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  • सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा परिणाम के बाद 15 अक्टूबर से इंटरव्यू

    सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा परिणाम के बाद 15 अक्टूबर से इंटरव्यू

    सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा परिणाम के बाद 15 अक्टूबर से इंटरव्यू, जानें नई गाइडलाइंस

    छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने जून 2023 में चयनित अभ्यर्थियों के लिए साक्षात्कार की तिथियों की घोषणा कर दी है। साक्षात्कार का आयोजन 15 अक्टूबर से 5 नवंबर तक किया जाएगा। मुख्य परीक्षा के परिणाम हाल ही में जारी किए गए थे, जिसमें 703 अभ्यर्थियों का चयन साक्षात्कार के लिए किया गया है।

    मुख्य परीक्षा के परिणाम और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया

    मुख्य परीक्षा जून 2023 में 242 पदों के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें 3,597 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। अब साक्षात्कार के लिए चयनित अभ्यर्थियों को साक्षात्कार तिथि से एक दिन पहले दस्तावेज सत्यापन कराना अनिवार्य है। जो अभ्यर्थी सत्यापन नहीं कराएंगे, उन्हें साक्षात्कार में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

    साक्षात्कार की नई गाइडलाइंस

    कोरोना संक्रमण के दौरान लागू की गई सुरक्षा गाइडलाइंस को इस बार भी जारी रखा गया है। अभ्यर्थियों को मास्क और सैनिटाइजर के साथ साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस बार साक्षात्कार के अंकों में भी बदलाव किया गया है। अभ्यर्थियों को अब 100 अंक मिलेंगे, जबकि पहले 150 अंक निर्धारित थे। साक्षात्कार दो पाली में आयोजित होगा—सुबह 10 बजे से 1 बजे तक और दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक।

    इस परीक्षा के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर, राज्य वित्त सेवा अधिकारी, खाद्य अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, नायब तहसीलदार, और राज्य कर निरीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए भर्ती की जा रही है।

    अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना

    यह साक्षात्कार सीजीपीएससी की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया में से एक है, जहां 703 अभ्यर्थी 242 पदों के लिए मुकाबला करेंगे। सभी अभ्यर्थियों को समय पर दस्तावेज सत्यापन और अन्य प्रक्रियाओं का पालन करने की सलाह दी जाती है, ताकि साक्षात्कार में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।

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  • छत्तीसगढ़ के मंदिरों में नकली घी पर सख्ती

    नकली घी विवाद: छत्तीसगढ़ के मंदिरों ने शुद्धता के लिए उठाए कदम

    नवरात्रि के शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रमुख मंदिरों ने नकली घी के विवाद के बाद इस साल पूजा में घी के दिए जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। नकली घी की मिलावट के कारण धार्मिक स्थलों की पवित्रता को सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। रायपुर के महामाया मंदिर, दंतेश्वरी मंदिर, और डोंगरगढ़ के बम्लेश्वरी माता मंदिर सहित कई प्रमुख मंदिरों ने यह सुनिश्चित किया है कि इस नवरात्रि में घी का कोई भी उपयोग न हो।

    नकली घी से उत्पन्न चिंताएं

    नकली घी की मिलावट की खबरें हाल के दिनों में देशभर में फैल चुकी हैं, जिससे लोगों में शुद्धता को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं। घी, जो हिंदू धर्म में विशेष रूप से पूजा में इस्तेमाल होता है, अब मिलावट का शिकार हो रहा है। इससे न केवल धार्मिक आस्था को चोट पहुंच रही है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। इस मिलावट के चलते श्रद्धालुओं और मंदिर प्रशासन ने मिलकर कदम उठाए हैं ताकि इस नवरात्रि के दौरान पूजा में किसी प्रकार की शंका या असुविधा न हो।

    प्रसाद में भी हुए बदलाव

    मंदिर प्रशासन ने प्रसाद वितरण में भी विशेष ध्यान दिया है। नकली घी की समस्या को देखते हुए, इस नवरात्रि में घी का उपयोग किए बिना प्रसाद तैयार किया जाएगा। पंचमेवा, मिश्री, नारियल, और फल जैसे शुद्ध सामग्री का ही प्रसाद वितरित किया जाएगा। इससे न केवल प्रसाद की शुद्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था भी बनी रहेगी।

