BSNL ने ऑनलाइन ठगी पर जारी की चेतावनी उपभोक्ताओं को दी चेतावनी
बीएसएनएल ने पिछले पंद्रह दिनों में सैकड़ों ऑनलाइन ठगी की शिकायतों के बाद एक एडवाइजरी जारी की है। उपभोक्ताओं ने कंपनी के नाम से फर्जी संदेश प्राप्त करने की सूचना दी है, जिसमें आधार अपडेट और सिम ब्लॉक करने जैसी चेतावनियाँ दी जा रही हैं। ठगों द्वारा व्हाट्सएप और टैक्स मैसेज के माध्यम से फर्जी शुल्क वसूले जा रहे हैं।
बीएसएनएल ने स्पष्ट किया है कि वे केवाईसी अपडेट के लिए कभी भी संदेश नहीं भेजते हैं और उपभोक्ताओं से किसी भी लिंक पर क्लिक करने, मोबाइल नंबर पर कॉल करने, या किसी ऐप को इंस्टॉल करने के खिलाफ चेतावनी दी है। कंपनी ने उपभोक्ताओं को भारत सरकार द्वारा जारी चक्षु पोर्टल और साइबर सेल के नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है।
महाप्रबंधक पंकज उपाध्याय ने बताया कि बीएसएनएल उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए यह कदम उठा रहा है और साइबर सेल के साथ समन्वय बनाए रखने का आश्वासन दिया है। पुलिस और साइबर सेल के साथ संपर्क में रहते हुए ठगी के मामलों की जांच की जा रही है।
तंबाकू के सेवन से दांतों और मुंह पर हो गंभीर असर विशेषज्ञों की चेतावनी
तंबाकू और सुपारी का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार तंबाकू का सेवन दांतों की परत को कमजोर करता है, जिससे दांतों में गर्म-ठंडा का एहसास होता है। इसके अतिरिक्त, मुख कैंसर का खतरा बढ़ जाता है और गाल की मांसपेशियां कठोर हो जाती हैं, जिससे मुंह खुलने में परेशानी होती है।
इस स्थिति को फाइब्रोसिस कहा जाता है, जो कैंसर की शुरुआत हो सकता है। विशेषज्ञों ने तंबाकू, सुपारी, और गुटका का सेवन तुरंत बंद करने की सलाह दी है।
इसके अलावा, फास्ट फूड और मीठे खाद्य पदार्थों से परहेज करने, दांतों की नियमित सफाई करने, और सही ब्रशिंग तकनीक अपनाने की सलाह दी गई है। गलत ब्रशिंग के कारण मसूड़ों में घाव हो सकते हैं, जिससे सूजन और दर्द बढ़ सकता है। दंत चिकित्सक से उचित सफाई विधि सीखकर दांतों को स्वस्थ रखना जरूरी है, अन्यथा पायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
रतलाम में 10 वर्षीय मूक-बधिर बच्ची से दुष्कर्म पुलिस ने की जांच में तेजी
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा में एक मूक-बधिर 10 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की वारदात सामने आई है। बच्ची की माता-पिता ने उसे रात में झोपड़ी से गायब पाया और बाद में उसे खोजकर कुछ दूर पाया। बच्ची ने इशारों के माध्यम से अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छह टीमें गठित की हैं और आरोपित की तलाश जारी है। सीसीटीवी फुटेज की जांच के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं और जल्द ही आरोपित की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
घटना के बाद रतलाम मेडिकल कॉलेज में बच्ची का इलाज चल रहा है। एसपी राहुल लोढ़ा और एएसपी राजेश खाखा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की और जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया है। एएसपी खाखा ने बताया कि पुलिस सभी संभावित सुरागों पर काम कर रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद है।
सुप्रीम कोर्ट ने नकली होलोग्राम मामले में एफआईआर पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर के कासना पुलिस थाने में दर्ज नकली होलोग्राम मामले की एफआईआर पर रोक लगा दी है, जिससे जांच प्रक्रिया भी रुक गई है और गिरफ्तार अभियुक्तों की जमानत की संभावनाएं बढ़ गई हैं। यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले की जांच से जुड़ा है।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस आगस्टिन जार्ज मसीह की बेंच ने विधु गुप्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया, जिससे हाईकोर्ट इलाहाबाद के फैसले को चुनौती मिली। इस आदेश के बाद, मेरठ कोर्ट ने रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा को सशर्त छत्तीसगढ़ वापस भेजने की अनुमति भी दी है। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश नकली होलोग्राम मामले में महत्वपूर्ण मोड़ ला सकता है।
