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  • विष्णुदेव साय ने किया बड़ा ऐलान,नक्सलवाद के खात्मे के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध

    विष्णुदेव साय ने किया बड़ा ऐलान,नक्सलवाद के खात्मे के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध

    नक्सलवाद को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार का ऐतिहासिक कदम

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में नक्सलवाद के उन्मूलन को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “हमारी डबल इंजन की सरकार नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे हेतु संकल्पित है।” उन्होंने जानकारी दी कि पिछले एक वर्ष में नक्सल विरोधी अभियान में बड़े स्तर पर सफलता हासिल हुई है। इस दौरान 220 से अधिक नक्सलियों का मारा जाना, 1500 से अधिक नक्सलियों की गिरफ्तारी और कई नक्सलियों का आत्मसमर्पण सरकार के दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार न केवल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा स्थापित कर रही है, बल्कि उन क्षेत्रों को विकास के पथ पर भी अग्रसर कर रही है। “हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों में विकास के साथ-साथ लोगों का विश्वास जीतना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है,” उन्होंने कहा।

    सरकार की योजनाओं और सुरक्षा बलों के प्रयासों के कारण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों का भरोसा बढ़ा है। सड़क निर्माण, स्कूलों का संचालन, और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने जैसे कदम इन क्षेत्रों में प्रगति की कहानी बयां कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य और केंद्र की साझा कोशिशें नक्सलवाद की चुनौती का स्थायी समाधान लाने की दिशा में काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से #संवर_रहा_छत्तीसगढ़ हैशटैग के साथ संदेश साझा करते हुए जनता को सरकार के प्रयासों से अवगत कराया। छत्तीसगढ़ सरकार का यह रुख न केवल राज्य में शांति और सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि भविष्य में राज्य को समृद्ध और विकासशील बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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  • छत्तीसगढ़ में मौसम में बदलाव के कारण तापमान में गिरावट जारी

    छत्तीसगढ़ में मौसम में बदलाव के कारण तापमान में गिरावट जारी

    छत्तीसगढ़ में मौसम में बदलाव के कारण तापमान में गिरावट जारी

    छत्तीसगढ़ में बीते कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे तापमान में गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है। सोमवार को न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है। इस बीच, हवा में नमी की मात्रा भी बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक हल्की दबाव का क्षेत्र स्थित है, जो पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और तटीय तमिलनाडु के पास पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से प्रदेश में आंशिक मेघमय आकाश और एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।

    रविवार को प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर अधिकतम और न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव देखा गया। सबसे अधिक तापमान 31.8 डिग्री सुकमा में और सबसे न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री बलरामपुर में दर्ज किया गया। रायपुर में अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री, बिलासपुर में 24.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19.0 डिग्री, पेंड्रारोड में अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री और न्यूनतम 12.2 डिग्री, जबकि अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    दक्षिण छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी से नमी का आगमन जारी है, जिसके कारण हल्के बादल और हल्के बादल बने रह सकते हैं। आगामी 27 से 28 दिसंबर के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ भारतीय क्षेत्र को प्रभावित करेगा, जिससे उत्तर छत्तीसगढ़ में हल्की वर्षा हो सकती है। 30 दिसंबर से न्यूनतम तापमान में गिरावट का दौर शुरू होने की संभावना है, जबकि अगले पांच दिनों तक प्रदेश में न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की उम्मीद है।

    मौसम विभाग ने बताया कि हवा में 90 फीसदी तक नमी आ रही है, जिसके कारण प्रदेश में बादल छाए हुए हैं। बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर तक फैला हुआ है, जो 24 दिसंबर के आसपास उत्तरी तमिलनाडु और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों के पास पहुंचेगा।

    रायपुर में सोमवार को बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है, साथ ही हल्की वर्षा भी हो सकती है।

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  • भारत-कुवैत के रिश्तों को सशक्त बनाने के लिए पीएम मोदी का ऐतिहासिक दौरा

