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  • दूरंतो एक्सप्रेस में बहस से हंगामा, रातभर अटकी रही ट्रेन

    दूरंतो एक्सप्रेस में बहस से हंगामा, रातभर अटकी रही ट्रेन

    दूरंतो एक्सप्रेस में हंगामा बिलासपुर में यात्रियों ने किया बवाल

    दूरंतो एक्सप्रेस में हंगामा बिलासपुर में यात्रियों ने किया बवाल

    मामला बिलासपुर रेलवे स्टेशन का है जहाँ बीते बुधवार की रात दूरंतो एक्सप्रेस में बड़ा हंगामा हुआ। यह ट्रेन हावड़ा से पुणे जा रही थी और रात 12:05 बजे स्टेशन पर पहुंची। टाटानगर स्टेशन से भोजन प्राप्त करने वाले यात्रियों ने खाने को लेकर फूड पॉइजनिंग का आरोप लगाया, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए। टीटीई और यात्रियों के बीच बहस के बाद मामला बढ़ गया और गुस्साए यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को दो घंटे तक रोके रखा। इस दौरान रेलवे पुलिस फोर्स और स्टेशन मास्टर ने यात्रियों को समझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन यात्री शांत होने को तैयार नहीं थे। आखिरकार रात दो बजे ट्रेन को रवाना किया गया।

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    इस बीच, यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने बड़ी घोषणा की है। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन की 16 प्रमुख ट्रेनों में चार-चार जनरल कोच जोड़े गए हैं। पहले इन ट्रेनों में सिर्फ दो जनरल कोच होते थे, जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतें होती थीं। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक ट्रेन में 400 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हो गई हैं।

    जोन में कुल 6400 सीटों की बढ़ोतरी हुई है, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे न केवल सामान्य यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि स्लीपर कोच में जबरन यात्रा करने वाले यात्रियों की समस्या भी कम होगी। ट्रेनों में कोच की संख्या बढ़ाने से यात्रियों को सफर में अधिक सुविधा और आराम मिलेगा। रेलवे ने यह भी सुनिश्चित किया है कि ट्रेनों में कोच की संख्या प्लेटफार्म की क्षमता के अनुसार रहे।

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  • रेलवे स्टेशन पर “ओके” का गलतफहमी बना करोड़ों का घाटा

    रेलवे स्टेशन पर “ओके” का गलतफहमी बना करोड़ों का घाटा

    “ओके” का गलतफहमी बना करोड़ों का घाटा, स्टेशन मास्टर से हुई बड़ी चूक

    रेलवे विभाग में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहाँ स्टेशन मास्टर की एक गलती ने रेलवे को 3 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा दिया। घटना तब हुई जब स्टेशन मास्टर ने अपनी पत्नी से फोन पर बातचीत के दौरान “ओके” कहा, जिसे उसके सहयोगी ने ट्रेन को आगे बढ़ाने का इशारा समझ लिया और ट्रेन को नक्सल प्रभावित क्षेत्र में निषिद्ध समय में रवाना कर दिया। इस चूक के कारण रेलवे को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और स्टेशन मास्टर को निलंबित कर दिया गया।

    दरअसल, स्टेशन मास्टर का अपनी पत्नी से अक्सर झगड़ा होता था, जो ड्यूटी के दौरान बार-बार फोन करके विवाद करती थी। घटना के दिन भी इसी तरह की स्थिति में उन्होंने पत्नी से कहा कि वे घर आकर मामला सुलझा लेंगे। लेकिन उनके सहयोगी ने इसे ट्रेन के प्रस्थान का संकेत समझ लिया और गलती से मालगाड़ी को रवाना कर दिया, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पहुँच गई। इस गंभीर गलती के बाद विभाग ने स्टेशन मास्टर को निलंबित कर दिया।

    निलंबन के बाद, स्टेशन मास्टर ने हाई कोर्ट में तलाक की याचिका दायर की। याचिका में उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी शादी के बाद भी अपने पूर्व प्रेमी से बात करती रही, जिससे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा। उन्होंने कोर्ट में बताया कि पत्नी की इस हरकतों ने उनके पेशेवर और निजी जीवन में तनाव बढ़ा दिया था।

    जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की और पत्नी के व्यवहार को पति के प्रति मानसिक क्रूरता मानते हुए स्टेशन मास्टर को तलाक की मंजूरी दे दी।

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  • यात्रियों की कमी से जूझ रही दुर्ग-विशाखापत्तनम वंदे भारत ट्रेन

