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  • रायपुर दक्षिण में कांग्रेस के लिए बगावत का खतरा बढ़ा

    रायपुर दक्षिण में कांग्रेस के लिए बगावत का खतरा बढ़ा

    रायपुर में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस पार्टी में खलबली मची हुई है। रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर आकाश शर्मा को टिकट दिए जाने के बाद अन्य दावेदारों में असंतोष पनप रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए कांग्रेस ने दूसरे जिलों से विशेष टीमों को बुलाया है जो टिकट के दावेदारों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

    ये टीमें खासकर उन इलाकों में जा रही हैं, जहां पर टिकट के दावेदारों का बोलबाला है। स्थानीय लोगों से बातचीत कर ये टीमें इस बात को सुलझाने की कोशिश कर रही हैं कि दावेदारों का पार्टी के प्रति रुख कैसा है। कांग्रेस को डर है कि टिकट से वंचित दावेदार कहीं पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ने का मन न बना लें। शुक्रवार को रायपुर दक्षिण सीट के दावेदार कन्हैया अग्रवाल ने टिकट न मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन भरने की कोशिश की।

    अंतिम समय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के कॉल्स के बाद उन्होंने नामांकन नहीं भरा और वापस लौट गए। इस घटना से पार्टी में असंतोष और बगावत की आशंका और बढ़ गई है। वहीं, भाजपा में इस समय आंतरिक एकता देखने को मिल रही है। हालांकि, एक पदाधिकारी ने इस्तीफा दिया है, लेकिन पार्टी में बड़े नेता और जनप्रतिनिधि एकजुट दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस के लिए चुनाव के करीब आते-आते अपने नेताओं में एकजुटता बनाए रखना चुनौती बन गया है। पार्टी को अपने नेताओं के मनमुटाव को शांत करते हुए टिकट वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता लानी होगी ताकि बगावत के खतरे से बचा जा सके।

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    24 कैरेट सोने के दाम में 182 रुपये की कमी, जानें आज का भाव

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  • 24 कैरेट सोने के दाम में 182 रुपये की कमी, जानें आज का भाव

    24 कैरेट सोने के दाम में 182 रुपये की कमी, जानें आज का भाव

    पिछले कुछ दिनों से सोने और चाँदी का मूल्य आसमान छू रहा था लेकिन 25 अक्टूबर 2024 को भारत में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। जहां 24 कैरेट सोने की कीमत में 182 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई है, वहीं चांदी के भाव में भी कमी देखी गई है। ऐसे में त्योहारों के सीजन में सोने और चांदी में निवेश करने का एक अच्छा अवसर मिल सकता है।

    24 कैरेट सोने की कीमत में गिरावट

    24 कैरेट सोने की कीमत 25 अक्टूबर 2024 को 78,064 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। यह कीमत पिछले दिन, यानी 24 अक्टूबर 2024 की तुलना में 182 रुपये कम है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार 24 अक्टूबर की शाम को 999 शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने का भाव 78,246 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 25 अक्टूबर को घटकर 78,064 रुपये हो गया।

    चांदी की कीमतों में भी गिरावट

    चांदी की कीमत में भी 25 अक्टूबर को भारी गिरावट देखी गई है। 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव 24 अक्टूबर की शाम को 97,493 रुपये प्रति किलो था, जो 25 अक्टूबर को घटकर 96,075 रुपये प्रति किलो हो गया। इसके साथ ही, चांदी की कीमत में कुल 1,418 रुपये की कमी दर्ज की गई है।

    त्योहारों के सीजन में सोने और चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट को देखते हुए, यह निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर साबित हो सकता है। गोल्ड या सिल्वर का रेट जानने के लिए www.ibja.co या ibjarates.com पर भी जा सकते हैं।

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  • बीजापुर में सीआरपीएफ जवान ने सर्विस राइफल से की आत्महत्या

    बीजापुर में सीआरपीएफ जवान ने सर्विस राइफल से की आत्महत्या

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    ड्यूटी के दौरान सीआरपीएफ जवान ने खुद को गोली मारी

    नक्‍सल प्रभावित बीजापुर जिले में सीआरपीएफ के जवान ने गुरुवार को अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह घटना दोपहर करीब 12 बजे की है, जब हेड कांस्टेबल पवन कुमार टॉवर मोर्चा नंबर 2 पर ड्यूटी कर रहे थे। घटना के बाद पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों में शोक का माहौल है, और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

