटना के बाद कोई भी सहायता के लिए मौजूद नहीं था। हालात की गंभीरता को देखते हुए, स्थानीय निवासियों ने तुरंत डायल 112 को सूचना दी।

    डायल 112 की टीम, जिसमें आरक्षक योगेश बंजारे और चालक नरेश साहू शामिल थे, तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल घायलों की मदद की और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरौद पहुंचाया। वहाँ प्राथमिक चिकित्सा के बाद, डॉक्टरों ने दोनों घायलों की स्थिति को देखते हुए उन्हें बिलासपुर के अस्पताल में रेफर कर दिया, जहां उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिल सके।

    इस हादसे ने एक बार फिर यह प्रश्न उठाया है कि सड़क पर सुरक्षा उपायों और जागरूकता की कितनी आवश्यकता है। सड़क दुर्घटनाएं आजकल आम हो गई हैं, और इनसे बचने के लिए सभी को सतर्क रहना होगा। यह घटना यह भी दर्शाती है कि कैसे त्वरित प्रतिक्रिया और सहायता से जीवन बचाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए जागरूकता और सतर्कता आवश्यक है।

    सड़क पर सुरक्षा के उपायों की कमी और ट्रैफिक नियमों का पालन न करना ऐसे हादसों का मुख्य कारण बनता है। स्थानीय प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

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  • मैनपाट में आकाशीय बिजली से गंभीर रूप से घायल युवक, अस्पताल में भर्ती

    मैनपाट में आकाशीय बिजली से गंभीर रूप से घायल युवक, अस्पताल में भर्ती

    छत्तीसगढ़ के मैनपाट ब्लॉक के ग्राम सुपलगा में एक गंभीर हादसा सामने आया है, जहां आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब युवक बनवारी मझवार अपने गांव में था। घटना के बाद परिजनों ने प्राचीन और परंपरागत उपायों का सहारा लेते हुए युवक को गोबर के गड्ढे में घंटों तक गाड़ कर रखा, मान्यता के अनुसार गोबर में गाड़ने से बिजली से प्रभावित व्यक्ति की हालत में सुधार हो सकता है।

    घटना के अनुसार, युवक को आकाशीय बिजली ने सीधे तौर पर अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह मौके पर ही बेहोश हो गया। युवक की हालत गंभीर थी और उसे तुरंत चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी, लेकिन परिजन अपनी मान्यताओं के चलते उसे गोबर के गड्ढे में छोड़कर चिकित्सा सहायता प्राप्त करने में देरी करते रहे। युवक लंबे समय तक गड्ढे में बेहोश पड़ा रहा, जिससे उसकी हालत और बिगड़ती गई।

    इसी बीच, गांव के एक व्यक्ति ने जब युवक की हालत को देखा, तो उसने बिना देरी किए 108 एंबुलेंस सेवा को फोन कर दिया। इस कदम से युवक को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सकी। एंबुलेंस के पहुंचने के बाद युवक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, युवक की हालत नाजुक है और उसे विशेष चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है।

    इस घटना से यह सवाल भी उठता है कि आज के आधुनिक समय में भी लोग क्यों परंपरागत उपायों पर अधिक भरोसा करते हैं, जब चिकित्सा सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हैं। आकाशीय बिजली से जुड़े हादसों में त्वरित चिकित्सा सहायता अत्यंत आवश्यक होती है, और देरी होने पर यह घातक सिद्ध हो सकती है।

    यह मामला न केवल चिकित्सा जागरूकता की कमी को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और शिक्षा की आवश्यकता कितनी महत्वपूर्ण है।

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  • सिविल लाइन में युवक का आत्महत्या प्रयास विफल, डायल 112 ने बचाई जान

    सिविल लाइन में युवक का आत्महत्या प्रयास विफल, डायल 112 ने बचाई जान

    बिलासपुर जिले में बीते रात सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सिंधी कॉलोनी में एक युवक ने आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन डायल 112 की त्वरित कार्रवाई से उसकी जान बचा ली गई।