    यात्रियों की कमी से जूझ रही दुर्ग-विशाखापत्तनम वंदे भारत ट्रेन

    दुर्ग-विशाखापत्तनम वंदे भारत ट्रेन के किराए ने घटाई यात्रियों की संख्या

    छत्तीसगढ़ में पिछले महीने दुर्ग-विशाखापत्तनम वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत की गई है लेकिन रेलवे में लगातार यात्रियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे रेलवे चिंतित है। 1128 सीटों वाली इस ट्रेन में औसतन सिर्फ 150 से 170 यात्री ही सफर कर रहे हैं। मुख्य रूप से इसका कारण महंगा किराया बताया जा रहा है, जिससे यात्रियों में खास उत्साह नहीं दिख रहा है।

    सितंबर से शुरू हुई इस नई वंदे भारत ट्रेन को लेकर रेलवे को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन यात्रियों की कमी रेलवे के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है। रेलवे अब नुकसान से बचने के लिए जल्द कोई बड़ा फैसला ले सकती है।

    दूसरी ओर, समता एक्सप्रेस में भारी भीड़ देखी जा रही है, जहां रायपुर स्टेशन पर स्लीपर से लेकर एसी कोच तक पूरी तरह से भरे होते हैं। जबकि 16 कोच की वंदे भारत ट्रेन में आधे से अधिक सीटें खाली जा रही हैं। यह स्थिति वापसी के दौरान भी देखी जा रही है।

    रेलवे सूत्रों के अनुसार, दशहरा और दिवाली पर्व तक यात्रियों की संख्या का आकलन किया जाएगा। अगर सीटें इसी तरह खाली रहीं, तो इस ट्रेन के कोचों की संख्या कम की जा सकती है, जैसा कि बिलासपुर-नागपुर वंदे भारत ट्रेन में किया गया था।

    महंगे किराए की तुलना में समता एक्सप्रेस सस्ती:

    • एग्ज़ीक्यूटिव क्लास में ब्रेकफ़ास्ट, चाय और लंच के साथ किराया 2,825 रुपये।
    • बिना नाश्ते के एग्ज़ीक्यूटिव क्लास का किराया 2,410 रुपये।
    • चेयर कार में ब्रेकफ़ास्ट, चाय और लंच के साथ किराया 1,565 रुपये।
    • बिना नाश्ते के चेयर कार का किराया 1,205 रुपये।

    समता एक्सप्रेस में फ़र्स्ट एसी का किराया 2,100 रुपये, सेकेंड एसी का किराया 1,265 रुपये और थर्ड एसी का किराया 905 रुपये है।

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  • रेलवे की परियोजनाओं से नवरात्र में श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित, कई ट्रेनें रद्द

    रेलवे की परियोजनाओं से नवरात्र में श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित, कई ट्रेनें रद्द

    रेलवे की परियोजनाओं से नवरात्र में श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित, कई ट्रेनें रद्द

    रेलवे ने निर्माण और सुधार कार्यों के चलते नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की यात्रा पर असर डालते हुए 30 सितंबर से 11 अक्टूबर के बीच 26 ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है। इसमें उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं। खासकर उन यात्रियों के लिए यह झटका है जो नवरात्र के दौरान मैहर की मां शारदा के दर्शन की योजना बना रहे थे।

    रद्द की गई ट्रेनों में गरीब रथ और नौतनवा जैसी बड़ी ट्रेनें शामिल हैं। इसके अलावा बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस को 2 से 10 अक्टूबर तक परिवर्तित मार्ग से चलाने का फैसला किया गया है। यह ट्रेन बरौनी-कटनी-जबलपुर-नैनपुर-बालाघाट-गोंदिया होकर चलेगी, जबकि गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस भी इसी मार्ग से वापसी करेगी।

    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, कटनी रेलखंड के बिरसिंहपुर स्टेशन को तीसरी लाइन से जोड़ने और अन्य परियोजनाओं के कार्यों के चलते यह निर्णय लिया गया है। बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग अत्यधिक व्यस्त है और इसे उत्तर भारत से जोड़ने का मुख्य मार्ग माना जाता है।

    प्रभावित ट्रेनें और मार्ग परिवर्तन

    रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों में शामिल हैं:

    1. नर्मदा एक्सप्रेस (बिलासपुर-इंदौर): 30 सितंबर से 11 अक्टूबर तक।
    2. भोपाल एक्सप्रेस (बिलासपुर-भोपाल): 1 से 12 अक्टूबर तक।
    3. गरीब रथ एक्सप्रेस (लखनऊ-रायपुर): 3, 7, 10 अक्टूबर को।
    4. निजामुद्दीन एक्सप्रेस (दुर्ग-निजामुद्दीन): 4, 8, 11 अक्टूबर को।
    5. नौतनवा एक्सप्रेस (दुर्ग-नौतनवा): 3, 10 अक्टूबर को।

    बरौनी-गोंदिया और गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस को 2 से 10 अक्टूबर तक बरौनी-कटनी-जबलपुर-नैनपुर-बालाघाट-गोंदिया होकर चलाया जाएगा। जो यात्री नवरात्र के दौरान मैहर या अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा की योजना बना रहे थे, उन्हें अब अपनी यात्रा की योजना पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता होगी।

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  • अहमदाबाद-भुज के बीच चलेगी पहली ‘नमो भारत रैपिड रेल’

    अहमदाबाद-भुज के बीच चलेगी पहली ‘नमो भारत रैपिड रेल’

    प्रधानमंत्री मोदी ने देश की पहली नमो भारत रैपिड रेल को दिखाई हरी झंडी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात दौरे पर देश की पहली ‘नमो भारत रैपिड रेल’ को हरी झंडी दिखाने जा रहे हैं। यह ट्रेन अहमदाबाद से भुज के बीच चलेगी और वंदे मेट्रो ट्रेन के रूप में जानी जाएगी। इससे पहले इस प्रोजेक्ट का नाम ‘वंदे मेट्रो’ रखा गया था, लेकिन उद्घाटन से पहले रेलवे ने इसका नाम बदलकर ‘नमो भारत रैपिड रेल’ कर दिया। यह बदलाव इसलिए किया गया ताकि वंदे भारत ट्रेनों से इस सेवा को अलग दिखाया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, इस रैपिड रेल सेवा का उद्देश्य और विशेषताएं मेट्रो प्रोजेक्ट की अन्य ट्रेनों से अलग हैं।

    इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अन्य वंदे भारत ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें छत्तीसगढ़ की दुर्ग-विशाखापत्तनम वंदे भारत एक्सप्रेस के अलावा कोल्हापुर-पुणे, पुणे-हुबली, नागपुर-सिकंदराबाद और आगरा कैंट से बनारस तक चलने वाली वंदे भारत ट्रेनें शामिल हैं।

    नमो भारत रैपिड रेल और वंदे भारत ट्रेनों के शुभारंभ के साथ, प्रधानमंत्री मोदी के इस कदम से देश में आधुनिक और तेज गति के रेल परिवहन को और मजबूती मिलेगी।

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  • 16 सितंबर को रायपुर-विशाखापट्टनम के बीच वंदे भारत की उद्घाटन यात्रा

    16 सितंबर को रायपुर-विशाखापट्टनम के बीच वंदे भारत की उद्घाटन यात्रा

    16 सितंबर को रायपुर-विशाखापट्टनम के बीच वंदे भारत की उद्घाटन यात्रा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 सितंबर, 2024 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ की दूसरी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन रायपुर (दुर्ग) से विशाखापट्टनम के बीच चलेगी और इसकी पहली यात्रा एक विशेष उद्घाटन यात्रा होगी। ट्रेन अपने निर्धारित समय पर शाम 4:15 बजे रायपुर स्टेशन से रवाना होकर रात 12:20 बजे विशाखापत्तनम पहुंचेगी।

    यह नई ट्रेन सेवा यात्रियों के लिए 20 सितंबर, 2024 से नियमित रूप से संचालित की जाएगी। दुर्ग-विशाखापट्टनम वंदे भारत एक्सप्रेस (20829/20830) सप्ताह में छह दिन चलेगी, केवल गुरुवार को इसका परिचालन नहीं होगा। ट्रेन दुर्ग स्टेशन से सुबह 5:45 बजे रवाना होगी और दोपहर 1:45 बजे विशाखापट्टनम पहुंचेगी, जिससे यात्रियों को तेज और आरामदायक यात्रा की सुविधा मिलेगी।

    वंदे भारत एक्सप्रेस में कुल 16 कोच होंगे, जो आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। इस ट्रेन के चलने से छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के बीच यात्रा आसान और तेज हो जाएगी। इसके विभिन्न स्टेशनों में महासमुंद, खरियार रोड, कांटाभांजी, टिटलागढ़, केसिंगा और रायगड़ा शामिल हैं।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह ट्रेन क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के साथ-साथ यात्रियों को समय की बचत और बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगी। वंदे भारत एक्सप्रेस के शुरू होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है, क्योंकि यह पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देगी।

