Category: News

News

  • सोशल मीडिया का पावर, फौरन निरस्त कलेक्टर साहब

    सोशल मीडिया का पावर, फौरन निरस्त कलेक्टर साहब

    यह 21स्वी सदी की जनता हैं साहब, घर बैठे ही किसी को बना सकती हैं तो किसी का बिगाड़ भी सकती हैं, कुछ ऐसे ही कथन सूरजपुर, छत्तीसगढ़ की घटना कह रही हैं। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में लॉकडाउन के दौरान कलेक्टर ने एक युवक को जम कर थप्पड़ मार दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा। खास बात यह रही कि यह वीडियो इतना वायरल हुआ कि लोगो की आवाज़ ट्विटर तक जा पहुँची जिसमे हैशटैग #SuspendranbirSharmaIAS ट्रेंड करने लगा।

    जनता की यह आवाज़ ना केवल छत्तीसगढ़ में रही बल्कि देश के कई राज्यों में आक्रोश बन कर धधकने लगी और इस जनसाधारण के गुस्से को देखते छत्तीसगढ़ शासन को फ़ौरन कार्यवाही करने पर मजबूर कर गया। छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना का जायज़ा लेते हुए कलेक्टर रणबीर शर्मा को हटाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ना केवल थप्पड़ मारा बल्कि उस युवक के फ़ोन को भी पटक कर तोड़ा, इस चीज़ को भी मद्देनज़र रखते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने युवक को नए फोन भेंट करने का भी निर्णय लिया।

    निलंबित किये गए कलेक्टर के स्थान पर आईएएस गौरव शर्मा की नियुक्ति की गई। इस घटना को छत्तीसगढ़ से बाहर ट्रेंड करवाने का श्रेय छत्तीसगढ़ के Meme Pages को भी जाता हैं जिन्होंने अपने इंस्टाग्राम, ट्विटर, फ़ेसबुक पर इस वीडियो को वायरल कर जनताओं को जागरूक कर आवाज़ उठाने कहा। ऐसी घटनाएँ आगे ना हो इसके लिए हमे सजग रहने की आवश्यकता हैं। पर यह क्या सूरजपुर SDM की ऐसी ही वीडियो वायरल हो रही हैं….

  • हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में पूरे देश में छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान

    हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में पूरे देश में छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान

    May be an image of one or more people
    हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदाय करने में पूरे देश में छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान

    केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी वित्तीय वर्ष 2021-21 के रिपोर्ट अनुसार लक्ष्य को पूरा करने एवं स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदाय करने के लिए अंतिम तिमाही में राज्यों की रैंकिंग में पूरे देश में छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर है। इस सूची में जहाँ दिल्ली जैसे राज्य सैंतीसवें स्थान पर, राजस्थान छब्बीसवें, उत्तरप्रदेश चैदहवें, मध्यप्रदेश तेरहवें, गुजरात, महाराष्ट्र जैसे राज्य चौथे व पांचवें पायदान पर हैं वहीं छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर है।

    छत्तीसगढ़ ने कोरोना महामारी के इस कठिन समय में भी अपना नाम देश के शीर्ष राज्यों में शामिल कराया है। राज्य में लक्ष्य से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों का हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों में उन्नयन किया गया है ताकि गैर संचारी रोगों के सम्बंध में समस्त सेवाएँ प्रदेश के दूरस्थ अंचलों के लोगों को भी मिल सके। कोरोना के इस दौर में हेल्थ एण्ड वैलनेस सेन्टरों के माध्यम से राज्य के 5 लाख से अधिक लोगों को घर तक दवाईयां पहुंचाई गई। जिसमें 1 लाख 96 हजार 375 मरीजों को डायबीटिज, 1 लाख 32 हजार 330 मरीजों को हाईपरटेन्शन, 5 हजार 279 मरीजों को टी.बी., 2 हजार 727 मरीजों को कुष्ठ व 1 लाख 85 हजार 470 गर्भवती माताओं को उनके घर विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी दवाईयां पहुंचाई गई।

    इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन संचालक डाॅ. प्रियंका शुक्ला ने बताया की राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ के सहयोग से हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता को बनाए रखा। सुरक्षित टीकाकरण, बुजुर्गों की देखभाल, गंभीर मरीजों को घर पहुँच दवा की उपलब्धता, माताओं के स्वास्थ्य की देखभाल और प्रसव संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराने में इन सेंटरों ने कीर्तिमान स्थापित कर राज्य का मान बढ़ाया है।

  • कोरोना संकट के बावजूद तेंदूपत्ता संग्रहण जारी छत्तीसगढ़ में

    कोरोना संकट के बावजूद तेंदूपत्ता संग्रहण जारी छत्तीसगढ़ में

    कोरोना संकट के बावजूद तेंदूपत्ता संग्रहण इस साल भी द्रुत गति से जारी छत्तीसगढ़ में अब तक एक चौथाई से अधिक तेंदूपत्ता का हो चुका संग्रहण 16.71 लाख मानक बोरा के लक्ष्य के विरूद्ध 4.77 लाख मानक बोरा संग्रहित छत्तीसगढ़ में चालू वर्ष 2021 के दौरान अब तक 4 लाख 76 हजार 631 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण हो चुका है, जो लक्ष्य के एक चौथाई से अधिक है। राज्य में चालू वर्ष के दौरान 16 लाख 71 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता के संग्रहण का लक्ष्य है। वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने बताया है कि कोविड-19 की गाइडलाइन तथा आवश्यक सावधानियों का पालन करते हुए वनवासियों द्वारा तेंदूपत्ता का संग्रहण द्रुत गति से जारी है।

    राज्य में अब तक संग्रहित मात्रा में से वनमण्डल बीजापुर में 40 हजार 239 मानक बोरा तथा सुकमा में 56 हजार 996 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण शामिल है। इसी तरह वनमण्डल दंतेवाड़ा में 10 हजार 252 मानक बोरा, जगदलपुर में 14 हजार 736 मानक बोरा, दक्षिण कोण्डागांव में 12 हजार 453 मानक बोरा तथा केशकाल में 17 हजार 255 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण हुआ है। वनमण्डल नारायणपुर में 11 हजार 238 मानक बोरा, पूर्व भानुप्रतापपुर में 13 हजार 911 मानक बोरा, पश्चिम भानुप्रतापपुर में 11 हजार 30 मानक बोरा तथा कांकेर में 20 हजार 167 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण हो चुका है। इसी तरह वनमण्डल राजनांदगांव में 12 हजार 677 मानक बोरा, खैरागढ़ में 4 हजार 3 मानक बोरा, बालोद में 13 हजार 565 मानक बोरा तथा कवर्धा में एक हजार 373 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण हुआ है

    वनमण्डल धमतरी में 13 हजार 510 मानक बोरा, गरियाबंद में 61 हजार 126 मानक बोरा, महासमुंद 47 हजार 619 मानक बोरा तथा बलौदाबाजार 12 हजार 183 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया गया है। वनमण्डल बिलासपुर में 5 हजार 311 मानक बोरा, मरवाही में 104 मानक बोरा, जांजगीर-चांपा में 3 हजार 297 मानक बोरा, रायगढ़ में 23 हजार 20 मानक बोरा, धरमजयगढ़ में 29 हजार 100 मानक बोरा, कोरबा में 9 हजार 872 मानक बोरा तथा कटघोरा में 10 हजार 202 मानक बोरा का संग्रहण हुआ है। इसी तरह वनमण्डल जशपुर में 7 हजार 978 मानक बोरा, मनेन्द्रगढ़ में 5 हजार 161 मानक बोरा, कोरिया में 464 मानक बोरा, सरगुजा में 6 हजार 963 मानक बोरा और सूरजपुर में 813 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण हो चुका है।

  • छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना कोविड से अनाथ हुए बच्चों को देगी संरक्षण

    Prayas to Porta-Cabins: Chhattisgarh's Education Policies Are Re-Shaping  The Future