    घटना की जानकारी

    मिली जानकारी के अनुसार, युवक ने अज्ञात कारणों से अपने हाथ और गले को धारदार हथियार से काट लिया था। इस वजह से अत्यधिक रक्तस्राव हो गया, जिससे उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई थी। युवक का जीवन खतरे में था और समय पर इलाज न मिलने की स्थिति में उसकी जान जा सकती थी। इसी बीच किसी स्थानीय नागरिक ने डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की।

    5 मिनट में पहुंची 112 की टीम

    जैसे ही डायल 112 को घटना की सूचना मिली, सिविल लाइन थाना क्षेत्र की 112 टीम, जिसमें आरक्षक सूर्यकांत राठौर (पदस्थ आरक्षक 1221) और चालक योगेश कौशिक शामिल थे, मात्र पाँच मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने बिना देर किए घायल युवक को प्राथमिक चिकित्सा के लिए अपने वाहन में बैठाकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने युवक की हालत गंभीर होने के बावजूद बताया कि अगर थोड़ी देर और हो जाती, तो स्थिति और भी बिगड़ सकती थी। त्वरित सहायता और अस्पताल तक समय पर पहुँचने के कारण युवक की जान बचाई जा सकी।

    परिजनों ने जताया आभार

    युवक के परिजनों ने डायल 112 की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के लिए बिलासपुर पुलिस, विशेष रूप से सिविल लाइन 112 टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डायल 112 की वजह से आज उनका बेटा जीवित है और पुलिस की सतर्कता ने उनके परिवार को एक बड़ी त्रासदी से बचा लिया।

    डायल 112 जैसी आपातकालीन सेवाएँ जीवन और मृत्यु के बीच के अंतर को तय कर सकती हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि त्वरित प्रतिक्रिया से कई बार अनहोनी को टाला जा सकता है। बिलासपुर जिले में ऐसी कई घटनाएँ पहले भी सामने आई हैं, जहाँ डायल 112 की फुर्ती और सतर्कता ने लोगों की जान बचाई है।

    इस घटना के बाद स्थानीय लोग भी डायल 112 की प्रशंसा कर रहे हैं, और इस सेवा की महत्ता को समझते हुए उसे और सशक्त बनाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में भी ऐसी जान बचाने वाली मदद जारी रह सके।

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  • सिविल लाइन थाना क्षेत्र में महिला सिपाही के पति की बेरहमी से हत्या

    सिविल लाइन थाना क्षेत्र में महिला सिपाही के पति की बेरहमी से हत्या

    घटना का संक्षिप्त विवरण

    कोरबा जिले के सिविल लाइन थाना अंतर्गत सिंगापुर बस्ती में एक व्यक्ति की कुल्हाड़ी से बेरहमी से हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान शिव प्रसाद कंवर के रूप में की गई है, जो होमगार्ड में पदस्थ महिला सिपाही सुकृत सिंह कंवर के पति थे। यह जघन्य हत्या सोमवार की दरमियानी रात को हुई, जब महिला सिपाही नाइट ड्यूटी पर तैनात थी और शिव प्रसाद अपने घर पर अकेले थे। घटना कोरबा के सिंगापुर बस्ती इलाके की है, जहाँ महिला सिपाही सुकृत सिंह कंवर अपने पति शिव प्रसाद कंवर के साथ रहती थीं। सोमवार की रात, जब सुकृत सिंह नाइट ड्यूटी पर थीं, अज्ञात हमलावर ने उनके घर में घुसकर शिव प्रसाद पर जानलेवा हमला किया। हमलावर ने शिव प्रसाद के गर्दन पर ताबड़तोड़ कुल्हाड़ी से वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। हमले के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया।

