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  • मतदान को सुगम बनाने के लिए रायपुर में सेक्टरों की संख्या बढ़ी

    मतदान को सुगम बनाने के लिए रायपुर में सेक्टरों की संख्या बढ़ी

    मतदान

    रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव: 38 सेक्टरों में मतदान की तैयारी

    रायपुर दक्षिण विधानसभा में आगामी उपचुनाव के लिए तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। 13 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए सेक्टरों की संख्या को 19 से बढ़ाकर 38 कर दिया गया है। यह निर्णय मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाना और आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। इस बार के उपचुनाव में मतदाताओं को बेहतर सेवाएं देने और चुनाव प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सेक्टरों की संख्या दोगुनी की गई है। इससे मतदाताओं को सुविधाएं प्रदान करने और मतदान की गति बनाए रखने की उम्मीद है। पिछली बार लोकसभा चुनाव के दौरान 19 सेक्टरों में मतदान संपन्न हुआ था, लेकिन इस बार स्थिति को बेहतर करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

    सेक्टरों की संख्या बढ़ाने से मतदान केंद्रों और सेक्टर कार्यालयों के बीच की दूरी कम हो जाएगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता पहुंचाना संभव होगा। चाहे कानून व्यवस्था को बनाए रखना हो या मेडिकल इमरजेंसी, सहायता की पहुंच अधिक तेज और सुगम होगी। इससे चुनाव प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

    एक सेक्टर में सेक्टर अधिकारी के अलावा एक ड्राइवर, एक मेडिकल टीम, सुरक्षा गार्ड, अन्य कर्मचारी और एक पीठासीन अधिकारी शामिल होंगे। इस प्रकार, सेक्टरों की संख्या बढ़ने से कर्मचारियों की संख्या भी दोगुनी होगी, जिससे आयोग के खर्च में वृद्धि होगी, खासकर गाड़ियों और अन्य मदों में।

    कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने पूर्व में हुई बैठक के दौरान इस निर्णय को अंतिम रूप दिया, ताकि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानियों को रोका जा सके। यह कदम रायपुर दक्षिण विधानसभा के उपचुनाव को सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

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  • व्यावसायिक परीक्षा मंडल में स्थगित भर्तियों से युवाओं में निराशा

    व्यावसायिक परीक्षा मंडल में स्थगित भर्तियों से युवाओं में निराशा

    छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने निकाली भर्ती

    छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने लम्बे अंतराल के बाद बायलर इंस्पेक्टर (वाष्पयंत्र निरीक्षक) के दो पदों के लिए भर्ती की घोषणा की है। आवेदन प्रक्रिया आज, 21 अक्टूबर से शुरू हो गई है। हालांकि, युवाओं में कम पदों की संख्या को लेकर निराशा है और वे पदों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इस बीच, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ने पिछले नौ महीनों से कोई भर्ती नहीं निकाली है। पुलिस भर्ती, आबकारी आरक्षक, और एडीईओ की भर्तियों की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन अभी तक कोई नतीजा सामने नहीं आया है। पिछली वैकेंसी, राज्य सेवा परीक्षा 2023 के तहत, के लिए 26 नवंबर 2023 को विज्ञापन जारी किया गया था। इस भर्ती में कुल 242 पद शामिल हैं, जिनकी मुख्य परीक्षा के परिणाम आ चुके हैं। हालांकि, साक्षात्कार की तिथियों को स्थगित कर दिया गया है, और नई तिथियों की घोषणा जल्द ही की जाएगी।

    अगस्त-सितंबर में पीएससी ने शासकीय कॉलेजों में 595 प्राध्यापकों के पदों के लिए आवेदन मांगे थे, लेकिन यह विज्ञापन 2021 में ही जारी किया गया था। बायलर इंस्पेक्टर के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 19 नवंबर है, लेकिन परीक्षा की तारीख अभी तक घोषित नहीं हुई है।

