Tag: BILASPUR LATEST NEWS

  • मैनपाट में हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत

    मैनपाट में हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत

    ग्रामीण की मौत के बाद मैनपाट में तनाव, वन विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल

    सरगुजा जिले के मैनपाट वन परिक्षेत्र के दांतीढाब के पास एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां जंगल में एक ग्रामीण का शव बरामद किया गया है। माना जा रहा है कि उसकी मौत हाथी के हमले से हुई है। मृतक की पहचान 55 वर्षीय नारद यादव के रूप में हुई है, जो नर्मदापुर पटेलपारा का निवासी था।

    भैंस चराने गया ग्रामीण वापस नहीं लौटा

    शनिवार को नारद यादव अपनी भैंसों को चराने के लिए दांतीढाब के बांसहिया जंगल गया था। शाम तक जब वह वापस नहीं लौटा, तो उसके परिवार और वन विभाग ने उसकी खोजबीन शुरू की। अंततः उसका शव जंगल में पाया गया, लेकिन आसपास एक हाथी के मौजूद होने के कारण शव को तुरंत बाहर नहीं निकाला जा सका।

    दूसरे दिन निकाला गया शव

    रविवार सुबह, जब हाथी जंगल से दूर चला गया, तब जाकर शव को बाहर निकाला गया। शव की हालत देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि नारद यादव की मौत हाथी के हमले से हुई है। क्षेत्र में एक अकेला हाथी पिछले कई दिनों से घूम रहा था, और ऐसा माना जा रहा है कि यह वही हाथी इस घटना का कारण बना।

    वन विभाग पर लापरवाही का आरोप

    इस घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वन विभाग द्वारा हाथियों की निगरानी सही तरीके से नहीं की जा रही है और ग्रामीणों को हाथी की उपस्थिति की जानकारी समय पर नहीं दी जा रही है। यदि हाथी के विचरण की सटीक जानकारी मिलती, तो इस प्रकार की दुखद घटना से बचा जा सकता था।

    मैनपाट क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं से ग्रामीणों में डर का माहौल है और वे वन विभाग से इस मामले में सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=6499

    https://golden36garh.com/?p=6484

  • धमतरी में तेंदुए के हमले से खौफ सुरक्षा के किये गये कड़े इंतजाम

    धमतरी में तेंदुए के हमले से खौफ सुरक्षा के किये गये कड़े इंतजाम

    धमतरी में तेंदुए का आतंक आंगन में खेल रही बच्ची की ले ली जान

    छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक खौफनाक घटना सामने आई है, जहां एक तेंदुए ने तीन साल की मासूम बच्ची पर हमला कर उसकी जान ले ली। घटना 30 अगस्त की शाम की है, जब बच्ची अपने घर के आंगन में खेल रही थी। तेंदुए ने अचानक हमला कर बच्ची को उठा लिया और उसे नोंचकर मार डाला। घटना से गांव में दहशत फैल गई है।

    घटना के बाद, उसी रात तेंदुआ गांव में फिर से नजर आया और उसने एक बुजुर्ग व्यक्ति पर भी हमला कर दिया। बुजुर्ग बुधराम कमार घर के अंदर खाट पर सो रहे थे, जब तेंदुए ने उन पर हमला किया। हालांकि, उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर घरवालों ने तेंदुए को भागने पर मजबूर कर दिया। इस हमले में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए नगरी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    वन विभाग और पुलिस ने गांव में सुरक्षा के इंतजाम किए हैं, लेकिन तेंदुए के लगातार हमलों से ग्रामीणों में भय का माहौल है। तेंदुआ एक अन्य गांव, खुदुरपानी में भी एक पालतू कुत्ते को शिकार बना चुका है। वन विभाग के अधिकारी गांवों में जाकर लोगों को सजग कर रहे हैं और तेंदुए पर निगरानी बनाए हुए हैं।

    इस घटना से पूरा इलाका दहशत में है, और वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए सक्रिय हो गई है।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=6493

    https://golden36garh.com/?p=6484

  • समीर विश्वनोई और सूर्यकांत तिवारी की जमानत पर विशेष कोर्ट में आज सुनवाई

    समीर विश्वनोई और सूर्यकांत तिवारी की जमानत पर विशेष कोर्ट में आज सुनवाई

    समीर विश्वनोई और सूर्यकांत तिवारी की जमानत पर विशेष कोर्ट में आज सुनवाई

    कोयला घोटाले में जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी समीर विश्वनोई और व्यापारी सूर्यकांत तिवारी की जमानत याचिकाओं पर शनिवार को विशेष कोर्ट में सुनवाई होगी। इससे पहले भी समीर विश्वनोई, सूर्यकांत तिवारी और अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के विशेष न्यायाधीश द्वारा खारिज की जा चुकी हैं। कोर्ट में यह सुनवाई इस मामले के ताजा मोड़ पर खास ध्यान केंद्रित करेगी, क्योंकि दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाओं को अब तक लगातार खारिज किया गया है।

