लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज कांकेर और महासमुंद में कोरोना सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच के लिए वायरोलॉजी लैब का ऑनलाइन शुभारंभ किया। इन दोनों नए लैबों को मिलाकर अब प्रदेश के नौ शासकीय लैबों में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा हो गई है।
श्री सिंहदेव ने आज कांकेर में 236 बिस्तरों के नए डेडीकेटेड कोविड अस्पताल का भी शुभारंभ किया। लोकार्पण कार्यक्रम में महासमुंद से संसदीय सचिव श्री विनोद सेवनलाल चन्द्राकर और कांकेर से श्री शिशुपाल शोरी जिला प्रशासन एवं मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े थे।
स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने कांकेर और महासमुंद में नवनिर्मित वायरोलॉजी लैब का उदघाटन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कोरोना के विरूद्ध लड़ाई में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की शुरूआत के समय एक भी वायरोलॉजी लैब नहीं था। एम्स रायपुर के बाद प्रदेश के सभी छह शासकीय मेडिकल कॉलेजों रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, राजनांदगांव, रायगढ़ और अंबिकापुर में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा विकसित की गई है। आज प्रदेश के दो नए मेडिकल कॉलेजों कांकेर और महासमुंद में भी वायरोलॉजी लैब की शुरूआत हो रही है। इन नई सुविधाओं से प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की पहचान और उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराने में तेजी आएगी।
17.6 मिलियन Cases 198 K मृत्यु चक्र के अंतर्राष्ट्रीय आंकड़ो ने आज दुनिया को झिंझोड़ कर रख दिया हैं। दुर्भाग्यवर्ष आज हिंदुस्तान नंबर 1 के स्थान पर हैं। 139 करोड़ भारतियों की जिंदगियां अस्तव्यस्त से कही अधिक खतरे पर हैं। व्यवस्थाएं और चिकित्सा सुविधाएं ध्वस्त हो गई हैं। डॉक्टरों और सुरक्षाकर्मी अविराम स्थिति को सँभालने में जूटे हैं ऐसे में कई NGOs ने भी अपनी मानवीयता दिखाई हैं और इसी कड़ी में विदेशो की अच्छी कंपनियों में पदस्त अनिवासी छत्तीसगढ़ियों ने भी हर संभव मदद का हाथ आगे बढ़ाया हैं।
गोल्डन छत्तीसगढ़ के मुख्य संपादक शुभम कोसले से नार्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन (NACHA) की संस्थापक-संरक्षक श्रीमती दीपाली सरावगी ने बातचीत कर इस कार्य की रूपरेखा को साझा किया:-
NACHA को क्यूँ लगा कि उन्हें अब COVID FIGHTERS के रूप में उतरना चाहिए?
आज दुनिया भयंकर महामारी से गुज़र रही हैं जिसमे भारत हर दूसरा व्यक्ति संक्रमण का शिकार हो रहा हैं। एसे में COVID योद्धाओ की संख्या बढ़ाना अत्यंत आवश्यक हो चला हैं। नाचा प्रत्येक सुख अवसर के साथ-साथ दुःख की घड़ी में भी अपने भारतवासियों के लिए प्रबलता से खड़ा है। इसलिए हमने NACHA India- SOS COVID Fighters लांच कर भयावक स्थिति को कम करने की कोशिश की हैं, SOS अर्थात SAVE OUR SOUL.