नई दिल्ली कोचिंग सेंटर हादसे के बाद छत्तीसगढ़ सरकार की कड़ी कार्रवाई
हाल ही में एक कोचिंग सेंटर में हुए दुखद हादसे के बाद, राज्य सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राजधानी के सभी शैक्षणिक और व्यावसायिक संस्थानों का सुरक्षा ऑडिट करने का निर्देश जारी किया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कोचिंग सेंटर, स्कूल, हॉस्टल, अस्पताल, शॉपिंग मॉल और शैक्षणिक संस्थानों में अग्निशमन प्रणाली, फायर अलार्म, बिल्डिंग सेफ्टी, सीसीटीवी निगरानी, और सुरक्षा स्टाफ जैसे प्रमुख मानकों की जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी।
इस ऑडिट की अवधि एक महीने के भीतर तय की गई है, जिसके बाद संबंधित निकायों के कमिश्नरों को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। यह कदम उन संस्थानों की सुरक्षा में सुधार लाने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिनमें हजारों छात्र और लोग रोजाना आते-जाते हैं।
मुख्य ऑडिट बिंदु:
अग्निशमन प्रणाली की जांच: सभी संस्थानों में फायर अलार्म और फायर हाइड्रेंट सिस्टम की जांच की जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनका सही ढंग से उपयोग किया जा सके।
भवन की संरचनात्मक सुरक्षा: भवन के संरचनात्मक सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया जाएगा, जिसमें लिफ्ट और सीढ़ियों की सुरक्षा, बिजली उपकरणों की जांच और भवन अनुज्ञा की वैधता की पुष्टि शामिल होगी।
आपातकालीन निकासी योजना: संस्थानों में आपातकालीन निकासी योजना और नियमित फायर ड्रिल्स को सुनिश्चित किया जाएगा ताकि आपात स्थितियों में प्रभावी ढंग से निकासी हो सके।
सीसीटीवी निगरानी: सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और उनकी नियमित निगरानी की जाएगी ताकि सुरक्षा में कोई कमी न रहे।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट: सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
विशेष दिशा-निर्देश:
सभी बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग के लिए किया जाएगा। लाइब्रेरी, कक्षाएं, कार्यालय या अन्य गतिविधियों के लिए बेसमेंट का उपयोग वर्जित होगा। साथ ही जल निकासी की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। कोचिंग सेंटरों की जांच राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC) के आधार पर की जाएगी।
यह निर्देश उस हादसे के बाद आया है जिसमें नई दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में जलभराव के कारण तीन छात्रों की मौत हो गई थी, और 12 अन्य को मुश्किल से बचाया जा सका था। इससे पहले भी एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना में कई छात्र घायल हो गए थे। इन घटनाओं के बाद सरकार ने सुरक्षा मानकों को कड़ा करने का निर्णय लिया है।
समिति गठन: सुरक्षा जांच के लिए नगर निगम से लेकर नगर पंचायतों तक समितियों का गठन किया जाएगा। इन समितियों में वरिष्ठ अभियंता, राजस्व विभाग के प्रतिनिधि और मुख्य नगर पालिका अधिकारी शामिल होंगे। ये समितियां नियमित रूप से संस्थानों की निगरानी करेंगी और सुरक्षा में किसी भी कमी को तुरंत सुधारने के लिए कदम उठाएंगी।
नई दिल्ली में हालिया हादसों ने सरकार को सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर मजबूर किया है। इस ऑडिट के माध्यम से, सरकार सुनिश्चित करना चाहती है कि सभी संस्थानों में सुरक्षा के मानकों का पालन किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सल प्रभावित कोंटा क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर, अंदरूनी गांवों के 11 नक्सलियों ने संगठन छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है। इनमें से पांच महिलाएं हैं और सभी जनजातीय समुदाय से संबंधित हैं। उन्होंने सरकार की पुनर्वास नीति और नीयद नेल्ला नार योजना के तहत गांव में हो रहे विकास कार्यों से प्रेरित होकर यह कदम उठाया है।