    समीर विश्वनोई, जो कि एक निलंबित आईएएस अधिकारी हैं, और सूर्यकांत तिवारी, जो कि एक प्रमुख व्यापारी हैं, दोनों ही कोयला घोटाले में फंसे हुए हैं, जिसने प्रदेश की राजनीति और प्रशासन को हिला कर रख दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

    शराब घोटाले में अनिल टूटेजा की सीसीटीवी फुटेज मांग पर सुनवाई

    इसके अलावा, शराब घोटाले के आरोपी अनिल टूटेजा की ओर से कोर्ट में पेश किए गए आवेदन पर भी शनिवार को सुनवाई होगी। टूटेजा ने जांच एजेंसी द्वारा की जा रही पूछताछ का सीसीटीवी फुटेज देने की मांग की है। कोर्ट यह निर्णय लेगा कि इस फुटेज को सौंपा जाए या नहीं।

    कस्टम मिलिंग घोटाले में पूर्व मार्कफेड एमडी की जमानत याचिका पर फैसला

    कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपी और मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी की जमानत याचिका पर भी शनिवार को फैसला सुनाया जाएगा। कोर्ट का निर्णय इस मामले में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मनोज सोनी का नाम भी कई गंभीर आरोपों से जुड़ा हुआ है।

    मनीष उपाध्याय की न्यायिक रिमांड बढ़ाई

    इस बीच, शुक्रवार को कोयला घोटाले के अन्य आरोपी मनीष उपाध्याय को न्यायिक रिमांड समाप्त होने पर एसीबी की विशेष कोर्ट में पेश किया गया। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने मनीष उपाध्याय का न्यायिक रिमांड 12 सितंबर तक बढ़ा दिया।

    कोर्ट में चल रही इन सुनवाइयों के दौरान प्रदेश की राजनीति और प्रशासन पर भी खास नजर रखी जा रही है, क्योंकि इन घोटालों का असर व्यापक और गहरा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हर अपडेट महत्वपूर्ण बन गया है।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=6465

    https://golden36garh.com/?p=6400

  • टाइम मैनेजमेंट के लिए अपनाएं ये टिप्स

    टाइम मैनेजमेंट के लिए अपनाएं ये टिप्स

    टाइम मैनेजमेंट के लिए इन बातों का रखें ख्याल

    समय प्रबंधन पर एक नई रिपोर्ट में उत्पादकता बढ़ाने के लिए कई प्रभावी तरीकों को उजागर किया गया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि सबसे महत्वपूर्ण कार्यों को पहले निपटाने की सलाह दी गई है, जिसके लिए “Eisenhower Matrix” और “ABC Method” जैसे टूल्स का उपयोग किया जा सकता है। “A” श्रेणी में वे कार्य आते हैं जो तात्कालिक और महत्वपूर्ण होते हैं, जबकि “B” श्रेणी में महत्वपूर्ण लेकिन कम तात्कालिक कार्य होते हैं, और “C” श्रेणी में कम महत्वपूर्ण कार्य शामिल होते हैं।

    रिपोर्ट में स्पष्ट लक्ष्यों को निर्धारित करने पर जोर दिया गया है। इसके लिए छोटे और दीर्घकालिक लक्ष्य बनाएं और SMART विधि (Specific, Measurable, Achievable, Relevant, Time-bound) का पालन करके अपने लक्ष्य स्पष्ट और मापने योग्य बनाएं।

    दैनिक कार्यों की सूची तैयार करना भी एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आप अपने कार्यों को ट्रैक कर सकें और अपनी उपलब्धियों को देख सकें। समय प्रबंधन उपकरणों का उपयोग करने की सलाह दी गई है, जैसे कि Google Calendar, Trello, और Todoist जैसे डिजिटल कैलेंडर और शेड्यूलिंग ऐप्स।

