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  • चित्रकूट दौरे में बस्तर की संस्कृति में रंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    चित्रकूट दौरे में बस्तर की संस्कृति में रंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    चित्रकूट दौरे में बस्तर की संस्कृति में रंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने बस्तर दौरे के तहत बस्तर विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए। यह बैठक दोपहर 11:05 बजे चित्रकूट में आयोजित की गई, जिसमें बस्तर के विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान NMDC के कार्य व्यवहार पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत भेजे गए प्रस्तावों को जल्द मंजूरी देने के निर्देश दिए। साथ ही जिला प्रशासन और स्थानीय कार्यकर्ताओं को मिलकर समस्याओं के समाधान पर काम करने के लिए कहा।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर के सांस्कृतिक और पारंपरिक सांचे को अपनाते हुए गौर मुकुट और मांदर धारण किया। उन्होंने इस तरह प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को सम्मानित किया और लोगों के दिलों में जगह बनाई। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान बस्तर के प्रसिद्ध चित्रकूट जलप्रपात का भी लुफ्त उठाया। इस प्राकृतिक सौंदर्य को उन्होंने कैमरे में कैद किया, जिससे यह दौरा यादगार बन गया।मुख्यमंत्री का यह दौरा बस्तर के विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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  • जशपुर में ईसाई रीति से अंतिम संस्कार पर विवाद, भाजपा ने भेजी जांच टीम

    जशपुर में ईसाई रीति से अंतिम संस्कार पर विवाद, भाजपा ने भेजी जांच टीम

    जशपुर में ईसाई रीति से अंतिम संस्कार पर विवाद, भाजपा ने भेजी जांच टीम

    जशपुर जिले के मनोरा इलाके में एक व्यक्ति की मौत के बाद विवाद गहरा गया है। यह घटना प्राकृतिक आपदा के कारण हुई थी, जब गाज गिरने से राजेन्द्र चोराट की मौत हो गई। मृतक का अंतिम संस्कार ईसाई रीति रिवाज से किए जाने को लेकर स्थानीय समाज में विवाद उत्पन्न हो गया है। इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने एक चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।

    भा.ज.पा. के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने इस विवाद की जांच के लिए एक समिति बनाई है, जिसमें प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा, विधायक रेणुका सिंह, सांसद गोमती साय और विधायक राधेश्याम राठिया शामिल हैं। समिति के सदस्य संबंधित स्थान का दौरा कर सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट पार्टी को सौंपेंगे।

    RENUKA SINGH

    सूत्रों के अनुसार, मृतक राजेन्द्र चोराट एक भुईहर समाज से था, जिसने बपतिस्मा लेकर ईसाई धर्म स्वीकार किया था। मृतक की पत्नी भी ईसाई धर्म से थी, और उनके परिवार ने ईसाई रीति रिवाज से अंतिम संस्कार की इच्छा जताई थी, जबकि उनके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य हिंदू रीति से अंतिम संस्कार चाहते थे। इस विवाद ने धर्म परिवर्तन और धार्मिक प्रथाओं को लेकर चर्चा को जन्म दिया है।

    इस बीच, स्थानीय समुदाय के कुछ सदस्यों ने मृतक के दफनाने को लेकर आपत्ति जताई, जिससे विवाद और भी बढ़ गया। भाजपा ने इस मामले को गंभीरता से लिया और शिवरतन शर्मा की अध्यक्षता में एक जांच समिति बनाई, जो इस मामले के तथ्यों की जांच करेगी।

    पार्टी ने इस विषय पर स्पष्टता और निष्पक्ष जांच की बात की है, ताकि इस विवाद का उचित समाधान निकल सके।

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    पति की नौकरी बचाने के लिए महिला ने लगाए झूठे आरोप

    बरेली में दिशा पाटनी के पिता के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज

  • छत्तीसगढ़ में शराब विवाद पर बीजेपी-कांग्रेस के बीच झड़प, कह दी ऐसी बात…

    छत्तीसगढ़ में शराब विवाद पर बीजेपी-कांग्रेस के बीच झड़प, कह दी ऐसी बात…

    छत्तीसगढ़ में शराब विवाद पर बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

    छत्तीसगढ़ में शराब को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच एक बार फिर सियासी तकरार तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा विधायक अजय चंद्राकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है। इस वीडियो में चंद्राकर शराब के मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए नजर आ रहे हैं।

    वीडियो के वायरल होने के बाद विधायक अजय चंद्राकर ने भूपेश बघेल पर पलटवार करते हुए तीखे बयान दिए। उन्होंने कहा, “अगर भूपेश बघेल में राजनीतिक नैतिकता है, तो मेरा पूरा वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट और कांग्रेस के पेज पर साझा करें।” चंद्राकर ने चुनौती देते हुए कहा, “मर्दों जैसी राजनीति करें, नहीं तो हेल्थ टेस्ट कराएं।”