    पिछली बार व्यापम की भर्ती, जनवरी में मत्स्य निरीक्षक के 70 पदों के लिए निकाली गई थी, लेकिन यह प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। 29 सितंबर को होने वाली परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है, और नई तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

    आवेदन प्रक्रिया में देरी

    व्यापमं ने इस वर्ष कई भर्ती, पात्रता, और प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की हैं, लेकिन ये सभी पिछले वर्ष की थीं। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रयोगशाला परिचारक, ग्रेड-4 के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे। अधिक आवेदन आने के कारण यह जिम्मेदारी छह महीने पहले व्यापमं को सौंप दी गई थी, लेकिन भर्ती परीक्षा के लिए पंजीकरण और जिला चयन की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।

    सहायक सांख्यिकी अधिकारी और प्रयोगशाला सहायक की भर्ती परीक्षा, जो 20 अक्टूबर से होने वाली थी, को भी स्थगित कर दिया गया है, और दोनों परीक्षाओं की नई तिथि भी अभी घोषित नहीं हुई है।

    यह स्थिति छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, जो सरकारी नौकरियों की तलाश कर रहे हैं।

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  • देवरी पिकनिक स्पॉट पर दो युवक नहाने के दौरान नदी में लापता

    देवरी पिकनिक स्पॉट पर दो युवक नहाने के दौरान नदी में लापता

    देवरी पिकनिक स्पॉट

    पिकनिक के दौरान दो युवक हसदेव नदी में डूबे

    जांजगीर-चांपा जिले के देवरी पिकनिक स्पॉट में रविवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहां पिकनिक मनाने आए दो युवक हसदेव नदी में बह गए, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

    बताया जा रहा है कि दोनों युवक नहा रहे थे तभी यह हादसा हुआ। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम घटना की सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंच गई और युवकों की खोजबीन में जुट गई। युवकों की पहचान अकलतरा थाना क्षेत्र के कापन गांव निवासी लिखेश पटेल और सूखेद्र बरेठ के रूप में हुई है, जिनकी उम्र 22 वर्ष है।

    सूखेद्र बरेठ का एक दिन पहले जन्मदिन था, जिसे मनाने के लिए वह अपने दोस्तों के साथ देवरी पिकनिक स्पॉट पर आया था। पिकनिक के दौरान लिखेश और सूखेद्र हसदेव नदी में नहाने गए, जिसके बाद से वे दोनों लापता हो गए। उनके दोस्तों ने जब काफी समय तक उन्हें नहीं देखा, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी।

    स्थानीय युवक और पंतोरा पुलिस की टीम SDRF के साथ मिलकर डूबे युवकों की तलाश में लगी हुई है, लेकिन पानी की गहराई और अंधेरा होने के कारण तलाश अभियान फिलहाल रोक दिया गया है। घटना दोपहर करीब 2 बजे की है।

    ज्ञात हो कि देवरी पिकनिक स्पॉट को जिला प्रशासन ने पहले ही डेंजर जोन घोषित कर रखा है और यहां गहरे पानी में नहाने से बचने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में लोग यहां पिकनिक मनाने आते हैं। हसदेव नदी की गहराई में फंसने के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, और इस बार भी सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण यह दुखद घटना घटी है।

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  • दुर्ग में हुआ बड़ा सड़क हादसा एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर मौत

    दुर्ग में हुआ बड़ा सड़क हादसा एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर मौत

    A truck run into the sidewalk and crush the car.

