
बिलासपुर में फर्जी ई-चालान के जरिए साइबर ठगी का खुलासा
साइबर अपराधियों ने अब ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भेजे जाने वाले ई-चालानों का भी दुरुपयोग करना शुरू कर दिया है। बिलासपुर सहित राज्य के अन्य हिस्सों में फर्जी ई-चालान भेजकर लोगों को ठगने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस घटनाक्रम के बाद ट्रैफिक विभाग ने लोगों को सतर्क करने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया है।
साइबर ठग असली ई-चालानों की हूबहू नकल कर फर्जी लिंक तैयार करते हैं, जो सरकारी वेबसाइट से बहुत मिलते-जुलते होते हैं। असली ई-चालान की लिंक “https//echalan.parivahan.gov.in/” होती है, जबकि फर्जी लिंक “https//echalan.parivahan.in/” नामक वेबसाइट से भेजी जाती है। मामूली सा अंतर होने के कारण लोग धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि वे किसी भी ई-चालान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच कर लें। यदि लिंक में “gov.in” नहीं दिखाई देता है, तो उस पर क्लिक न करें। इसके अलावा, यदि कोई शक हो तो स्थानीय थाने में जाकर चालान की पुष्टि कर सकते हैं।

घटना के बाद ट्रैफिक विभाग की अपील
बिलासपुर में कई लोगों ने फर्जी ई-चालान प्राप्त करने के बाद इसे भरने की कोशिश की, लेकिन ट्रैफिक थाने में पहुंचकर उन्हें पता चला कि वह चालान फर्जी था। अधिकारियों ने इस धोखाधड़ी के खुलासे के बाद लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
अधिकारियों ने कहा है कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं, इसलिए लोगों को जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है। ट्रैफिक विभाग ने इस संबंध में एक व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया है, ताकि लोग इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार न हों।
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