    मंदिरों की अपील

    मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस नवरात्रि के दौरान मंदिरों के नियमों का पालन करें और शुद्धता को प्राथमिकता दें। नकली घी के कारण उठाए गए इन कदमों का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को मिलावट के प्रति जागरूक करना और धार्मिक स्थलों की पवित्रता को बनाए रखना है।

    शुद्धता के प्रति समाज में बढ़ती जागरूकता

    यह नवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि शुद्धता और जागरूकता का संदेश भी लेकर आई है। नकली घी के विवाद ने लोगों को यह सीख दी है कि हमें न केवल मंदिरों में, बल्कि दैनिक जीवन में भी शुद्धता और ईमानदारी को प्राथमिकता देनी चाहिए।

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  • ईरान ने इजराइल के सैन्य ठिकानों पर किया हमला

    एफ-35 विमान

    इजराइल पर ईरान का 100 से ज्यादा मिसाइलें दागने का दावा, एफ-35 विमान हुए निशाने पर

    मंगलवार रात 10 बजे ईरान ने इजराइल पर 100 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर बड़ा हमला किया। यह हमले करीब 30 मिनट तक इजराइल के विभिन्न हिस्सों में किए गए, जिसमें ईरान ने इजराइल के महत्वपूर्ण रक्षा ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरान का कहना है कि उसने इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के हेडक्वार्टर और कुछ सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है। इसके साथ ही, ईरान ने दावा किया कि उसने इजराइल के 20 एफ-35 लड़ाकू विमानों को भी तबाह कर दिया है, हालांकि इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    इजराइल ने अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही किया नष्ट

    इजराइल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ईरान द्वारा दागी गईं अधिकतर मिसाइलों को उनकी एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही मार गिराया। इजराइल ने इस हमले के बावजूद अपनी सैन्य क्षमताओं और सुरक्षा को मजबूत बताया है।

    एफ-35 विमान बने चर्चा का विषय

    इस हमले के बाद इजराइल के एफ-35 लड़ाकू विमान चर्चा में आ गए हैं। एफ-35 विमान अपनी अत्याधुनिक तकनीक, स्टेल्थ क्षमताओं और उच्च युद्धक क्षमता के लिए जाना जाता है। यह विमान अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित है और इजराइल मध्य पूर्व का एकमात्र देश है जिसके पास यह विमान मौजूद हैं। इन विमानों का इस्तेमाल खुफिया जानकारी जुटाने, दुश्मन के क्षेत्र में गहराई तक हमला करने और हवाई मुकाबले में किया जाता है।

    एफ-35 की उन्नत क्षमताएं

    एफ-35 दुनिया का सबसे उन्नत लड़ाकू विमान है, जिसे स्टेल्थ तकनीक से लैस किया गया है। यह विमान रडार से बचने में सक्षम होता है और दुश्मन के क्षेत्र में बिना देखे गहराई तक घुस सकता है। इजराइल ने 2018 में पहली बार इस विमान का युद्ध में उपयोग किया था, जिससे यह विमान और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया।

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  • छत्तीसगढ़ के कन्या आश्रम में फूड प्वाइजनिंग की घटना

    कोरबा जिले के कन्या आश्रम में फूड प्वाइजनिंग से 20 छात्राएं बीमार

    छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम कटोरी में स्थित नगोई कन्या आश्रम की करीब 20 छात्राएं फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गईं। घटना उस समय हुई जब छात्राओं ने छात्रावास में भोजन किया और उसके बाद अचानक उनकी तबियत बिगड़ने लगी। सभी छात्राओं को उल्टी और दस्त की शिकायत होने पर तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से काठगोधा के उप स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

    प्रशासनिक अधिकारियों ने किया घटनास्थल का दौरा

    घटना की जानकारी मिलते ही कटघोरा एसडीओपी मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं और संबंधित स्टाफ से बात कर घटनाक्रम की जानकारी प्राप्त की। प्रशासन द्वारा घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं।

    भोजन की गुणवत्ता पर उठे सवाल

    प्रारंभिक जांच के अनुसार, रात्रि भोजन के बाद छात्राओं की तबियत बिगड़ने लगी। स्वास्थ्य विभाग ने भोजन के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं ताकि पता लगाया जा सके कि भोजन में कोई विषाक्त पदार्थ था या नहीं। इस घटना ने कन्या छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

    अभिभावकों की चिंता और कार्रवाई की मांग

    कई अभिभावकों ने इस घटना के बाद प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

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  • पीएम मोदी ने की रजनीकांत की तबीयत की पूछताछ

