मुकेश खन्ना ने बांग्लादेश में हिंसा पर चिंता जताते हुए सतर्क रहने की दी चेतावनी
टीवी और फिल्म इंडस्ट्री के जाने माने अभिनेता मुकेश खन्ना ने बांग्लादेश में हाल ही में हुए हिंसक दंगों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर खुलकर अपनी राय पेश की है।
खन्ना ने अपने यूट्यूब चैनल पर 8 अगस्त को जारी वीडियो में बांग्लादेश की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बांग्लादेश जल रहा है और इसके पीछे कई कारण हैं, जिनमें बाहरी कारक भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हालात की इस गंभीरता के बावजूद सरकार को सैन्य शक्ति के साथ इस बदलाव का सावधानीपूर्वक सामना करना चाहिए।
मुकेश खन्ना ने यह भी कहा कि इतनी बड़ी आगजनी और तोड़फोड़ बिना किसी फंडिंग के संभव नहीं है, और इसके निहित स्वार्थ, गुंडागर्दी और लूटपाट जैसे प्रमुख कारण हो सकते हैं। उन्होंने इस स्थिति को लेकर भारत को सतर्क रहने की चेतावनी दी है और कहा है कि इतिहास गवाह है कि हमने ऐसे मौकों पर गलतियाँ की हैं, और उन्हें दोहराना नहीं चाहिए।
अभी बांग्लादेश में आरक्षण विरोध के चलते हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। मुकेश खन्ना की इस समय पर आई प्रतिक्रिया इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर उनकी गहरी चिंता को दर्शाती है।
जेल कैदियों का मानदेय बढ़ाने पर हाईकोर्ट ने याचिका किया निराकृत
गुरुवार को हाईकोर्ट में प्रदेश की जेलों में कैदियों का मानदेय बढ़ाने के मामले पर सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य शासन ने हाईकोर्ट में शपथपत्र प्रस्तुत किया, जिसमें बताया गया कि जेल में बंद कैदियों की कुशल और अकुशल श्रेणियों का मानदेय बढ़ाया जा रहा है। शपथपत्र के अनुसार, अब अकुशल कैदियों को 60 रुपये के बजाय 80 रुपये प्रतिदिन और कुशल श्रेणी के कैदियों को 75 रुपये के बजाय 100 रुपये प्रतिदिन का मानदेय दिया जाएगा।
इस याचिका को भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने जनहित याचिका के रूप में दायर किया था। याचिका में यह कहा गया था कि वर्तमान में कैदियों को प्रतिदिन 60 से 75 रुपये तक का पारिश्रमिक दिया जाता है, जो वर्षों से नहीं बदला गया है और आज के समय में अपर्याप्त है। याचिका में मांग की गई थी कि कैदियों को कलेक्टर दर के अनुसार पारिश्रमिक दिया जाए, ताकि यह मेहनताना उनके भविष्य में भी काम आ सके।
कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। राज्य शासन द्वारा प्रस्तुत शपथपत्र में मानदेय बढ़ाए जाने की जानकारी मिलने पर, चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने याचिका को निराकृत कर दिया।
नागमणी गांव में नागपंचमी पर निभाई जाती है अनूठी परंपरा
मध्य प्रदेश के दमोह जिले के नागमणी गांव में नागपंचमी के दिन एक अनूठी परंपरा निभाई जाती है। इस गांव में काले सांपों का वास सामान्य बात है, और यहां के लोग इन सांपों से डरते नहीं हैं। गांव की एक खास मान्यता के अनुसार, नागपंचमी के दिन किसी भी घर में चूल्हे पर कढ़ाई नहीं चढ़ाई जाती। ऐसा माना जाता है कि अगर इस दिन कोई कढ़ाई चढ़ा देता है, तो घर में काले सांप प्रकट हो जाते हैं। हालांकि, सांपों से माफी मांगने और पूजा करने के बाद ये सांप वापस चले जाते हैं।
गांव के लोग नागपंचमी के दिन दाल-बाटी बनाकर नागदेव को भोग लगाते हैं। इस दिन किसी भी घर में पकवान नहीं बनाए जाते, और यह परंपरा सालों से चली आ रही है। ग्रामीणों का मानना है कि नागदेवता उनके गांव की रक्षा करते हैं, और इस गांव में किसी को भी सांपों से कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। सांपों की उपस्थिति को यहां शुभ माना जाता है, और नागदेव की पूजा के लिए गांव के मंदिर में विशेष आयोजन होते हैं।
गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि कई साल पहले नागपंचमी के दिन एक महिला ने चूल्हे पर कढ़ाई चढ़ाई थी, जिसके बाद उसके घर में सैकड़ों नाग प्रकट हो गए थे। डरे हुए लोगों ने नागदेवता से माफी मांगी, तब जाकर सांप गायब हुए। इस घटना के बाद से यह परंपरा और भी सख्ती से निभाई जाती है।
नागपंचमी के दिन दूर-दूर से लोग नागमणी गांव आते हैं, जहां वे नागदेव की पूजा-अर्चना करते हैं। गांव की इस अनूठी परंपरा और सांपों के रहस्यमय वास ने इसे एक विशेष धार्मिक स्थल बना दिया है, जहां आस्था और परंपरा का अद्वितीय संगम देखने को मिलता है।
सिक्किम के सोरेंग में शुक्रवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसके बाद लोगों में हड़कंप मच गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप सुबह 6 बजकर 57 मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 मापी गई। भूकंप के कारण घरों में रखी चीजें हिलने लगीं, जिससे घबराए लोग घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।राहत की बात, कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ I
हालांकि, भूकंप की तीव्रता अधिक नहीं थी, इसलिए जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और सतर्कता बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तीव्रता के भूकंप से इमारतों या संरचनाओं को गंभीर नुकसान होने की संभावना कम होती है, लेकिन छोटी-मोटी चीजें गिर सकती हैं और हल्का नुकसान हो सकता है।
सिक्किम से पहले गुरुवार को जापान के दक्षिणी तट पर भी एक शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। जापान के क्यूशू द्वीप के मियाजाकी प्रांत के निचिनान शहर में इस भूकंप का सबसे अधिक असर देखा गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.1 मापी गई थी। भूकंप के कारण तीन लोग घायल हो गए थे और जापानी अधिकारियों ने तुरंत सुनामी की चेतावनी जारी की थी। नागरिकों को समुद्र तट से दूर रहने और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई थी।
भूकंप की तीव्रता के आधार पर प्रभाव
रिक्टर स्केल के अनुसार, भूकंप की तीव्रता का पैमाना 0 से 9+ तक होता है, जहां हर स्तर पर इसके प्रभाव में बड़ा अंतर होता है।
0-1.9: इस स्तर का भूकंप केवल सीस्मोग्राफ के जरिए ही महसूस किया जा सकता है।
2-2.9: लटकी हुई चीजें झूलने लगती हैं।
3-3.9: इस दौरान लोग हल्के झटके महसूस करते हैं।
4-4.9: घरों में छोटी चीजें टूट सकती हैं।
5-5.9: हालात बिगड़ सकते हैं, प्लास्टर गिर सकता है।
6-6.9: इमारतों को नुकसान हो सकता है।
7-7.9: तबाही की शुरुआत होती है, जनहानि हो सकती है।
8-8.9: बड़े स्तर पर तबाही हो सकती है, जानमाल का नुकसान हो सकता है।
9 या उससे अधिक: इस तीव्रता में जमीन लहराने लगती है और बड़े पैमाने पर तबाही मच सकती है।
सिक्किम में हालिया भूकंप के बाद, नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तैयार रहने की अपील की गई है। भूकंप के समय सुरक्षित स्थानों की पहचान करना, बिजली और गैस की आपूर्ति बंद करना और इमारतों से बाहर खुले स्थान पर जाना जरूरी होता है। भूकंप के बाद अफवाहों से बचने और आधिकारिक सूचनाओं का पालन करना भी महत्वपूर्ण है।
सिक्किम में हुए इस भूकंप के बाद, प्रशासन किसी भी संभावित आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और लोगों से संयम बनाए रखने की अपील कर रहा है।
महादेव सट्टा एप के ओटीपी सेंटर का भंडाफोड़ तीन लोग हुए गिरफ्तार
आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने महादेव सट्टा एप से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए ओटीपी सेंटर चलाने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी बिहार और छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं और ये दुबई में बैठे महादेव सट्टा के प्रमोटर के लिए काम कर रहे थे।