    कोविड के खिलाफ लड़ाई के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार ने एक ऐसा निर्णय लिया है जो कोविड पीड़ितों के कुछ आंसू पोंछ सकेगा। कोविड के निर्मम प्रहार के चलते जिन बच्चों का सब कुछ छीन गया है, अब छत्तीसगढ़ सरकार उनका संबल बनने जा रही है,और न केवल उनकी शिक्षा का दायित्व उठायेगी बल्कि उनके भविष्य को संवारने की हर संभव कोशिश भी करेगी। सरकार की इस संवेदनशील पहल को अमली जामा पहनाया जाएगा छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना के माध्यम से। यह योजना इस वित्तीय वर्ष से लागू की जाएगी। ऐसे बच्चे जिन्होंने अपने माता-पिता को इस वित्तीय वर्ष के दौरान कोरोना के कारण खो दिया है, उन की पढ़ाई का पूरा खर्च अब छत्तीसगढ़ सरकार उठाएगी। साथ ही पहली से आठवीं तक के ऐसे बच्चों को 500 रुपयेप्रतिमाह और 9 वीं से 12 वीं तक के बच्चों को 1000 रुपये प्रतिमाह की छात्रवृत्ति भी राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी।

    शासकीय अथवा प्राईवेट किसी भी स्कूल में पढ़ाई करने पर ये बच्चे इस छात्रवत्ति के लिये पात्र होंगे। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है ऐसे बच्चे जिनके परिवार में रोजी-रोटी कमाने वाले मुख्य सदस्य की मृत्यु कोरोना से हो गई है, तो उन बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि यदि ये बच्चे राज्य में प्रारंभ किए गए स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में प्रवेश हेतु आवेदन देते हैं तो उन्हें प्राथमिकता से प्रवेश दिया जायेगा और उनसे किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जायेगी। कोरोना महामारी ने न जाने कितने घरों में अंधेरा कर दिया है और न जाने कितने बच्चों के सिर से उनके मा-बाप का सहारा छीन लिया है। मुख्यमंत्री नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जरूरतमंदों को हर तरह का सहारा मुहैया कराया जा रहा है। यह संवदेनशील पहल इन बेसहारा बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण में काफी सहायक होगी।

    ➡️ कोरोना से माता-पिता खो देने वाले बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी छत्तीसगढ़ सरकार, साथ में देगी छात्रवृृृत्ति भी

    ➡️ छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना कोविड से अनाथ हुए बच्चों को देगी संरक्षण

    ➡️ ऐसे बच्चे जिनके परिवार में कमाने वाले सदस्य की मृत्यु हो गई है, उनकी पढ़ाई का जिम्मा भी उठाएगी राज्य सरकार

    ➡️ स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में प्रवेश में मिलेगी ऐसे बच्चों को प्राथमिकता ; नही ली जाएगी उनसे कोई फीस

    ➡️संवेदनशील पहल से बेसहारा बच्चों का संवरेगा बेहतर भविष्य

  • 5 अप्रैल के बाद पहली बार पॉजिटिविटी दर 20 प्रतिशत से नीचे पहुंची

    5 अप्रैल के बाद पहली बार पॉजिटिविटी दर 20 प्रतिशत से नीचे पहुंची

    May be an image of text that says "11.05.2021 मास्क ठीक ढंगसेपहनें पहनें हाथों को नियमित रुप रुपसेधोएं धोएं #CGFightsCorona द्त्तीसगढ़ जीतेगा 12,440 लोगों ने कोरोना को दी शिकस्त आपस 6 फीट की दूरी बनाएं तथ्य फैलाएं डरनहीं"

    प्रदेश की पॉजिटिविटी दर पिछले छह दिनों से लगातार घट रही है। प्रदेश में पॉजिटिविटी दर 19% रही है। प्रदेश भर में हुए 48 हजार 732 सैंपलों की जांच में से 9120 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। प्रदेश में विगत 5 अप्रैल के बाद पहली बार पॉजिटिविटी दर 20 प्रतिशत से नीचे पहुंची है। पिछली बार 5 अप्रैल को यह दर 18 प्रतिशत थी। प्रदेश की पॉजिटिविटी दर में पिछले छह दिनों से लगातार गिरावट देखी गई है। विगत 4 मई को यह दर 28 प्रतिशत, 5 मई को 25 प्रतिशत, 6 मई को 23 प्रतिशत, 7 मई को 22 प्रतिशत, 8 मई को 20 प्रतिशत और 9 मई को 19 प्रतिशत रही है।