    मृतक जवान का नाम पवन कुमार था, जो सीआरपीएफ की 199 बटालियन में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। जवान टॉवर मोर्चा नंबर 2 पर अपनी ड्यूटी पर थे, तभी अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर आस-पास मौजूद जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और पवन कुमार को लहूलुहान हालत में पाया। तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, भैरमगढ़ में ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    मिली जानकारी के मुताबिक़, पवन कुमार रेवाड़ी, हरियाणा के निवासी थे और कई सालों से सीआरपीएफ में सेवा दे रहे थे। उनकी अचानक मौत की खबर से उनके परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। जवान का पार्थिव शरीर पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए उनके गृह नगर रवाना कर दिया गया है। इस दुखद घटना ने सीआरपीएफ के अन्य जवानों में भी गहरा असर छोड़ा है, क्योंकि पवन कुमार को एक मेहनती और जिम्मेदार जवान के रूप में जाना जाता था।

    पवन कुमार की आत्महत्या के पीछे के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, और पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। भैरमगढ़ थाने में इस घटना के संबंध में मर्ग पंजीबद्ध कर लिया गया है। पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारी सभी पहलूओं की जांच कर रहे हैं ताकि इस आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। घटना की गहनता को देखते हुए जवान के व्यक्तिगत, पेशेवर और सामाजिक पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि इस तरह के और मामले भविष्य में न हों।

    पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारी यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि घटना के पीछे अगर कोई तनाव या समस्या थी, तो उसकी पहचान की जाए। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात जवानों के मानसिक तनाव और उनकी जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए जवानों की मानसिक स्थिति का आकलन करने के लिए विशेष कदम उठाए जाने की योजना है।

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  • सुकमा में 6 इनामी नक्सलियों का आत्मसमर्पण, पुनर्वास नीति से प्रेरणा

    सुकमा में 6 इनामी नक्सलियों का आत्मसमर्पण, पुनर्वास नीति से प्रेरणा

    सुकमा में 6 इनामी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

    छत्तीसगढ़ में बढ़ते नक्सलवाद को रोकने और उसे जड़ से ख़त्म करने के लिए सरकार के द्वारा सुकमा जिले में चल रहे नक्सल-विरोधी अभियानों के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। सोमवार को 24 लाख रुपये के इनामी 6 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों में एक दंपती भी शामिल है, जिनमें से प्रत्येक पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुकमा पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के अधिकारियों की मौजूदगी में इस आत्मसमर्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

    नक्सलियों ने सीआरपीएफ डीआईजी आनंद सिंह और सुकमा एसपी किरण चव्हाण के समक्ष आत्मसमर्पण करते हुए बताया कि लंबे समय से संगठन का हिस्सा होने के बावजूद, वे हिंसा का मार्ग छोड़ने के लिए प्रेरित हुए हैं। उनका कहना है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही पुनर्वास नीति और क्षेत्र में सुरक्षा बलों की सक्रियता ने उन्हें मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास नीति की विस्तृत जानकारी दी गई, और उन्हें भविष्य में समाज में नए सिरे से जीवन शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

    आत्मसमर्पण के बाद इन नक्सलियों को पुनर्वास योजना के अंतर्गत विभिन्न सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार, शिक्षा, और सामाजिक सुरक्षा जैसी सहायता प्रदान की जाएगी। यह नीति उन्हें समाज में एक नई पहचान बनाने में मदद करेगी और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत बनाएगी।

    सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियानों और पुनर्वास नीति के चलते कई नक्सली संगठनों में फूट पड़ रही है और अधिक से अधिक नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। सुरक्षा बलों और पुनर्वास नीति के संयुक्त प्रयासों के चलते आत्मसमर्पण की घटनाओं में वृद्धि हो रही है, जो क्षेत्र में शांति स्थापना के प्रयासों को मजबूती प्रदान कर रही है।

    अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में और भी नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।

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  • महंगी सब्जियों से परेशान बिलासपुर, नवंबर में मिल सकती है राहत

    महंगी सब्जियों से परेशान बिलासपुर, नवंबर में मिल सकती है राहत

    बिलासपुर में इन दिनों सब्जियों की बढ़ती कीमतों का असर रसोई पर साफ दिखाई दे रहा है। प्याज, टमाटर, और आलू जैसी आम सब्जियां कई घरों से गायब हो रही हैं, क्योंकि इनके दाम आसमान छू रहे हैं। वर्तमान में शहर के बृहस्पति और शनिचरी सब्जी बाजारों में ग्वारफली 120 रुपये, बरबट्टी 50, बैगन 50, करेला 40, लौकी 30, मुनगा 120, मिर्ची 120, गोभी 80, और धनिया 120 रुपये प्रति किलो बिक रही हैं। नींबू 160 रुपये, टमाटर 60 रुपये, आलू 50 रुपये, प्याज 70 रुपये, और लहसुन 400 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं। 