    भारत-कुवैत के रिश्तों को सशक्त बनाने के लिए पीएम मोदी का ऐतिहासिक दौरा

    भारत-कुवैत के रिश्तों को सशक्त बनाने के लिए पीएम मोदी का ऐतिहासिक दौरा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कुवैत पहुंचे, जहां उनकी दो दिवसीय यात्रा शुरू हुई। इस यात्रा का उद्देश्य भारतीय समुदाय से मुलाकात करना और कुवैती नेतृत्व के साथ भारत और कुवैत के संबंधों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रगाढ़ करना है। यह यात्रा कुवैती अमीर शेख मेशल अल-अहमद अल-जबर अल-सबाह के निमंत्रण पर हो रही है और भारतीय प्रधानमंत्री की 43 वर्षों में कुवैत की पहली यात्रा है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया, “कुवैत में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है और यह निश्चित रूप से भारत और कुवैत की मित्रता को और मजबूत करेगा। मैं आज और कल के कार्यक्रमों का इंतजार कर रहा हूं।”

    कुवैत पहुंचने के बाद, पीएम मोदी ने भारतीय संस्कृति को कुवैत में प्रस्तुत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रामायण और महाभारत जैसे भारतीय ग्रंथों का अरबी में अनुवाद करने वाले अब्दुल्ला बैरन और उनके पुस्तक के प्रकाशक अब्दुल्लातीफ अलनेसेफ से मुलाकात की। अलनेसेफ ने इस मुलाकात को सम्मानजनक बताया और कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने इन पुस्तकों पर हस्ताक्षर किए, जो हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।”

    प्रधानमंत्री मोदी ने कुवैत में 101 वर्षीय पूर्व आईएफएस अधिकारी मंगल सेन हांडा से भी मुलाकात की। हांडा, जिन्होंने अपनी विदेश सेवा के दौरान कुवैत, यूनाइटेड किंगडम, इराक, चीन, अर्जेंटीना और कंबोडिया में काम किया, अब कुवैत में निवास कर रहे हैं। पीएम मोदी ने हांडा के साथ शुभकामनाएं साझा की और उनके परिवार के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। इस मुलाकात को लेकर हांडा की पोती श्रेया जुनेजा ने पीएम मोदी से मिलने का अनुरोध किया था, जिसे मोदी ने स्वीकार किया और उनका आभार व्यक्त किया।

    प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा को भारत और कुवैत के रिश्तों को और मजबूत करने के एक अहम प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

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    अनुज शर्मा और अरुण साव ने छात्रों को बताया विधानसभा का महत्व

  • अनुज शर्मा और अरुण साव ने छात्रों को बताया विधानसभा का महत्व

    धरसींवा के छात्रों की अनूठी पहल: विधानसभा भ्रमण और जागरूकता अभियान

    धरसींवा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्रों ने हाल ही में छत्तीसगढ़ विधानसभा का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों ने न केवल विधानसभा की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा, बल्कि राज्य के उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और अन्य सम्माननीय सदस्यों से मुलाकात भी की।

    इस विशेष अवसर पर धरसींवा विधायक और प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी अभिनेता अनुज शर्मा ने भी छात्रों का स्वागत किया और उन्हें विधानसभा के महत्व और इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण से युवाओं को अपने राज्य की संसदीय प्रक्रिया को समझने का मौका मिलता है, जो उन्हें भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करता है।

    छात्रों ने विधानसभा के भीतर विभिन्न प्रक्रियाओं को देखा और प्रश्नकाल के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों के बारे में जाना। साथ ही, उन्होंने उप मुख्यमंत्री अरुण साव से मिलकर अपने सवाल पूछे और उनके जवाबों से प्रेरित हुए।

    धरसींवा विधायक अनुज शर्मा, जो अपने अभिनय और सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते हैं, ने इस पहल में छात्रों को प्रोत्साहित करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, “हमारी नई पीढ़ी को लोकतंत्र की बारीकियों को समझना बहुत जरूरी है। इस तरह के अनुभव न केवल उनके ज्ञान को बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें अपने समाज के प्रति जागरूक भी बनाते हैं।”