    5 मिनट का ब्रेक्स लें और मल्टी टास्क से बचें

    मल्टीटास्किंग से बचने पर जोर दिया गया है, क्योंकि इससे उत्पादकता में कमी आ सकती है। इसके बजाय, एक बार में एक ही कार्य पर ध्यान केंद्रित करें। साथ ही, नियमित ब्रेक्स लेने से आप तरोताजा रहेंगे और थकावट से बच सकेंगे। Pomodoro Technique (25 मिनट काम और 5 मिनट ब्रेक) को अपनाने की सिफारिश की गई है।

    प्रत्येक कार्य के लिए समय सीमा तय करें ताकि आप समय पर काम पूरा कर सकें और टालमटोल से बच सकें। इसके अलावा, अतिरिक्त जिम्मेदारियों को स्वीकार करने से पहले न कहने की कला सीखें और अपनी सीमाओं को पहचानें।

    अंत में, समय प्रबंधन की नियमित समीक्षा करें और देखें कि कौन सी विधियाँ काम कर रही हैं और किन्हें सुधार की आवश्यकता है। इन सुझावों को अपनाकर आप अपने समय का बेहतर प्रबंधन कर सकते हैं और अपनी उत्पादकता में सुधार कर सकते हैं।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=6440

    https://golden36garh.com/?p=6445

  • टीएस सिंहदेव और आदित्येश्वर सिंहदेव ने अंगदान में महत्वपूर्ण कदम उठाया

    टीएस सिंहदेव और आदित्येश्वर सिंहदेव ने अंगदान में महत्वपूर्ण कदम उठाया

    टीएस सिंहदेव और आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने अंगदान के क्षेत्र में उठाया महत्वपूर्ण कदम

    पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और उनके भतीजे आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने सामाजिक दायित्व निभाते हुए अंगदान का संकल्प लिया है। गुरुवार को भारत सरकार की ओर से उन्हें विधिवत अंगदान प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ। यह कदम न केवल उनके सामाजिक दायित्व को दर्शाता है बल्कि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता और प्रेरणा का भी संकेत देता है।

    अंगदान के महत्व पर जोर देते हुए सिंहदेव का बयान

    टीएस सिंहदेव ने अंगदान के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह समाज के प्रति एक आवश्यक जिम्मेदारी है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारतीय समाज में अंगदान को लेकर कुछ हिचकिचाहट और परंपरागत अड़चनों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, यदि मृत्यु के बाद किसी जरूरतमंद के लिए शरीर के अंगों को उपलब्ध कराया जा सके, तो यह एक बड़ा और महत्वपूर्ण कार्य है।

    छत्तीसगढ़ में अंगदान की दिशा में किए गए प्रयास

    सिंहदेव ने अपने स्वास्थ्य मंत्री के कार्यकाल के दौरान महसूस किया कि छत्तीसगढ़ में अंगदान और टिश्यू बैंक से संबंधित संस्थाओं की कमी थी। इस कमी को दूर करने के लिए उन्होंने रोटो (रीजनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन) और सोटो (स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन) की स्थापना की, साथ ही एक टिश्यू बैंक भी स्थापित किया। इससे राज्य में अंगों की उपलब्धता में काफी सुधार हुआ, विशेषकर लीवर और किडनी जैसी महत्वपूर्ण अंगों की।

    अंगदान की प्रक्रिया और इसके लाभ

    अंगदान की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए, सिंहदेव ने कहा कि ब्रेनडेड व्यक्ति के अंगों को मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रमाणित किए जाने के बाद सर्जरी दल द्वारा प्राप्त किया जाता है। सामान्य मृत्यु की स्थिति में भी, मृत्यु के छह घंटे के भीतर आंखों के कॉर्निया और अन्य उत्तकों को प्राप्त किया जा सकता है। अंगदान के महत्व को इस तथ्य से भी समझा जा सकता है कि एक आंख की कॉर्निया से दो लोगों को नेत्र ज्योति प्राप्त हो सकती है।

    आर्यन सिन्हा, जो रेडक्रास सोसायटी के आजीवन सदस्य हैं और पिछले तीन वर्षों से रक्तदान और अंगदान महादान कार्यक्रम चला रहे हैं, ने अब तक 5,000 लोगों से अंगदान की प्रतिज्ञा प्राप्त की है। उनके कार्यों ने न केवल अंगदान के महत्व को उजागर किया है, बल्कि उन्होंने हाल ही में जयपुर में आयोजित एक कांक्लेव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व भी किया।

    समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता

    टीएस सिंहदेव और आदित्येश्वर शरण सिंहदेव के इस प्रेरणादायक निर्णय ने अंगदान के प्रति समाज की जागरूकता को बढ़ावा दिया है और दूसरों को भी इस महत्वपूर्ण कार्य की ओर प्रेरित किया है। उनके द्वारा उठाए गए इस कदम ने समाज में अंगदान के महत्व को एक नया आयाम दिया है, और इस क्षेत्र में और भी लोगों को प्रेरित करने का कार्य किया है।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=6440

  • रतनपुर के शरद कुमार एनिकट में गिरकर हुआ लापता खोजबीन जारी

    रतनपुर में शरद कुमार की लापता होने की घटना पर परिजनों की हालत नाजुक

    रतनपुर क्षेत्र के चोरहा देवरी निवासी 11वीं कक्षा के छात्र शरद कुमार की अचानक लापता होने की खबर ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। बताया जा रहा है कि शरद कुमार अपनी चप्पल लेने के लिए एनिकट में कूद पड़ा, लेकिन गहरे पानी की वजह से वह डूब गया। इस घटना के बाद से शरद का कोई अता-पता नहीं चल पाया है और उसकी तलाश की जा रही है।

    परिजनों की हालत चिंताजनक, खोजबीन में जुटी टीमें

    घटना के बाद परिजनों की स्थिति बेहद खराब हो गई है। उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं, और वे अपने बच्चे की सुरक्षित वापसी की उम्मीद में हैं। स्थानीय मछुआरों की मदद से कई घंटों तक शरद की खोजबीन की गई, लेकिन उसे खोजने में सफलता नहीं मिल पाई।

    पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने शुरू की खोजबीन

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और खोजबीन शुरू की। पानी में गहराई और जटिल परिस्थितियों के कारण खोजबीन में काफी मशक्कत करनी पड़ी। टीम ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन शरद का पता नहीं चल सका।

    खोजबीन की मुश्किलें और इंतजार

    पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें लगातार कोशिश कर रही हैं, लेकिन गहरे पानी और बाढ़ के कारण स्थिति कठिन हो गई है। अभी भी शरद की तलाश जारी है और उसके परिवारवालों के लिए हर गुजरता पल बेहद कठिन और चिंताजनक है।

    इस दर्दनाक घटना ने इलाके को झकझोर कर रख दिया है, और हर कोई शरद की सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहा है। खोजबीन की प्रक्रिया को लेकर पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें आशान्वित हैं कि जल्द ही कोई सकारात्मक जानकारी प्राप्त होगी।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=6422

    https://golden36garh.com/?p=6427

  • पुतिन और मोदी के सामने बिलासपुर के एटीएल छात्रों ने दिखाया अपना कौशल

    पुतिन और मोदी के सामने बिलासपुर के एटीएल छात्रों ने दिखाया अपना कौशल

    अंतरराष्ट्रीय मंच पर 3डी प्रिंटर प्रेजेंटेशन देकर चमके बिलासपुर के एटीएल छात्र

    बिलासपुर के मल्टीपरपज स्कूल के अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) के छात्रों ने नवाचार के क्षेत्र में देशभर में अपनी पहचान बनाई है। यहां के छात्रों ने कृषि मित्र नाम के उपकरण का पेटेंट हासिल किया है, जो उनकी तकनीकी प्रतिभा का प्रमाण है। हाल ही में, तीन छात्रों को स्वतंत्रता दिवस परेड में नीति आयोग द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था, जो उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों को दर्शाता है। इसके अलावा, यहां के छात्रों ने शिखर सम्मेलन में 85 देशों के प्रतिनिधियों के सामने 3डी प्रिंटर को लेकर अपनी प्रस्तुति दी थी।

    एटीएल मैराथन में बिलासपुर छात्रों की सफलता

    बिलासपुर मल्टीपरपज के छात्रों ने एटीएल मैराथन में भी लगातार टॉप 20 में अपनी जगह बनाई है, जिसमें 2018 और 2022 के विजेता रह चुके हैं। यह प्रतियोगिता नीति आयोग द्वारा आयोजित की जाती है, जिसमें युवा प्रतिभाओं को सामुदायिक समस्याओं के समाधान के लिए कार्यशील प्रोटोटाइप बनाने का मौका मिलता है।