    चंद्राकर ने यह भी साफ किया कि शराबबंदी भाजपा का मुद्दा कभी नहीं रहा है। उन्होंने कहा, “यह कांग्रेस का वादा था। भाजपा गंगाजल की झूठी कसम वाली राजनीति नहीं करती। राज्य आबकारी विभाग ने शराब की बिक्री और गुणवत्ता पर निगरानी के लिए एक नया मोबाइल एप लॉन्च किया है। चंद्राकर ने इस एप को उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि यह नकली शराब से बचने और असली शराब खरीदने में मदद करेगा।

    इस पर भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “तो चलिए शुरू करते हैं ‘डबल इंजन’ की स्कूल बंद स्काच योजना का पहला निर्णय। मोदी की गारंटी और विष्णु के सुशासन ने मिलकर ‘मनपसंद एप’ लॉन्च किया है। शराब के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। दोनों पार्टियों के नेताओं के बयानों से विवाद और गहराने की संभावना है। आगामी चुनावों से पहले यह मुद्दा सियासी गर्मी को और बढ़ा सकता है।

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    सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा के लिए प्री-बोर्ड एग्जाम की तैयारी

    प्रधानमंत्री मोदी ने जमुई में भगवान बिरसा मुंडा को किया नमन

  • केंद्रीय मंत्री मांडवीया ने जशपुर में दी 150वीं जयंती पर बड़ी सौगात

    केंद्रीय मंत्री मांडवीया ने जशपुर में दी 150वीं जयंती पर बड़ी सौगात

    भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मांडवीया का ऐलान

    भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मांडवीया का ऐलान

    छत्तीसगढ़ के जशपुर शहर में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडवीया पहुंचे और इस खास अवसर पर शहर को एक बड़ी सौगात दी। वे सुबह 9 बजे गुजरात से उड़ान भरकर आगडीह हवाई अड्डे पर पहुंचे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय भी रायपुर से जशपुर आए।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार आदिवासियों के विकास के प्रति गंभीर है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासी समुदाय को सशक्त बनाने और देश के नेतृत्व में शामिल करने के लिए राष्ट्रपति पद पर द्रौपदी मुर्मू का चयन किया। इसके साथ ही, उन्होंने स्वयं एक साधारण किसान को मुख्यमंत्री बनने का मौका दिया। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के आदिवासी समाज के उत्थान के लिए पूरी तरह समर्पित है।

    केंद्रीय मंत्री मांडवीया ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यक्रम सरकारी आयोजन नहीं है, बल्कि माई भारत यूथ वालेंटियर संगठन ने इसका आयोजन किया है। उन्होंने संगठन की सराहना करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के दृष्टिकोण का प्रतीक बताया। मांडवीया ने कहा कि यह संगठन युवाओं के लिए एक सिंगल विंडो प्रणाली की तरह कार्य करेगा, जिससे युवा खेल, समाज सेवा, और विभिन्न क्षेत्रों में अपने करियर को आगे बढ़ा सकेंगे।

    मांडवीया ने बताया कि भाजपा आदिवासियों के हित और विकास के प्रति हमेशा से चिंतित रही है।

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    रायपुर दक्षिण उपचुनाव की वोटिंग जारी, 23 नवम्बर को होगा विजेता की घोषणा

    सहकारी समितियों की हड़ताल से धान खरीदी पर मंडराए संकट के बादल

  • बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

    बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

    बुलडोजर कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किये 15 दिशानिर्देश

    सुप्रीम कोर्ट ने आज बुधवार को बुलडोजर कार्रवाई पर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया, कोर्ट ने बिना उचित प्रक्रिया के किसी का घर गिराना असंवैधानिक करार दिया गया। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति पर केवल आरोप होने पर उसका घर नहीं तोड़ा जा सकता। जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस के. वी. विश्वनाथन की बेंच ने इस फैसले में कहा कि आरोपों का निर्णय करना न्यायपालिका का काम है, न कि कार्यपालिका का।

    कोर्ट ने अपने फैसले में नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा, कि कानून का शासन लोकतंत्र का आधार है। किसी आरोपी का आश्रय छीनने से पहले कानूनी प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि कोई भी ध्वस्तीकरण कार्रवाई बिना कारण बताओ नोटिस दिए नहीं की जाएगी, और नोटिस मालिक को पंजीकृत डाक से भेजा जाएगा, साथ ही संरचना पर भी चिपकाया जाएगा। नोटिस मिलने के बाद मालिक को 15 दिन का समय दिया जाएगा ताकि वह अपना पक्ष रख सके। सुनवाई के बाद ही अंतिम आदेश पारित किया जाएगा और यह आदेश डिजिटल पोर्टल पर भी प्रदर्शित किया जाएगा।

    सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि आदेश के बाद किसी संपत्ति का नष्ट किया जाना है, तो 15 दिनों में मालिक को स्वयं ही उसे हटाने का अवसर दिया जाना चाहिए। साथ ही, विध्वंस प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी और इसे सुरक्षित रखा जाएगा। अगर निर्देशों का पालन नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना और अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी। अदालत ने यह भी कहा कि यदि किसी की संपत्ति गलती से ध्वस्त की गई है, तो उसे मुआवजा दिया जाएगा और उसकी संपत्ति फिर से स्थापित की जाएगी।

    यह फैसला कार्यपालिका की मनमानी पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसमें राज्य सरकारों को अपने अधिकारों का सही तरीके से इस्तेमाल करने की सख्त हिदायत दी गई है।

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    रायपुर दक्षिण उपचुनाव की वोटिंग जारी, 23 नवम्बर को होगा विजेता की घोषणा

    सहकारी समितियों की हड़ताल से धान खरीदी पर मंडराए संकट के बादल

  • रायपुर दक्षिण उपचुनाव की वोटिंग जारी, 23 नवम्बर को होगा विजेता की घोषणा

    रायपुर दक्षिण उपचुनाव की वोटिंग जारी, 23 नवम्बर को होगा विजेता की घोषणा

    रायपुर दक्षिण उपचुनाव में कौन मारेगा बाजी ? 2.7 लाख लोग करेंगे फैसला

    छत्तीसगढ़ के रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान आज सुबह 7 बजे शुरू हुआ, जो शाम 6 बजे तक चलेगा। इस उपचुनाव में लगभग 2,71,169 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर विधानसभा के लिए नया प्रतिनिधि चुनेंगे। इनमें 1,37,317 महिला मतदाता और 1,33,800 पुरुष मतदाता शामिल हैं, जिससे यह साफ है कि महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार महिलाएं अपने वोट किसे देती हैं और किन मुद्दों को प्राथमिकता देती हैं।

    रायपुर दक्षिण उपचुनाव में कुल 30 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, लेकिन मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस के आकाश शर्मा और भाजपा के सुनील सोनी के बीच है। कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही पार्टियां इस सीट को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं। इस चुनाव में कई बड़े नेताओं ने प्रचार-प्रसार में हिस्सा लिया और जनता को अपने-अपने पक्ष में वोट देने की अपील की।

    मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने कुल 266 पोलिंग बूथ बनाए हैं। इन बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिनमें सरकारी कर्मचारियों के साथ सीआरपीएफ और पुलिस के जवानों की भी तैनाती की गई है। सुरक्षा कर्मियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे मतदान प्रक्रिया को बिना किसी रुकावट और व्यवधान के पूरा करें, ताकि मतदाता निर्भीक होकर अपना वोट दे सकें।

    मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। लोग बढ़-चढ़कर मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। चुनाव को लेकर लोगों में उत्सुकता है और वे एक अच्छे और योग्य उम्मीदवार को चुनने के लिए आगे आ रहे हैं। जनता से बार-बार अपील की जा रही है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मतदान करें और एक योग्य नेता का चुनाव करें।

    रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव के नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे, जो यह तय करेंगे कि आखिरकार जनता किसे सत्ता की कुर्सी सौंपती है। कांग्रेस और भाजपा के बीच इस मुकाबले में कौन बाजी मारेगा, यह जानने के लिए लोगों में काफी उत्सुकता है। इस सीट पर हर बार दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला है और इस बार भी राजनीतिक माहौल गर्म है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता का विश्वास किस पर कायम होता है और कौन इस उपचुनाव में विजयी होकर उभरता है।

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    सहकारी समितियों की हड़ताल से धान खरीदी पर मंडराए संकट के बादल

    नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ड्रोन से दवाओं की डिलीवरी हुई शुरू

  • रायपुर दक्षिण में चुनावी शोर आज होगा शांत, 13 नवम्बर को मतदान

    रायपुर दक्षिण में चुनावी शोर आज होगा शांत, 13 नवम्बर को मतदान

    रायपुर दक्षिण उपचुनाव चुनाव: 2.7 लाख मतदाता करेंगे फैसला

    रायपुर दक्षिण उपचुनाव चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, और 13 नवम्बर को मतदान होने जा रहा है। आज शाम को चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा, जिससे उम्मीदवारों और पार्टियों के पास अंतिम अवसर है कि वे मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचा सकें। पिछले कुछ दिनों में रायपुर दक्षिण क्षेत्र में प्रचार-प्रसार जोरों पर रहा है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस ने कोई कसर नहीं छोड़ी है।