    छात्रों ने इस शैक्षणिक भ्रमण को यादगार बताते हुए अनुज शर्मा और विधानसभा के अन्य सदस्यों का आभार व्यक्त किया। इस भ्रमण ने छात्रों को न केवल राजनीति की मूलभूत समझ दी, बल्कि उन्हें अपने राज्य की प्रगति में भागीदारी के लिए प्रेरित भी किया।

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  • डबल इंजन सरकार के प्रयास से प्रदेश को मिली नई पहचान

    डबल इंजन सरकार के प्रयास से प्रदेश को मिली नई पहचान

    डबल इंजन सरकार के सार्थक प्रयासों से प्रदेश को विश्वपटल पर मिली नई पहचान

    डबल इंजन सरकार के सार्थक प्रयासों से प्रदेश को विश्वपटल पर मिली नई पहचान

    डबल इंजन सरकार के सार्थक प्रयासों का असर प्रदेश के विकास पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है। सरकार की नई औद्योगिक नीति और पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने के कारण प्रदेश ने विश्वपटल पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश और रोजगार के अवसरों में लगातार वृद्धि हो रही है।

    फिल्मसिटी का निर्माण: कला और संस्कृति को मिलेगी नई पहचान
    प्रदेश में फिल्मसिटी के निर्माण की योजना स्थानीय कलाकारों और यहाँ की सांस्कृतिक बोलियों को वैश्विक मंच प्रदान करेगी। इससे न केवल क्षेत्रीय कला और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं को फिल्म उद्योग में नए रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।

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    एग्रो टूरिज्म और जल साहसिक पर्यटन का होगा विस्तार
    सरकार द्वारा जल साहसिक पर्यटन और एग्रो टूरिज्म को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में पर्यटन गतिविधियाँ और अधिक आकर्षक बनेंगी।

    निजी निवेश से अधोसंरचना का विकास
    निजी निवेश की बढ़ती रुचि से पर्यटन संबंधी अधोसंरचना का तीव्र विकास हो रहा है। होटलों, रिसॉर्ट्स और अन्य सुविधाओं के निर्माण से पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं में सुधार हुआ है, जिससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

    रोजगार और विकास के नए आयाम
    सरकार की नई नीतियों और प्रयासों के कारण प्रदेश में रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विशेष रूप से पर्यटन उद्योग के विकास से युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार के कई नए विकल्प मिले हैं। डबल इंजन सरकार के इन प्रयासों से यह स्पष्ट है कि प्रदेश का भविष्य पर्यटन और सांस्कृतिक विकास के क्षेत्र में उज्ज्वल है।

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  • शक्तिकांत दास का कार्यकाल हुआ समाप्त, जानें पूरी ख़बर

    शक्तिकांत दास का कार्यकाल हुआ समाप्त, जानें पूरी ख़बर

    शक्तिकांत दास का कार्यकाल हुआ समाप्त, जानें 2,190 दिनों का सफर

    शक्तिकांत दास का कार्यकाल हुआ समाप्त, जानें 2,190 दिनों का सफर

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल समाप्त होने के बाद देश में आर्थिक स्थिरता और नीतिगत प्रभावशीलता पर चर्चा तेज हो गई है। दास का कार्यकाल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चुनौतीपूर्ण समय में महत्वपूर्ण उपलब्धियों से भरा रहा।