    महंगी सब्जियों से परेशान बिलासपुर, नवंबर में मिल सकती है राहत

    महंगाई के इस दौर में कई परिवारों ने भोजन में प्याज, टमाटर, और आलू का उपयोग कम कर दिया है। हालांकि, सब्जी दुकानदारों का कहना है कि यह महंगाई अस्थायी है। अगले सप्ताह-डेढ़ सप्ताह में प्रदेश में स्थानीय सब्जियों की आवक शुरू होने वाली है, जिससे दामों में गिरावट की उम्मीद है। दुकानदारों का कहना है कि दीवाली के बाद, नवंबर के प्रथम सप्ताह से सब्जियों के दाम में राहत मिलनी शुरू होगी। 

    स्थानीय मंडियों, जैसे कि तिफरा थोक सब्जी मंडी, में जिले और आसपास के इलाकों से सब्जियां आने लगेंगी। ठंड के मौसम में सब्जियों की पैदावार बढ़ने के कारण आवक तेज होने के साथ ही दाम में गिरावट आने लगेगी। इसके अलावा, ठंड के मौसम में पत्तेदार सब्जियों की अधिक पैदावार होती है, जिससे बाजार में ताजगी और पौष्टिकता का भी विकल्प मिलेगा। 

    बिलासपुर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती की जाती है, जो अब लगभग तैयार है। इस सीजन में ये ताजा और सस्ती सब्जियां सीधे बाजारों में पहुंचेंगी, जिससे शहरवासियों को राहत मिल सकेगी।

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  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ में दो दिवसीय दौरा

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ में दो दिवसीय दौरा

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रायपुर में भव्य स्वागत विभिन्न कार्यक्रमों में लेंगी हिस्सा

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचीं, जहां उनका रायपुर एयरपोर्ट पर राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वागत किया। दौरे के दौरान राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के 14वें दीक्षा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस कार्यक्रम में उन्होंने वर्ष 2023 के टॉपरों को सम्मानित करते हुए उन्हें मेडल प्रदान किए।

    इस वर्ष एनआईटी रायपुर के दीक्षा समारोह में बी.टेक और बी.आर्क के 1044 छात्रों, एम.टेक और एमसीए के 225 छात्रों और 170 पीएचडी विद्यार्थियों सहित कुल 1439 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। इस अवसर पर 24 गोल्ड और 23 सिल्वर मेडल भी वितरित किए गए। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के यश बंसल को इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया, जबकि दिशा जैन और प्रियांशु कुमार ओवरऑल टॉपर्स में क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।

    संस्थान के निदेशक डा. एनवी रमना राव ने इस अवसर पर बताया कि एनआईटी रायपुर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगले एक साल में संस्थान के 200 क्लासरूम तकनीकी रूप से उन्नत होंगे, जिससे छात्र लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से घर से भी कक्षा में जुड़ सकेंगे। इसके अतिरिक्त, एनआईटी परिसर में एक रिसर्च पार्क का निर्माण भी किया जा रहा है, जो शोध कार्यों को बढ़ावा देगा। संस्थान के उन्नयन के लिए 500 करोड़ रुपये की परियोजना पर कार्य हो रहा है।

    संस्थान के बोर्ड आफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डा. सुरेश हावरे ने बताया कि सत्र 2023-24 में संस्थान के संकाय और छात्रों ने 14 पेटेंट और प्रमाण पत्र हासिल किए। आने वाले सत्र में 32.2 करोड़ रुपये की 95 प्रायोजित शोध परियोजनाएं मिली हैं, जिससे एनआईटी रायपुर शिक्षा और शोध के क्षेत्र में और प्रगति करेगा।

    राष्ट्रपति की उपस्थिति को देखते हुए दीक्षा समारोह का पूर्वाभ्यास किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को मंच पर आने और उपाधि ग्रहण करने के तरीके सिखाए गए। डीडीयू ऑडिटोरियम में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह रिहर्सल हुआ। समारोह में केवल विद्यार्थी ही सभागार में प्रवेश कर सकेंगे, जबकि उनके परिजनों के लिए बाहर वीडियो स्ट्रीमिंग की व्यवस्था की गई है। समारोह में छात्रों के लिए सफेद कुर्ता-पायजामा और छात्राओं के लिए सफेद सलवार सूट या साड़ी का ड्रेस कोड रखा गया है।