    बीजेपी और कांग्रेस की रणनीति

    इस चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस, दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवारों का ऐलान किया है। बीजेपी की ओर से सुनील सोनी को मैदान में उतारा गया है, जो पार्टी का मजबूत चेहरा माने जाते हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने आकाश शर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो कांग्रेस के युवा और उभरते नेता हैं। दोनों ही दलों के उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार रैलियां और जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।

    विष्णुदेव साय का रोड शो

    चुनावी माहौल को और अधिक गरमाते हुए, आज बीजेपी के वरिष्ठ नेता विष्णुदेव साय ने रायपुर दक्षिण के गोलबाजार क्षेत्र में एक बड़ा रोड शो आयोजित किया है। इस रोड शो में पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थकों का भारी संख्या में जुटने की संभावना है। रोड शो का मकसद मतदाताओं को अपनी पार्टी और उम्मीदवार के पक्ष में एकजुट करना है। वहीं कांग्रेस भी इस समय अंतिम प्रचार अभियान में जुटी हुई है, और जनता को अपने उम्मीदवार के लिए समर्थन देने का आग्रह कर रही है।

    मतदाताओं की संख्या और चुनावी आंकड़े

    रायपुर दक्षिण उपचुनाव चुनाव में कुल 2,70,936 मतदाता हैं, जो अपने मत का प्रयोग कर क्षेत्र के लिए एक प्रतिनिधि का चयन करेंगे। इस चुनाव में कुल 20 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसमें प्रमुख मुकाबला बीजेपी के सुनील सोनी और कांग्रेस के आकाश शर्मा के बीच माना जा रहा है। विभिन्न स्थानीय मुद्दों को ध्यान में रखते हुए दोनों पार्टियां अपनी रणनीतियां बना रही हैं, जिसमें बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, और आधारभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    रायपुर दक्षिण में हो रहे इस चुनाव को बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही अपनी प्रतिष्ठा का सवाल मान रहे हैं। रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर होने वाले इस मुकाबले में जनता की भूमिका अहम होगी।

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    बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में मुख्य आरोपी ने किया खुलासा

    रायपुर में नवम्बर में भी गर्मी का अहसास, लेकिन जल्द होगा सर्दी का आगाज़

  • बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में मुख्य आरोपी ने किया खुलासा

    बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में मुख्य आरोपी ने किया खुलासा

    बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में मुख्य आरोपी ने किया खुलासा

    परिवार की मदद के लिए बना कातिल, शिव गौतम की कहानी

    बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में मुख्य आरोपी 22 वर्षीय कबाड़ी शिव कुमार गौतम ने पूछताछ में खुलासा किया कि परिवार की आर्थिक मदद के लिए उसे जल्दी पैसा कमाना था। शिव का यूपी में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, और वह अपने दो छोटे भाइयों की पढाई और दो बहनों की शादी के लिए पैसे जुटाना चाहता था।

    बताया जाता है कि करीब चार साल पहले शिव काम के लिए पुणे गया हुआ था। दो महीने पहले उसने गांव के साथी कबाड़ी धर्मराज कश्यप से संपर्क किया, जिसने उसे लॉरेंस बिश्नोई गैंग के संपर्क करवाया। स्नैपचैट पर लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई ने शिव को सिद्दीकी की हत्या के बदले 10 लाख रुपये देने का वादा किया। बिश्नोई गैंग ने शिव को 9mm पिस्तौल दी, जिसे चलाना उसने यूट्यूब पर देखकर सीखा था ।

    एसटीएफ के अनुसार, शिव को मुख्य शूटर चुना गया था। उसने धर्मराज और गुरमेल सिंह के साथ सिद्दीकी पर निगरानी रखी। घटना की रात उसने छह गोलियां चलाईं, जिनमें से तीन सिद्दीकी को लगीं।

    गैंग ने हर कदम की तैयारी की थी, शिव को दो मोबाइल और सिम कार्ड दिए गए थे। हत्या के बाद शिव को 25,000 रुपये एडवांस में मिले थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए शिव ने झांसी, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश की यात्रा की और नेपाल भागने की योजना बना ली थी, लेकिन एसटीएफ ने उसे पकड़ लिया।

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  • विधायक राजेश अग्रवाल ने नितिन गडकरी का आभार क्यों जताया ?