    राफेल विमान निर्माता कंपनी की प्रतियोगिता में जीत

    राफेल विमान बनाने वाली कंपनी डसाल्ट एविएशन द्वारा आयोजित सीड द फ्यूचर आंत्रप्रेन्योरशिप प्रतियोगिता में भी इन छात्रों ने अपनी काबिलियत साबित की है। 2021 में यह उप-विजेता रहे थे, जबकि 2022 में उन्होंने विजेता का खिताब अपने नाम किया।

    अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिलासपुर के छात्रों का प्रदर्शन

    बिलासपुर के एटीएल के छात्रों ने अटल इनोवेशन सीरियस मीट में भी टॉप 10 में जगह बनाई थी, जहां उन्हें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सामने अपने मॉडल का प्रेजेंटेशन देने का अवसर मिला। इसके अलावा, प्रगति मैदान में आयोजित नेशनल टेक्नोलॉजी मीट में इन छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने लोकल समस्याओं के समाधान के तरीकों पर अपनी प्रस्तुति दी थी।

    छात्रों को सही मार्गदर्शन और प्लेटफार्म का महत्व

    एटीएल के संचालक धनंजय पांडेय ने कहा कि इन छात्रों में अपार क्षमता है और यदि उन्हें सही मार्गदर्शन मिलता रहा, तो भारत अपने आविष्कारों के लिए दुनियाभर में पहचान बनाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कौशल विकास पर ध्यान देने के साथ, एटीएल छात्रों के लिए एक बड़ा प्लेटफार्म साबित हो रहा है, जो उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद कर रहा है।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=6400

    https://golden36garh.com/?p=6406

  • शहर के कोचिंग सेंटरों में नियमों की अनदेखी, सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा

    शहर के कोचिंग सेंटरों में नियमों की अनदेखी, सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा

    मनमानी फीस और गलत वादों से गुमराह हो रहे छात्र, कोचिंग सेंटरों पर उठे सवाल

    बिलासपुर शहर के कोचिंग सेंटरों में मापदंडों की अनदेखी और मनमानी की खबरें सामने आई हैं। ज्यादातर सेंटर तय नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के नाम पर छात्रों और उनके अभिभावकों को गुमराह किया जा रहा है। इसके साथ ही, मनमाना फीस भी वसूला जा रहा है।

    कोचिंग सेंटरों में एक साथ 100 से 150 छात्रों को बंद कमरों में ठूंस-ठूंसकर पढ़ाया जा रहा है। यह स्थिति ऐसी है कि भेड़-बकरी की तरह छात्रों को एक ही हॉल में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है, जिससे सभी पर ध्यान देना मुश्किल हो जाता है। प्रतियोगी परीक्षा पास कराने के नाम पर छात्रों के अभिभावकों से मोटी रकम वसूलने का सिलसिला जारी है।

    सुरक्षा मापदंडों की बात करें तो लगभग सभी सेंटरों में इनका पालन नहीं हो रहा है। टीचिंग हॉल्स में वेंटिलेशन और हवादार व्यवस्था नहीं है, और आपातकालीन द्वार का भी अभाव है। ऐसे हालात में किसी आपात स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।

    जब मीडिया की टीम ने सीएमडी चौक स्थित वैबरेंट अकादमी का जायजा लिया, तो बाहर से सेंटर मापदंडों के अनुरूप दिखा, लेकिन अंदर हालात बिल्कुल विपरीत पाए गए। हॉल को पूरी तरह से बंद रखा गया था, जहां छात्रों को पढ़ाया जा रहा था। आचार्या अकादमी और तक्षशिला अकादमी में भी सुरक्षा के नियमों की अनदेखी की गई। खासकर तक्षशिला अकादमी में फायर सेफ्टी के इंतजाम न के बराबर थे।

    इन कोचिंग संस्थानों की अनदेखी और सुरक्षा में चूक से गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद भी मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से इस पर कार्रवाई की मांग की जा रही है ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=6400

    https://golden36garh.com/?p=6396

  • एक्शन-थ्रिलर फिल्म “संघर्ष एक जंग” 30 अगस्त से नजदीकी सिनेमाघरों में

    एक्शन-थ्रिलर फिल्म “संघर्ष एक जंग” 30 अगस्त से नजदीकी सिनेमाघरों में

    छत्तीसगढ़ी एक्शन-थ्रिलर फिल्म “संघर्ष एक जंग” 30 अगस्त से नजदीकी सिनेमाघरों में

    छालीवुड की बहुप्रतीक्षित एक्शन-थ्रिलर फिल्म “संघर्ष एक जंग” 30 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। इस फिल्म का दर्शकों को लंबे समय से इंतजार था और यह एक दमदार एक्शन और थ्रिलर अनुभव देने का वादा करती है।