    शक्तिकांत दास के कार्यकाल की मुख्य उपलब्धियां

    1. महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक स्थिरता:
      दास ने महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए सख्त कदम उठाए। फरवरी 2023 से दिसंबर 2024 तक रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिससे वित्तीय स्थिरता बनी रही।
    2. वैश्विक मान्यता:
      शक्तिकांत दास को 2023 और 2024 में लगातार दो बार ग्लोबल फाइनेंस द्वारा दुनिया के शीर्ष केंद्रीय बैंकर के रूप में सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार महंगाई नियंत्रण, आर्थिक वृद्धि और रुपये की स्थिरता में उनके योगदान को मान्यता देता है।
    3. बैंकों का पुनरुत्थान:
      उनके नेतृत्व में बैंकों का एनपीए सितंबर 2024 तक घटकर 2.59% रह गया, जो 2018 में 10.38% के उच्च स्तर पर था। साथ ही, बैंकों का मुनाफा वित्त वर्ष 2023 में 2.63 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो 2018 में 32,400 करोड़ रुपये के घाटे में था।
    4. कोरोना और वैश्विक संकट के दौरान प्रबंधन:
      कोरोना महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध के प्रभाव के बीच दास ने अर्थव्यवस्था को स्थिर रखा। उन्होंने लिक्विडिटी और एसेट क्वालिटी को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण नीतियां अपनाईं।
    5. बैंकों को दिवालिया होने से बचाना:
      यस बैंक, लक्ष्मी विलास बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों को संकट से बचाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने एनबीएफसी सेक्टर में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भी ठोस कदम उठाए।

    नीतिगत दृष्टिकोण और आलोचनाएं

    शक्तिकांत दास को उच्च ब्याज दरों के रक्षक के रूप में देखा जाता है। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित अन्य मंत्रियों के दबाव के बावजूद दिसंबर 2024 की एमपीसी बैठक में ब्याज दरों को जस का तस रखा। हालांकि, कोविड के दौरान उन्होंने जरूरत पड़ने पर नीतिगत ढील भी दी, जिससे यह संदेश गया कि वह परिस्थिति के अनुसार लचीला दृष्टिकोण रखते हैं। शक्तिकांत दास ने 2,190 दिनों तक आरबीआई गवर्नर का पद संभाला। वह भारत के दूसरे सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले गवर्नर बने। उनसे पहले बेनेगल रामा राव ने 2,754 दिनों तक इस पद पर कार्य किया था।

    दास के बाद की चुनौतियां

    दास के बाद नए गवर्नर के सामने महंगाई, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और रुपये की स्थिरता को बनाए रखने की चुनौती होगी। इसके अलावा, उच्च ब्याज दरों के प्रभाव का आकलन और भविष्य की नीतियों को तैयार करना भी महत्वपूर्ण रहेगा। शक्तिकांत दास का कार्यकाल भारतीय आर्थिक इतिहास में एक स्थिर और प्रभावशाली गवर्नर के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने कठिन समय में मजबूत नीतियों के माध्यम से अर्थव्यवस्था को सहारा दिया।

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  • केजरीवाल ने विश्वास नगर में किया पदयात्रा, जनता का मिला अपार समर्थन

    केजरीवाल ने विश्वास नगर में किया पदयात्रा, जनता का मिला अपार समर्थन

    विश्वास नगर में अरविन्द केजरीवाल की पदयात्रा, जनता ने किया समर्थन

    विश्वास नगर में अरविन्द केजरीवाल की पदयात्रा, जनता ने किया समर्थन

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने आज विश्वास नगर में एक ऐतिहासिक पदयात्रा की, जिसमें उन्होंने जनता से सीधे संवाद किया और उनके समर्थन को महसूस किया। इस दौरान केजरीवाल ने कहा कि “जनता ने जो अपनापन और प्यार दिखाया, वह शब्दों से परे है। हर दुआ और हर मुस्कान ने मेरे हौसले को दोगुना कर दिया। हर आशीर्वाद और हर शब्द ने यही कहा— दिल्ली को तरक्की के रास्ते पर यूँ ही आगे बढ़ते रहना है।”

    पदयात्रा के दौरान केजरीवाल ने विभिन्न इलाकों का दौरा किया और लोगों से मुलाकात की। उनका कहना था कि दिल्ली की तरक्की और विकास के लिए जनता का समर्थन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता के आशीर्वाद से ही दिल्ली सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी जैसे क्षेत्रों में सुधार किए हैं, और अब उनका लक्ष्य दिल्ली को और बेहतर बनाना है।