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    बलरामपुर थाने में आत्महत्या के बाद हिंसा, थाना प्रभारी निलंबित

  • बलरामपुर थाने में आत्महत्या के बाद हिंसा, थाना प्रभारी निलंबित

    बलरामपुर थाने में आत्महत्या के बाद हिंसा, थाना प्रभारी निलंबित

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    गुरुचंद मंडल की थाने में मौत पर हंगामा, पुलिस टीम पर कार्रवाई

    छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कोतवाली थाना में 24 अक्टूबर को एक युवक द्वारा की गई आत्महत्या ने राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुचंद मंडल (30) नामक युवक ने थाने के बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया, जिसके चलते लोगों ने थाने के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुस्साई भीड़ ने थाने के बाहर का रेलिंग उखाड़ दिया और पुलिस वाहनों पर पत्थरबाजी भी की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन भीड़ शांत नहीं हुई।

    BALRAMPUR POLICE STATION

    मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में कोई व्यक्ति आत्महत्या कैसे कर सकता है। उन्होंने पुलिस पर गुरुचंद को बेरहमी से पीटने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पूछताछ के नाम पर थाने में उसे बुलाया गया था, और इसी दौरान उसके साथ मारपीट की गई थी। स्थानीय लोगों ने इसे लेकर पुलिस के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

    इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद रूसिया और आरक्षक अजय यादव को निलंबित कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया और इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है।

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    शिक्षिका के पिटाई से छात्रा की हालत नाजुक घरवालों ने की न्याय की मांग

    बिलासपुर हाई कोर्ट ने खारिज की अमन साहू की चुनाव याचिका

    गैंगस्टर अमन साहू का चुनावी सपना टूटा, कोर्ट ने आवेदन किया रद्द

  • गैंगस्टर अमन साहू का चुनावी सपना टूटा, कोर्ट ने आवेदन किया रद्द

    गैंगस्टर अमन साहू का चुनावी सपना टूटा, कोर्ट ने आवेदन किया रद्द

    कानूनी झटके से जूझता गैंगस्टर अमन साहू का राजनीति सफ़र पर लगा ब्रेक

    झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू, जो बड़कागांव विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था, लेकिन अमन साहू को एक के बाद एक कानूनी झटके लगे हैं। रायपुर पुलिस की गिरफ्त में आए गैंगस्टर अमन ने हाईकोर्ट बिलासपुर के फैसले को चुनौती देते हुए डबल बेंच में अपील की है। इससे पहले, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उसके चुनाव लड़ने के आवेदन को खारिज कर दिया था। वहीं, झारखंड हाईकोर्ट ने भी गुरुवार को उसकी याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने चुनाव लड़ने की अनुमति के लिए अपनी सजा पर रोक लगाने की मांग की थी। हालांकि, डबल बेंच में इस मामले की सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है।

    रायपुर की सीजीएम कोर्ट ने अमन साव को नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर करने की अनुमति दी थी, जिसके बाद उसके वकील हेमंत सिकरवार ने छत्तीसगढ़ और झारखंड दोनों जगह अपनी याचिकाएं दायर की थीं। लेकिन छत्तीसगढ़ और झारखंड हाईकोर्ट दोनों ने उसके आवेदन को खारिज कर दिया है। अमन साव, जिसे तेलीबांधा रिंग रोड पर अपने गुर्गों से फायरिंग कराने के मामले में गिरफ्तार किया गया था, शुक्रवार को रिमांड खत्म होने पर अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि अब उसे और रिमांड पर लेने की जरूरत नहीं है, इसलिए उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा।

    झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की पीठ ने अमन साहू की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उसके खिलाफ 120 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। अमन साहू की ओर से दिए गए तर्क, जिसमें रामगढ़ की पूर्व विधायक ममता देवी के केस का हवाला दिया गया था, को अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि ममता देवी का मामला अलग है, क्योंकि उन पर सिर्फ दो मामले थे, जबकि अमन साव के खिलाफ 120 से ज्यादा संगीन मामले हैं। साव को पहले रामगढ़ की एक अदालत ने आर्म्स एक्ट के तहत छह साल की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ उसने झारखंड हाईकोर्ट में अपील की थी।

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  • रेलवे द्वारा वृक्षों की शिफ्टिंग की आड़ में बड़े पैमाने पर पेड़ कटाई