    पिछले एक सप्ताह में रायपुर जिले की पॉजिटिविटी दर में भी अच्छी गिरावट देखी गई है। विगत 2 मई को रायपुर जिले की पॉजिटिव दर 31 प्रतिशत थी जो घटते-घटते अब 15% पर आ गई है। पिछले एक सप्ताह के दौरान रायपुर में 3 मई और 4 मई को 25-25 प्रतिशत, 5 मई को 21 प्रतिशत, 6 मई को 18 प्रतिशत, 7 मई और 8 मई को 16-16 प्रतिशत और 9 मई को 15 प्रतिशत रही है।

  • बहतराई के मुक्तिधाम में प्रतिदिन….”स्वच्छ बहतराई अभियान”

    कोरोना वायरस महामारी के इस नाजुक दौर में जहां एक ओर लोग किसी भी शमशान स्थल के आसपास भी जाने से कतराने लगे हैं ऐसे में बहतराई के युवाओं की छोटी सी टीम “स्वच्छ भारत अभियान” से प्रेरित होकर करीब सालभर से अपने गांव में “स्वच्छ बहतराई अभियान” चला रहे हैं और बहतराई के मुक्तिधाम में प्रतिदिन सुबह दो से तीन घंटे स्वच्छता अभियान कर रहे हैं ताकि अंतिम संस्कार के लिए आने वाले गांव तथा आसपास के लोगों को मुक्तिधाम में बेहतर और साफ सुथरा माहौल मिल सके।

    ज्ञात हो कि शहर से लगे हुए पूर्व ग्राम पंचायत बहतराई जो कि अब नगर निगम वार्ड क्र.49, बी आर यादव नगर के नाम से जाना जाता है यहां के मुक्तिधाम में अभी तक कोई विशेष सौंदर्यीकरण या डेवलपमेंट कार्य नहीं कराया गया है पूरी तरह से बंजर भूमि और गंदगी से युक्त इस मुक्तिधाम में बैठना तो दूर, खडे़ होने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है बाउंड्रीवॉल पूरी तरह गिर चुका है मुक्तिधाम से लगे हुए मोहल्ले में नाली का निर्माण नहीं होने से पूरे मोहल्ले का गंदा पानी मुक्तिधाम के अंदर जाने से इस सार्वजनिक स्थान की दुर्गती बढ़ता ही जा रहा है!

    2020 में कोरोना वायरस के आगमन और लाॅकडाउन के समय से शासन के गाइडलाइन का पालन करते हुए शुरू किए गए इस अभियान में समिति के सदस्यों ने बताया कि समिति द्वारा आगे भी मुक्तिधाम की साफ-सफाई और देखरेख करते रहेंगे। साथ ही सदस्यों ने यह भी बताया कि गांव के मुक्तिधाम के सौंदर्यीकरण और डेवलपमेंट के लिए प्रशासन द्वारा विशेष सहयोग नहीं मिलने की स्थिति में जनभागीदारी द्वारा मुक्तिधाम में विकास कार्य कराया जाएगा। मुक्तिधाम के स्वच्छता अभियान में शामिल सदस्यों में भूपेंद्र साहू, राजू गंधर्व, शंकर लाल गंधर्व, अमित यादव, ईश्वर दुबे, अनूप तिवारी आदि सभी के द्वारा निस्वार्थ भाव से स्वच्छ मुक्तिधाम अभियान में विशेष योगदान हैं।

  • डॉ. शिव डहरिया ने बढाया कदम, दान किए अपने एक माह के वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में!

    डॉ. शिव डहरिया ने बढाया कदम, दान किए अपने एक माह के वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में!