    पुलिस की कार्रवाई और जांच

    हत्या की खबर मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मामले की तफ्तीश शुरू की। पुलिस ने मौके से खून से सनी कुल्हाड़ी को बरामद किया, जो घर के आंगन में पाई गई। इसके साथ ही डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया ताकि घटनास्थल की बारीकी से जांच की जा सके। पुलिस ने रातभर सिंगापुर बस्ती इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया और कुछ महत्वपूर्ण सुराग भी जुटाए हैं।

    मृतक के शरीर पर कई जगह गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, विशेष रूप से उनकी गर्दन पर हुए वार अत्यधिक घातक थे। शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे साफ है कि हमलावर ने अत्यधिक क्रूरता के साथ हमला किया था। पुलिस अब विभिन्न संभावनाओं की जांच कर रही है और इस बर्बर हत्या के पीछे के कारणों को समझने की कोशिश कर रही है।

    स्थानीय लोगों में दहशत

    इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है और लोग दहशत में हैं। सिंगापुर बस्ती के निवासी इस तरह की घटना से स्तब्ध हैं और उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की है। पुलिस ने घटना के बारे में कोई ठोस बयान नहीं दिया है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। यह हत्या पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि आरोपी फिलहाल फरार है। पुलिस ने सिंगापुर बस्ती और आस-पास के इलाकों में नाकाबंदी कर दी है और आरोपी की तलाश में सभी संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। साथ ही, पुलिस स्थानीय लोगों से भी पूछताछ कर रही है और घटना के समय के आसपास की सभी गतिविधियों की जानकारी इकट्ठा करने में जुटी है।

    इस घटना से महिला सिपाही सुकृत सिंह कंवर और उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सुकृत सिंह के लिए यह एक बेहद कठिन समय है, जब वे अपनी ड्यूटी के दौरान इस तरह की खबर का सामना कर रही हैं। फिलहाल, पुलिस ने उन्हें इस मामले की हर जानकारी से अवगत कराया है और उनकी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

    कोरबा जिले की यह घटना बेहद चौंकाने वाली है, और पुलिस पर इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का दबाव है। इलाके के लोग दहशत में हैं और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस इस मामले में हर संभव कदम उठा रही है और उम्मीद है कि जल्द ही इस जघन्य हत्या के पीछे की सच्चाई सामने आएगी।

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    ‘रतन टाटा ने अस्पताल की अफवाहों पर लगाई रोक, कहा ‘मैं एकदम ठीक हूं’

  • ‘रतन टाटा ने अस्पताल की अफवाहों पर लगाई रोक, कहा ‘मैं एकदम ठीक हूं’

    ‘रतन टाटा ने अस्पताल की अफवाहों पर लगाई रोक, कहा ‘मैं एकदम ठीक हूं’

    86 वर्षीय उद्योगपति रतन टाटा ने हाल ही में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती होने की खबरों को अफवाह बताया है। उन्होंने कहा है कि उनकी सेहत ठीक है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। लेकिन रतन टाटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ट्विटर (अब X) और इंस्टाग्राम पर अपनी पोस्ट के माध्यम से स्पष्ट किया कि वह किसी गंभीर बीमारी के चलते अस्पताल नहीं गए हैं।

    उन्होंने लिखा, “मैं अपने स्वास्थ्य के बारे में हाल ही में उठी अफवाहों से अवगत हूं और सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि ये सभी दावे निराधार हैं।” उन्होंने कहा कि वह अस्पताल केवल उम्र से जुड़ी बीमारियों के कारण मेडिकल चेक-अप के लिए पहुंचे थे।

    टाटा ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा, “चिंता की कोई बात नहीं है, मैं ठीक हूं और मीडिया तथा जनता से अनुरोध करता हूं कि गलत सूचनाएं फैलाने से बचें।”

    रतन टाटा की इस स्पष्टता ने उनके समर्थकों और पूरे बिजनेस सेक्टर में राहत की लहर दौड़ा दी है।

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    गुंडागर्दी से तंग आकर भिलाई के लोगों ने की बदमाश की हत्या