सबसे पहले इस इनिशिएटिव को दीपाली सरावगी, गणेश कर, मनिका अगवानी, एस्विन सुखदेव, अबीर रॉय, शाम्भवी शुक्ल, गीतांजलि बनर्जी, अरुण मिश्रा, कृति शुक्ला, विवेक दुबे, राहुल श्रीवास्तव ने शुरुवात की जो आज छत्तीसगढ़ से आगे बढ़ कर पुरे भारत में एक प्लेटफार्म स्वरूप कार्य करने स्थापित हो चूका हैं। इस समूह को सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर लांच किया गया हैं खास कर फेसबुक के माध्यम से इस समूह में लांच के 4 दिन के भीतर ही 1000 से अधिक लोगो ने अपनी सदस्यता सुनिश्चित करवा ली हैं। दुनिया के कई देशों जैसे सिंगापोर, अमेरिका, हिंदुस्तान ने इस समूह में अपनी सदस्यता रजिस्टर करवाई हैं।
हमने इस महामारी के दौरान अपने देश की मदद करने के लिए इस समूह का निर्माण किया। इस समूह का उद्देश्य किसी भी तरह से एक दूसरे की मदद करना है। ऑक्सीजन सिलेंडरों / बिस्तरों / अस्पताल / भोजन / किराने का सामान / जरूरत की किसी भी चीज़ की व्यवस्था करना हैं। यह समूह दिन रात 24*7 कार्य कर रही हैं। यह प्रत्येक छत्तीसगढ़ियों के लिए गर्व की बात हैं कि वह इस संकट के समय में अपने भारत देश के लिए इस समूह के माध्यम से बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। हमें ऐसे ही ज़िम्मेदार नागरिकों की आवश्यकता हैं जो इस समूह से जुड़ कर कोरोना मरीज़ों की सहायता करने में हमारी मदद कर सकें।
आम जनतायें या कोई भी जनसाधारण इस समूह से कैसे जुड़ सकता हैं?
छत्तीसगढ़ ने अब तक टीकाकरण के मामले में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। आगामी 1 मई से 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के टीकाकरण अभियान में कुछ ऐसी बातें सामने आ रही हैं जो कोरोना के विरुद्ध लड़ाई की गति को कहीं मंद न कर दें। इस हेतु माननीय प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखा है, आप भी पढ़ें-
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजधानी के मीडिया प्रमुखों से चर्चा की और उनसे महत्वपूर्ण सुझाव लिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोरोना को हराने में किसी भी तरह से फंड्स की कमी नहीं होने दी जाएगी। राज्य में सबके सहयोग से कोरोना को जल्द से जल्द हराना है। इसमे समाज के सभी वर्गों के साथ-साथ प्रेस और मीडिया के योगदान को भी भुलाया नही जा सकता। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के दौर में प्रेस और मीडिया की भूमिका बहुत अहम है।
BREAKING HEADLINES : छत्तीसगढ़ की मुख्य हैडलाइन
कोरोना की दवाइयों के किट ग्रामीण इलाकों में लोगों के घर तक उपलब्ध कराने से संक्रमण रोकने में मिल रही है मदद।
कोरोना बीमारी के संबंध में फैली भ्रान्तियों और भय को दूर कर लोगों के मनोबल बढ़ाने के कार्य में सहयोग करे मीडिया: श्री भूपेश बघेल
मुख्यमंत्री ने कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के दौर में प्रेस और मीडिया की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण।
राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं में हुई कई गुना वृद्धि।
छत्तीसगढ़ में 18 से 44 वर्ष के लोगों को मुफ्त में कोविड वैक्सीन लगाने की कार्य योजना तैयार।
आशुतोष मुखर्जी NSUI बिलासपुर से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि “मेरा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से एक विनम्र आग्रह है कि जिस तरह न्यूज़ चैनल समाचार प्रकाशित करते है, उसे इस तरह प्रकाशित करें, जिससे इन्शान के अंदर डर न हो सके, क्योकि जिस तरह न्यूज़ चैनलों में दिखाता है, उससे इन्शान के अंदर वही वही बात दिमाग मे घूमने लगता है, इसलिए अपनी TRP के लिए इस तरह भी न करे, की जिससे लोगो के दिलो में दहशत का माहौल बना रहे।”
हम कैसे जीत सकते हैं ?
हमको शासन – प्रशासन के गाईड लाइन को ध्यान ने रखकर कुछ दिनों के लिए हम सबको घर मे रहना है। एक बात और यदि हम व्यवस्था की बात करे तो आप खुद सोचिये की आंकड़ा प्रतिदिन इस तरह बढ़ रहा है, जिसे हर सम्भव प्रशासन मैनेज कर रहे है, मै खुद एक सोशल वर्कर होकर नित प्रतिदिन किसी तरह लोगो को समझाइस देता हूं, कि आप घर पर रहे जितना हो सके बाहर न निकले, क्योकि सेकेंड कोरोना बहुत ही ज्यादा भयावक हो रहा है। मै लोगो से एक विनती निवेदन करूँगा की हमे केवल इस भयावक बीमारी से किसी तरह लड़कर निज्ज़ात पाना है। इस भयावाक बीमारी से जीत हासिल करनी है, लेकिन कुछ लोगो मे एक कमी होती है हम उसे कमी या हमारा ईगो बोल सकते है, लेकिन ऐसे लोग भी इस दुनिया मे है, जिनके अंदर बहुत बड़ी समस्या होती है और वह समस्या है हमारा ईगो लेकिन हमें फिलहाल न तो इस समय अपने अंदर घमण्ड लाना है और न ही उत्तेजित होना है। बिलासपुर विश्ववयापी नोवल कोरोना वायरस से आज पूरा देश प्रदेश दहशत में है, लेकिन यदि हम सब ठान ले कि इस वायरस से हम जीत सकते है, तो उसके लिए हम सबको एक होकर केवल कुछ दिनों के लिए इसके चैन को तोड़ना है।
आपने किन बातों को जनताओं का फ़र्ज़ बताया हैं?