    तेज रफ्तार हाईवा ने बाइक सवारों को मारी टक्कर, तीन की मौत

    छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र के ढ़ौर गांव में सोमवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक ही परिवार के चार लोग तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आ गए। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्ची गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है।

    जानकारी के अनुसार, यह परिवार कचांदुर में एक गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बाइक से अपने गांव लौट रहा था। सुबह जब वे ढ़ौर गांव के पास पहुंचे, तब एक तेज रफ्तार हाईवा ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि 32 वर्षीय राजेश साहू, उसकी 28 वर्षीय बहन रानी साहू, और उनकी 12 वर्षीय भांजी की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में एक दो साल की बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई है, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, बच्ची की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है।

    हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने तुरंत चक्काजाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क पर वाहनों की तेज रफ्तार के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।

    सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस ने गुस्साए ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और दुर्घटना के जिम्मेदार हाईवा चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। फिलहाल, प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है, और पुलिस ने हाईवा चालक की तलाश शुरू कर दी है, जो हादसे के बाद से फरार है।

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    मां महामाया एयरपोर्ट का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुआ उद्घाटन

    दरभंगा से मुंबई आ रही स्पाइसजेट फ्लाइट ने की इमरजेंसी लैंडिंग

  • मां महामाया एयरपोर्ट का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुआ उद्घाटन

    मां महामाया एयरपोर्ट का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुआ उद्घाटन

    अंबिकापुर का मां महामाया एयरपोर्ट का प्रधानमंत्री ने किया वर्चुअल उद्घाटन

    छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंतर्गतअंबिकापुर का मां महामाया एयरपोर्ट अब देश के हवाई मार्ग से जुड़ चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से वर्चुअली इस एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। यह एयरपोर्ट हर साल पांच लाख यात्रियों की सेवा के लिए तैयार किया गया है। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम का नेतृत्व किया और सरगुजा के नागरिकों को इस नई सुविधा की बधाई दी।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना था कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सके, और यह सपना अब साकार हो रहा है। अंबिकापुर का यह एयरपोर्ट, छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, और जगदलपुर के बाद चौथा एयरपोर्ट है।

    एयरपोर्ट उद्घाटन समारोह का आयोजन हुआ जिसमें छत्तीसगढ़ी गायक संजय सुरीला ने समां बाँधा और लोगों को झुमने पर मजबूर किया, जिसमें बड़ी संख्या में जिलेवासियों ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने अंबिकापुर के अलावा मध्यप्रदेश के रीवा और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में स्थित सरसावा एयरपोर्ट का भी वर्चुअली उद्घाटन किया। इसके साथ ही वाराणसी, आगरा, बागडोगरा, और दरभंगा एयरपोर्ट में विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया गया।

    राज्यपाल रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि मां महामाया एयरपोर्ट का उद्घाटन सरगुजा अंचल के लिए ऐतिहासिक है और इस सुविधा के माध्यम से क्षेत्र में नए विकास के आयाम खुलेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे सरगुजा के आदिवासी अंचल के लिए विकास के नए युग की शुरुआत बताया।

    निकट भविष्य में फ्लाई बिग और एलायंस एयर कंपनियां अंबिकापुर एयरपोर्ट से विमान सेवा शुरू करेंगी। फ्लाई बिग 19-सीटर और एलायंस एयर 72-सीटर विमान सेवाएं प्रदान करेंगी, हालांकि इसकी तिथि अभी तय नहीं की गई है।

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    दरभंगा से मुंबई आ रही स्पाइसजेट फ्लाइट ने की इमरजेंसी लैंडिंग

    नारायणपुर में आईईडी विस्फोट से ITBP के दो जवान घायल

  • दरभंगा से मुंबई आ रही स्पाइसजेट फ्लाइट ने की इमरजेंसी लैंडिंग

    दरभंगा से मुंबई आ रही स्पाइसजेट फ्लाइट ने की इमरजेंसी लैंडिंग

    काल्पनिक चित्र

    SpiceJet की फ्लाइट की मुंबई एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग

    मुंबई एयरपोर्ट पर दरभंगा से आ रही स्पाइसजेट की फ्लाइट एसजी116 की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान में कोई बम की धमकी नहीं थी, लेकिन एक तकनीकी कारण की वजह से पायलट नेआपातकाल की घोषणा की। पायलट द्वारा इमरजेंसी कोड 7700 भेजा गया, जो कि तकनीकी खराबी का संकेत होता है। एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) ने तुरंत मुंबई एयरपोर्ट को अलर्ट कर दिया और विमान को सुरक्षित लैंडिंग की अनुमति दी गई।