  • गुंडागर्दी से तंग आकर भिलाई के लोगों ने की बदमाश की हत्या

    गुंडागर्दी से तंग आकर भिलाई के लोगों ने की बदमाश की हत्या

    भिलाई में गुंडे की पीट-पीट कर हत्या

    छत्तीसगढ़ के भिलाई के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के शीतला पारा हथखोज इलाके में रविवार रात को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां मोहल्ले के लोगों ने एक आदतन बदमाश आशिक विश्वकर्मा की पीट-पीट कर हत्या कर दी। आशिक विश्वकर्मा इलाके में पहले से ही बदमाश के तौर पर जाना जाता था, और उसके खिलाफ मारपीट, धमकी और अन्य कई संगीन अपराधों के मामले पहले से ही दर्ज थे। इस घटना के बाद पुलिस ने 30 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।

    घटना का विस्तार

    रविवार रात को आशिक विश्वकर्मा अपने कुछ साथियों के साथ शीतला पारा हथखोज मोहल्ले में पहुंचा। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह वहां पहुँचकर गाली-गलौज करने लगा और मोहल्ले वालों को धमकाने की कोशिश की। यह पहली बार नहीं था जब आशिक इस तरह की हरकतों में शामिल था। उसकी गुंडागर्दी और अपराधी प्रवृत्तियों से स्थानीय लोग पहले से ही परेशान थे। हाल ही में जेल से छूटने के बाद आशिक ने फिर से वही रवैया अपनाना शुरू कर दिया था, जिससे मोहल्ले में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया था।

    मोहल्ले के लोगों ने जब आशिक की धमकियों और गाली-गलौज से तंग आकर प्रतिक्रिया दी, तो मामला गंभीर हो गया। गुस्से में भरे मोहल्ले के लोगों ने अचानक से आशिक और उसके साथियों पर हमला बोल दिया। हमले के दौरान आशिक के साथी वहां से भाग निकले, लेकिन मोहल्ले के लोगों ने आशिक को घेर लिया और उसे बेरहमी से पीट-पीट कर मार डाला।

    जेल से छूटने के बाद भी नहीं सुधरी हरकतें

    जानकारी के अनुसार, आशिक विश्वकर्मा कुछ ही दिनों पहले जेल से रिहा हुआ था। जेल से छूटने के बाद भी उसकी आपराधिक गतिविधियों में कोई कमी नहीं आई थी। उसने जेल से छूटते ही फिर से अपने इलाके में लोगों को धमकाना और उनसे जबरन वसूली करना शुरू कर दिया था। आशिक की बढ़ती गुंडागर्दी से मोहल्ले वाले बेहद परेशान थे और उन्हें इस घटना के दिन उसकी बेजा हरकतों ने उकसाया।

    पुलिस की कार्रवाई

    हत्या की इस घटना के बाद पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर 30 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जल्द ही इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या की घटना अचानक हुई है या पहले से इस तरह की कोई साजिश रची गई थी।

    मोहल्ले के लोगों का बयान

    मोहल्ले के लोगों का कहना है कि आशिक की गुंडागर्दी से वे पहले ही तंग आ चुके थे। कई बार पुलिस से शिकायत करने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता थी। घटना के दिन, जब आशिक ने फिर से मोहल्ले में आकर गाली-गलौज और धमकी देना शुरू किया, तो उनके सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने खुद ही कानून हाथ में ले लिया।

    निष्कर्ष

    यह घटना एक गंभीर सामाजिक मुद्दे की ओर इशारा करती है, जहां लोग कानून व्यवस्था से हताश होकर खुद ही न्याय करने की कोशिश करते हैं। भिलाई के इस मामले ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा किया है कि क्या समाज में आम लोगों की सुरक्षा के लिए कानून और पुलिस व्यवस्था पर्याप्त है? जांच के बाद ही इस मामले के असली कारण और परिस्थितियां साफ होंगी, लेकिन फिलहाल यह घटना क्षेत्र में काफी चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • मुख्यमंत्री की मौजूदगी में रायपुर में सैन्य कौशल का अद्भुत नजारा

