
छत्तीसगढ़ के बस्तर में बाढ़ से जनजीवनअस्त-व्यस्त, स्कूलों में अवकाश घोषित
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सुकमा और बीजापुर जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है, जहां प्रमुख नदियां शबरी और चकाबुका उफान पर हैं। कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है, जिससे लोग फंसे हुए हैं। चितलनार गांव में चकाबुका नदी के कारण 20 से अधिक कच्चे मकान ढह गए हैं, और ग्रामीणों ने पंचायत भवन में शरण ली है।

सुकमा जिला मुख्यालय के कई हिस्सों में पानी भर गया है, जिससे प्रशासन की टीमें राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। राम मंदिर, मस्तान पारा, गीदम नाला और शबरी नगर में पानी घुसने से हालात और बिगड़ गए हैं। लगातार बारिश को देखते हुए सुकमा जिले में सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
नेशनल हाईवे 30 और 63 पर पानी भर जाने से यातायात ठप हो गया है। कई बसें और वाहन फंसे हुए हैं, और प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इन मार्गों पर किसी भी वाहन को प्रवेश न दिया जाए। शबरी और झापरा नदियों का जलस्तर बढ़ने से ओडिशा से संपर्क टूट गया है।

प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए कंट्रोल नंबर जारी किए हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रभावित क्षेत्रों में सहायता पहुंचाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। कलेक्टर हरीश एस. ने बताया कि जहाँ भी जरूरत हो, तुरंत मदद पहुंचाई जा रही है।
READ MORE :







