
पीएम मोदी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड की आवश्यकता बताई कांग्रेस ने किया विरोध
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए अपने भाषण में देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मौजूदा नागरिक संहिता को “सांप्रदायिक” बताते हुए कहा कि यह समय की मांग है कि देश में एक धर्मनिरपेक्ष नागरिक संहिता लागू हो। पीएम ने इस बात को भी रेखांकित किया कि सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार समान नागरिक संहिता पर चर्चा की है और इसके लिए कई आदेश दिए हैं।
कांग्रेस ने पीएम मोदी के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर का अपमान करार दिया। रमेश ने ट्वीट कर कहा, “यह कहना कि हमारे पास अब तक ‘सांप्रदायिक नागरिक संहिता’ है, डॉ. अम्बेडकर का घोर अपमान है। अम्बेडकर ने हिंदू पर्सनल लॉ में सुधारों के लिए संघर्ष किया था और ये सुधार 1950 के दशक तक लागू हो चुके थे।”
रमेश ने आगे कहा कि भारतीय संस्कृति की विविधता का सम्मान होना चाहिए और विशेष समूहों या कमजोर वर्गों को वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि समान नागरिक संहिता इस समय न तो आवश्यक है और न ही वांछित, और बहुलता का सम्मान करना एक मजबूत लोकतंत्र की पहचान है।
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