ईओडब्ल्यू की टीम ने बिहार, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड समेत एक दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी कर 100 से ज्यादा मोबाइल फोन, लैपटॉप और 500 से अधिक सिम कार्ड बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को छह दिन की रिमांड पर लिया गया है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि देशभर में सट्टा चलाने के लिए बनाए गए पैनल से जुड़े वाट्सएप नंबरों का संचालन दुबई से होता था। ये नंबर विभिन्न सट्टा प्लेटफार्म जैसे रेड्डी अन्ना, फेयर प्ले, लोटस बुक आदि के कस्टमर केयर नंबर के रूप में इस्तेमाल किए जाते थे।
जांच एजेंसी ने 500 से अधिक पैनल ऑपरेटरों की जानकारी प्राप्त की है, जो देशभर में सट्टा नेटवर्क का संचालन कर रहे थे।
मनीष सिसोदिया को 17 महीने के बाद मिली जेल से जमानत
शराब नीति मामले में 17 महीनों से जेल में बंद आप नेता मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट ने आज कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सिसोदिया को अपना पासपोर्ट सरेंडर करने और गवाहों को प्रभावित न करने का निर्देश दिया।
सिसोदिया के वकील ऋषिकेश कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने माना कि सिसोदिया ने ट्रायल में कोई देरी नहीं की है और ईडी का आरोप खारिज कर दिया। यह ऐतिहासिक फैसला AAP और दिल्ली के लोगों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
AAP नेता संजय सिंह ने इस फैसले को भाजपा के विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की साजिश का अंत बताया और कहा कि जल्द ही अरविंद केजरीवाल और सत्येंद्र जैन के लिए भी न्याय का रास्ता खुलेगा।
गौरतलब है कि मनीष सिसोदिया को फरवरी 2023 में शराब नीति मामले में गिरफ्तार किया गया था।
रायपुर जेल का कैदी होटल में खुलेआम घूमने से प्रहरी की बढ़ी मुसीबत
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कस्टम मिलिंग के आरोप में बंद रोशन चंद्राकर को जेल से बाहर एक होटल में देखा गया। इस वीडियो में चंद्राकर अपनी पत्नी के साथ होटल में दिखाई दे रहा है, जबकि जेल प्रहरी उसके बच्चों को मॉल में घुमा रहा था।
यह घटना तब सामने आई जब चंद्राकर के होटल से निकलते वक्त का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। बताया जा रहा है कि कैदी को जेल से बाहर निकालने के लिए एक बहाना बनाया गया और फिर उसे स्थानीय होटल में ले जाया गया। इस दौरान, उसने वहां 5 घंटे बिताए।
घटना के खुलासे के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत कार्रवाई करते हुए दोषी जेल प्रहरी पर सख्त कदम उठाए गए। इस घटना ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोशन चंद्राकर, जो कि राइस मिलर एसोसिएशन के पूर्व कोषाध्यक्ष भी रह चुके हैं, कस्टम मिलिंग के मामले में जेल में बंद हैं। उन पर ईडी द्वारा 20 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन लेने का आरोप है। उनकी जमानत याचिका को विशेष अदालत ने खारिज कर दिया है। इस मामले में आगे की जांच जारी है, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ में इस मानसून के दौरान बारिश ने सामान्य आंकड़ों को पार कर लिया है। राज्य में अब तक 748.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य 660.8 मिमी से 13% अधिक है। इस बार बारिश का यह सिलसिला राज्य के अधिकांश हिस्सों में जारी है, जिसमें बीजापुर और बलरामपुर जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई है। बीजापुर में अब तक 1,660.8 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 105% अधिक है, जबकि बलरामपुर में 885.1 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 64% अधिक है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में अगले दो दिनों तक तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, साथ ही गरज चमक के साथ वज्रपात की भी आशंका है।