    अरविन्द केजरीवाल ने लोगों से की भेंटवार्ता

    यात्रा के दौरान लोग न केवल केजरीवाल से मिले, बल्कि उन्होंने उनके साथ सेल्फी भी ली और अपने मुद्दे साझा किए। मुख्यमंत्री ने हर एक व्यक्ति की बात को सुना और उन्हें यह आश्वासन दिया कि दिल्ली सरकार उनके साथ खड़ी है।

    इस पदयात्रा के दौरान केजरीवाल ने विश्वास नगर की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके समर्थन से दिल्ली और देश का भविष्य उज्जवल होगा। उन्होंने अपनी सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का वादा भी किया। यह यात्रा दिल्ली की राजनीतिक तस्वीर में एक नई ऊर्जा का संचार करने के रूप में देखी जा रही है।

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    छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं का बढ़ता सिलसिला

    13 करोड़ रुपये के बुलेट प्रूफ जैकेट घोटाले में उठे नए सवाल

  • छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं का बढ़ता सिलसिला

    छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं का बढ़ता सिलसिला

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    चंद्रपुर और भेड़िया में हुआ बड़ा सड़क दुर्घटना, जानिए घटनाओं को विस्तार से

    छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में सूरजपुर के पास चंद्रपुर ओवरब्रिज में एक तेज रफ्तार स्कार्पियो अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना में दो महिलाओं और एक बच्चे समेत कुल सात लोग सवार थे। वाहन में सवार लोग अंबिकापुर से मनेन्द्रगढ़ एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे।

    जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो का पीछे का पहिया अचानक निकलने से यह बड़ा हादसा हुआ। मृतकों में 46 वर्षीय रीता चौधरी, 40 वर्षीय पुष्पा माझी और 28 वर्षीय आनंद चौधरी शामिल हैं। घटना में घायल अजय नाथ चौधरी और उनके 10 वर्षीय पुत्र अनिकेत को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    दूसरी ओर, प्रतापपुर में भी एक सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। गुरुवार शाम भेड़िया गांव के पास एक एंबुलेंस चालक की मौत हो गई। चंद्रभास्कर पटेल, जो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर में एंबुलेंस चालक थे, बाइक से आरटीओ कार्यालय अंबिकापुर गए थे। लौटते समय उनका संतुलन बिगड़ने से वे दुर्घटनाग्रस्त हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। ये घटनाएँ सड़क सुरक्षा को लेकर एक चेतावनी है कि कैसे आपकी एक छोटी सी भूल या गलती बहुत बड़े हादसे का शिकार हो सकता है। जिसका खामियाजा आपके और आपके परिवार को भुगतना पड़ सकता है।

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    रेपो रेट में बदलाव नहीं, RBI ने आर्थिक स्थिरता पर दिया जोर

  • मुद्रास्फीति और जीडीपी सुस्ती के बीच RBI का बड़ा फैसला

    मुद्रास्फीति और जीडीपी सुस्ती के बीच RBI का बड़ा फैसला

    ShaktikantaDas

    रेपो रेट में बदलाव नहीं, RBI ने आर्थिक स्थिरता पर दिया जोर

    भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को अपनी तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद रेपो रेट में किसी भी प्रकार का बदलाव न करने का निर्णय लिया है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने घोषणा की कि रेपो रेट 6.50% पर स्थिर रहेगी। इस निर्णय से उन उम्मीदों पर पानी फिर गया, जिनमें रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की संभावना जताई जा रही थी।

    ईएमआई में नहीं होगा बदलाव

    रेपो रेट स्थिर रहने का मतलब है कि होम लोन, कार लोन और अन्य प्रकार के लोन की ईएमआई में कोई बदलाव नहीं होगा। रेपो रेट में कटौती होने पर यह 6.25% पर आ सकती थी, जिससे उधार लेने वालों को राहत मिल सकती थी। हालांकि, उच्च मुद्रास्फीति और सुस्त जीडीपी वृद्धि को ध्यान में रखते हुए आरबीआई ने यह निर्णय लिया है।