मेरा एक एक नारा है, एक संकल्प कुछ फर्ज हम सभी का,,, आओ मिलकर लड़ाई लड़े और केवल कुछ दिनों के लिए शासन प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर चले फिर देखिए जीत हासिल कैसे होती है, यह समय राजनीति कुड़नीति का नही सिर्फ और सिर्फ मनोबल के साथ इस विश्ववयापी वायरस से लड़कर जीत हासिल करना है, क्योकि रास्ते कितने भी कठिन हो हमेशा पैरो के नीचे होते है…जीतेंगे हम हरेगा कोरोना….!!
कोविड संक्रमण के लक्षण आने पर समय पर टेस्ट कराने और चिकित्सकों के सामयिक इलाज और मार्गदर्शन में अपनी दिनचर्या तय कर सकारात्मक सोच से कोविड-19 वायरस से मुक्ति पाई जा सकती है। इस बात को 45 वर्षीय एस ई सी एल कर्मी प्रदीप शुक्ला,उनकी पत्नी श्रीमती प्रतिमा शुक्ला और पुत्र प्रियांशु शुक्ला ने सिद्ध कर दिया है। जांजगीर-चाम्पा जिले के बलोदा विकास खंड के कोविड केयर सह अस्पताल महुदा में गत 15 अप्रेल को ग्राम बसहा के दीपका (कोरबा) में एस ई सी एल कर्मी श्री प्रदीप शुक्ला उम्र 45 वर्ष और उनकी पत्नी श्रीमती प्रतिमा शुक्ला 40 वर्ष और पुत्र प्रियांशु शुक्ला 14 वर्ष के कोविड पॉजिटिव आने पर तीनों को कोविड अस्पताल महुदा में भर्ती किया गया। श्रीमती प्रतिमा शुक्ला को तेज बुखार, उल्टी, पेट मे दर्द, खांसी, कमजोरी, सांस लेने मे दिक्कत थी। उनकी स्थिति बहुत गंभीर थी, उन्हे अन्य अस्पताल से महुदा अस्पताल मे 15 अप्रैल को शिफ्ट कर भर्ती किया गया ।
जरूरत पर उन्हें आक्सीजन मैंटेन कर खाना , सफाई आदि की पूर्ण व्यवस्था कर उनका समर्पित भाव से इलाज किया गया। उन्हें लंग्स एक्सरसाइज कराया गया जिनसे उनकेे फेफड़े की कार्यक्षमता बढ़ी। बेहतर चिकित्सकीय देखभाल और इलाज के फलस्वरूप शनिवार को बिना ऑक्सीजन मशीन के ऑक्सीजन 95-98 में मैंटेन रहा। रोज़ाना बॉटल, इंजेक्शन, सही समय पर लगा कर अन्य बीमारियों का समुचित इलाज किया गया।इसी प्रकार कोविड संक्रमित श्री प्रदीप शुक्ला, पुत्र प्रियांशु का भी समुचित इलाज किया गया। तीनों का कोविड रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया l
नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने प्रदेश के भिलाई, रिसाली और बीरगांव को छोड़कर सभी नगर पालिक निगमों में कोविड 19 के तीव्र प्रसार के रोकथाम और जन सामान्य को राहत पहुचाने के उद्देश्य से सुसंगत उपकरण, आवश्यक उपाय एवं सामग्री क्रय करने हेतु पार्षद/एल्डरमैन निधि का व्यय करने की अनुमति प्रदान की है। मंत्री डॉ.डहरिया की इस पहल से नगर निगम के वार्डों में कोरोना संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. डहरिया ने बताया कि कोविड 19 संक्रमण को रोकने और मरीजों के समुचित उपचार की दिशा में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रभावी कदम उठाया जा रहा है। उनके द्वारा लगातार जमीनी स्तर पर अधिकारियों के साथ संपर्क बनाकर समीक्षा की जा रही है।