    विधायक राजेश अग्रवाल ने नितिन गडकरी का आभार क्यों जताया ?

    rajesh agrawal

    कटघोरा-अंबिकापुर फोरलेन परियोजना को मिली मंजूरी, जल्द ही निर्माण कार्य शुरू

    अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल ने हाल ही में रायपुर में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और कटघोरा से अंबिकापुर तक फोरलेन सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में लंबे समय से टू लेन सड़क को फोरलेन में परिवर्तित करने की मांग की जा रही थी। इस परियोजना के स्वीकृत होने से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी और आवागमन सुगम होगा।

    इस 140 किलोमीटर लंबी सड़क का मौजूदा ढांचा टू लेन का है, जिससे यातायात का भारी दबाव बना रहता है और दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि हो रही है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस मार्ग को फोरलेन बनाने की घोषणा की है, जिससे इसकी चौड़ाई 14 मीटर से बढ़कर लगभग 26 मीटर हो जाएगी। फोरलेन सड़क में सर्विस रोड का प्रावधान भी किया जाएगा, जो यातायात व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित बनाएगा।

    कटघोरा से अंबिकापुर के बीच इस मार्ग पर चार ब्लॉक मुख्यालय और एक दर्जन से अधिक बसाहटें स्थित हैं। इन क्षेत्रों में घनी आबादी होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, और किसी भी आयोजन के दौरान जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इस मार्ग पर पोड़ी-उपरोड़ा, मड़ई, चोटिया, मोरगा, तारा, डांड़गांव, उदयपुर, लखनपुर जैसे प्रमुख बसाहटें हैं, जहाँ से लोगों का दैनिक आवागमन होता है।

    बिलासपुर से कटघोरा तक राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 पर पहले से ही फोरलेन सड़क है, लेकिन कटघोरा से अंबिकापुर तक टू लेन सड़क होने के कारण यातायात का दबाव बना रहता है। इस सड़क के फोरलेन बनने से क्षेत्र में दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

    इसके अतिरिक्त, अंबिकापुर से रेणुकूट तक लगभग 166 किलोमीटर के मार्ग को भी राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की जा रही है। इस मार्ग के फोरलेन होने से रायपुर से दिल्ली तक का सफर आसान हो जाएगा और मालवाहक वाहनों से परिवहन भी सुगम होगा। रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, अंबिकापुर के लोग धार्मिक व अन्य कार्यों से वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज जैसे शहरों का सफर आसानी से कर पाएंगे।

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  • भारतीय मूल की उषा चिलुकुरी के पति बने अमेरिका के उपराष्ट्रपति

    भारतीय मूल की उषा चिलुकुरी के पति बने अमेरिका के उपराष्ट्रपति

    आंध्र प्रदेश के गांव वडलुरू में ट्रम्प की जीत का जश्न

    आंध्र प्रदेश के गांव वडलुरू में ट्रम्प की जीत का जश्न

    अमेरिका में 6 नवम्बर को राष्ट्रपति चुनाव था जिसके नतीजे आ चुके हैं । अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प ने इतिहास रचते हुए धमाकेदार जीत दर्ज कर अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति बने । ट्रंप ने 538 में से 295 इलेक्टोरल वोट जबकि कमला हैरिस ने 226 इलेक्टोरल वोट ही हासिल कर पाईं ।

    आपको बता दें, कि अमेरिका में राष्ट्रपति बनने के लिए 270 इलेक्टोरल वोट की जरूरत होती है। ट्रम्प के विजयी घोषित होते ही अमेरिका समेत दुनियाभर में ट्रंप के समर्थकों ने ख़ूब जश्न मनाया । लेकिन  आपको जानकार ताज्जुब होगा भारत में आंध्र प्रदेश के वडलुरू गांव में भी ट्रम्प की जीत का जश्न मनाया गया।

    जी हाँ,  आपको बता दें, आंध्र प्रदेश के वडलुरू गांव का संबंध उषा चिलुकुरी वेंस से है। उषा मूल से आंध्र प्रदेश के वडलुरू गाँव की रहने वाली हैं, जो अभी हाल ही में अमेरिका के उप राष्ट्रपति बने जेडी वेंस की पत्नी हैं। ऐसा पहली बार है जब किसी भारतीय मूल की महिला के पति  को अमेरिका में उपराष्ट्रपति पद मिला है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक़, उषा के माता-पिता कई साल पहले ही अमेरिका में शिफ्ट हो गये थे । उसके बाद उषा का जन्म वहीं अमेरिका में हुआ । आपको बता दें, उषा के माता-पिता का पैतृक गांव आंध्र प्रदेश के वडलुरू में है।

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