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    मुंबई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग के लिए रनवे पर पूरी सुरक्षा टीम को तैनात किया गया। विमान की पूरी जांच की गई, लेकिन फिलहाल कोई गंभीर तकनीकी खामी नहीं पाई गई है। स्पाइसजेट ने अपने बयान में यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए इस असुविधा के लिए खेद प्रकट किया। एयरलाइन ने यात्रियों की समझदारी और संयम की भी सराहना की।

    इस घटना से कुछ ही समय पहले, इंडिगो फ्लाइट 6ई 1844 ने भी जोधपुर से दिल्ली की उड़ान के दौरान सुरक्षा संबंधी अलर्ट मिलने के बाद दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग की थी। इंडिगो की फ्लाइट में भी सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा विमान की जांच की गई। हालाँकि, दोनों ही मामलों में बम की धमकी जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।

    स्पाइसजेट और इंडिगो जैसी एयरलाइनों ने इन घटनाओं के बाद अपनी सुरक्षा प्रक्रियाओं को मजबूत करने का आश्वासन दिया है।

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  • नारायणपुर में आईईडी विस्फोट से ITBP के दो जवान घायल

    नारायणपुर में आईईडी विस्फोट से ITBP के दो जवान घायल

    छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में एक बार फिर नक्सली हिंसा देखने को मिली, जब नक्सलियों ने आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के जरिए भारतीय तिब्बती सीमा पुलिस (ITBP) की गश्त टीम पर हमला किया। यह घटना उस वक्त हुई जब ITBP का एक दल नक्सल विरोधी अभियान से लौट रहा था।

    काल्पनिक चित्र

    जानकारी के अनुसार, यह हमला नारायणपुर के घने जंगलों के इलाके में हुआ। जैसे ही सुरक्षा बलों की गश्ती टीम अभियान से वापस लौट रही थी, नक्सलियों ने पहले से प्लांट की हुई आईईडी में विस्फोट कर दिया। इस धमाके में ITBP के दो जवान घायल हो गए। विस्फोट के तुरंत बाद, सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों जवानों की हालत स्थिर है और उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।

    नक्सलियों की बढ़ती गतिविधियाँ

    इस हमले ने एक बार फिर से नक्सलियों की बढ़ती गतिविधियों और उनके उग्रवाद की गंभीरता को सामने ला दिया है। नारायणपुर, जो पहले से ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है, वहां ऐसे हमले सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। पिछले कुछ समय से नक्सलियों की गतिविधियों में फिर से तेजी देखी जा रही है, खासकर ऐसे इलाकों में जहां घने जंगल हैं और सुरक्षा बलों की पहुंच मुश्किल है। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने तुरंत इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया। अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है ताकि नक्सलियों को खोजा जा सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। ITBP और स्थानीय पुलिस मिलकर इस क्षेत्र में नक्सलियों के ठिकानों की तलाश कर रहे हैं।

    सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया

    नारायणपुर और इसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा को और मजबूत किया गया है। ऐसे हमले यह दर्शाते हैं कि नक्सली अब भी सक्रिय हैं और अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए हिंसा का सहारा ले रहे हैं। हालांकि, सुरक्षा बलों ने यह साफ कर दिया है कि वे नक्सलियों के खिलाफ अपने अभियान को और तीव्र करेंगे और इस इलाके में शांति बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

    इस घटना के बाद राज्य और केंद्र सरकार के सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने की जरूरत पर भी चर्चा हो रही है। ऐसे इलाकों में सुरक्षा बलों के लिए और अधिक आधुनिक उपकरणों और रणनीतियों की जरूरत महसूस की जा रही है, जिससे वे नक्सलियों की गतिविधियों का बेहतर ढंग से मुकाबला कर सकें।