अस्पतालों में ऑक्सीजन के साथ वेंटीलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। चूंकि इस समय महामारी का प्रकोप बहुत ज्यादा है, ऐसे में शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर पार्षद/ एल्डरमैन भी निरन्तर सक्रिय होकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पार्षदों/ एल्डरमैन को वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए निधि का उपयोग कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए सुसंगत उपकरण एवं अन्य सामग्री क्रय करने की अनुमति प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा निकाय क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई सहित सेनेटाइजेशन का कार्य भी लगातार चल रहा है।
नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत के अंतर्गत स्वच्छता कर्मचारी भी लॉकडाउन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मंत्री डॉ.डहरिया ने बताया कि नगर निगम क्षेत्रों में कोरोना रोकथाम के व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। पूर्व में नगर पालिक निगम को महापौर निधि से 50 लाख रुपए तक व्यय करने की अनुमति प्रदान की गई है। इस संबंध में निगम आयुक्तों को स्वीकृति पत्र प्रेषित कर दिया गया है और कोरोना के रोकथाम, जरूरी उपकरण तथा अतिआवश्यक सामग्री क्रय करने की अनुमति पहले दी गई है।
कोरोना महामारी के संकट के इस काल में छत्तीसगढ़ में उत्पादित मेडिकल ऑक्सिजन अन्य राज्यों की कोरोना पीड़ितों के लिये संजीवनी का काम कर रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के दिशानिर्देश पर कोविड संक्रमण के समय न केवल छत्तीसगढ़ में मेडिकल आक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, बल्कि छत्तीसगढ़ में स्थानीय उपभोग के अतिरिक्त शेष मेडिकल आक्सीजन की अन्य जरूरतमंद राज्यों को भी आपूर्ति की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि 11 अप्रैल से 24 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ से 2706.95 मेट्रिक टन आक्सीजन की अन्य राज्यों को आपुर्ति कर जरूरतमंद राज्यों को सहायता पहुंचाई गई है। 11 अप्रैल से 24 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ से कर्नाटक को 16.82 मेट्रिक टन, आंध्रप्रदेश को 176.69 मेट्रिक टन, मध्यप्रदेश को 801.22 मेट्रिक टन, गुजरात को 120.42 मेट्रिक टन, तेलंगाना को 578 मेट्रिक टन,और महाराष्ट्र को 1013.8 मेट्रिक टन मेडिकल आक्सीजन की आपूर्ति की गई है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के कारण उपजी विषम परिस्थिति को देखते हुए राज्य के अंत्योदय , गरीब, निराश्रित एवं प्राथमिकता श्रेणी वाले परिवारों को दो माह का चावल निशुल्क दिए जाने का ऐलान किया है। इसका लाभ राज्य के 58 लाख 29 हजार 371 राशन कार्ड धारी परिवारों को मिलेगा। छत्तीसगढ़ सरकार मई एवं जून माह के कोटे के एवज में 3 लाख 94 हजार 136 मेट्रिक टन चावल का निशुल्क वितरण करेगी । निःशुल्क चावल वितरण पर सब्सिडी व्यय का भार प्रदेश सरकार वहन करेगी। खाद्य विभाग द्वारा मई और जून माह के एकमुश्त नि:शुल्क चावल वितरण को लेकर आज जिलों को ऑनलाइन आवंटन भी जारी कर दिया गया ।
राज्य में प्राथमिकता श्रेणी के राशन कार्ड धारी परिवारों की संख्या 40 लाख 67 हजार 356 , अंत्योदय के 14 लाख 6 हज़ार 490, अन्नपूर्णा के 6 हजार 86 , निराश्रित कार्ड धारियों की संख्या 38 हजार 563 और निशक्तजन कार्ड धारियों की संख्या 10 हजार 876 है। उक्त राशन कार्ड धारियों को मई एवं जून माह के कोटे का चावल राशन दुकानों से मई माह में निशुल्क प्रदाय किया जाएगा।