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  • छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की अमित शाह से नक्सल उन्मूलन पर चर्चा

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की अमित शाह से नक्सल उन्मूलन पर चर्चा

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बैठक में राज्य के विकास, सुरक्षा और नक्सलवाद के उन्मूलन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।  मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे अभियानों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सड़क निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जीवन स्तर बेहतर हो रहा है। 

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    गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना की और केंद्र की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में नक्सल उन्मूलन के लिए रणनीतियों पर गहराई से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि पिछले 11 महीनों में सुरक्षा बलों ने एंटी-नक्सल ऑपरेशन में बड़ी सफलता हासिल की है। इस ऑपरेशन के तहत लगभग 200 नक्सली मारे गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हम 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के संकल्प के साथ काम कर रहे हैं।”

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  • रायपुर दक्षिण चुनाव में बीजेपी-कांग्रेस का तगड़ा प्रचार

    रायपुर दक्षिण चुनाव में बीजेपी-कांग्रेस का तगड़ा प्रचार

    BRIJMOHAN AGRAWAL

    रायपुर दक्षिण चुनाव में बीजेपी-कांग्रेस का तगड़ा प्रचार, दोनों के बीच में काँटे की टक्कर

    रायपुर में दक्षिण विधानसभा चुनाव 13 नवंबर 2024 से होने जा रहा है और इसका चुनावी परिणाम 23 नवम्बर 2024 आएगा I इस चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है I दोनों पार्टियाँ इन दिनों जोरों-शोरों से प्रचार में जुटे हुए हैं और आम जनता से अपनी-अपनी पार्टी को सपोर्ट करनी की अपील कर रहे हैं I

    SUNIL SONI

    जानकारी के मुताबिक़, कांग्रेस ने दक्षिण रायपुर क्षेत्र में जीत हासिल करने के लिए आम जनता के घरों में दो से तीन बार जाकर वोट मांगने का लक्ष्य रखा है I जबकि बीजेपी की ओर से बृजमोहन अग्रवाल विधायकों से मिलने की बात कर रहे हैं I बीजेपी और कांग्रेस इन दोनों पार्टी ने कार्यकर्त्ता सम्मेलन का आयोजन कर बड़े-बड़े राजनेता, विधायक, मंत्री, पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक को इस सम्मेलन में आने का न्योता दिया है I

    छत्तीसगढ़ सीएम विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा की 2018 में कांग्रेस ने जनता से झूठे वादे कर अपना सत्ता हासिल किया था और अपनी सरकार बनाकर लोगों को लुटने का कार्य किया I जबकि राज्य का निर्माण बीजेपी ने कराया और विकास भी भाजपा ही कर रहा  है I

    उन्होंने प्रहार करते हुए आगे कहा कि कांग्रेस सिर्फ लोगों का पैसा हड़पने का काम कर रही है I इस बीच कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने बीजेपी के कार्यकाल में हुए बलोदाबाज़ार काण्ड, सूरजपुर दोहरे हत्याकांड का उदाहरण देते हुए लोगों से कांग्रेस ने अपनी पार्टी को वोट करने की अपील की I

    बीजेपी अपने प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है इस बीच भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी ने कहा कि इस बार फिर से कमल खिलेगा I उन्होंने प्रचार में उमड़ी भीड़ को वोट करने की अपील की और बीजेपी को वोट डालने को कहा I सोनी ने कहा कि उन्होंने सांसद, सभापति और महापौर बनकर हमेशा आम जनता के लिए काम किया I

    इस पर आकाश शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि सांसद रहते हुए सुनील सोनी ने ऐसा कोई भी काम नहीं किया है I जब से बीजेपी की सरकार बनी हुई है तब से अपराधिक मामले रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं I

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  • प्रियंका गांधी ने वायनाड उपचुनाव में भरा नामांकन

    प्रियंका गांधी ने वायनाड उपचुनाव में भरा नामांकन

    प्रियंका गांधी वाड्रा ने वायनाड उपचुनाव के लिए किया नामांकन, राहुल और सोनिया रहे साथ