सुकमा जिले के अंदरूनी इलाकों में नक्सली अक्सर आदिवासियों पर बंदूक के बल पर दबाव डालकर उन्हें संगठन में भर्ती करते थे। लेकिन सुरक्षा बलों के बढ़ते प्रभाव और गांवों में चल रहे विकास कार्यों से जनजातीय समुदाय के लोगों में मुख्यधारा से जुड़ने का साहस बढ़ा है।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में एक लाख की इनामी नक्सली गोलापल्ली एलओएस सदस्य सोड़ी भीमे, रासातोंग पंचायत डीएकेएमएस सदस्य पोड़ियाम हुंगा, अरलमपल्ली पंचायत स्कूल कमेटी अध्यक्ष दूधी हांदा, और अन्य शामिल हैं। ये सभी नक्सली अब विकास के मार्ग को चुनकर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुके हैं। उन्हें ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन व पुनर्वास नीति’ के तहत सहायता राशि और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।
पुलिस के अनुसार, इस वर्ष जिले में अब तक 200 से अधिक नक्सलियों ने समर्पण किया है। अंदरूनी क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के नए कैंपों की स्थापना और लगातार चल रहे अभियानों के कारण नक्सली बैकफुट पर हैं। नीयद नेल्ला नार योजना और सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम से ग्रामीणों का भरोसा सुरक्षा बलों पर बढ़ा है, जिससे और अधिक नक्सली मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
बिजी लाइफस्टाइल में वेट लॉस के आसान तरीके: लहसुन से पाएं स्लिम फिगर
भागदौड़ भरी जिंदगी में, जहां लोग वेट लॉस करना चाहते हैं लेकिन बिजी लाइफस्टाइल के कारण एक्सरसाइज के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं, उनके लिए लहसुन एक बेहतरीन उपाय हो सकता है। बदलती लाइफस्टाइल और ऑफिस में लंबे समय तक बैठे रहने के कारण मोटापे जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।
ऐसे में, यदि आप एक्सरसाइज नहीं कर पा रहे हैं, तो लहसुन को अपनी डाइट में शामिल करके वेट लॉस की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं। लहसुन को विभिन्न तरीकों से अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है, जिससे न सिर्फ आपके भोजन का स्वाद बढ़ेगा, बल्कि यह आपकी सेहत के लिए भी फायदेमंद होगा।
गार्लिक एवोकाडो टोस्ट: पके हुए एवोकाडो को होल ग्रेन टोस्ट पर मैश करें और उस पर कद्दूकस किया कच्चा लहसुन डालें। यह टेस्टी नाश्ता वेट लॉस में मददगार हो सकता है।
गार्लिक ग्रीन टी: पिसी हुई लहसुन की कलियों को गर्म पानी में डालकर इसमें ग्रीन टी मिलाएं। इसका सेवन मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और वेट लॉस में सहायक होता है।
लेमन गार्लिक वाटर: दिन की शुरुआत एक गिलास नींबू पानी और लहसुन के साथ करें। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है और वेट लॉस की प्रक्रिया को गति देता है।
गार्लिक योगर्ट डिप: दही में अदरक और लहसुन मिलाकर एक स्वादिष्ट डिप तैयार करें। यह वेट लॉस के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
गार्लिक स्मूदी: बैरीज, केले, पालक और कच्चे लहसुन को मिलाकर एक पोषक तत्वों से भरपूर स्मूदी तैयार करें। यह आपके दिन की बेहतरीन शुरुआत हो सकती है और वेट लॉस में सहायक हो सकती है।`
इन सभी उपायों के जरिए, बिना एक्सरसाइज के भी आप अपने वजन को नियंत्रित कर सकते हैं और अपनी सेहत को बेहतर बना सकते हैं।
छिंदवाड़ा में सेल्फी के चक्कर में 16 वर्षीय किशोर की हाईवोल्टेज तारों से मौत
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक दुखद हादसा हुआ, जहां 16 वर्षीय किशोर सुमित यादव की जान हाईवोल्टेज तारों की चपेट में आकर चली गई। घटना तब हुई जब सुमित अपने दोस्तों के साथ शुक्रवार को बाहर गया था। मौज-मस्ती के दौरान, सुमित ने रेलवे पटरी के पास खड़े चार डिब्बों पर चढ़कर सेल्फी लेने की कोशिश की। दुर्भाग्यवश, वह ऊपर से गुजर रहे हाईवोल्टेज तारों के संपर्क में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