    May be an image of text

    छत्तीसगढ़ सरकार के नगरीय प्रशासन श्रम मंत्री आदरणीय डॉ शिवकुमार डहरिया ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया फेसबुक और ट्वीटर के ज़रिए अपने एक माह के वेतन दान की जानकारी दी हैं। बताया जा रहा हैं कि यह दान कैबिनेट मिनिस्टर डॉ. डहरिया ने कोरोना महामरी की रोकथाम हेतु मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा की हैं। उन्होंने तकरीबन 1,30,000 रूपये राशी खाते में जमा करवाया हैं जो एक बड़ी राशी हैं। उनके इस कदम को राज्य के कई अधिकारीयों और मंत्रियो ने सराहा हैं और आभार व्यक्त किया हैं। नगरीय प्रशासन श्रम मंत्री आदरणीय डॉ शिवकुमार डहरिया अविराम शहरों और गाँवों में कार्यो की रुपरेखा पर कार्य कर रहे हैं।

    हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार के नगरीय प्रशासन श्रम मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने अपनी राज्य की जनताओ से सेहत का ख्याल रखने अनुरोध करते हुए लिखा…

    मुझे आशा है आप सजग और सपरिवार स्वस्थ होंगे। कृपया अपना ध्यान रखियेगा और कोविड सम्बन्धी सभी नियमों का पालन कीजियेगा। इस जंग में आपका यह योगदान सर्वदा सराहनीय रहेगा। मैं आप जैसे व्यक्तित्व के स्वस्थ जीवन की कामना करता हूँ; डॉ. शिवकुमार डहरिया

  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए ड्राइव इन वैक्सिनशन की सुविधा दुर्ग जिले में आरम्भ

    वरिष्ठ नागरिकों के लिए ड्राइव इन वैक्सिनशन की सुविधा दुर्ग जिले में आरम्भ

    May be an image of car

    वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए ड्राइव इन वैक्सिनशन सुविधा दुर्ग में आरम्भ हो गई। बुजुर्ग नागरिक अपनी कार में बैठे बैठे वैक्सीन लगवा रहे हैं। आधे घंटे कार में ही वैक्सीन लगने के बाद उन्हें रेस्ट करना होता है। यहां पर मेडिकल टीम मौजूद रहती है। आधे घंटे के ऑब्जरवेशन के बाद सब कुछ सामान्य रहने पर घर जाने की अनुमति दे दी जाती है। इस सुविधा से वरिष्ठ नागरिकों को काफी सुकून पहुँचा है। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही रेस्ट होने की वजह से यह मुहिम बुजुर्गों के लिए खासी उपयोगी हो रही है।

    सुविधा आरंभ होने के पहले दिन विधायक श्री देवेंद्र यादव एवं कलेक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे भी मौजूद थे। विधायक एवं कलेक्टर ने वरिष्ठ नागरिकों से फीडबैक भी लिया वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि यह सुविधा बहुत अच्छी लगी, प्रशासन का यह नवाचार बहुत अच्छा लगा क्योंकि गर्मी बहुत अधिक है इसलिए वैक्सीनेशन सेंटर में देर तक रुकना कठिन था। इसके साथ ही गाड़ी में ही बैठे बैठे यह सुविधा उपलब्ध होने से हमारी बड़ी चिंता दूर हुई। सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर भी हम बहुत चिंतित थे लेकिन क्योंकि गाड़ी में ही बहुत थोड़े समय में वैक्सीनेशन हो गया, इसलिए हमारी चिंता पूरी तरह से दूर हो गई है।

  • बिलासपुर नगर निगम लॉकडाउन में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचा रहा निःशुल्क राशन पैकेट।

    बिलासपुर नगर निगम लॉकडाउन में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचा रहा निःशुल्क राशन पैकेट।

    May be an image of 1 person, standing and indoor

    बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के ऐसे दिहाड़ी मजदूर और ऐसे गरीब असहाय परिवार जो लॉकडाउन के कारण दैनिक मजदूरी नहीं मिलने से अपने लिए भोजन सामग्री जुटा पाने में असमर्थ हैं। ऐसे जरूरतमंद लोगों के लिए नगर-निगम द्वारा निःशुल्क राशन पैकेट वितरित किये जा रहे हैं। शहर के सभी आठ जोन में 466 जरूरतमंद परिवारों ने राशन की मांग की है जिन्हें नगर-निगम की टीम उनके घरों में पहुंच कर राशन के पैकेट प्रदान की।