    रजनीकांत की हार्ट सर्जरी, पीएम मोदी ने लिया हालचाल

    दक्षिण भारतीय सिनेमा के मेगास्टार रजनीकांत को हाल ही में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिससे उनके फैंस में चिंता बढ़ गई है। मंगलवार को रजनीकांत की एक एलेक्टिव हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक हुई। उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन किया और उनकी पत्नी लता रजनीकांत से बातचीत की।

    तमिलनाडु बीजेपी नेता के. अन्नामलाई ने इस जानकारी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने रजनीकांत जी की सेहत को लेकर श्रीमती लता रजनीकांत से बात की। प्रधानमंत्री को सर्जरी के बाद रजनीकांत के स्वास्थ्य की जानकारी दी गई और उन्होंने जल्दी स्वस्थ होने की शुभकामनाएँ दी।”

    सर्जरी सफल, जल्द ही मिल सकती है छुट्टी

    अस्पताल ने मंगलवार की शाम को एक हेल्थ बुलेटिन जारी किया, जिसमें बताया गया कि रजनीकांत का हार्ट से संबंधित सफल ऑपरेशन हुआ है। अस्पताल के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उन्हें गुरुवार तक अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। रजनीकांत को 30 सितंबर 2024 को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी दिल की मुख्य रक्त वाहिका (एओर्टा) में सूजन थी, जिसका सफलतापूर्वक इलाज नॉन सर्जिकल ट्रांसकैथेटर विधि से किया गया। वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. साई सतीश ने एओर्टा में स्टेंट लगाकर सूजन को कम किया है।

    स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी

    तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यम ने कहा कि रजनीकांत को सोमवार रात अस्पताल में भर्ती किया गया था और वह लगातार अस्पताल के अधिकारियों के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, “रजनीकांत ठीक हो रहे हैं और जल्द ही उन्हें छुट्टी दी जाएगी।”

    नई फिल्म की तैयारी में रजनीकांत

    सुपरस्टार रजनीकांत जल्द ही बॉलीवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन और मलयालम स्टार मंजू वारियर के साथ फिल्म ‘वेट्टैयान’ में नजर आएंगे। यह फिल्म 10 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है और टी.जे. ज्ञानवेल द्वारा निर्देशित की गई है। यह फिल्म तमिल फिल्म उद्योग में अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म होगी, जिसमें फहद फासिल, राणा दग्गुबाती, रितिका सिंह, तुषारा विजयन और अभिरामी भी शामिल हैं।

    रजनीकांत के फैंस उनके जल्दी ठीक होने की दुआ कर रहे हैं, और वे उनकी नई फिल्म का भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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  • मद्रास हाई कोर्ट ने सद्गुरु जग्गी वासुदेव पर गंभीर आरोप लगाए

    सद्गुरु का दोहरा रवैया

    जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और वी शिवगनम की पीठ ने ईशा फाउंडेशन के संस्थापक से सवाल करते हुए कहा कि सद्गुरु ने अपनी बेटियों की शादी कर दी है, लेकिन दूसरी युवतियों को संन्यास लेने की सलाह क्यों दे रहे हैं। जस्टिस शिवगनम ने यह भी कहा, “हम जानना चाहते हैं कि एक व्यक्ति जिसने अपनी बेटी को जीवन में अच्छी तरह से सेटल कर दिया, वह दूसरों की बेटियों को सिर मुंडवाने और एकांतवासी का जीवन जीने के लिए क्यों प्रोत्साहित कर रहा है?”

    आरोपों का मामला

    इससे पहले, एक रिटायर्ड प्रोफेसर ने सद्गुरु जग्गी वासुदेव पर आरोप लगाया था कि उन्होंने उनकी दो बेटियों का ब्रेनवॉश किया था और उन्हें जबरदस्ती ईशा योग केंद्र में कैद कर रखा गया था। इस आरोप पर ईशा योग केंद्र ने स्पष्ट किया है कि वहां सभी लोग अपनी इच्छा से रहते हैं और किसी भी प्रकार की जबरदस्ती नहीं की जाती है।

    सद्गुरु की पहचान

    सद्गुरु, जिनका असली नाम जग्गी वासुदेव है, भारतीय धार्मिक और आध्यात्मिक हस्तियों में से एक हैं। उनके इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर 25 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। वे तमिलनाडु के कोयंबटूर में ईशा फाउंडेशन चलाते हैं, और उनके बेंगलुरु और दिल्ली में भी केंद्र हैं।