राज्य के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार, पश्चिम झारखंड और उसके आसपास स्थित एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवात और मानसून द्रोणिका के कारण छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में बारिश हो रही है। रायपुर जिले में अब तक 651.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 14% अधिक है।
बीजापुर और बलरामपुर के अलावा, प्रदेश के 17 जिलों में बारिश सामान्य रही है, जबकि नौ जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। हालांकि, आने वाले कुछ दिनों में बारिश की रफ्तार थोड़ी थम सकती है, लेकिन अगले कुछ दिन राज्य में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा।
राज्य प्रशासन ने संभावित जलभराव और अन्य आपात स्थितियों के मद्देनजर सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों को सावधान रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
अंतिम पंघाल पर लगा ओलंपिक में अनुशासनहीनता का आरोप
हरियाणा की महिला पहलवान अंतिम पंघाल पेरिस ओलंपिक में एक बड़े विवाद में फंस गई हैं। पीटीआई के अनुसार, पंघाल और उनकी बहन के खिलाफ अनुशासनहीनता के आरोप में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) द्वारा कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। पेरिस ओलंपिक के दौरान हुए इस गंभीर मामले में अंतिम पंघाल पर तीन साल का प्रतिबंध लगाने की संभावना है।
इस विवाद के चलते अंतिम पंघाल को ओलंपिक खेलों से बाहर कर दिया गया है और उन्हें भारत वापस भेज दिया गया है। यह भारतीय कुश्ती के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि पंघाल को भविष्य का सितारा माना जा रहा था।
घटना के अनुसार, 53 किग्रा श्रेणी में अपना पहला मुकाबला हारने के बाद पंघाल ने खेल गांव छोड़कर होटल चली गईं, जहां उनके कोच विकास और भगत सिंह ठहरे हुए थे। इसके बाद उन्होंने अपनी बहन को अपना आईकार्ड देकर खेल गांव में सामान लेने के लिए भेजा। उनकी बहन खेल गांव में दाखिल होने में सफल रही, लेकिन बाहर निकलते समय सुरक्षा अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया।
इस अनुशासनहीनता के कारण आईओए ने अंतिम पंघाल पर तीन साल का प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है, जिससे उनका खेल करियर भी खतरे में आ सकता है। यह घटना पेरिस ओलंपिक के दौरान भारतीय दल के लिए एक गंभीर चुनौती बनकर सामने आई है।
35 यात्रियों से भरी बस और ट्रेलर की जबरदस्त टक्कर, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
तारा घाटी के मोरगा चौकी क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें 35 यात्रियों से भरी एक बस और एक ट्रेलर के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई। इस टक्कर के बाद दोनों वाहन 20 फीट गहरी खाई में जा गिरे, जिससे घटनास्थल पर हड़कंप मच गया। हादसे के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई, और चारों ओर अफरा-तफरी मच गई।
हादसे में लगभग एक दर्जन लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसमें मोरगा चौकी प्रभारी नवीन पटेल और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
घटना में एक युवती बस के अंदर फंसी हुई है, जिसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए गैस कटर और अन्य उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। नवीन पटेल ने बताया कि युवती को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है, और रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है।
हादसे के बाद ट्रेलर वाहन बस के ऊपर आ गिरा, जिससे कई यात्री बस के अंदर ही फंस गए। राहत एवं बचाव कार्य में लगे अधिकारी और जवान मौके पर जुटे हुए हैं, ताकि सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके।
यह हादसा एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर करता है। स्थानीय प्रशासन इस घटना की जांच कर रहा है, और जल्द ही हादसे के कारणों का खुलासा किया जाएगा।