
ग्रामीण की मौत के बाद मैनपाट में तनाव, वन विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल
सरगुजा जिले के मैनपाट वन परिक्षेत्र के दांतीढाब के पास एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां जंगल में एक ग्रामीण का शव बरामद किया गया है। माना जा रहा है कि उसकी मौत हाथी के हमले से हुई है। मृतक की पहचान 55 वर्षीय नारद यादव के रूप में हुई है, जो नर्मदापुर पटेलपारा का निवासी था।
भैंस चराने गया ग्रामीण वापस नहीं लौटा
शनिवार को नारद यादव अपनी भैंसों को चराने के लिए दांतीढाब के बांसहिया जंगल गया था। शाम तक जब वह वापस नहीं लौटा, तो उसके परिवार और वन विभाग ने उसकी खोजबीन शुरू की। अंततः उसका शव जंगल में पाया गया, लेकिन आसपास एक हाथी के मौजूद होने के कारण शव को तुरंत बाहर नहीं निकाला जा सका।
दूसरे दिन निकाला गया शव
रविवार सुबह, जब हाथी जंगल से दूर चला गया, तब जाकर शव को बाहर निकाला गया। शव की हालत देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि नारद यादव की मौत हाथी के हमले से हुई है। क्षेत्र में एक अकेला हाथी पिछले कई दिनों से घूम रहा था, और ऐसा माना जा रहा है कि यह वही हाथी इस घटना का कारण बना।
वन विभाग पर लापरवाही का आरोप
इस घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वन विभाग द्वारा हाथियों की निगरानी सही तरीके से नहीं की जा रही है और ग्रामीणों को हाथी की उपस्थिति की जानकारी समय पर नहीं दी जा रही है। यदि हाथी के विचरण की सटीक जानकारी मिलती, तो इस प्रकार की दुखद घटना से बचा जा सकता था।
मैनपाट क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं से ग्रामीणों में डर का माहौल है और वे वन विभाग से इस मामले में सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
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