    सामाजिक चर्चा का विषय

    कोर्ट के इस आदेश के बाद, ईशा फाउंडेशन की गतिविधियों और सद्गुरु के खिलाफ आरोपों की जांच पर देश भर में चर्चा होने की संभावना है। यह मामला न केवल आध्यात्मिक क्षेत्र में बल्कि समाज में भी महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है।

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  • हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले राम रहीम को पैरोल, कांग्रेस का विरोध

    चुनाव से पहले राम रहीम को मिली पैरोल

    डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले पैरोल मिल गई है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है। चुनाव आयोग ने 30 सितंबर 2024 को राम रहीम की पैरोल को मंजूरी दी थी, लेकिन इसे तीन शर्तों के साथ लागू किया गया है। पहली शर्त यह है कि जेल से बाहर आने के बाद राम रहीम हरियाणा में नहीं रह सकते। दूसरी शर्त के अनुसार, वह किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि में शामिल नहीं हो सकते, और तीसरी शर्त के तहत वह सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार नहीं कर सकते।

    कांग्रेस ने उठाई चिंता

    राम रहीम की पैरोल का विरोध करते हुए कांग्रेस ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखा है। कांग्रेस का कहना है कि राम रहीम की जेल से रिहाई चुनाव को प्रभावित कर सकती है, इसलिए उन्हें आचार संहिता के दौरान पैरोल न दी जाए। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि राम रहीम के प्रभाव से हरियाणा की 36 विधानसभा सीटों पर चुनाव के परिणाम बदल सकते हैं।

    पैरोल का इतिहास

    राम रहीम पहले भी कई बार पैरोल पर बाहर आ चुके हैं। 2017 में सजा मिलने के बाद से वह 10 बार पैरोल या फरलो पर रिहा हो चुके हैं। इसी साल जनवरी में वह 50 दिनों की पैरोल पर रिहा हुए थे, और अगस्त में उन्हें 21 दिनों की फरलो पर छोड़ा गया था। इससे पहले, नवंबर 2023 में भी राजस्थान विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राम रहीम को 21 दिनों की फरलो दी गई थी।

    पैरोल के लिए आवेदन

    इस बार राम रहीम ने 5 अक्टूबर को अपने पिता की पुण्यतिथि के लिए पैरोल का आवेदन किया था। इस पर चुनाव आयोग ने उन्हें तीन शर्तों के साथ पैरोल दी। हालांकि, कांग्रेस का आरोप है कि यह पैरोल सीधे तौर पर चुनाव से जुड़ी हुई है और इसका असर चुनाव परिणामों पर पड़ सकता है।

    हरियाणा में विधानसभा चुनाव 5 अक्टूबर को होंगे, और इसके नतीजे 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।

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  • 2 अक्टूबर: गांधी जी की जयंती पर देशभर में विशेष आयोजन

    महात्मा गांधी का योगदान

    महात्मा गांधी, जिन्हें बापू के नाम से भी जाना जाता है, भारत की आजादी के लिए संघर्ष में एक अहम भूमिका निभाने वाले नेता थे। उनकी जयंती हर साल 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के रूप में मनाई जाती है। गांधी जी ने अहिंसा और सत्याग्रह के सिद्धांतों को अपनाते हुए देश को स्वतंत्रता दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी विचारधारा न केवल भारत में, बल्कि पूरे विश्व में लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।

    गांधी जयंती का महत्व

    गांधी जयंती केवल एक अवकाश दिवस नहीं है, बल्कि यह दिन गांधी जी के विचारों और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग को स्मरण करने का दिन है। उनकी शिक्षाओं में सत्य, अहिंसा और समानता के सिद्धांत शामिल थे, जो आज भी समाज को एक बेहतर दिशा में ले जाने का काम कर रहे हैं। गांधी जी ने समाज के हर वर्ग को जोड़ने का प्रयास किया और जात-पात, छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संघर्ष किया।

    राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम

    हर साल गांधी जयंती पर देशभर में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन होता है। स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी और निजी संस्थानों में गांधी जी के जीवन पर आधारित विचार गोष्ठियों, संगोष्ठियों और प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाता है। स्वच्छता अभियान भी इस दिन की विशेष पहचान बन चुका है, जिसमें महात्मा गांधी के स्वच्छता के संदेश को दोहराया जाता है।