    मुख्यमंत्री की मौजूदगी में रायपुर में सैन्य कौशल का अद्भुत नजारा

    साइंस कॉलेज मैदान में सेना की वीरता का भव्य प्रदर्शन

    रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित सशस्त्र सैन्य समारोह का शुभारंभ जोरदार आतिशबाजी से हुआ। इस समारोह में सेना के अद्भुत कौशल और वीरता का प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य प्रमुख नेता मौजूद रहे।

    समारोह की शुरुआत घुड़सवारी के हैरतअंगेज प्रदर्शन से हुई, जिसमें 18 वर्षीय प्रिंस ने विशेष ध्यान आकर्षित किया। सूबेदार जान के नेतृत्व में सैन्य बैंड ने देशभक्ति से भरी 11 धुनें प्रस्तुत कीं, जिनमें “ऐ मेरे वतन के लोगों” जैसी धुनें शामिल थीं, जिसने राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक मजबूत किया।

    डेयरडेविल मोटर साइकिल स्टंट का प्रदर्शन कैप्टन आशीष राणा के नेतृत्व में किया गया। 17 जवानों ने डबल वे क्रॉसिंग, थ्री मैन बैलेंसिंग, और रिवर्स सैल्यूट जैसे खतरनाक स्टंट्स से दर्शकों का दिल जीत लिया।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जवानों की प्रशंसा करते हुए कहा, “सेना के जवानों का साहस और अनुशासन देखकर गर्व महसूस हो रहा है। ये जवान हमारी सेना की वीरता और अनुशासन की पहचान हैं।” उन्होंने युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित किया और अग्निवीर बनने का सपना देखने की सलाह दी।

    समारोह में बस्तर के जवानों द्वारा हाल ही में 31 नक्सलियों को मार गिराने और पिछले 9 महीनों में 191 नक्सलियों के खिलाफ बड़ी जीत का भी जिक्र किया गया। इस उत्साही प्रदर्शन को देखते हुए समारोह को एक दिन और बढ़ाकर 7 अक्टूबर तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

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    बिलासपुर के छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में एक बड़े प्रशासनिक बदलाव के तहत मेडिसीन विशेषज्ञ डॉ. लखन सिंह की वापसी हो गई है। इसके साथ ही सिम्स के प्रभारी डीन डॉ. रमणेश मूर्ति को अब केवल सिम्स के ही डीन के रूप में कार्यभार सौंपा गया है। पहले उन्हें अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के डीन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था, जिसे शासन स्तर पर वापस ले लिया गया है।

    इसके अतिरिक्त, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. मधुमिता मूर्ति और पीसीएम विभाग की डॉ. हेमलता सिंह की भी सिम्स में पुन: नियुक्ति कर दी गई है। शुक्रवार को शासन द्वारा जारी किए गए आदेश में इन सभी चिकित्सकों के तबादले की पुष्टि की गई है।

    हालांकि, सिम्स के दो प्रमुख चिकित्सकों पर इस तबादले का असर पड़ा है। आर्थोपेडिक विभाग के डॉ. आर.के. दास का तबादला रायपुर मेडिकल कॉलेज कर दिया गया है, जबकि निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. राकेश निगम को सरगुजा मेडिकल कॉलेज में भेजा गया है।

    यह बदलाव सिम्स के चिकित्सा विभाग के पुनर्गठन का हिस्सा माना जा रहा है। कुछ डॉक्टरों की वापसी से संस्थान में स्थिरता आएगी, जबकि अन्य चिकित्सकों का तबादला उन्हें नए क्षेत्रों में सेवा देने का अवसर प्रदान करेगा। इन प्रशासनिक बदलावों से सिम्स के कामकाज पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद की जा रही है।

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