    प्रियंका गांधी वाड्रा ने 23 अक्टूबर को वायनाड लोकसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ राहुल गांधी और सोनिया गांधी भी मौजूद रहे। प्रियंका ने जिला कलेक्ट्रेट, कलपेट्टा में नामांकन दाखिल करने से पहले एक भव्य रोड शो किया, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। यह उपचुनाव राहुल गांधी द्वारा खाली की गई वायनाड सीट पर हो रहा है। 2024 के लोकसभा चुनावों में राहुल ने वायनाड और रायबरेली दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी, लेकिन बाद में उन्होंने रायबरेली सीट को रखने का निर्णय लिया, जिससे वायनाड में उपचुनाव की स्थिति बनी।

    यदि प्रियंका इस चुनाव में जीतती हैं, तो यह उनका पहला संसदीय चुनाव होगा। साथ ही, यह पहली बार होगा जब गांधी परिवार के तीन सदस्य—सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी—संसद में एक साथ होंगे। राहुल वर्तमान में लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं, और सोनिया राज्यसभा की सदस्य हैं।

    मुख्य उम्मीदवार

    इस उपचुनाव में प्रियंका गांधी वाड्रा कांग्रेस की ओर से प्रमुख उम्मीदवार हैं। भाजपा ने नव्या हरिदास को मैदान में उतारा है, जबकि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की ओर से कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) के वरिष्ठ नेता सत्यन मोकेरी चुनाव लड़ रहे हैं। वायनाड उपचुनाव 13 नवंबर को होगा और नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

    प्रियंका गांधी की राजनीति में भूमिका

    2019 में सक्रिय राजनीति में प्रवेश करने के बाद, प्रियंका गांधी को कांग्रेस के भविष्य के नेतृत्व के रूप में देखा जाता है। इससे पहले, उन्होंने 2020 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की कमान संभाली थी, हालांकि चुनावी नतीजे अनुकूल नहीं रहे थे। इसके बावजूद, प्रियंका पार्टी के प्रमुख चुनावी अभियानों में एक रणनीतिकार और प्रमुख प्रचारक के रूप में उभरीं।

    वायनाड उपचुनाव उनके लिए पहला संसदीय चुनाव है, और उनकी जीत कांग्रेस के लिए एक बड़ी राजनीतिक जीत साबित हो सकती है।

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  • सात बार सांसद रह चुके रमेश बैस ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की

    रायपुर के पूर्व सांसद रमेश बैस की एक बार फिर से वापसी

    रमेश बैस, जो रायपुर लोकसभा सीट से सात बार सांसद रह चुके हैं और तीन राज्यों में राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सक्रिय सदस्य बन गए हैं। यह निर्णय उन्होंने रायपुर-दक्षिण विधानसभा के उपचुनाव की तैयारियों के बीच लिया है, जिससे राजनीतिक प्रेक्षक उनके पुनः सक्रिय राजनीति में प्रवेश के महत्व को लेकर चर्चाएँ कर रहे हैं।

    बैस ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में भाजपा को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सक्रियता का सवाल तब उठता है जब कार्यकर्ता ईमानदारी से पार्टी के लिए काम करते हैं। “मैं पार्टी को मजबूत बनाने के लिए अपना पूरा समय दूंगा,” उन्होंने कहा।

    बैस ने बताया कि वह जनसंघ के समय से पार्टी के लिए कार्यरत हैं, लेकिन संवैधानिक पद पर रहने के कारण कुछ वर्षों के लिए भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा देना पड़ा था। हाल ही में भाजपा संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने उन्हें पुनः सक्रिय सदस्य बनने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा सदस्यों की संख्या बढ़ाने के लक्ष्य पर कार्य किया जा रहा है, और प्रदेश के सभी कार्यकर्ता इस दिशा में प्रयासरत हैं।

    राज्य में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बोलते हुए बैस ने कहा कि कोई भी सरकार नहीं चाहती कि प्रदेश में अशांति हो। उन्होंने स्वीकार किया कि अचानक कुछ घटनाएँ हो सकती हैं, लेकिन सरकार इन पर नियंत्रण पाने के लिए सक्रिय है। रमेश बैस का यह कदम भाजपा के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, खासकर जब राज्य में उपचुनाव की सरगर्मी तेज हो रही है। उनके अनुभव और सक्रियता से पार्टी को आगामी चुनावों में लाभ मिल सकता है।

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