    अंतर्राष्ट्रीय महत्व

    2 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र ने अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मान्यता दी है। यह दिन विश्व भर में अहिंसा के सिद्धांतों को बढ़ावा देने का काम करता है। गांधी जी के सिद्धांतों की यह वैश्विक पहचान उनके विचारों की प्रासंगिकता को दर्शाती है।

    गांधी जी के आदर्शों को जीवंत रखने की पहल

    गांधी जयंती पर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों द्वारा उनके आदर्शों को जीवंत रखने की अपील की जाती है। स्वच्छ भारत अभियान, ग्राम स्वराज, और आत्मनिर्भर भारत जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से गांधी जी के विचारों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

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  • जांजगीर-चांपा में पुलिसकर्मी का डांस वीडियो वायरल

    जांजगीर-चांपा में पुलिसकर्मी का डांस वीडियो वायरल

    घटना का विवरण

    जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र में एक पुलिसकर्मी के अनुचित व्यवहार का मामला सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। घटना ग्राम सोनहत में एक ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां एएसआई (असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर) फुलेश्वर सिंह सिदार ने अपनी वर्दी की मर्यादा का उल्लंघन करते हुए एक फीमेल डांसर के साथ जमकर ठुमके लगाए। इस दौरान किसी ने उनका वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जिससे यह घटना तेजी से वायरल हो गई।

    वीडियो में एएसआई फुलेश्वर सिंह को डांस करते हुए देखा जा सकता है, जो उनके पद और जिम्मेदारी के विपरीत आचरण था। वीडियो के वायरल होने के बाद, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक यह मामला पहुंचा और उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। पुलिस विभाग के अनुशासन के तहत वर्दी में इस तरह का व्यवहार पूरी तरह अनुचित माना गया है, जिसके चलते एएसआई को तुरंत निलंबित कर दिया गया है।

    पुलिस विभाग ने इस मामले पर बयान जारी करते हुए कहा कि वर्दी की गरिमा बनाए रखना हर पुलिसकर्मी का कर्तव्य है और ऐसे किसी भी आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जो विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाए। उन्होंने यह भी कहा कि अनुशासनहीनता के किसी भी मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    सोशल मीडिया पर इस घटना के वायरल होने के बाद लोगों की प्रतिक्रिया विभाजित रही। कुछ लोगों ने इसे पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी से भटकने का उदाहरण बताया, जबकि कुछ ने इसे केवल मनोरंजन का हिस्सा माना। हालांकि, पुलिस विभाग ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और इस घटना की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है।

    इस घटना के बाद, यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि विभाग के बाकी कर्मियों को अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने के महत्व के बारे में स्पष्ट संदेश मिले।

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  • संपत्तियों के ध्वस्तीकरण पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया ऐतिहासिक फैसला

    सुप्रीम कोर्ट ने संपत्तियों के ध्वस्तीकरण को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया

    सुप्रीम कोर्ट ने संपत्तियों के ध्वस्तीकरण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में गाइडलाइन जारी करने का आदेश दिया है, जो पूरे देश में लागू होगी। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि ये गाइडलाइन सभी नागरिकों के लिए हैं, न कि किसी विशेष समुदाय के लिए।

    सुनवाई के दौरान, जज बीआर गवई और जज केवी विश्वनाथन की पीठ ने स्पष्ट किया कि महज आरोपी या दोषी होना संपत्ति के ध्वस्तीकरण का आधार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जहां किसी विशेष धर्म के लिए अलग कानून की अनुमति नहीं है।

    कोर्ट ने यह भी आश्वासन दिया कि उसके आदेश से सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण करने वालों को मदद नहीं मिलेगी। इसके अतिरिक्त, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह सार्वजनिक सड़कों, सरकारी जमीनों और जंगलों में किसी भी अनधिकृत निर्माण को संरक्षण नहीं देगा।

    सुप्रीम कोर्ट ने 1 अक्टूबर तक आरोपियों और अन्य लोगों की संपत्तियों के ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने का आदेश दिया है, जब तक कि इसकी अनुमति न दी जाए। इस मामले की सुनवाई जारी है, जिसमें कई याचिकाएं उन आरोपों पर विचार कर रही हैं कि विभिन्न राज्यों में आरोपियों की संपत्तियों का ध्वस्तीकरण किया जा रहा है।

    कोर्ट ने यह भी बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर बने अनधिकृत ढांचों पर उसका आदेश लागू होगा, लेकिन उन मामलों पर नहीं जहां पहले से ही ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया है।

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