स्थानीय लोगों की सूचना पर कुंडीपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और सुमित के दोस्तों से पूछताछ कर रही है।
छिंदवाड़ा जिले में इस तरह के हादसे पहले भी हो चुके हैं, जहां सेल्फी और रील्स बनाने के चक्कर में कई युवाओं ने अपनी जान गंवाई है। पुलिस और प्रशासन ने युवाओं से इस तरह की खतरनाक गतिविधियों से बचने की अपील की है।
यह खबर अपडेट हो रही है, और अधिक जानकारी मिलने पर उसे जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री की फर्जी फेसबुक आईडी बनाने वाला आरोपी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर गलत इस्तेमाल करने वाले आरोपी साहूकार खान को राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार कर लिया गया है। रायपुर के सिविल लाइन थाना पुलिस ने आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी साहूकार खान (40) अलवर, राजस्थान का निवासी है और वह बड़े चेहरों की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर उसका दुरुपयोग करता था। पुलिस ने आरोपी के पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है, जिससे वह इस अपराध को अंजाम दे रहा था।
तकनीकी विश्लेषण और गहन जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को ट्रेस कर गिरफ्तार किया। अब पुलिस अन्य संभावित मामलों की भी जांच कर रही है। यह मामला तब सामने आया जब 1 अगस्त को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम से एक फर्जी फेसबुक अकाउंट से लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट और मैसेज भेजे गए थे।
मानसून में बीमारियों से बचाव: जानें स्वस्थ रहने के कारगर तरीके
बारिश के मौसम में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। इस मौसम में सर्दी, खांसी और वायरल बुखार का खतरा सामान्य से ज्यादा बढ़ जाता है। हाल ही में स्वाइन फ्लू के मामलों में भी वृद्धि देखने को मिली है। आंबेडकर अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रमुख, डॉ. आरके पंडा ने बताया कि मौसमी सर्दी और खांसी को हल्के में लेना सही नहीं है। डॉक्टर की सलाह लेकर ही दवा का सेवन करना चाहिए।
स्वस्थ रहने के उपाय:
गर्म पानी का सेवन:
सुबह खाली पेट: गर्म पानी पीने से फैट बर्न करने में मदद मिलती है और मेटाबोलिज्म बेहतर होता है।
रात को सोने से पहले: रात को गर्म पानी पीने से पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे ओवरईटिंग से बचा जा सकता है। यह मांसपेशियों में होने वाली जकड़न को भी राहत देता है और नींद को बेहतर बनाता है।
पेट साफ करने में: गर्म पानी पीने से कब्ज की समस्या भी दूर रहती है, जिससे पेट साफ रहता है।
सावधानियां:
बाहर निकलते समय मास्क लगाएं: बारिश के मौसम में हवा में फैले वायरस से बचाव के लिए मास्क का उपयोग करें।
गर्म पानी से भाप लें: सर्दी और खांसी की समस्या होने पर गर्म पानी से भाप लेने से राहत मिलती है और सांस लेने में सुविधा होती है।
खुले में बिकने वाले खाने से बचें: खुले में बिकने वाले खाने से संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए ऐसे खाने से परहेज करें।
बाहर का पानी न पीएं: बाहर का पानी पीने से पानीजनित बीमारियों का खतरा हो सकता है। घर से निकलते समय अपने साथ पानी ले जाना एक अच्छा विकल्प है।
डॉक्टर की सलाह:
सर्दी, खांसी और बुखार जैसे लक्षणों को सामान्य मौसमी समस्याएं मानकर मेडिकल स्टोर से दवा लेना उचित नहीं है। इससे कुछ समय के लिए राहत तो मिल सकती है, लेकिन बीमारी पूरी तरह से ठीक नहीं होती। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा का सेवन करने से बचना चाहिए और सही उपचार की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।
इन सावधानियों और स्वस्थ आदतों को अपनाकर आप बारिश के मौसम में अपनी सेहत को बेहतर रख सकते हैं और मौसमी बीमारियों से बच सकते हैं।