    प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस ट्रेन का उद्घाटन किया जाना छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिससे यात्रियों को तेजी से परिवहन और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।

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  • 15 सितंबर से छत्तीसगढ़ में वंदे भारत एक्सप्रेस का नया सफर शुरू

    15 सितंबर से छत्तीसगढ़ में वंदे भारत एक्सप्रेस का नया सफर शुरू

    15 सितंबर से छत्तीसगढ़ में वंदे भारत एक्सप्रेस का नया सफर शुरू

    प्रदेशवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि 15 सितंबर से राज्य में दूसरी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत होने जा रही है। यह ट्रेन दुर्ग से विशाखापत्तनम के बीच संचालित होगी, जिससे यात्रियों को इस रूट पर तेज और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह ट्रेन रायपुर से विशाखापत्तनम के बीच 300 किलोमीटर की दूरी केवल पांच घंटे में तय करेगी, जो कि इस मार्ग पर यात्रा के समय में एक महत्वपूर्ण कमी होगी।

    वंदे भारत एक्सप्रेस की मुख्य विशेषताएं

    इस ट्रेन की शुरूआत से छत्तीसगढ़ के निवासियों को एक अत्याधुनिक और तेज गति वाली यात्रा का अवसर मिलेगा। ट्रेन चेयर कार श्रेणी की होगी, जिसका मतलब है कि इसमें स्लीपर सुविधा नहीं होगी, बल्कि आरामदायक बैठने की व्यवस्था होगी। वंदे भारत एक्सप्रेस की डिजाइन और तकनीकी क्षमता इसे अन्य ट्रेनों से अलग बनाती है, क्योंकि इसमें अत्याधुनिक सुविधाएं और उच्च गति की विशेषता है।

    दुर्ग से विशाखापत्तनम मार्ग

    वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत दुर्ग से की जाएगी, जो कि कोचिंग यार्ड होने के कारण चयनित किया गया है। यह ट्रेन दुर्ग से रायपुर, महासमुंद, खरियार रोड, कांटाभांजी, टिटलागढ़, रायगढ़ा, पार्वतीपुरम और विजयानगरम होते हुए विशाखापत्तनम पहुंचेगी। रेलवे मंडल ने इस ट्रेन के संचालन की सभी तैयारियों को पूरा कर लिया है, और हाल ही में इसका ट्रायल भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ट्रायल में वंदे भारत एक्सप्रेस सुबह 5:45 पर दुर्ग रेलवे स्टेशन से रवाना हुई और अपने गंतव्य तक पहुंची।

    रेलवे द्वारा जारी की गई जानकारी

    हालांकि, अभी रेलवे की ओर से इस ट्रेन के स्टॉपेज और किराए को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन जल्द ही इसकी घोषणा होने की संभावना है। यह ट्रेन सप्ताह के सभी दिनों में चलेगी, जिससे यात्रियों को यात्रा की बेहतर और तेज सुविधा मिलेगी। रेलवे की यह पहल यात्रियों की यात्रा को समयबद्ध और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    पहली वंदे भारत ट्रेन

    यह छत्तीसगढ़ के लिए दूसरी वंदे भारत एक्सप्रेस होगी। इससे पहले दिसंबर 2022 में बिलासपुर से नागपुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाई गई थी, जो शनिवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलती है। अब, इस नई वंदे भारत ट्रेन के आने से यात्रियों को विशाखापत्तनम तक तेजी से सफर करने का मौका मिलेगा।

    छत्तीसगढ़ में दूसरी वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत से न केवल राज्य के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी, बल्कि यह राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों को भी आपस में जोड़ने में मददगार साबित होगी। इस ट्रेन से व्यापार, पर्यटन और अन्य आवश्यकताओं के लिए यात्रा करने वाले लोगों को काफी फायदा होगा। वंदे भारत ट्रेनें अपनी तेज गति, उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाओं और आरामदायक यात्रा के लिए जानी जाती हैं, और अब छत्तीसगढ़ के यात्रियों को भी इसका लाभ मिलेगा।

    इस ट्रेन का संचालन छत्तीसगढ़ के परिवहन विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे राज्य में रेल यात्रा के अनुभव में एक बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

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