
टीएस सिंहदेव और आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने अंगदान के क्षेत्र में उठाया महत्वपूर्ण कदम
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और उनके भतीजे आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने सामाजिक दायित्व निभाते हुए अंगदान का संकल्प लिया है। गुरुवार को भारत सरकार की ओर से उन्हें विधिवत अंगदान प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ। यह कदम न केवल उनके सामाजिक दायित्व को दर्शाता है बल्कि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता और प्रेरणा का भी संकेत देता है।
अंगदान के महत्व पर जोर देते हुए सिंहदेव का बयान
टीएस सिंहदेव ने अंगदान के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह समाज के प्रति एक आवश्यक जिम्मेदारी है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारतीय समाज में अंगदान को लेकर कुछ हिचकिचाहट और परंपरागत अड़चनों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, यदि मृत्यु के बाद किसी जरूरतमंद के लिए शरीर के अंगों को उपलब्ध कराया जा सके, तो यह एक बड़ा और महत्वपूर्ण कार्य है।
छत्तीसगढ़ में अंगदान की दिशा में किए गए प्रयास
सिंहदेव ने अपने स्वास्थ्य मंत्री के कार्यकाल के दौरान महसूस किया कि छत्तीसगढ़ में अंगदान और टिश्यू बैंक से संबंधित संस्थाओं की कमी थी। इस कमी को दूर करने के लिए उन्होंने रोटो (रीजनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन) और सोटो (स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन) की स्थापना की, साथ ही एक टिश्यू बैंक भी स्थापित किया। इससे राज्य में अंगों की उपलब्धता में काफी सुधार हुआ, विशेषकर लीवर और किडनी जैसी महत्वपूर्ण अंगों की।
अंगदान की प्रक्रिया और इसके लाभ
अंगदान की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए, सिंहदेव ने कहा कि ब्रेनडेड व्यक्ति के अंगों को मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रमाणित किए जाने के बाद सर्जरी दल द्वारा प्राप्त किया जाता है। सामान्य मृत्यु की स्थिति में भी, मृत्यु के छह घंटे के भीतर आंखों के कॉर्निया और अन्य उत्तकों को प्राप्त किया जा सकता है। अंगदान के महत्व को इस तथ्य से भी समझा जा सकता है कि एक आंख की कॉर्निया से दो लोगों को नेत्र ज्योति प्राप्त हो सकती है।
आर्यन सिन्हा, जो रेडक्रास सोसायटी के आजीवन सदस्य हैं और पिछले तीन वर्षों से रक्तदान और अंगदान महादान कार्यक्रम चला रहे हैं, ने अब तक 5,000 लोगों से अंगदान की प्रतिज्ञा प्राप्त की है। उनके कार्यों ने न केवल अंगदान के महत्व को उजागर किया है, बल्कि उन्होंने हाल ही में जयपुर में आयोजित एक कांक्लेव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व भी किया।
समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता
टीएस सिंहदेव और आदित्येश्वर शरण सिंहदेव के इस प्रेरणादायक निर्णय ने अंगदान के प्रति समाज की जागरूकता को बढ़ावा दिया है और दूसरों को भी इस महत्वपूर्ण कार्य की ओर प्रेरित किया है। उनके द्वारा उठाए गए इस कदम ने समाज में अंगदान के महत्व को एक नया आयाम दिया है, और इस क्षेत्र में और भी लोगों को प्रेरित करने का कार्य किया है।
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