    महंगाई पर नजर

    आरबीआई का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति को 4% (±2%) के दायरे में बनाए रखना है। वर्तमान में महंगाई के उच्च स्तर और आर्थिक विकास की सुस्ती को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय बैंक ने अपनी नीतियों में सतर्कता बरती है। शक्तिकांत दास का मौजूदा कार्यकाल 10 दिसंबर 2024 को समाप्त हो रहा है। इस प्रकार यह उनकी अंतिम MPC बैठक रही। उन्होंने फरवरी 2023 से रेपो रेट को 6.50% पर स्थिर बनाए रखने की नीति पर अमल किया है।

    विशेषज्ञों की राय

    दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के निदेशक राम सिंह ने कहा, “रेपो रेट में बदलाव न करने का निर्णय वर्तमान आर्थिक दृष्टि में सही कदम है। इससे बाजार में स्थिरता बनी रहेगी।”
    औद्योगिक विकास अध्ययन संस्थान के निदेशक नागेश कुमार ने भी कहा कि उच्च मुद्रास्फीति को देखते हुए यह फैसला समझदारी भरा है।

    एमपीसी समिति के प्रमुख सदस्य

    इस बैठक में आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास के साथ माइकल देबब्रत पात्रा (डिप्टी गवर्नर, आरबीआई), राजीव रंजन (कार्यकारी निदेशक, आरबीआई), और अन्य सदस्य शामिल थे। आरबीआई का यह निर्णय बताता है कि केंद्रीय बैंक आर्थिक स्थिरता और मुद्रास्फीति नियंत्रण को प्राथमिकता दे रहा है। हालांकि, लोन धारकों को फिलहाल ईएमआई में राहत नहीं मिलेगी। आगामी मौद्रिक नीति बैठकों में आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर बदलाव की संभावना बनी रहेगी।

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    राहुल गांधी का सरकार पर हमला, कहा ‘भाजपा सच्चाई से क्यों डर रही है?’

  • दिव्यांगजनों के अधिकारों की दिशा में प्रधानमंत्री मोदी का योगदान

    दिव्यांगजनों के अधिकारों की दिशा में प्रधानमंत्री मोदी का योगदान

    दिव्यांगजनों के लिए नए अवसर और सशक्तिकरण

    भारत में दिव्यांगजनों के अधिकार और समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए “सुगम्य भारत अभियान” शुरू किया गया। 2015 में शुरू हुआ यह अभियान अब 9 साल का हो चुका है और देश में दिव्यांगजनों के प्रति सोच को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    शुरुआत में यह पहल दिव्यांगजनों को मदद प्रदान करने तक सीमित थी, लेकिन अब यह उनके मौलिक अधिकारों को सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। “हम मदद करेंगे” से “आपका हक है” की इस यात्रा ने दिव्यांगजनों को समान अधिकार और सम्मान दिलाने में सफलता हासिल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, इस अभियान ने दिव्यांगजनों के लिए संरचनात्मक और सामाजिक बदलाव किए हैं।

    Persons with Disabilities

    सार्वजनिक स्थानों, परिवहन, और सरकारी भवनों में रैंप, लिफ्ट, और सहायक उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाई गई है। शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी दिव्यांगजनों को नए अवसर मिले हैं। यह अभियान सिर्फ भौतिक पहुंच तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में दिव्यांगजनों की क्षमताओं को पहचानने और उन्हें सशक्त बनाने का प्रयास करता है।

    भविष्य में, सरकार की योजना इस अभियान को और विस्तृत करने की है, ताकि हर दिव्यांगजन को बराबरी का हिस्सा और उनके अधिकार मिल सकें। यह पहल देश को समावेशिता और सशक्तिकरण की नई दिशा में ले जा रही है। “सुगम्य भारत अभियान” आज एक प्रेरणा है कि समानता और समावेशिता हर नागरिक का अधिकार है।

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