    रेलवे द्वारा वृक्षों की शिफ्टिंग की आड़ में बड़े पैमाने पर पेड़ कटाई

    बिलासपुर में रेलवे द्वारा वृक्षों की शिफ्टिंग की सूचना देकर किया गया वृक्षों का कटाव गंभीर रूप से पर्यावरण को प्रभावित कर रहा है। मौके पर मिले सूखे ठूंठ और लकड़ियों के टुकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि रेलवे ने पेड़ों को स्थानांतरित करने के बजाय उन्हें काट दिया। वन विभाग की टीम शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंची और पाया कि बड़ी संख्या में ठूंठ मौजूद थे।

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    जब टीम ने मौके पर उपस्थित ठेकेदार और कर्मचारियों से कटाई के संबंध में अनुमति के दस्तावेज मांगे, तो वे उपलब्ध नहीं करा सके। हालांकि, कुछ पेड़ों को नई जगह पर शिफ्ट किया गया था, लेकिन अधिकांश वृक्ष सूख चुके थे। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पेड़ों का स्थानांतरण आसान नहीं होता, और ऐसे प्रयासों की सफलता की कोई गारंटी नहीं होती।

    जांच में पता चला कि रेलवे वंदे भारत ट्रेनों के बेहतर रखरखाव के लिए एक डिपो का निर्माण कर रही है, जिसके चलते वृक्षों की कटाई की गई। जांच करने वाले वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एफसीआई गोदाम के पास कई वृक्षों के ठूंठ और कटे लकड़ी के टुकड़े मिले हैं, जिससे अनुमान लगाया जा सकता है कि कितनी बड़ी संख्या में वृक्षों को काटा गया है।

    विभाग ने बताया कि वृक्षों को दोबारा लगाने की प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। सही तरीके से पेड़ उखाड़े नहीं गए और न ही मिट्टी का परीक्षण किया गया। प्लांटेशन के लिए जरूरी प्रक्रियाओं में मिट्टी परीक्षण और गोबर का उपयोग शामिल हैं, जो नहीं किया गया।

    जांच के दौरान एक ट्रैक्टर भी देखा गया, जो कटे पेड़ों की लकड़ियों का परिवहन कर रहा था। यह भी एक महत्वपूर्ण सवाल है कि यदि रेलवे शिफ्टिंग की योजना बना रही थी, तो कटे लकड़ियों का डंप कहां किया जा रहा है। वन विभाग इस मामले की गहन जांच कर रहा है।

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    शिक्षिका के पिटाई से छात्रा की हालत नाजुक घरवालों ने की न्याय की मांग

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    शिक्षिका के पिटाई से छात्रा की हालत नाजुक घरवालों ने की न्याय की मांग

    महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई तालुका में बिना अनुमति के संचालित हो रहे कई स्कूलों और कोचिंग क्लासेज ने छात्रों की सुरक्षा को एक गंभीर सवाल बना दिया है। हाल ही में घटित हुई इस घटना में, नालासोपारा के ओसवाल नगर स्थित अरीना क्लासेस में एक बच्ची को मामूली शरारत पर टीचर रीना सिंह ने थप्पड़ मार दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल बच्ची को मुंबई के एक अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है।

    पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज की है और टीचर को नोटिस भी दिया गया है। हालांकि, तीन दिन बीत जाने के बाद भी शिक्षिका की गिरफ्तारी नहीं होने पर परिवार में नाराजगी बढ़ गई है। परिवार का कहना है कि टीचर की पिटाई के कारण बच्ची की स्थिति बिगड़ गई है, और इसके लिए क्लास की टीचर एवं प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

    बच्ची के चाचा ने इस पर कड़ी कार्रवाई और इलाज का खर्च उठाने की भी मांग की है। दीपिका के पिता अंबाराम ने कहा, “मेरी बेटी का ICU में इलाज चल रहा है। वह वेंटिलेटर पर है। रोजाना इलाज का खर्च 25,000 रुपये है। हमारी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए हम सामाजिक संस्थाओं से मदद मांग रहे हैं। मेरी बेटी को पीटने वाली शिक्षिका पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”

    इस बीच, पुलिस उपनिरीक्षक विनोद वायंगणकर ने जानकारी दी कि रत्ना सिंह के खिलाफ धारा 125(अ)(ब) और बाल न्याय अधिनियम 75 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित टीचर को नोटिस भेजा गया है और आगे की जांच जारी है। वहीं, अरीना क्लासेस के संचालकों ने बच्ची की पिटाई के आरोप से इनकार किया, लेकिन वे कैमरे के सामने बात करने से कोशिश कर रहे।

    यह मामला न केवल स्कूलों की सुरक्षा के प्रति चिंताओं को उजागर करता है, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में चल रही अनियमितताओं और लापरवाही की ओर भी इशारा करता है।

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