    नक्सलियों द्वारा किए गए इस हमले ने फिर से यह साबित कर दिया है कि नक्सली उग्रवाद अभी भी एक गंभीर समस्या है और इससे निपटने के लिए सुरक्षा बलों को अधिक सतर्क और संगठित होना पड़ेगा। ITBP के जवानों पर हुए इस हमले के बाद इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, और सर्च ऑपरेशन जारी है। नक्सली गतिविधियों के खिलाफ यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

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    सात बार सांसद रह चुके रमेश बैस ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की

    गैंगस्टर अमन साहू की रिमांड पूरी, कोर्ट में पेशी के बाद रिमांड बढ़ाने की तैयारी

  • सात बार सांसद रह चुके रमेश बैस ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की

    रायपुर के पूर्व सांसद रमेश बैस की एक बार फिर से वापसी

    रमेश बैस, जो रायपुर लोकसभा सीट से सात बार सांसद रह चुके हैं और तीन राज्यों में राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सक्रिय सदस्य बन गए हैं। यह निर्णय उन्होंने रायपुर-दक्षिण विधानसभा के उपचुनाव की तैयारियों के बीच लिया है, जिससे राजनीतिक प्रेक्षक उनके पुनः सक्रिय राजनीति में प्रवेश के महत्व को लेकर चर्चाएँ कर रहे हैं।

    बैस ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में भाजपा को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सक्रियता का सवाल तब उठता है जब कार्यकर्ता ईमानदारी से पार्टी के लिए काम करते हैं। “मैं पार्टी को मजबूत बनाने के लिए अपना पूरा समय दूंगा,” उन्होंने कहा।

    बैस ने बताया कि वह जनसंघ के समय से पार्टी के लिए कार्यरत हैं, लेकिन संवैधानिक पद पर रहने के कारण कुछ वर्षों के लिए भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा देना पड़ा था। हाल ही में भाजपा संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने उन्हें पुनः सक्रिय सदस्य बनने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा सदस्यों की संख्या बढ़ाने के लक्ष्य पर कार्य किया जा रहा है, और प्रदेश के सभी कार्यकर्ता इस दिशा में प्रयासरत हैं।

    राज्य में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बोलते हुए बैस ने कहा कि कोई भी सरकार नहीं चाहती कि प्रदेश में अशांति हो। उन्होंने स्वीकार किया कि अचानक कुछ घटनाएँ हो सकती हैं, लेकिन सरकार इन पर नियंत्रण पाने के लिए सक्रिय है। रमेश बैस का यह कदम भाजपा के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, खासकर जब राज्य में उपचुनाव की सरगर्मी तेज हो रही है। उनके अनुभव और सक्रियता से पार्टी को आगामी चुनावों में लाभ मिल सकता है।

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  • रायपुर में बीती रात दो गुटों में झड़प, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई शुरू

    रायपुर में बीती रात दो गुटों में झड़प, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई शुरू

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    मौदहापारा तालाब पार में पुरानी रंजिश के चलते हिंसक झड़प

    राजधानी रायपुर के मौदहापारा तालाब पार इलाके में देर रात दो गुटों के बीच हुई गैंगवार की घटना ने क्षेत्र में एक बार फिर से सुरक्षा और कानून व्यवस्था को चुनौती दी है। इस झड़प का कारण पुरानी रंजिश बताई जा रही है, जिसके चलते दोनों गुटों के बीच हिंसक संघर्ष हो गया।

    घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय निवासियों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौदहापारा थाना क्षेत्र में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, लेकिन इस मामले में केवल साधारण मारपीट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। झड़प के दौरान लाठी, डंडे और धारदार हथियारों का जमकर इस्तेमाल किया गया, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, झड़प में शामिल सभी आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मौदहापारा थाना क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों की मदद से वारदात की पूरी तस्वीर को देखने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज का अध्ययन शुरू कर दिया है, जिससे आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी में मदद मिलेगी। वारदात के पीछे की वजह और आरोपियों की पहचान के लिए जांच जारी है। स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद भय और असुरक्षा का माहौल है, जिसके चलते वे पुलिस की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।

    घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस को और अधिक सख्ती से काम करना होगा। मौदहापारा इलाके में सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिस ने रणनीतियों में सुधार करने की योजना बनाई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    इस तरह की गैंगवार की घटनाएं न केवल स्थानीय निवासियों के लिए खतरनाक होती हैं, बल्कि यह समाज में अराजकता और डर का माहौल भी पैदा करती हैं। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई और समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।

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  • गैंगस्टर अमन साहू की रिमांड पूरी, कोर्ट में पेशी के बाद रिमांड बढ़ाने की तैयारी

    गैंगस्टर अमन साहू की रिमांड पूरी, कोर्ट में पेशी के बाद रिमांड बढ़ाने की तैयारी

    तेलीबांधा गोलीकांड में अमन साहू का नाम संदिग्ध, रिमांड बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू

    रायपुर में कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू को पांच दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद आज शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस ने रिमांड के दौरान अमन से पूछताछ में कई अहम जानकारियां हासिल की हैं, विशेष रूप से गंज थाना क्षेत्र में हुई एक वारदात से जुड़े मामले में। पुलिस अब अमन की रिमांड बढ़ाने की तैयारी में है, ताकि उससे और भी जानकारी ली जा सके।

    गंज थाना क्षेत्र में कुछ समय पहले हुई वारदात से पहले पकड़े गए आरोपियों के बारे में अमन ने पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। इसी मामले में अब तक अमन की गिरफ्तारी की गई है। हालांकि, तेलीबांधा थाना क्षेत्र में पीआरए ग्रुप के बाहर हुई गोलीबारी के मामले में उसकी गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि रिमांड बढ़ाए जाने के बाद ही तेलीबांधा गोलीकांड में अमन की गिरफ्तारी की जाएगी।तेलीबांधा थाना पुलिस ने तीन दिन पहले इस मामले में आरोपी चालान पेश कर दिया है, लेकिन इसमें अमन साहू का नाम शामिल नहीं है। चालान में गिरफ्तार अन्य आरोपियों के नाम और पूछताछ के आधार पर दस्तावेज तैयार किए गए हैं। माना जा रहा है कि अमन से और भी वारदातों में जुड़े अपराधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, तेलीबांधा गोलीकांड में अमन साहू की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है, और इसे लेकर जल्द ही ठोस कार्रवाई की जाएगी। अमन पर विभिन्न आपराधिक मामलों के आरोप पहले से ही हैं, और पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि उसके द्वारा किए गए सभी अपराधों की तह तक पहुंचा जाए। रिमांड के दौरान अमन से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस अब उन आरोपियों पर भी नज़र रख रही है, जो अब तक गिरफ्त में नहीं आए हैं। पुलिस का कहना है कि अमन के नेटवर्क को तोड़ना बेहद जरूरी है ताकि शहर में अपराध पर लगाम लगाई जा सके।

    इस पूरी स्थिति पर शहर की जनता और प्रशासन की भी नजर बनी हुई है, क्योंकि अमन साहू और उसके गिरोह के खिलाफ कार्रवाई को लेकर रायपुर में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीरता देखी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस पूरे मामले में और भी गिरफ्तारियां की जाएंगी, जिससे शहर में बढ़ रहे अपराध पर काबू पाया जा सके। तेलीबांधा गोलीकांड और गंज थाना क्षेत्र की वारदात जैसे गंभीर मामलों में अमन साहू का नाम सामने आना इस बात का संकेत है कि रायपुर के आपराधिक गिरोहों पर प्रशासन की नजरें टिकी हुई हैं।

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