    दमदार स्टार कास्ट और निर्देशन

    फिल्म के मुख्य कलाकारों में अजय पटेल, हर्ष चंद्रा, नेहा पाणिग्रही, सम्राट तिवारी, उपासना वैष्णव, हीना कौशिक, इशिका प्रजापति, दैविक बैस, बिक्रम राज, अंशुल अवस्थी, दिव्या नागदेव, प्रदीप शर्मा, इकबाल खान, आनन्द ताम्बे, के.के. सिन्हा, दिनेष शर्मा, अरुण, राजू और विकी जैसे कलाकार शामिल हैं। “संघर्ष एक जंग” को रतन कुमार ने निर्देशित किया है, जबकि सम्राट तिवारी और बाबा देवांगन ने इसे प्रोड्यूस किया है।

    छत्तीसगढ़ के लोक संगीत का मिश्रण

    फिल्म का संगीत रोशन वैष्णव ने तैयार किया है, जो छत्तीसगढ़ के लोक संगीत और आधुनिक धुनों का मिश्रण है। यह फिल्म एक पारिवारिक एक्शन-थ्रिलर है, जिसे आप अपने पूरे परिवार के साथ देख सकते हैं।

    स्थानीय संस्कृति को समर्पित कहानी

    फिल्म के निर्माता सम्राट तिवारी ने बताया कि “संघर्ष एक जंग” को खासतौर पर छत्तीसगढ़ के दर्शकों के लिए बनाया गया है, जिसमें स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को ध्यान में रखते हुए कहानी बुनी गई है। इस फिल्म के जरिए छत्तीसगढ़ी सिनेमा को नए आयाम पर ले जाने की कोशिश की गई है, जो अन्य प्रदेशों में भी छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग की पहचान को मजबूत करेगी।

    प्रमुख शहरों में फिल्म का प्रदर्शन

    फिल्म को राज्य के प्रमुख शहरों रायपुर, भिलाई, राजनांदगांव, कोरबा, बिलासपुर, जांजगीर, खरसिया, चांपा, बेमेतरा, सक्ती, सरायपाली, बागबाहरा, बसना, और बलोदाबाजार के सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया जाएगा। फिल्म निर्माताओं को उम्मीद है कि “संघर्ष एक जंग” को दर्शकों का भरपूर प्यार और समर्थन मिलेगा, और यह छालीवुड की सबसे सफल फिल्मों में से एक साबित होगी।

    टिकटों की एडवांस बुकिंग शुरू

    फिल्म की रिलीज को लेकर दर्शकों में उत्साह का माहौल है और टिकटों की एडवांस बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। यदि आप एक्शन और थ्रिलर फिल्मों के शौकीन हैं, तो “संघर्ष एक जंग” को मिस न करें।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=6388

    https://golden36garh.com/?p=6396

  • अंबिकापुर-बिलासपुर हाईवे पर अनियंत्रित ट्रेलर ने दो युवकों की ली जान

    अंबिकापुर-बिलासपुर हाईवे पर अनियंत्रित ट्रेलर ने दो युवकों की ली जान

    राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोयला लोड ट्रेलर ने मोटरसाइकिल को मारी टक्कर दो लोगों की मौके पर मौत

    अंबिकापुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मोहनपुर मोड़ के पास एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना ने आज दो ज़िंदगियाँ छीन लीं। कोयले से लदा एक ट्रेलर तेज़ रफ़्तार में अनियंत्रित होकर सामने से आ रही मोटरसाइकिल से टकरा गया। टक्कर इतनी भयानक थी कि मोटरसाइकिल सवारों के शव पहचान से परे हो गए और वाहन पूरी तरह चकनाचूर हो गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अंबिकापुर की ओर बढ़ता हुआ ट्रेलर मोड़ पर नियंत्रण खो बैठा और मोटरसाइकिल को टक्कर मारते हुए सड़क किनारे खेत में जा पलटा। हादसे के बाद ट्रेलर चालक और क्लीनर मौके से भाग निकले। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शवों को मोर्चरी भेज दिया, हालांकि उनकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

    यह मोड़ पहले भी कई दुर्घटनाओं का गवाह बन चुका है, लेकिन अब तक सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। सड़क पर साइन बोर्ड और सुरक्षा संकेतक की कमी ने एक और दर्दनाक हादसे को जन्म दिया है ।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=6376

    https://golden36garh.com/?p=6381