    बिलापुर नगर-निगम के महापौर श्री रामशरण यादव और कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने नेतृत्व में निगम के सभी वार्डो में जरूरतमंदों तक राशन की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। लोगों द्वारा निगम द्वारा बताए गए फोन नंबर पर नाम, पता नोट कराने पर घरों में राशन पहुंचाया जा रहा है। इसके लिये नगर निगम कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। नगर निगम आयुक्त श्री अजय त्रिपाठी ने प्रत्येक जोन के लिये प्रभारियों का फोन नंबर जारी किया है, जिनसे सम्पर्क कर राशन की जरूरत से अवगत कराया जा सकता है।

    बिलापुर नगर निगम में सूखा राशन पैकेट के लिए इन नंबरों पर संपर्क कर राशन प्राप्त किया जा सकता है-

    जोन क्रं. 1 सकरी के वार्ड क्रं. 1 से 4 तथा 13 से 14 तक के लिए मो. 8602736509,

    जोन क्रं. 2 तिफरा के वार्ड क्रं. 5 से 12 के लिए मो. 9981997734,

    जोन क्रं. 3 टाउनहाल के वार्ड क्रं.15 से 25 तक के लिए मो.8602736089,

    जोन क्रं 4 व्यापार विहार के वार्ड क्रं 23 से 29 तक के लिए मो.8602735849,

    जोन क्रं 5 के वार्ड क्रं 30 से 37 तक के लिए मो.8602652694,

    जोन क्रं 6 के वार्ड क्रं 38 से 46 और 69,70 के लिए मो.8602736159,

    जोन क्रं 7 के वार्ड क्रं 47 से 58 तक के लिए मो. 7024108219 तथा

    जोन क्रं 8 के वार्ड क्रं 59 से 68 तक के लिए मो.8602652194 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिला मुख्यालय बलौदाबाजार में 500 बिस्तर वाले कोविड केयर हॉस्पिटल का किया वर्चुअल शुभारंभ

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिला मुख्यालय बलौदाबाजार में 500 बिस्तर वाले कोविड केयर हॉस्पिटल का किया वर्चुअल शुभारंभ

    यह अस्पताल 120 ऑक्सीजन बेड से सुसज्जित है। मुख्यमंत्री ने इस अस्पताल का निर्माण रिकार्ड 20 दिनों में करने पर जिले वासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिले में कोरोना से संक्रमित मरीजों को इससे बड़ी राहत मिलेगी। श्री बघेल ने इस अवसर पर आमजनता से कोरोना की गाइडलाईन का कड़ाई से पालन करने की अपील के।

    कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने बताया कि यह राज्य का पहला ऐसा हॉस्पिटल है जिसमें धान मंडी को हॉस्पिटल में बदला गया हैं। इस चुनौती भरें काम को महज 20 दिनों में पूरा किया गया है। 500 बिस्तर हॉस्पिटल में 120 ऑक्सीजन बिस्तर से सुसज्जित है। 120 बिस्तर में 33 बिस्तर एचडीयू के, 36 आईसीयू, 51 ऑक्सीजन बिस्तर युक्त हैं। जो पूरी तरह वातानुकूलित हैं। साथ ही 380 बिस्तर जनरल के बनाये गये है। आवश्यकता पड़ने पर इसका और विस्तार किया जा सकता है। हॉस्पिटल में सारी सुविधाओं का विशेष ख्याल रखा गया है। जिससे मरीज को घर जैसा अनुभव होगा। यह जिले का एक आधुनिकतम हॉस्पिटल है। जो कोरोना से संक्रमित मरीजों को बड़ी राहत पहुँचाएगा। इसका संचालन स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जाएगा। इस मंडी गोदाम को हॉस्पिटल में जनप्रतिनिधियों, उद्योगों, जिला खनिज न्यास फंड, जन सहयोग एवं जिला प्रशासन के सहयोग से परिवर्तित किया गया है। यहां 13 डॉक्टरों की टीम तैनात हैं।